April 2026

GGU में लॉ स्टूडेंट्स के बीच हिंसक झड़प: आपत्तिजनक चैट्स वायरल, 4 छात्रों पर FIR

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) में लॉ विभाग के छात्रों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों के बीच मारपीट हो गई। यह घटना बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों के बीच इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत में भगवान भगवान राम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित टिप्पणियां की गईं। इसके बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया। शुक्रवार रात जैसे ही ये चैट्स सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, बड़ी संख्या में छात्र स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सामने इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और छात्रों के बीच हाथापाई होने लगी। घटना के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक झड़प हो चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। मामले में चार छात्रों—प्रियांशु सिंह, कौस्तुभ मणि पांडेय, अंशुमान सिंह और तूफान चंद्रनायक—के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी इस मामले में थाने में शिकायत दी है। साथ ही सभी आरोपित छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल के समय में कैंपस में कई विवाद सामने आ चुके हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

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रायपुर में युवक ने की आत्महत्या: सुसाइड नोट में गर्लफ्रेंड पर लगाए धोखे के आरोप

राजधानी रायपुर में 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान कोमल वर्मा के रूप में हुई है, जो भाठागांव इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल की रात उसके पिता और छोटा भाई छत पर सो रहे थे, जबकि उसकी मां एक शादी समारोह में गई हुई थी। इसी दौरान युवक ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। अगले दिन सुबह परिवार को घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड पर धोखा देने के आरोप लगाए हैं। नोट में उसने लिखा कि वह पिछले पांच वर्षों से रिश्ते में था, लेकिन उसकी साथी अन्य लड़कों से भी बात करती थी। उसने यह भी लिखा कि कई बार समझाने के बावजूद स्थिति नहीं बदली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही सुसाइड नोट और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। मामले की जांच फिलहाल प्रेम संबंध के एंगल से की जा रही है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ को लेकर विवाद: सोशल मीडिया पर वायरल इनविटेशन, विरोध में उतरा बजरंग दल

राजधानी रायपुर में 26 अप्रैल को प्रस्तावित ‘स्ट्रेंजर मीटअप पार्टी’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, पंजाब की एक इवेंट कंपनी इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाली थी और इसके लिए न्यू राजेंद्र नगर स्थित एक कैफे में बुकिंग की गई थी। हालांकि, जब कैफे संचालक को कार्यक्रम की पूरी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत बुकिंग रद्द कर दी और आयोजन करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस इवेंट का प्रचार जारी है और इनविटेशन पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर बजरंग दल ने विरोध जताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस तरह के आयोजनों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इस पर रोक नहीं लगाता है, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवाओं को पार्टी करते, डांस करते और एक-दूसरे से मिलते हुए दिखाया जा रहा है। पोस्टर में इस इवेंट को अनजान लोगों के बीच मिलने-जुलने और नेटवर्किंग के तौर पर प्रचारित किया गया था। इसमें एंट्री फीस और अन्य नियमों का भी उल्लेख किया गया था। बताया जा रहा है कि इस तरह की ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ में ऐसे लोग शामिल होते हैं जो एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते। इन आयोजनों में स्पीड मीटिंग, गेम्स, म्यूजिक और डांस जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। इसमें सिंगल, कपल या ग्रुप एंट्री की व्यवस्था रहती है और अलग-अलग श्रेणियों के लिए फीस तय की जाती है। विरोध के बीच बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारी रवि वाधवानी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों के जरिए गलत गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इससे पहले भी रायपुर में संदिग्ध आयोजनों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति या संदिग्ध गतिविधियों वाले किसी भी कार्यक्रम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: राजनांदगांव में 45.5°C, हीटवेव का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनांदगांव में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि इसके बाद थोड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है, लेकिन 26 अप्रैल को कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं (40 से 50 किमी प्रति घंटे) और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। इसके बावजूद हीटवेव का प्रभाव बना रहेगा। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 45 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। यहां भी लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी दी गई है। गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है। 23 अप्रैल से 30 जून तक केंद्र सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगे, जबकि बच्चों के लिए समय सुबह 7 से 9 बजे तक तय किया गया है। 1 जुलाई के बाद पुराने समयानुसार संचालन फिर शुरू होगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि विदर्भ से दक्षिण भारत तक बनी ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवातीय प्रभाव के कारण गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंचता है और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा रहता है, तो उसे हीटवेव माना जाता है। 45 डिग्री या उससे अधिक तापमान भी लू की श्रेणी में आता है, जबकि 47 डिग्री से ऊपर होने पर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनती है। गर्म रातों का खतरा भी बढ़ गया है। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है, तो रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी का असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचाव करें।

