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रायपुर के ब्लू वाटर खदान से दो छात्रों के शव बरामद: क्लास बंक कर घूमने गए थे, गहरे पानी में डूबे; 2017 से अब तक 9 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव 36 घंटे की तलाश के बाद बरामद किए गए हैं। यह हादसा 31 अक्टूबर की शाम को हुआ था, जब कुछ छात्र क्लास बंक कर यहां घूमने पहुंचे थे। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंततः 2 नवंबर की सुबह दोनों छात्रों के शव पानी से बाहर निकाले। स्कूल बंक कर पहुंचे थे खदान में घटना माना थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान जयेश साहू और मृदुल के रूप में हुई है, जो दोनों 10वीं कक्षा के छात्र थे।जानकारी के अनुसार, रायपुर के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध के 9 छात्रों का एक समूह स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। घूमते समय जयेश और मृदुल पानी में उतर गए। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में समा गए। उनके साथियों ने शोर मचाया, लेकिन खदान क्षेत्र सुनसान होने के कारण तुरंत मदद नहीं मिल सकी। अलग-अलग दिन मिले दोनों के शव घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा।अगले दिन 1 नवंबर को जयेश साहू का शव मिला, जबकि 2 नवंबर की सुबह मृदुल का शव बरामद किया गया। घूमने आए छात्रों में मृदुल, जयेश साहू, आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल थे। ब्लू वाटर खदान बना मौत का गड्ढा ब्लू वाटर खदान में यह पहला हादसा नहीं है। वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। यह खदान गहराई में काफी नीचे है और बारिश के मौसम में इसमें पानी भर जाने से यह तालाब जैसा दिखाई देता है। हालांकि, यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर यहां नहाने या घूमने आ जाते हैं। ब्लू वाटर खदान में अब तक हुए प्रमुख हादसे

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अमित बघेल के खिलाफ मुंबई में भी शिकायत दर्ज: भगवान झूलेलाल पर टिप्पणी से सिंधी समाज आक्रोशित, कार्रवाई की मांग तेज

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ अब मुंबई में भी शिकायत दर्ज की गई है। बघेल पर भगवान झूलेलाल, महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को लेकर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है। इस बयान के बाद सिंधी समाज और अग्रवाल समाज ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है, वहीं अब मामला महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। उल्हासनगर थाने में दी गई शिकायत महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी कैलाश महेश सुखरामानी ने अमित बघेल के खिलाफ उल्हासनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई) में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से सिंधी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जनप्रतिनिधियों और समाजों में विरोध तेज इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी अमित बघेल के बयान की निंदा करते हुए कहा कि “किसी भी धर्म या भगवान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच की मांग की। इधर, छत्तीसगढ़ के धमतरी में आक्रोश रैली निकाली गई है, जबकि जगदलपुर में 3 नवंबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ? 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद यह विवाद शुरू हुआ। घटना के विरोध में जब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रदर्शन कर रही थी, उसी दौरान अमित बघेल ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था— “पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती? कौन है अग्रसेन महाराज? चोर है या झूठा? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं मछली वाले भगवान के बारे में।” इस बयान के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज ने राज्यभर में विरोध शुरू कर दिया। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में लोगों ने FIR दर्ज करने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने कई जगहों पर मामला दर्ज किया। अमित बघेल ने कहा – “माफी नहीं मांगूंगा” विवाद बढ़ने और FIR दर्ज होने के बाद अमित बघेल ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगे।उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अपमान हमारे पुरखों का अपमान है। हम सिर्फ अपने हक की बात कर रहे हैं। FIR से पहले किसी ने हमसे बात क्यों नहीं की? दो चिन्हारी नहीं चलेगी, छत्तीसगढ़िया रंग में रंगना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ को जानबूझकर अशांत करने की साजिश रची जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में अब तक 1.70 करोड़ कॉल्स 112 पर: 4 लाख से ज्यादा घायल नागरिकों को मिली समय पर मदद, जानिए कैसे काम करता है पूरा सिस्टम

छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी के वक्त डायल 112 लोगों की पहली पसंद बन चुका है। यह नंबर पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस जैसी आपातकालीन सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराता है। साल 2018 से अब तक राज्य में करीब 1.70 करोड़ कॉल्स इस नंबर पर की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 46 लाख कॉल्स सहायता योग्य पाई गईं। इन्हीं कॉल्स के माध्यम से 4 लाख 27 हजार से अधिक सड़क हादसे के पीड़ितों की जान बचाई गई है। वर्तमान में यह सेवा 17 जिलों में संचालित है, और सरकार जल्द ही बाकी जिलों तक इसे विस्तार देने की तैयारी कर रही है। कैसे काम करता है 112 सिस्टम? रायपुर स्थित सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर में पूरे राज्य की 112 कॉल्स रिसीव की जाती हैं। जब कोई व्यक्ति कॉल करता है, तो कॉल टेकर उसकी जानकारी जैसे – घटना का प्रकार, स्थान और स्थिति – पूछता है। इसके बाद यह जानकारी डिस्पैचर सेक्शन को दी जाती है, जो घटना स्थल के पास मौजूद इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) को निर्देश देता है कि वह तुरंत मौके पर पहुंचे। गाड़ी की मूवमेंट और दूरी की जानकारी स्क्रीन पर ट्रैक की जाती है। घटना स्थल पर सहायता प्रदान करने के बाद टीम क्लोजर रिपोर्ट भेजती है, जिससे केस बंद किया जाता है। एक ही जगह से दो कॉल आने पर क्या होता है? यदि एक ही स्थान से दो लोग कॉल करते हैं, तो कॉल टेकर लोकेशन की क्रॉस-चेकिंग करता है। यदि घटना एक ही है, तो दोनों कॉल्स को एक ही इवेंट में मर्ज कर दिया जाता है। अगर घटनाएं अलग हैं, तो अलग-अलग व्हीकल्स रवाना की जाती हैं। अब सोशल मीडिया से भी मदद संभव डायल 112 सिर्फ कॉल से ही नहीं, बल्कि व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से भी मदद लेता है। यह तब उपयोगी साबित होता है जब किसी स्थिति में कॉल करना संभव नहीं हो पाता। कॉलर की पहचान रहती है गोपनीय सिस्टम में यह सुनिश्चित किया गया है कि कॉल करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। उन्हें न तो केस में गवाह बनाया जाता है और न ही कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए लोग बिना झिझक मदद के लिए कॉल कर सकते हैं। किन जिलों में चल रही है सेवा फिलहाल डायल 112 सेवा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर, कबीरधाम, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, सक्ती, मानपुर-मोहला अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान, गरियाबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सक्रिय है। राज्य सरकार दूसरे चरण में बाकी जिलों में भी इस सुविधा को शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

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छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर दो दिन में पकड़ा गया 12 लाख का गांजा, तीन तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर करीब 12 लाख रुपए मूल्य का गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई में तस्करी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ओडिशा से गांजा भरकर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ले जा रहे थे। पहली कार्रवाई 29 अक्टूबर को हुई, जब नगरनार पुलिस ने ओडिशा से आ रहे एक ट्रक को रोककर जांच की। ट्रक चालक की पहचान मध्यप्रदेश निवासी मुराद साह (30 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी में ट्रक से 73 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 7.3 लाख रुपए आंकी गई। इसके अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को पुलिस ने ओडिशा की ओर से आ रही एक कार को रोका। जांच में 46.37 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 4.6 लाख रुपए बताई गई। कार में सवार दो युवकों मोहम्मद शोएब (24) और मुर्शीद (35), दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, को गिरफ्तार किया गया। बस्तर के एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि राज्य की सीमा पर लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा ताकि ऐसे तस्करों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।

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ट्रेन में सिलेंडर लेकर 106 किमी का सफर, बिलासपुर स्टेशन पर पकड़ा गया युवक

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में आरपीएफ ने एक युवक को घरेलू गैस सिलेंडर के साथ गिरफ्तार किया है। युवक ने यह सिलेंडर ट्रेन में रखकर करीब 106 किलोमीटर की दूरी तय की थी। देर रात स्टेशन पहुंचने के बाद उसने सिलेंडर को प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था, लेकिन सुबह बाहर निकालने की कोशिश करते समय वह पकड़ा गया। घटना गुरुवार सुबह की है। आरपीएफ के जवानों ने बिलासपुर स्टेशन पर एक युवक को प्लास्टिक की बोरी लेकर बाहर जाते देखा। शक होने पर जब बोरी की जांच की गई, तो उसके अंदर इंडेन कंपनी का लाल रंग का गैस सिलेंडर मिला। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह रायगढ़ जिले के राबर्टसन रेलवे स्टेशन से सिलेंडर लेकर लोकल ट्रेन से बिलासपुर आया था। आरोपी की पहचान खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम चपले निवासी शिव शंकर सारथी (21 वर्ष), पिता ननकी राम सारथी के रूप में हुई है। उसने बताया कि रात अधिक हो जाने के कारण उसने सिलेंडर प्लेटफॉर्म पर छिपा दिया था और सुबह भीड़ का फायदा उठाकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। आरपीएफ ने मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की है और जांच जारी है कि सिलेंडर को ट्रेन में लाने का उद्देश्य क्या था।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

