March 2026

रायपुर निगम बजट 2026-27: इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से वुमन हॉस्टल तक बड़ी घोषणाएं, हंगामे के बीच पेश हुआ बजट

Raipur नगर निगम में महापौर Meenal Choubey ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 2130 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 601 करोड़ अधिक है, लेकिन इसके बावजूद 206 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान जताया गया है, जिससे वित्तीय संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बजट में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों की कई नई घोषणाएं की गई हैं। शंकरनगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट विकसित किए जाएंगे, जबकि भाठागांव में पार्किंग सुविधा तैयार होगी। सड्डू क्षेत्र में करीब 38.93 करोड़ की लागत से पानी की टंकी और फिल्टर प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही पंडरी-सिद्धार्थ चौक के पास वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करते हुए स्वरोजगार, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जोन कार्यालयों में सेनेटरी नैपकिन की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा 5 करोड़ रुपए से शांति गृह और 48 करोड़ रुपए से वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने की योजना शामिल है। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सड़क चौड़ीकरण, नाला-नाली निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था और रोबोटिक सफाई पर भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। हर जोन में दो नए उद्यान विकसित करने, खेल परिसर निर्माण और अखाड़ों के जीर्णोद्धार की योजना भी शामिल है। साथ ही खारुन महोत्सव शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा मंदिरों से फूल संग्रह के लिए वाहन, पे-एंड-यूज शौचालय, कारी तालाब में पार्किंग और वेंडिंग जोन, तथा शहर में 15 नए वेंडिंग जोन विकसित करने की घोषणा की गई है। बजट पेश होने के दौरान निगम सभाकक्ष में राजनीतिक माहौल भी गरमाया रहा। सत्ता और विपक्ष के पार्षदों के बीच करीब आधे घंटे तक नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने पिछले बजट की घोषणाओं पर चर्चा की मांग की और सरकार को अधूरे वादों पर घेरा। महापौर ने अपने करीब दो घंटे के भाषण में पिछले कार्यों का विवरण देते हुए नई योजनाओं की जरूरत पर जोर दिया। वहीं विपक्ष ने इस बजट को “जुमलों का पुलिंदा” बताते हुए आरोप लगाया कि पुरानी घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं और नए वादे सिर्फ कागजी हैं। खास बात यह रही कि कई योजनाएं, जैसे वर्किंग वुमन हॉस्टल, लाइब्रेरी, तालाब विकास और रिवर फ्रंट, पहले भी बजट में शामिल थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी प्रगति सीमित रही। इसी वजह से इन्हें इस बार फिर से बजट में शामिल किया गया है।

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नक्सलवाद पर संसद में टकराव: अमित शाह के आरोपों पर भूपेश बघेल का पलटवार

लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने दावा किया कि देश अब लगभग नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और 31 मार्च 2026 तक तय लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। उन्होंने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने नक्सलियों को संरक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का नाम लेते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो वह इसके प्रमाण भी पेश कर सकते हैं। शाह के इन आरोपों पर भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार के पास कोई सबूत था, तो उसे पहले ही सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और उनकी सरकार ने भी इस दिशा में लगातार कार्रवाई की थी। गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है और वहां तेजी से विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गांवों में स्कूल, राशन दुकानें, स्वास्थ्य केंद्र और जरूरी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं, जिससे लोगों का जीवन बेहतर हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि दशकों तक कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh ने भी माओवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती माना था। शाह ने नक्सलियों की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों Bhagat Singh और Birsa Munda से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह तुलना गलत है क्योंकि स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, जबकि नक्सली संविधान के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपनाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 706 नक्सली मारे गए हैं और 4,800 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास योजना को अपनाया है। उनके अनुसार अब देश में केवल दो जिले ही नक्सल प्रभावित बचे हैं और हिंसा की घटनाओं में काफी कमी आई है। वहीं भूपेश बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान भी नक्सल विरोधी अभियान लगातार चलाए गए और दूर-दराज के इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए, जिससे आज की कार्रवाई संभव हो पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने नक्सल हिंसा में अपने नेताओं को खोया है, इसलिए इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।

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छत्तीसगढ़ में महंगा हुआ सफर, 1 अप्रैल से बढ़े टोल टैक्स

