August 2026

तिल्दा-नेवरा में बाइक चोर गिरोह का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; 2 लाख की 5 मोटरसाइकिल बरामद

रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर करीब 2 लाख रुपये कीमत की पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के हथबंद निवासी 55 वर्षीय संजीव त्यागी अपनी हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल से तिल्दा-नेवरा के बुधवारी साप्ताहिक बाजार पहुंचे थे। उन्होंने बाइक सड़क किनारे खड़ी की और सामान खरीदने बाजार चले गए। कुछ समय बाद लौटने पर बाइक मौके से गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चला, जिसके बाद उन्होंने तिल्दा-नेवरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 342/2026 के तहत धारा 303(2), 238 और 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि परवाना देवार जोगी और अजीत जोगी अपने साथियों के साथ चोरी की मोटरसाइकिलों की पहचान और स्वरूप बदलकर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपने साथी बीरबल देवार के साथ मिलकर जनवरी 2026 से 7 अगस्त 2026 के बीच तिल्दा-नेवरा, बगदई, बैकुंठ स्थित शराब दुकान परिसर और तिल्दा-नेवरा साप्ताहिक बाजार से पांच मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। घर के पास छिपाकर रखी थीं चोरी की बाइक पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को अजय कुमार यदु के घर के पास छिपाकर रखा गया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वहां से पांच बाइक बरामद कीं। बरामद वाहनों में एक हीरो पैशन प्रो बाइक क्रमांक CG 22 AB 3766 और चार हीरो HF Deluxe मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी जब्त वाहन

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Police, Raipur

रायपुर के गंज थाने में शुरू हुआ ई-मालखाना, जब्त सामान का अब बारकोड से होगा डिजिटल रिकॉर्ड

रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में जब्त सामान के प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। थाना गंज में अब “ई-मालखाना” प्रणाली शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सेंट्रल जोन का यह पांचवां थाना बन गया है, जहां मालखाने को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है। ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले (IPS) ने किया। इससे पहले कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और देवेंद्र नगर थानों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। चारों थानों का मालखाना हुआ डिजिटल थाना गंज में ई-मालखाना शुरू होने के बाद एसीपी कोतवाली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले चारों थानों—कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और गंज—के मालखाने डिजिटल व्यवस्था से जुड़ गए हैं। पुलिस का कहना है कि इससे जब्त सामान के रिकॉर्ड और रखरखाव में एक समान और व्यवस्थित प्रणाली विकसित होगी। हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड ई-मालखाना के तहत थाने में रखी जब्त सामग्री का पहले भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद सामान की सुरक्षित पैकेजिंग, लेबलिंग और रैक के अनुसार व्यवस्थित किया गया। प्रत्येक जब्त सामग्री के लिए यूनिक बारकोड तैयार किया गया है, जिसे संबंधित सामान और उसके दस्तावेज पर लगाया गया है। इससे किसी भी सामान की पहचान और उसे रखे जाने वाले स्थान की जानकारी आसानी से हासिल की जा सकेगी। इसके अलावा जब्त सामग्री का ऑनलाइन पंजीयन और डेटा एंट्री की गई है। सुपुर्दनामा, पावती सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किया गया है। चेन ऑफ कस्टडी होगी मजबूत पुलिस के अनुसार ई-मालखाना प्रणाली से जब्त सामान की पहचान, लोकेशन, जमा करने और निकालने की प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी संभव होगी। इससे चेन ऑफ कस्टडी को मजबूत करने के साथ रिकॉर्ड की उपलब्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में डीसीपी पीतांबर पटेल, डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल, एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और एसीपी ट्रैफिक कमलजीत पाटले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। थाना गंज प्रभारी निरीक्षक दीपक पासवान और उनकी टीम द्वारा मालखाने को व्यवस्थित करने तथा ई-मालखाना प्रणाली लागू करने के लिए किए गए प्रयासों की अधिकारियों ने सराहना की। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए विभागीय प्रक्रिया के तहत प्रोत्साहन स्वरूप इनाम देने की घोषणा भी की। पुलिस का कहना है कि सेंट्रल जोन के पांच थानों में ई-मालखाना लागू होना मालखाना प्रबंधन के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य जब्त सामान के रिकॉर्ड और रखरखाव को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाना है।

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रायपुर में ऑटो-ई रिक्शा का QR कोड बना सुरक्षा का सहारा, एक महीने में 50 हजार बार स्कैन

