March 2026

हादसे और चोटों के बावजूद जीता गोल्ड: मिजोरम के इसाक ने हौसले से बदल दी कहानी

कुछ कहानियां मेडल से बड़ी होती हैं और हौसले की नई परिभाषा देती हैं। मिजोरम के 18 वर्षीय वेटलिफ्टर इसाक मलसोमल्गा की कहानी भी ऐसी ही है। जीवन के सबसे कठिन दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि अपने दर्द को ताकत बनाकर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 235 किलोग्राम उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। स्नैच में पिछड़ने के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी की और यह जीत सिर्फ पोडियम की नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों पर मिली जिसमें ज्यादातर लोग हार मान लेते। जिंदगी ने दिए कई झटके 2018 में इसाक ने अपने पिता को सड़क हादसे में खो दिया। उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग शुरू की थी। घर की जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता के बीच उन्होंने खेल छोड़ने का मन बनाया, लेकिन कोच और परिवार ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने का हौसला दिया। 2024 में यूथ नेशनल में सिल्वर जीतकर उन्होंने खुद को साबित किया, लेकिन उसी समय उनकी मां कैंसर से जूझने लगीं। आर्थिक और मानसिक दबाव के बीच उनके चाचा-चाची ने उन्हें सहारा दिया। मां के निधन के बाद भी इसाक ने हार नहीं मानी। चोट के बावजूद संघर्ष जारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उन्हें पीठ में चोट लगी थी। कोच ने आराम की सलाह दी, लेकिन इसाक ने खुद पर भरोसा किया। रायपुर के मंच पर उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और गोल्ड जीतकर सभी को प्रेरित किया। इसाक वर्तमान में साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इम्फाल में ट्रेनिंग कर रहे हैं और पढ़ाई भी जारी है। उनका लक्ष्य अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल करना है।

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छत्तीसगढ़ में रसोई गैस पाइपलाइन अब होगी तेज़: ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी अनुमति

छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में घरों तक प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पाइपलाइन पहुंचाने के प्रोजेक्ट में लंबे समय से आ रही अड़चनों को राज्य सरकार ने समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी कलेक्टरों और संबंधित निकायों को केंद्र सरकार के ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026’ का पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। अब पाइपलाइन बिछाने की अनुमति अनिश्चितकाल के लिए नहीं रोकी जाएगी। सड़क खुदाई और तकनीकी अनुमतियों के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई है। निजी या गैर-सरकारी भूमि पर पाइपलाइन के लिए मुआवजे की दरें स्पष्ट कर दी गई हैं। व्यावसायिक भूमि पर प्रचलित सर्कल रेट का 30% भुगतान अनिवार्य होगा, और यदि 24 घंटे के भीतर अनुमति दी जाती है, तो अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी है। पीएनजी कनेक्शन मिलने से नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर की तुलना में 20-30% सस्ती गैस, घर पर मीटर आधारित सप्लाई और रिफिलिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी। पिछड़ी मंजूरी प्रक्रिया का समाधान पहले स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों (जैसे लोक निर्माण विभाग, नगर निगम) से अनुमतियां न मिलने के कारण पाइपलाइन का काम अधर में अटका हुआ था। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि भूमिगत पाइपलाइन अधिनियम 2004 के तहत सभी अनुमतियां तुरंत दी जाएंगी। इससे पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द पूरा होगा और नागरिकों को कनेक्शन मिल सकेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिए 5 प्रमुख निर्णय राज्य सरकार ने सभी विभागों, कलेक्टरों और निकायों को निर्देश दिए हैं कि सिटी गैस वितरण योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाए और पाइपलाइन बिछाने में किसी तरह की बाधा न आए।

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रायपुर में नि:संतान दंपती बच्चों की पढ़ाई के लिए बने फरिश्ता, पड़ोसी ने घर भी दिया