National Highways Authority of India ने छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, जिसके बाद हर टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना होगा। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ जैसे प्रमुख मार्गों पर सभी टोल प्लाजा में न्यूनतम 5 रुपए की वृद्धि की गई है। वहीं अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी 5 से 20 रुपए तक पहुंच सकती है। सालाना पास धारकों पर भी इसका असर पड़ेगा। पहले जो वार्षिक पास 3000 रुपए में बनता था, वह अब 3075 रुपए में मिलेगा। हालांकि स्थानीय पासधारकों को राहत देते हुए पुराने दर ही लागू रहेंगे। बिलासपुर जिले के भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा टोल प्लाजा से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को इस बढ़ोतरी का सीधा असर झेलना पड़ेगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों का खर्च बढ़ेगा। यह संशोधन वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया के तहत किया गया है, जिसमें टोल दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय होती हैं। सड़क की लंबाई और उपलब्ध सुविधाओं जैसे फ्लाईओवर और अंडरपास को भी दर निर्धारण में शामिल किया जाता है। नए नियमों के अनुसार सभी टोल प्लाजा पर FASTag के जरिए ही भुगतान अनिवार्य रहेगा। बिना FASTag वाले वाहनों को दोगुना शुल्क देना होगा।

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विशाखापत्तनम में सनसनीखेज वारदात: नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े किए

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादीशुदा नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव के कई हिस्से कर उन्हें अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चिंतादा रविंद्र (35), जो INS डेगा में तैनात है, ने रविवार को अपनी 29 वर्षीय प्रेमिका मोनिका को घर बुलाया था। शाम के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने चाकू से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव छिपाने की कोशिश घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने शव के टुकड़े किए। एक हिस्सा फ्रिज में रखा, दूसरा बोरे में भरकर बेड के नीचे छिपा दिया, जबकि सिर को सुनसान स्थान पर ले जाकर जलाने की कोशिश की। 5 साल से था संबंध पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और तब से वे संपर्क में थे। आरोपी का दावा है कि महिला ने उससे लाखों रुपए लिए थे और रिश्ते को उजागर करने की धमकी देती थी, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। पहले से थी योजना जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने हत्या की योजना पहले ही बना ली थी। वह चाकू खरीदने दुकान गया, लेकिन उपलब्ध नहीं होने पर उसने ऑनलाइन मंगवाया। घटना के समय उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी। खुद थाने पहुंचा आरोपी हत्या के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और पूरे अपराध को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर और फ्रिज से शव के हिस्से बरामद किए। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और बाकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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नीतीश कुमार ने MLC पद छोड़ा, अशोक चौधरी हुए भावुक; विपक्ष ने लगाया दबाव का आरोप

बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र एमएलसी संजय गांधी के माध्यम से सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा गया, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए यह इस्तीफा संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया गया है। इस्तीफे के बाद भावुक हुए मंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक हो गए और सार्वजनिक रूप से रोते नजर आए। यह दृश्य राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। विपक्ष का आरोप वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कदम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से दबाव में इस्तीफा दिलवाया गया है। BJP नेता का भी इस्तीफा इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के जरिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा गया। दिनभर चला घटनाक्रम आगे क्या? राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, खरमास खत्म होने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन संभव है। ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर नई रणनीति बन सकती है। हालांकि संवैधानिक प्रावधान के अनुसार नीतीश कुमार 6 महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। भावुक पोस्ट भी चर्चा में इस्तीफे के बीच नितिन नवीन का एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए निजी भावनाएं साझा कीं।

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जनगणना 2026 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू, 33 सवाल तय; लिव-इन कपल को भी मिलेगा शादीशुदा दर्जा

देश में होने वाली जनगणना की प्रक्रिया का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस चरण के लिए कुल 33 सवाल निर्धारित किए हैं। खास बात यह है कि स्थायी संबंध में रहने वाले लिव-इन कपल्स को भी इस जनगणना में शादीशुदा की श्रेणी में रखा जाएगा, बशर्ते वे अपने रिश्ते को स्थिर मानते हों। इस बार जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। पोर्टल पर आम नागरिकों की मदद के लिए FAQ सेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। पहला चरण: हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना जनगणना का पहला फेज ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसमें देशभर के घरों, उनकी स्थिति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि सरकार भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार कर सके। रेफरेंस डेट का महत्व भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, जनगणना की संदर्भ तिथि (रेफरेंस डेट) 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है। इसी आधार पर सभी आंकड़े दर्ज किए जाएंगे, इसलिए इसे जनगणना 2027 कहा जा रहा है। प्रक्रिया और समयसीमा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को यह कार्य लगभग 30 दिनों में पूरा करना होगा। इसके अलावा, हाउस लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी खुद जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल, यह जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब यह प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी।

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रायगढ़ में रेप पीड़िता को धमकी: जमानत पर छूटे आरोपी ने केस वापस लेने बनाया दबाव