रायपुर। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए रायपुर यातायात पुलिस की QR कोड व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले करीब एक महीने में यात्रियों ने लगभग 50 हजार बार ऑटो और ई-रिक्शा में लगे QR कोड को स्कैन किया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक 14 हजार से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन कर उनमें QR कोड लगाए जा चुके हैं। QR कोड स्कैन करने पर यात्रियों को संबंधित वाहन और चालक की आवश्यक जानकारी मिल जाती है, जिससे सफर को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है। भूला सामान वापस दिलाने में भी मदद यात्रा के दौरान अगर कोई यात्री अपना सामान ऑटो या ई-रिक्शा में भूल जाता है, तो QR कोड के जरिए वाहन की जानकारी प्राप्त कर चालक से संपर्क करना आसान हो जाता है। पुलिस का कहना है कि इससे कई यात्रियों को उनका सामान जल्द वापस दिलाने में सहायता मिली है। QR कोड व्यवस्था लागू होने के बाद ITMS कंट्रोल रूम और यातायात थानों में वाहनों में सामान छूटने से जुड़ी शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इससे पुलिस को शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिल रही है। सफर से पहले QR कोड स्कैन करने की अपील यातायात पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि ऑटो या ई-रिक्शा में बैठने से पहले वाहन में लगे QR कोड को जरूर स्कैन करें। पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ किसी आकस्मिक स्थिति, सामान छूटने या शिकायत की स्थिति में त्वरित सहायता पाने का प्रभावी माध्यम है। यातायात पुलिस ने कहा कि सुरक्षित, पारदर्शी और स्मार्ट यातायात व्यवस्था के लिए ऐसी जनहितकारी पहलों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

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रायपुर में क्लिनिक में घुसकर युवक पर जानलेवा हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में क्लिनिक के पास विवाद के बाद एक युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के बाद युवक के साथ लाठी, प्लास्टिक की कुर्सी और वॉशबेसिन से हमला किया। पुलिस के मुताबिक घटना 6 अगस्त 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। शिकायतकर्ता प्रखर रजन ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह क्लिनिक के पास मौजूद था। इसी दौरान अमन निहाल, विशाल सोनी और अमन यादव वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों नशे की हालत में दिखाई दे रहे थे और क्लिनिक के अंदर जाकर वेट मशीन पर वजन करने के साथ वहां थूकने लगे। इस पर प्रार्थी के भाई अनिमेष मेश्राम ने उन्हें अस्पताल परिसर में थूकने से मना किया। आरोप है कि इसके बाद तीनों युवकों ने एकजुट होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने पर अमन निहाल ने क्लिनिक का वॉशबेसिन उखाड़कर अनिमेष मेश्राम के सिर और शरीर पर कई बार वार किया। वहीं अमन यादव ने प्लास्टिक की कुर्सी और विशाल सोनी ने डंडे से हमला किया। हमले में अनिमेष के सिर, बाएं हाथ, कान के पास और आंख के ऊपर गंभीर चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायत और गवाहों से पूछताछ के आधार पर घटना के कुछ ही घंटों के भीतर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल प्लास्टिक की कुर्सी और बांस की लकड़ी का डंडा जब्त किया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 414/2026 के तहत धारा 109, 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपी

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रायपुर में स्कूलों के बाहर ट्रैफिक पुलिस का सख्त अभियान, 340 वाहनों पर कार्रवाई; 269 नाबालिग चालक पकड़े गए

रायपुर। स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की यातायात पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा के निर्देश पर शहर के सरकारी और निजी स्कूलों के बाहर नाबालिग वाहन चालकों और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों की सघन जांच की जा रही है। अभियान के तहत रेयान स्कूल (अवंती विहार), द्रोणाचार्य स्कूल (राजेंद्र नगर), ब्रह्मविद स्कूल (भाटागांव), केपीएस स्कूल (सरोना), केंद्रीय विद्यालय (डब्ल्यूआरएस कॉलोनी), विंध्य पब्लिक स्कूल (गुढ़ियारी), एमजीएम स्कूल (गायत्री नगर), देशबंधु स्कूल (गुरुनानक चौक) और होली हार्ट स्कूल (सिविल लाइन) के बाहर जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान 59 नाबालिग वाहन चालकों के साथ 3 स्कूल वैन और 1 स्कूल ऑटो सहित कुल 63 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को यातायात सभागार बुलाया गया, जहां एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू और श्रीमती सीमा अहिरवार ने उनकी काउंसलिंग की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों को वाहन देना कानून का उल्लंघन है और इससे बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। अभिभावकों को भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की चेतावनी देते हुए यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। यातायात पुलिस के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 340 वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 269 नाबालिग वाहन चालक और 71 स्कूल ऑटो शामिल हैं। नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे वाहनों को नियमानुसार जब्त किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग दूसरी बार वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 199(ए) के तहत और अधिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायपुर के अजोरा क्लब पर गंभीर आरोप, रात 2 बजे तक संचालन और वेप-हुक्का परोसने के दावे; जांच की मांग