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रायपुर पुलिस कमिश्नरी पर कांग्रेस का हमला: “वसूली कमिश्नरेट” बन गया सिस्टम

राजधानी रायपुर में लागू पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था अब “वसूली कमिश्नरेट” में बदल गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन जमीन पर कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। उनका आरोप है कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जबकि आम लोग ट्रैफिक चालानों के डर से परेशान हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शहर के कई चौराहों पर स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग तक साफ नहीं दिखती, फिर भी लोगों पर नियम उल्लंघन के नाम पर चालान भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चालान नहीं भरने पर वाहनों को जब्त करने की चेतावनी दी जाती है और कई मामलों में ऐसा किया भी गया है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमिश्नरी सिस्टम का मकसद अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग था, लेकिन मौजूदा स्थिति में पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ ट्रैफिक चालान तक सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि मोहल्लों में फैल रहे नशे के कारोबार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। स्टाफ की कमी को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि उच्च स्तर के अधिकारियों की तैनाती तो कर दी गई है, लेकिन थानों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या पहले जैसी ही है, जिससे व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही। सुशील आनंद शुक्ला ने मांग की कि थानों में पर्याप्त स्टाफ बढ़ाया जाए और पुलिस को केवल चालान तक सीमित न रखकर अपराध नियंत्रण पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए जाएं।

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रायपुर एयरपोर्ट के बाहर खूनी झगड़ा: सवारी को लेकर विवाद में ऑटो चालक पर बोतल से हमला

राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट के बाहर सवारी बैठाने को लेकर दो ऑटो चालकों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। गुस्से में एक चालक ने दूसरे के सिर पर कांच की बोतल मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना माना कैम्प थाना क्षेत्र की है। घायल ऑटो चालक की पहचान परमानंद धृतलहरे के रूप में हुई है, जबकि आरोपी जुबेर खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों एयरपोर्ट के बाहर ऑटो चलाते हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात सवारी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। इसी दौरान आरोपी ने पास में पड़ी कांच की बोतल उठाकर परमानंद के सिर पर वार कर दिया। हमले के बाद परमानंद मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सिर में गंभीर चोट आई है, हालांकि फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आरोपी जुबेर खान को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एयरपोर्ट क्षेत्र में ऑटो चालकों के बीच सवारी को लेकर विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पार्किंग स्टाफ के साथ झगड़े और अभद्रता की शिकायतें भी मिलती रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में गहराया जल संकट: घंटों लाइन में लगकर पानी भरने को मजबूर लोग

राजधानी रायपुर इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। कई इलाकों में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शिवनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है, जहां बोरवेल सूख चुके हैं और लोगों को रोजाना 3 से 4 घंटे लाइन में खड़े होकर पानी भरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी हिना महानंद के अनुसार, सुबह और शाम दोनों समय पानी के लिए दूर जाना पड़ता है और रोज का काफी समय इसी में निकल जाता है। वहीं सुरेश तांडी का कहना है कि हर साल पानी की समस्या रहती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं। रायपुरा क्षेत्र में भी पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। निवासी अजय यादव ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। डंगनिया इलाके में पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन प्रेशर इतना कम है कि लोग पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहर के 70 वार्डों में से 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में बोरवेल फेल हो चुके हैं। ऐसे में लोगों की निर्भरता टैंकरों पर बढ़ गई है और कई जगह पानी को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। शहर के लगभग 3.5 लाख घरों में से करीब 20 प्रतिशत में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। हर साल मानसून के दौरान लाखों लीटर पानी बिना उपयोग के बह जाता है, जबकि यह पानी भविष्य के लिए बचाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, 1500 वर्ग फीट से बड़े मकानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके लिए लोगों ने नगर निगम में राशि भी जमा की थी, लेकिन अब तक कई जगह यह सिस्टम नहीं लगाया गया है। नगर निगम ने ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये जब्त भी किए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हर घर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाए, तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक औसत घर सालाना हजारों लीटर पानी बचा सकता है, जिससे भविष्य में पानी की कमी से राहत मिल सकती है।