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक रेप पीड़िता ने जमानत पर रिहा हुए आरोपी और उसके सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार उसे केस वापस लेने के लिए धमका रहा है। इस संबंध में महिला थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने बताया कि उसने 3 फरवरी 2026 को बादल सिंह राजपूत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 तक आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत के बाद बढ़ा दबाव पीड़िता के अनुसार, आरोपी के जमानत पर छूटने के बाद उस पर केस वापस लेने का दबाव बढ़ गया। 18 मार्च को उसे कोर्ट में बयान के बहाने बुलाया गया, जहां आरोपी के साथ अनमोल अग्रवाल और अन्य लोग मौजूद थे। वहां उसे पैसे लेकर मामला खत्म करने की बात कही गई और मना करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। मंदिर परिसर में दी धमकी पीड़िता ने बताया कि अगले दिन 19 मार्च को मंदिर में आरोपी ने उसे फिर से धमकाया। उसने कहा कि वह जमानत पर बाहर है और यदि केस वापस नहीं लिया गया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। फोन पर भी दबाव पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने फोन के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की। डर के कारण उसने कॉल रिसीव नहीं किया। उसने शिकायत में बताया कि आरोपी और उसका साथी लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पुलिस कार्रवाई जारी महिला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही मुख्य आरोपी की जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। पुलिस की चेतावनी रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि किसी भी पीड़ित या गवाह को धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

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दुर्ग के इंदिरा मार्केट में भीषण आग: 4 दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार रात एक बड़ा अग्निकांड हुआ, जहां इंदिरा मार्केट स्थित दो मंजिला फुटवियर दुकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आसपास की तीन अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 1 करोड़ रुपए से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। जूते-चप्पल की दुकान से शुरू हुई आग रात करीब 11 बजे “रौबदार फुटवियर” दुकान में आग भड़की। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान के अंदर रखा पूरा माल जलने लगा। आग फैलकर आसपास की अन्य दुकानों तक पहुंच गई। दमकल की टीम ने 5 घंटे में पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। कुल 6 दमकल वाहनों की मदद से करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक दुकानों में रखा अधिकांश सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। शॉर्ट सर्किट की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली लोड बढ़ने से ऐसे हादसे हो सकते हैं। पुलिस जांच जारी एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल आग लगने के असली कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

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बिलासपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, दूसरा गंभीर

बिलासपुर जिले में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। यह हादसा कोटा थाना क्षेत्र में हुआ। जानकारी के मुताबिक, तखतपुर इलाके के ग्राम दर्रीकापा निवासी परसराम पोर्ते (50) और उनके रिश्तेदार भरत सिंह ध्रुव (45) अपने परिवार में होने वाली शादी का निमंत्रण बांटकर वापस लौट रहे थे। ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा रविवार दोपहर दोनों बाइक से चोरभट्ठी से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम नेवरा के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ओवरटेक करते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में परसराम पोर्ते को वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, भरत सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर बेहोश पड़े रहे। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने पुलिस को जानकारी दी। कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

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सक्ती में दोस्ती बनी मौत की वजह: 1800 रुपए और पासवर्ड विवाद में युवक की हत्या

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि 1800 रुपए और मोबाइल पासवर्ड को लेकर हुए झगड़े में दो युवकों ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी। मालखरौदा थाना क्षेत्र के बंदोरा गांव में 25 वर्षीय राहुल कुर्मी की 28 मार्च की शाम घर के पास ही लाश मिली। जांच में सामने आया कि आरोपी इंद्रकुमार गबेल (35) और नारायण यादव (20) ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। विवाद से हत्या तक बताया जा रहा है कि इंद्रकुमार अपने पैसे वापस मांगने और मोबाइल का फेस पासवर्ड जानने के लिए राहुल के पास पहुंचा था। इसी दौरान नारायण ने भी अपने भाई का मोबाइल चोरी होने का आरोप लगाया। बात बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई। गुस्से में दोनों आरोपियों ने पहले कपड़े से राहुल का गला दबाया। जब वह जिंदा था, तो ईंट से उसके सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी। परिजनों को ऐसे मिली जानकारी राहुल कुर्मी “राहुल ऑटो” नाम से धुलाई मशीन सेंटर चलाता था। 28 मार्च की सुबह वह मजदूर ढूंढने के लिए निकला था। शाम को उसके परिजनों को उसके दोस्त के जरिए घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उसका शव घर के पास मिला, जिसमें गला दबाने और ईंट से हमले के निशान थे। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। संदेह के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने 29 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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