रायपुर में अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद स्थानीय प्रतिक्रिया, शोक और विरोध प्रदर्शन
रायपुर: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर उस खबर के बाद जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए पैमाने पर सैन्य हमलों के कारण खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मार दिए गए हैं, जिसकी वजह से विश्वभर में तनाव और प्रतिक्रिया की लहर फैल रही है। राजधानी रायपुर के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार को हमले का विरोध और खामेनेई की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शनों में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर भी लगाए गए, जिन पर ‘Down to America’ और ‘Down to Israel’ जैसे नारे लिखे गए थे। कुछ लोगों ने इन पोस्टरों पर नीली स्याही भी फेंकी, जबकि राहगीरों को इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए आगे बढ़ते देखा गया। स्थानीय भीड़ ने विरोध के साथ-साथ खामेनेई के लिए शोक सभाओं का आयोजन भी किया। मोमिनपारा व पंडरी क्षेत्रों के इमामबाड़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर मौन रक्षा सभाएं और मजलिसें रखीं, जिसमें समुदाय के लोगों ने भावनात्मक शोक व्यक्त किया। आम लहज़ा और समुदाय की भावनाएँ शिया समुदाय का शोक सभा आयोजन मोमिनपारा तथा पंडरी स्थित कई इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत की खबर पर शोक सभा एवं मजलिस का आयोजन किया गया। शोक सभा में लोगों ने खामेनेई के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। खामेनेई कौन थे और क्या हुआ? अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सबसे उच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता थे, जिन्होंने 1989 से इस पद पर कार्य किया। संयुक्त अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए गए, जिनमें हवाई हमले तथा मिसाइल दागे गए। राज्य मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है। हमलों में न केवल खामेनेई बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और अनेक वरिष्ठ सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों के भी मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। क्या अमेरिका-इजराइल हमले थे? उल्लेखनीय है कि संयुक्त युद्ध अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर लक्षित हमले किए गए। इस ऑपरेशन में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की वायु सेना और मिसाइल प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया गया।
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