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रायपुर में 50 लाख की ठगी: ड्राइवर अकाउंटेंट को उतारकर कैश समेत फरार

राजधानी रायपुर में एक कंस्ट्रक्शन कारोबारी के साथ 50 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कारोबारी के ड्राइवर ने अकाउंटेंट को रास्ते में उतारकर कार और नकदी लेकर फरार हो गया। घटना गीतांजलि नगर क्षेत्र की है। मामले में कारोबारी के रिश्तेदार अखिलेश प्रसाद की शिकायत पर खम्हारडीह थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित कारोबारी उमेश प्रसाद कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं और गीतांजलि नगर में रहते हैं। शनिवार 25 अप्रैल को उन्होंने अपने अकाउंटेंट और ड्राइवर कृष्णा साहू को 50 लाख रुपये कैश देकर घर भेजा था। दोनों कार (CG 04 QG 6633) से निकल पड़े, लेकिन खम्हारडीह थाने से कुछ ही दूरी पर ड्राइवर ने चालाकी दिखाते हुए अकाउंटेंट को गुटखा लाने के बहाने उतार दिया। जैसे ही अकाउंटेंट नीचे उतरा, ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। अकाउंटेंट ने तुरंत इस घटना की जानकारी कारोबारी को दी, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि आरोपी कृष्णा साहू भाठागांव का रहने वाला है और करीब एक साल से कारोबारी के यहां काम कर रहा था। घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश के लिए शहरभर में दबिश दी जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। खम्हारडीह थाना प्रभारी आईपीएस मान्सी नानाभाई साकुरे ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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इमरजेंसी में भी पर्ची जरूरी: डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में इलाज से पहले इंतजार, मरीजों की जान पर खतरा

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को भी तुरंत इलाज नहीं मिल पा रहा, क्योंकि पहले पर्ची (रजिस्ट्रेशन) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के कारण कई मरीजों की स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ रही है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि एक्सीडेंट, सीने में दर्द और अन्य गंभीर समस्याओं के साथ आए मरीजों को भी काउंटर पर लाइन में खड़ा किया जा रहा है। कई मामलों में मरीजों के परिजन स्ट्रेचर और तत्काल इलाज की गुहार लगाते रहे, लेकिन स्टाफ ने साफ कहा—पहले पर्ची बनवाइए। बताया जा रहा है कि इस देरी के कारण कुछ मरीजों की हालत बेहद गंभीर हो गई, यहां तक कि पर्ची बनवाने के दौरान मौत के आरोप भी सामने आए हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 4 हजार मरीजों का इलाज होता है, जबकि इमरजेंसी में औसतन 200 मरीज पहुंचते हैं। स्टाफ का कहना है कि बिना पर्ची मरीज का रिकॉर्ड नहीं बनता, इसलिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी में पहले प्राथमिक उपचार देना अनिवार्य होता है, जबकि कागजी प्रक्रिया बाद में पूरी की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या गंभीर दुर्घटनाओं में शुरुआती 10 से 15 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। इस दौरान इलाज में देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस व्यवस्था में क्या सुधार होता है।

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राजधानी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की सख्ती बढ़ी, ई-चालान वसूली के लिए घर-घर कार्रवाई

राजधानी में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है। पारंपरिक चेकिंग के बजाय अब डिजिटल सिस्टम के जरिए ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके पते पर सीधे चालान भेजा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हर दिन करीब 5 हजार ई-चालान जारी हो रहे हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिस अब वसूली के लिए सीधे वाहन मालिकों के घर पहुंच रही है। जिन चालकों पर बार-बार चालान जारी हुए हैं, उन्हें पहले नोटिस देकर भुगतान के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद अगर जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तो पुलिस मौके पर ही वाहन जब्त कर रही है। अब तक कई गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 1.64 लाख ई-चालान अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 737 वाहन चालकों पर 44,175 बार रिपीटेड चालान दर्ज किए गए हैं। एक मामले में तो एक बाइक, जिसकी कीमत करीब 95 हजार रुपए है, उस पर 1.77 लाख रुपए का जुर्माना बकाया है। ट्रैफिक पुलिस की टीम क्रेन के साथ घर-घर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जिन मामलों में प्रकरण कोर्ट में लंबित हैं, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निपटाने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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