दुर्ग जिले के नंदनी नगर थाना क्षेत्र के चर्चित भुईया पोर्टल हैकिंग केस में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीसीयू (साइबर क्राइम यूनिट) और नंदनी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।

आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने भुईया सॉफ्टवेयर में अवैध रूप से छेड़छाड़ कर भूमि का रकबा बढ़ाया और इसी फर्जीवाड़े के जरिए 36 लाख रुपए का बैंक लोन हड़प लिया। इसके लिए उन्होंने मुरमुंदा ग्राम के पटवारी की यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का गलत इस्तेमाल किया। फर्जी रकबा बढ़ाकर लिया लोन जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खसरा नंबर 1538/11 और 187/04 के रिकॉर्ड में ऑनलाइन हेरफेर की। इससे जमीन का मूल्य कृत्रिम रूप से बढ़ा और उसके आधार पर बैंक से लोन स्वीकृत हो गया। पैसों के लालच में किया खेल मुख्य आरोपियों की पहचान गणेश प्रसाद तम्बोली (51) और अमित कुमार मौर्य (37) के रूप में हुई है। दोनों ने अपने परिचित अशोक उरांव के कहने पर यह काम किया, जिसने उन्हें भूमि डेटा में हेरफेर करने के बदले राशि देने का ऑफर किया था। दोनों ने पटवारी का लॉगिन डिटेल्स हासिल कर भुईया पोर्टल में डेटा में बदलाव किया। इस फर्जी रकबे के आधार पर दीनू राम यादव और एस.राम बंजारे समेत कई लोगों ने भारतीय स्टेट बैंक, अहिवारा शाखा से लगभग 36 लाख रुपए का लोन ले लिया। पहले भी एक गिरफ्तारी इससे पहले पुलिस आरोपी नंदकिशोर साहू को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब नए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 201/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के प्रावधानों में की गई है।

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बिलासपुर में कांग्रेस नेता पर फायरिंग केस में नया खुलासा: रसूखदारों के नाम आए सामने, पुलिस ने शुरू की एंड टू एंड कार्रवाई

बिलासपुर में कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया है कि इस हमले के पीछे स्थानीय रसूखदारों की भूमिका भी हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम बताए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। 🔹 चुनावी रंजिश और जमीन विवाद से जुड़ा मामला यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। 28 अक्टूबर की शाम कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत और उसके साथियों ने जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर हमला किया था। हमलावरों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की, जिसमें नीतेश समेत दो अन्य लोग घायल हुए। जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे जनपद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हार और जमीन विवाद प्रमुख कारण थे। नीतेश की जीत से नाराज गुट ने यह हमला योजना बनाकर कराया था। 🔹 मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि चार आरोपियों को दो नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे यह जानकारी जुटा रही है कि पिस्टल, कट्टा और कारतूस कहां से और किसके जरिए मिले। 🔹 रसूखदारों और हथियार सप्लायर गैंग की तलाश पूछताछ में पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। आरोपियों ने बताया है कि शहर में कुछ प्रभावशाली लोग हथियारों की सप्लाई और आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन दावा है कि जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा। इस बीच, पुलिस अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह की भी तलाश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे कई नाम सामने आए हैं जो लंबे समय से इस कारोबार से जुड़े हैं। 🔹 बाइक बरामद, साक्ष्य जुटा रही पुलिस एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा ने बताया कि सभी आरोपियों के मेमोरेंडम बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिन्हें घटना के बाद अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था। ACCU की टीम अब इस केस में तकनीकी और भौतिक साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। 🔹 पुलिस की तैयारी — एंड टू एंड एक्शन बिलासपुर पुलिस का कहना है कि इस फायरिंग केस में एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। यानी केवल शूटर ही नहीं, बल्कि साजिश रचने वालों और हथियार सप्लाई करने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ा हथियार सप्लायर नेटवर्क उजागर किया जाएगा और अवैध हथियारों की बरामदगी भी संभव है।