रायपुर में अजोरा क्लब की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि क्लब निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक संचालित होता है। साथ ही क्लब के अंदर कथित रूप से वेप और हुक्का उपलब्ध कराए जाने का वीडियो होने का दावा किया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, क्लब रात 12 बजे की तय समय सीमा के बाद भी करीब रात 2 बजे तक खुला रहता है। वहीं, एक कथित वीडियो में क्लब के अंदर देर रात तक गतिविधियां और वेप-हुक्का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। यदि वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर देर रात तक क्लब संचालन कैसे जारी रहा और नियमों का पालन क्यों नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्लब के सीसीटीवी फुटेज, एंट्री रजिस्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। नागरिकों का कहना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा समय सीमा या अन्य नियमों का उल्लंघन किया गया है, तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों का पालन हर संस्थान को करना चाहिए। फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक जांच या आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

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बिलासपुर में बुजुर्ग महिला से 2 लाख के जेवर की ठगी, सुरक्षा का झांसा देकर बदमाशों ने बदली सोने की पोटली

बिलासपुर में बुजुर्ग महिला को सुरक्षा का डर दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने महिला को बातों में उलझाकर करीब 2 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय विद्या मोटवानी की कंवरराम मार्केट में कपड़ों की दुकान है। 3 अगस्त की शाम वह रोज की तरह सब्जी खरीदने बाजार गई थीं। बस स्टैंड का रास्ता पूछकर शुरू की बातचीत नेहरू चौक के पास ऑटो में बैठे दो युवकों ने महिला से बस स्टैंड जाने का रास्ता पूछा। बातचीत के दौरान एक और युवक वहां पहुंच गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर महिला को अपनी बातों में उलझा लिया। आरोपियों ने महिला को बताया कि शहर में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सोने के गहने पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया कि जेवर कपड़े में बांधकर सुरक्षित रख दिए जाएंगे। इसके बाद महिला उनके झांसे में आ गई और अपने हाथ का सोने का कंगन और अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दिए। ठगों ने जेवर कपड़े में बांधने का नाटक किया और महिला को कागज की पोटली थमा दी। कुछ दूर जाने के बाद आरोपियों ने महिला को ऑटो से उतार दिया और फरार हो गए। बाद में जब महिला ने पोटली खोली तो उसमें जेवर की जगह कागज निकला। एक कंगन बचने से बड़ा नुकसान टला परिजनों ने बताया कि महिला के एक हाथ में चोट के कारण सूजन थी, जिसकी वजह से उस हाथ का दूसरा सोने का कंगन नहीं निकल पाया। अगर वह कंगन भी उतर जाता तो ठग और ज्यादा जेवर लेकर फरार हो जाते। ऑटो चालक की भूमिका पर भी जांच पुलिस को इस वारदात में ऑटो चालक की भूमिका पर भी संदेह है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या ऑटो चालक भी इस पूरी साजिश में शामिल था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दो युवक महिला से बातचीत करते और उसे अपने झांसे में लेते नजर आ रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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Bilaspur, Crime

दुर्ग में 16 बच्चों का रेस्क्यू, बाल श्रम की आशंका; कवर्धा से लाए गए 7 नाबालिग, बच्चों को लेने पहुंचा व्यक्ति हिरासत में