रायपुर के राजीव और नैना पटले सात साल की शादी के बाद भी संतान सुख से वंचित रहे। इसके बावजूद उन्होंने दूसरों के बच्चों की जिंदगी को रोशन करने का निर्णय लिया। अब यह दंपती उन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जिनकी मांएं घरों में काम करती हैं या दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। वर्तमान में वे करीब 70 बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। अकेली मांएं अपने बच्चों को सुबह दंपती के पास छोड़ आती हैं। जो माता-पिता सक्षम हैं, वे फीस देते हैं; जो नहीं दे सकते, उनके लिए शिक्षा निःशुल्क है। शुरू में यह कोचिंग सेंटर था, लेकिन अब यह डे-बोर्डिंग स्कूल जैसी सुविधा बन गई है। पड़ोसी का सहयोग पटले दंपती को उनकी पड़ोसी रेखा केशरवानी ने अपना खाली घर नि:शुल्क दे दिया। उन्होंने कहा कि यह बच्चों को यह महसूस कराने के लिए है कि वे असली स्कूल में पढ़ रहे हैं। फीस का इस्तेमाल जरूरतमंद बच्चों के लिए राजीव (MBA) और नैना (MA) ने बताया कि उनका इलेक्ट्रिक पंप का बिजनेस 2017-2019 में बंद हो गया। कोविड के दौरान उन्होंने मोहल्ले के बच्चों की पढ़ाई शुरू की। संपन्न परिवारों से मिली फीस से उनका खर्च चलता है और बाकी जरूरतमंद बच्चों के लिए कॉपियां, बैग और ड्रेस खरीदी जाती हैं। व्यक्तिगत संघर्ष और शिक्षा की जिम्मेदारी डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में राजीव की मृत्यु हो गई। नंदिनी राव और अन्य माता-पिता अब बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई के लिए दंपती पर भरोसा करते हैं। नैना मैम ने जिम्मेदारी संभाली और बच्चों की पढ़ाई को सुनिश्चित किया। माँ पद्मिनी यादव ने बताया कि उनकी बेटी गीत और बेटा योग अच्छे अंक ला रहे हैं। दूसरी मां नंदिनी राव कहती हैं कि उनके बच्चों को पहले पिता ने लावारिस छोड़ दिया था, लेकिन अब वे सुरक्षित और पढ़ाई में ध्यान दे रहे हैं।

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रायपुर पुलिस ने हाईटेक ड्रग्स गिरोह पकड़ा: 4 तस्कर गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। काशीराम नगर इलाके में घेराबंदी कर एक ड्रग कुरियर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 5.58 ग्राम एमडीएमए (MDMA) जब्त की गई। यह मामला तेलीबांधा क्षेत्र से जुड़ा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुणाल मंगतानी, सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की कमान दिल्ली में बैठे मुख्य तस्करों के हाथ में थी। हाईटेक ऑपरेशन और डेड ड्रॉप डिलीवरी तस्कर फोन के माध्यम से ऑर्डर लेते और रायपुर में अपने गुर्गों को सक्रिय करते थे। आरोपी मोबाइल टैक्सी और रेपिडो राइडर के तौर पर काम करते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे। वे सीधे हाथों-हाथ ड्रग्स नहीं देते थे। इसके बजाय ‘डेड ड्रॉप’ पद्धति अपनाते थे। ऑर्डर मिलने के बाद ड्रग्स किसी सुनसान या सार्वजनिक जगह पर छुपाई जाती थी और ग्राहक को लाइव लोकेशन या वीडियो भेजी जाती थी। संदेह कम करने के लिए कई बार नाबालिगों के जरिए भी ड्रग्स पहुंचाए जाते थे। बाहरी राज्यों से सप्लाई प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि ड्रग्स की खेप पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और गोवा जैसे राज्यों से ट्रेन, बस और कुरियर के माध्यम से रायपुर लायी जाती थी। पुलिस अब मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर मुख्य सरगनाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। हर डिलीवरी पर पैसा जांच में सामने आया कि दिल्ली में बैठे मुख्य सप्लायर रायपुर में मौजूद गुर्गों को हर डिलीवरी पर 1,000 से 1,500 रुपये देते थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि आरोपियों ने कितनी बार डिलीवरी की और किसके कहने पर यह काम किया। रायपुर क्राइम और साइबर सेल की टीम ने रायपुर में कार्रवाई के बाद दिल्ली में भी रेड मारकर कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्हें रायपुर लाया जा रहा है और आरोपियों के पहुंचने के बाद पूरे मामले का सार्वजनिक खुलासा किया जाएगा।

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गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक सुधार पूरा, रद्द ट्रेनें बहाल; समर स्पेशल भी शुरू