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रायपुर मेकाहारा अस्पताल में अव्यवस्था: एक ही बेड पर दो प्रसूताएं, हाईकोर्ट ने जताई नारा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (मेकाहारा) अस्पताल में लापरवाही और संसाधनों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। यहां एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को भर्ती करने का मामला सामने आया है। 29 अक्टूबर को अस्पताल के गायनी वार्ड में सभी 150 बेड भरे हुए थे। ऐसे में मजबूर होकर वार्ड नंबर 5 और 6 में दो-दो महिलाओं को एक ही बेड पर रखा गया। दोनों प्रसूताएं अपने नवजात शिशुओं के साथ बमुश्किल बेड का आधा हिस्सा साझा कर रहीं थीं। 🔹 हाईकोर्ट ने जताई गहरी चिंता मेकाहारा की इस अव्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा — “एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को रखना बेहद चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है। प्रसूताओं की गोपनीयता, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा आवश्यक है।” मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) से शपथपत्र के साथ रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अस्पतालों में किट और रीजेंट की कमी पर CG-MSC के प्रबंध निदेशक से जवाब मांगा गया है। 🔹 हर घंटे एक डिलीवरी, बेड फुल अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गायनी वार्ड में हर घंटे लगभग एक डिलीवरी होती है, यानी दिनभर में करीब 24 प्रसव किए जाते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार बेड की भारी कमी हो जाती है। 🔹 मातृ-शिशु अस्पताल बनाने की तैयारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि मेकाहारा में पूरे प्रदेश से मरीज रेफर होकर आते हैं। किसी भी प्रसूता को वापस नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि जल्द ही अलग से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बेड की कमी दूर की जा सके। 🔹 हाईकोर्ट ने खबर को माना जनहित याचिका 30 अक्टूबर को एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि अस्पताल में फैली अव्यवस्था महिलाओं और नवजातों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। 🔹 परिजनों का गुस्सा, अस्पताल में हंगामा एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती किए जाने पर मरीजों के परिजनों ने विरोध जताया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा भी किया। बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अस्पताल में पहले भी सर्जरी में देरी, अव्यवस्था और भीड़भाड़ जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

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रायपुर में क्रांति सेना के 1000 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अमित बघेल समेत पदाधिकारी हिरासत में

रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद के बीच पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के करीब 1,000 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें संगठन के अध्यक्ष अमित बघेल और कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को महादेव घाट रोड स्थित चंद्राकर हॉस्टल में रखा गया है, जहां बाहर से पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्यकर्ता शहर में बंद करवाने के लिए निकले थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। हालांकि, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते रायपुर के ज्यादातर बाजार और दुकानें खुले रहे। 🔹 विवाद की शुरुआत कैसे हुई 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। अगले दिन प्रदर्शन के दौरान, अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उनके बयान — “इनकी मूर्तियां क्यों नहीं टूटतीं, कौन हैं अग्रसेन महाराज?” — के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। रायगढ़, सरगुजा और रायपुर समेत कई जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। 🔹 रायगढ़ में नया विवाद अमित बघेल के बयान के बाद रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक युवक विजय राजपूत ने गुरु घासीदास जी पर अपशब्द कहे। शराब के नशे में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज ने विरोध जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, सिंधी समाज ने भी आरोपी को अपने समाज से निष्कासित कर दिया है। 🔹 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का रुख पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ना केवल एक मूर्तिभंजन की घटना नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और आस्था पर हमला है। उन्होंने सभी संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण बंद में शामिल होने की अपील की। 🔹 अग्रवाल समाज की प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह बंद अनुचित है, लेकिन बाबा घासीदास जी के अपमान पर जिन्होंने भी आपत्तिजनक बयान दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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रायपुर स्पा सेंटर में डकैती: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.20 लाख रुपए लूटकर DVR भी ले गए

रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक वेलनेस स्पा सेंटर में डकैती की वारदात सामने आई है। बदमाशों ने सेंटर के मैनेजर को बंधक बनाकर 1.20 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 26 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे की है। सन्नी मनवानी (36) ने शिकायत में बताया कि करीब 8 लोग अचानक स्पा सेंटर में घुस आए। उन्होंने उसे और मैनेजर को बंधक बनाकर गल्ले से 20 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद दो आरोपी उसे बाइक से एटीएम ले गए और वहां से 50 हजार रुपए निकलवाए। फिर एक पेट्रोल पंप में क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर 50 हजार रुपए और लूट लिए। फरार होने से पहले आरोपियों ने CCTV कैमरे का DVR भी अपने साथ ले लिया ताकि सबूत न मिल सके। पुलिस ने क्राइम ब्रांच और न्यू राजेन्द्र नगर थाना टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों — धनराज चौधरी ऊर्फ हनी, गुरविंदर सिंह और नवजोत सिंह भामरा — को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई रकम और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। तीनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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