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बाल श्रम और बच्चों को बाहर ले जाने की आशंका के बीच बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य बाल आयोग से मिली सूचना के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग बस स्टैंड से 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। शुरुआती जांच में इन बच्चों में 7 नाबालिग और 9 बालिग पाए गए हैं। सभी बच्चे कबीरधाम (कवर्धा) जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों को काम दिलाने के नाम पर लाया गया था। रेस्क्यू के समय कई बच्चे भूखे-प्यासे थे। जानकारी के मुताबिक, चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली थी कि रायपुर से आने वाली एक बस में बड़ी संख्या में बच्चों को काम के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पद्मनाभपुर थाना पुलिस और संयुक्त टीम दुर्ग बस स्टैंड पहुंची और बस का इंतजार करने लगी। बस पहुंचते ही टीम ने शुरू की जांच रात करीब साढ़े 8 बजे बस दुर्ग बस स्टैंड पहुंची। टीम ने बस की जांच की तो उसमें 16 बच्चे मिले। सभी बच्चों को सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी पहचान, दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पहले रायपुर में काम दिलाने की बात कहकर बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें दुर्ग भेज दिया गया। कई बच्चों को यह जानकारी भी नहीं थी कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाकर करीब 15 हजार रुपये महीने की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। वहीं कुछ बच्चों ने मशरूम फैक्ट्री में काम कराने की बात कही है। नाबालिग बच्चों को आश्रय गृह भेजा गया चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारियों के अनुसार, जांच में 7 बच्चों की उम्र नाबालिग पाई गई है। कुछ बच्चों के पास आधार कार्ड मिले, जबकि कुछ ने अपनी उम्र मौखिक रूप से बताई। सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृह में रखा गया है। रेस्क्यू के बाद बच्चों को सबसे पहले भोजन कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग की जाएगी, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। बच्चों को लेने पहुंचा व्यक्ति हिरासत में बस स्टैंड पर बच्चों को लेने पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आशंका जताई जा रही है कि उसकी भूमिका ठेकेदार या बच्चों को काम पर भेजने वाले व्यक्ति के रूप में हो सकती है। पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। CWC के सामने पेश होंगे नाबालिग बच्चे अधिकारियों के मुताबिक नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया जाएगा। समिति के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बच्चों को किसने भेजा, उन्हें कहां ले जाने की योजना थी और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। जांच में यदि बाल श्रम या मानव तस्करी से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg

रायपुर में हनुमान मंदिर तोड़ने पर बवाल, निगम कार्रवाई के विरोध में जोन कार्यालय पहुंचे लोग; पार्षद के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर के कांपा-मोवा क्षेत्र में वर्षों पुराने हनुमान मंदिर को नगर निगम द्वारा हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंदिर हटाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय नागरिकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने नगर निगम जोन कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मंदिर हटाने की कार्रवाई का विरोध जताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान कुछ लोगों ने स्थानीय वार्ड पार्षद के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। अचानक की गई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है और वे मंदिर को लेकर प्रशासन से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। फिलहाल नगर निगम जोन कार्यालय में विरोध प्रदर्शन जारी है। मौके पर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की निगरानी बनी हुई है।

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GOVERNMENT, Raipur, Religion

रायपुर WRS कॉलोनी मर्डर केस: चरित्र पर शक में प्रेमी ने की युवती की हत्या, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में युवती के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चरित्र पर संदेह के चलते वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित सोलापुरी माता मंदिर के पीछे पानी भरे खेत में एक युवती का शव मिला था। सूचना मिलने के बाद खमतराई थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल के निरीक्षण में युवती के गले पर चोट और दबाव के निशान मिले, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच आगे बढ़ाई। मृतका की पहचान नंदिनी जाल उर्फ नंदिनी जैन (19 वर्ष), निवासी सिया रेसीडेंसी, एमएमआई अस्पताल के पीछे रायपुर के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आया कि युवती की हत्या गला दबाकर की गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले दुपट्टे से उसका मुंह बंद किया और फिर उसी दुपट्टे से गला दबाकर उसकी जान ले ली। इसके बाद हत्या को पक्का करने के लिए उसका सिर पानी भरे खेत में डुबो दिया। मामले में खमतराई थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 751/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था रिश्ता जांच के दौरान मृतका के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की गई। इसी दौरान युवती के प्रेमी करण तांडी पर संदेह जताया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब चार साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी नंदिनी से पहचान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों कुछ समय तक साथ भी रहे थे। बाद में युवती के अलग रहने से आरोपी उसके चरित्र पर शक करने लगा और दोनों के बीच विवाद होने लगा। मुलाकात के बहाने बुलाकर की हत्या पुलिस के मुताबिक 3 अगस्त की शाम आरोपी और युवती की मुलाकात डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित सोलापुरी माता मंदिर क्षेत्र में हुई। इसके बाद आरोपी उसे पास के खेत की ओर ले गया। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर आरोपी ने युवती की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी करण तांडी (23 वर्ष), निवासी त्रिमूर्ति नगर, देवेंद्र नगर, रायपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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