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR), नागपुर मंडल ने गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 (लाइन नंबर 5) पर ‘वॉशेबल एप्रन’ को हटाकर बैलस्टेड ट्रैक में बदलने का काम पूरा कर लिया है। इस काम के पूरा होने के बाद अब यात्रियों की सुविधा के लिए पहले रद्द की गई कई एक्सप्रेस ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। साथ ही, गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी (नागपुर) – शालीमार (कोलकाता) के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। बहाल हुई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें समर स्पेशल ट्रेन विवरण 08865 (इतवारी → शालीमार) 08866 (शालीमार → इतवारी) कोच संरचना: 02 SLRD, 04 जनरल, 10 शयनयान (SL), 03 एसी-3 टियर, 01 एसी-2 टियर, 01 पैंट्री कार, 01 VPU, कुल 21 ICF कोच। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले पीएनआर स्टेटस और ट्रेन समय की पुष्टि 139 नंबर, NTES ऐप, RailYatri ऐप या आधिकारिक वेबसाइट indianrailways.gov.in से जरूर करें। इस सुधार और नई सुविधाओं से छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र-कोलकाता रूट पर यात्रा करने वाले हजारों मुसाफिरों को राहत मिलेगी।

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रायपुर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 159 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संडे नाइट विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर के 8 प्रमुख पॉइंट्स पर सरप्राइज रैंडम चेकिंग के दौरान 159 वाहन चालक नशे की हालत में ड्राइव करते हुए पकड़े गए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, इससे पहले अधिकतम 154 केस दर्ज हुए थे। साल 2026 के पहले तीन महीनों में ही रायपुर पुलिस ने नशे में वाहन चलाने के 1,580 मामलों में कार्रवाई की, जो साल 2025 के पूरे 1,537 मामलों के रिकॉर्ड को पार कर गया। पुलिस अब सभी आरोपियों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कराने के लिए RTO को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। इस अभियान का निर्देशन पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला और डीसीपी विकास कुमार कर रहे हैं। चेकिंग के दौरान ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं। वाहन चालकों को हमेशा सीट बेल्ट और दोपहिया पर हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। बच्चों को किसी भी हालत में वाहन न चलाने दें। आने वाले दिनों में इस अभियान को लगातार जारी रखने की योजना है।

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छत्तीसगढ़ के प्रगतिशील किसान तोरनदास साहू: गोमूत्र से जैविक खेती में सफलता

डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम बगदई के किसान तोरनदास साहू ने रासायनिक खेती छोड़कर 2015 से जैविक खेती अपनाई और अब एक एकड़ में 26 क्विंटल तक धान का उत्पादन कर रहे हैं। उन्हें गोमूत्र के गुणों का अनुभव होने के बाद खेतों में जैविक तरीके से फसल उगाने का तरीका मिला। दिसंबर 2025 में तोरनदास को नई दिल्ली में फार्मर ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। तोरनदास अपनी 3 एकड़ 70 डिसमिल जमीन पर खरीफ और रबी में धान के साथ चना, मसूर, आलू, पत्तेदार सब्जियों की खेती करते हैं। उनके खेतों में गोबर और गोमूत्र से तैयार जैविक खाद, जीवामृत और नीमास्त्र का इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है बल्कि फसल को रोग और कीटों से भी बचाता है। जैविक कीटनाशक और फसल सुरक्षा तोरनदास ने जैविक कीटनाशक ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र तैयार किए हैं। इसमें नीम की पत्तियां, करंज, सीताफल, धतूरे, हरी मिर्च, लहसुन और गोमूत्र का मिश्रण होता है। इसे उबालकर या 48 घंटे के लिए छांव में रखा जाता है और शाम को खेत में छिड़काव किया जाता है। इसके अलावा जीवामृत तैयार करके मिट्टी की गुणवत्ता और बीज उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। लागत और लाभ रासायनिक खेती में प्रति एकड़ खर्च लगभग 20 हजार रुपए होता है, जबकि जैविक खेती में यह केवल 15 हजार रुपए है। डीएपी और यूरिया खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। बेहतर मिट्टी प्रबंधन और जोताई से अतिरिक्त 5 हजार रुपए की बचत होती है। जैविक खेती से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि लागत भी कम होती है और लाभ अधिक होता है। स्थानीय किसानों और प्रशिक्षण तोरनदास के अनुभव से उनके गांव के कमल साहू और श्यामलाल साहू ने भी जैविक खेती अपनाई और कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल किया। उन्होंने लोहे और लकड़ी से दतारी नामक यंत्र बनाया, जो ट्रैक्टर से बेहतर जोताई करता है। इसके अलावा पक्षियों और चूहों को दूर रखने के लिए भी यंत्र विकसित किया। 2023-24 में तोरनदास ने 200 कृषि सखियों को अपने गांव में जैविक खेती का प्रशिक्षण भी दिया।

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रायपुर निगम बजट: पार्षदों का हंगामा और अधूरी वादों पर विवाद

