March 2026

रायपुर में अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद स्थानीय प्रतिक्रिया, शोक और विरोध प्रदर्शन

रायपुर: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर उस खबर के बाद जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए पैमाने पर सैन्य हमलों के कारण खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मार दिए गए हैं, जिसकी वजह से विश्वभर में तनाव और प्रतिक्रिया की लहर फैल रही है। राजधानी रायपुर के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार को हमले का विरोध और खामेनेई की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शनों में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर भी लगाए गए, जिन पर ‘Down to America’ और ‘Down to Israel’ जैसे नारे लिखे गए थे। कुछ लोगों ने इन पोस्टरों पर नीली स्याही भी फेंकी, जबकि राहगीरों को इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए आगे बढ़ते देखा गया। स्थानीय भीड़ ने विरोध के साथ-साथ खामेनेई के लिए शोक सभाओं का आयोजन भी किया। मोमिनपारा व पंडरी क्षेत्रों के इमामबाड़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर मौन रक्षा सभाएं और मजलिसें रखीं, जिसमें समुदाय के लोगों ने भावनात्मक शोक व्यक्त किया। आम लहज़ा और समुदाय की भावनाएँ शिया समुदाय का शोक सभा आयोजन मोमिनपारा तथा पंडरी स्थित कई इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत की खबर पर शोक सभा एवं मजलिस का आयोजन किया गया। शोक सभा में लोगों ने खामेनेई के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। खामेनेई कौन थे और क्या हुआ? अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सबसे उच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता थे, जिन्होंने 1989 से इस पद पर कार्य किया। संयुक्त अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए गए, जिनमें हवाई हमले तथा मिसाइल दागे गए। राज्य मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है। हमलों में न केवल खामेनेई बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और अनेक वरिष्ठ सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों के भी मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। क्या अमेरिका-इजराइल हमले थे? उल्लेखनीय है कि संयुक्त युद्ध अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर लक्षित हमले किए गए। इस ऑपरेशन में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की वायु सेना और मिसाइल प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया गया।

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केमिकल रंगों से बिगड़ सकता है आपका त्योहार: होली खेलें समझदारी से, सेहत और त्वचा का रखें खास ख्याल

होलिका दहन के साथ ही प्रदेशभर में रंगों के त्योहार होली की शुरुआत हो जाएगी। यह पर्व उमंग, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन जरा सी लापरवाही आपके उत्सव को फीका कर सकती है। खासकर केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल त्वचा, आंखों और बालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अक्सर लोग पूरे जोश में होली तो खेलते हैं, लेकिन बाद में रंग छुड़ाने की जल्दबाजी में त्वचा पर डिटर्जेंट, केमिकल या अन्य कठोर चीजों का प्रयोग करने लगते हैं। इससे त्वचा में जलन, एलर्जी, रैशेज और लंबे समय तक रहने वाले दाग हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि होली खेलने से पहले और बाद में कुछ सावधानियां जरूर बरती जाएं। 1. होली से पहले त्वचा की तैयारी जरूरी होली खेलने से पहले त्वचा को तैयार करना बेहद आवश्यक है। बाहर निकलने से पहले शरीर और चेहरे पर नारियल तेल, सरसों तेल या मॉइश्चराइजर अच्छी तरह लगा लें। इससे रंग सीधे त्वचा पर चिपक नहीं पाएगा और बाद में आसानी से छूट जाएगा। हल्के रंग के बजाय गहरे और पूरे बाजू के कपड़े पहनें ताकि त्वचा कम एक्सपोज हो। बालों में भी तेल लगाकर उन्हें बांध लें, जिससे स्कैल्प सुरक्षित रहे। 2. केमिकल रंगों से बनाएं दूरी बाजार में मिलने वाले सस्ते और चटक रंगों में कई बार हानिकारक रसायन मिले होते हैं। ये त्वचा संक्रमण, आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग बेहतर विकल्प है। घर पर भी फूलों, हल्दी या बेसन जैसे प्राकृतिक पदार्थों से रंग तैयार किए जा सकते हैं। इससे त्योहार का आनंद भी बना रहेगा और सेहत पर बुरा असर भी नहीं पड़ेगा। 3. रंग छुड़ाने में जल्दबाजी न करें होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए डिटर्जेंट या कठोर साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। चेहरे के लिए बेसन और दही का लेप एक सुरक्षित और कारगर उपाय माना जाता है। इसे हल्के हाथों से लगाकर धोने से रंग धीरे-धीरे साफ हो जाता है। इसके अलावा माइल्ड फेसवॉश और गुनगुने पानी का उपयोग करें। याद रखें, कुछ रंग 2–3 दिन में खुद ही हल्के पड़ जाते हैं। त्वचा के साथ जोर-जबरदस्ती करने से बेहतर है थोड़ा धैर्य रखें। 4. अलग-अलग त्वचा के लिए अलग देखभाल हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। जिनकी त्वचा संवेदनशील है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग होली खेलने से पहले डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। तैलीय त्वचा वाले लोग ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं, जबकि ड्राई स्किन वालों को अच्छी तरह मॉइश्चराइज करना चाहिए। 5. बीपी, शुगर और बुजुर्गों का रखें ध्यान होली के दौरान अत्यधिक भागदौड़ और धूप में रहना बीपी और शुगर के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे लोग सीमित समय तक ही होली खेलें और पर्याप्त पानी पीते रहें। घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हों तो उन पर विशेष ध्यान दें। उनकी आंख, नाक और मुंह में रंग न जाए, इसका ख्याल रखें। बच्चों को सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने दें। होली खुशियों का त्योहार है। थोड़ी सी सावधानी और समझदारी से आप इसे सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं। इस बार रंगों के साथ सेहत की भी रक्षा करें, ताकि त्योहार की मिठास लंबे समय तक बनी रहे।

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