रायपुर निगम बजट 2026-27: इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से वुमन हॉस्टल तक बड़ी घोषणाएं, हंगामे के बीच पेश हुआ बजट
Raipur नगर निगम में महापौर Meenal Choubey ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 2130 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 601 करोड़ अधिक है, लेकिन इसके बावजूद 206 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान जताया गया है, जिससे वित्तीय संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बजट में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों की कई नई घोषणाएं की गई हैं। शंकरनगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट विकसित किए जाएंगे, जबकि भाठागांव में पार्किंग सुविधा तैयार होगी। सड्डू क्षेत्र में करीब 38.93 करोड़ की लागत से पानी की टंकी और फिल्टर प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही पंडरी-सिद्धार्थ चौक के पास वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करते हुए स्वरोजगार, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जोन कार्यालयों में सेनेटरी नैपकिन की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा 5 करोड़ रुपए से शांति गृह और 48 करोड़ रुपए से वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने की योजना शामिल है। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सड़क चौड़ीकरण, नाला-नाली निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था और रोबोटिक सफाई पर भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। हर जोन में दो नए उद्यान विकसित करने, खेल परिसर निर्माण और अखाड़ों के जीर्णोद्धार की योजना भी शामिल है। साथ ही खारुन महोत्सव शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा मंदिरों से फूल संग्रह के लिए वाहन, पे-एंड-यूज शौचालय, कारी तालाब में पार्किंग और वेंडिंग जोन, तथा शहर में 15 नए वेंडिंग जोन विकसित करने की घोषणा की गई है। बजट पेश होने के दौरान निगम सभाकक्ष में राजनीतिक माहौल भी गरमाया रहा। सत्ता और विपक्ष के पार्षदों के बीच करीब आधे घंटे तक नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने पिछले बजट की घोषणाओं पर चर्चा की मांग की और सरकार को अधूरे वादों पर घेरा। महापौर ने अपने करीब दो घंटे के भाषण में पिछले कार्यों का विवरण देते हुए नई योजनाओं की जरूरत पर जोर दिया। वहीं विपक्ष ने इस बजट को “जुमलों का पुलिंदा” बताते हुए आरोप लगाया कि पुरानी घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं और नए वादे सिर्फ कागजी हैं। खास बात यह रही कि कई योजनाएं, जैसे वर्किंग वुमन हॉस्टल, लाइब्रेरी, तालाब विकास और रिवर फ्रंट, पहले भी बजट में शामिल थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी प्रगति सीमित रही। इसी वजह से इन्हें इस बार फिर से बजट में शामिल किया गया है।