रायपुर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने से पहले सदन में कांग्रेस पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी पार्षद हाथों में वादों के पोस्टर लेकर ‘वादा तेरा वादा’ गाते हुए पहुंचे। इस पर सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने नाराजगी व्यक्त की और तख्तियां हटाने के लिए कहा। विपक्ष ने अपने बिंदु रखते हुए कहा कि पहले अधूरी वादों पर चर्चा हो, उसके बाद ही तख्तियां वापस रखी जाएंगी। इसके अलावा, सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच विपक्षी पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस भी हुई। आवास और अधोसंरचना पूंजीगत व्यय के तहत लगभग 789 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, नालों के ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क चौड़ीकरण और अन्य बुनियादी विकास कार्य शामिल हैं। नगर निगम विज्ञापन से आय बढ़ाने के लिए ऑनलाइन होर्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने और नई विज्ञापन नीति में दरों में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। जल और विद्युत व्यवस्था जल कार्य विभाग के लिए लगभग 68 करोड़ रुपए और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 74 करोड़ रुपए का अनुमान है। इसमें पेयजल आपूर्ति, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। जोन कार्यालयों के माध्यम से करीब 189 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है, जिसमें सफाई, सड़क निर्माण, नाली सुधार और सामुदायिक भवन निर्माण शामिल हैं। लोक निर्माण और बुनियादी सुविधाएं लोक निर्माण विभाग के लिए लगभग 97 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें नालों का निर्माण, सीमेंट रोड, फुटपाथ, चौराहों का विकास और वार्ड कार्यालयों का निर्माण शामिल हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य और फूड विभाग के लिए 77.55 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसमें मच्छर नियंत्रण, आवारा कुत्तों की नसबंदी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सफाई मित्र योजना शामिल हैं। पिछले वर्ष का बजट पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपए था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और लगभग 79 लाख रुपए का अधिशेष अनुमानित था। पिछले बजट में शहर के महानगरीय स्वरूप को ध्यान में रखते हुए उद्योग भवन, राजेंद्र नगर, सरोना और तेलीबांधा में फ्लाईओवर निर्माण, 18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास, CCTV कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली, ऑटोमेटेड पार्किंग, सड़कों का डामरीकरण और वृक्षारोपण के लिए 61 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

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गंगा का जलस्तर बढ़ने से किसानों की फसल डूबी, लाखों का नुकसान

Unnao के बारासगवर थाना क्षेत्र के कटरी इलाके में Ganga River का जलस्तर बढ़ने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। नदी किनारे रेतीली जमीन पर उगाई गई सब्जियों की फसल पानी में डूब गई, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। भगवत नगर विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर गांव में किसानों ने करीब तीन महीने की मेहनत से टिंडा, तरबूज, ककड़ी और खीरे जैसी फसलें तैयार की थीं। ये फसलें लगभग तैयार अवस्था में थीं, लेकिन रात में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से खेत जलमग्न हो गए। प्रभावित किसानों में राम सजीवन, धनीराम और परमेश्वर जैसे कई किसान शामिल हैं। किसान धनीराम के अनुसार, उन्होंने खेती में करीब एक लाख रुपये का निवेश किया था, जो अब डूबता नजर आ रहा है। फसलों के नष्ट होने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। किसान रोहन कुमार ने बताया कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार की थी, लेकिन देखते ही देखते सब कुछ बर्बाद हो गया। बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र के किसानों में चिंता का माहौल है और वे प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

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“लॉकडाउन की अफवाहों से रहें सावधान” – सीएम योगी का बयान, लखनऊ में नर्सिंग स्टाफ को जॉइनिंग लेटर वितरण

Lucknow में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Yogi Adityanath ने नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और विपक्ष पर निशाना साधते हुए अफवाहों से बचने की अपील की। यह कार्यक्रम Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में चयनित अभ्यर्थियों के लिए लोकभवन में आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया, जिनमें पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 20 अभ्यर्थियों को खुद जॉइनिंग लेटर सौंपे, जबकि बाकी को ऑनलाइन भेजे जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो उसके परिणाम भी साफ दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग लॉकडाउन जैसी गलत खबरें फैला रहे हैं, जिससे जनता भ्रमित हो रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब गाड़ी में पेट्रोल मौजूद है, तो बेवजह लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। इसी तरह गैस सिलेंडर को लेकर भी अनावश्यक घबराहट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में भले ही अनिश्चितता का माहौल हो, लेकिन भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने Noida International Airport का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। कार्यक्रम के दौरान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है और यही वजह है कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं।

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