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रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन: CM विष्णुदेव साय समेत कई दिग्गज शामिल, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि और एकता का संदेश

देश के लौहपुरुष और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायपुर में “रन फॉर यूनिटी” का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, विद्यार्थी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री चौक से हुई, जहां उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एकता मार्च शारदा चौक तक पहुंचा, जहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बना आयोजनहर वर्ष की तरह इस बार भी “रन फॉर यूनिटी” का उद्देश्य सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। इस आयोजन का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी शहर जिला इकाई और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संयुक्त रूप से किया। युवाओं के लिए प्रेरणा का अवसरकार्यक्रम में शामिल युवाओं को सरदार पटेल के विचारों और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल अपनी दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चय के कारण भारत के “लौह पुरुष” कहलाए। उन्होंने बिखरे हुए रियासतों को एक सूत्र में बांधकर देश की एकता की नींव रखी। विविधता में एकता हमारी शक्ति – CM सायमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और “विविधता में एकता” हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एकता के इस पर्व को मनाया जा रहा है। साय ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सब मिलकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करेंगे। उन्होंने युवाओं के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह जोश राष्ट्रप्रेम और सरदार पटेल के आदर्शों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा, और छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, PM मोदी ने की सराहना

गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड में इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी ने सबका दिल जीत लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तुत की गई झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” थीम पर आधारित थी। परंपरा और विकास का संगम दर्शाती इस झांकी ने न सिर्फ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी में दिखाया गया बस्तर नए भारत के समावेशी विकास की प्रेरणादायक झलक है। लोकसंस्कृति और विकास की अनोखी प्रस्तुतिझांकी के अग्रभाग में माड़िया जनजाति के कलाकारों ने पारंपरिक गौर नृत्य के माध्यम से बस्तर की लोकसंस्कृति और सामूहिकता की झलक प्रस्तुत की। वहीं, तुरही और नंदी की आकृतियों ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और शिव भक्ति की परंपरा को जीवंत किया। “संघर्ष से विकास” की कहानी कहता मध्य भागझांकी के मध्य भाग में बस्तर की विकास यात्रा को दिखाया गया — जहां कभी नक्सलवाद का असर था, वहीं अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह क्षेत्र “बंदूक नहीं, विकास” की नई पहचान बना रहा है। महिलाओं की भूमिका और ढोकरा कला की छटाअंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा ने बस्तर की नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक प्रस्तुत किया। पूरी झांकी ढोकरा धातु कला से सजाई गई थी, जो बस्तर के पारंपरिक शिल्प की सुंदर झलक दिखाती है। आज का बस्तर अब केवल संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मॉडल बन चुका है। गांवों में बिजली, इंटरनेट, शिक्षा और रोजगार अब आम दृश्य हैं। महिलाएं वनोपज और हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जबकि युवा “नए भारत” के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया झांकी का संदेश – “भय से विश्वास की ओर”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झांकी का मुख्य विषय “बदलता बस्तर: संघर्ष से विकास की ओर” है, जो बस्तर की नई दिशा और राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बस्तर अब शांति, प्रगति और समृद्धि की राह पर अग्रसर है। राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयनछत्तीसगढ़ की झांकी का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने किया। मौलिकता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की झलक के आधार पर देशभर की झांकियों में इसे प्रमुख स्थान दिया गया। अंतिम सूची में एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियां भी शामिल थीं। छत्तीसगढ़ की “बदलता बस्तर” झांकी ने अपनी कलात्मकता और “नए बस्तर – नए भारत” के संदेश से पूरे देश में छाप छोड़ी।

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अंबेडकर अस्पताल में एंबुलेंस संचालकों की गुंडागर्दी: मरीज के परिजन से मारपीट, पुलिस की मौजूदगी में शांत हुआ मामला

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार देर रात अस्पताल के मेन गेट पर एंबुलेंस चालकों और मरीज के परिजनों के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालकों ने न केवल परिजनों से हाथापाई की, बल्कि चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल चौकी और मौदहापारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। अगले दिन दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार से आए मरीज के परिजन अस्पताल के गेट नंबर-1 के पास चाय पी रहे थे। तभी वहां मौजूद कुछ एंबुलेंस संचालकों ने किसी बात पर बहस शुरू कर दी और झगड़ा मारपीट में बदल गया। इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि अस्पताल परिसर में ये प्राइवेट एंबुलेंस किसकी अनुमति से खड़ी रहती हैं? अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ा करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद मेन गेट के आसपास कई एंबुलेंसें हमेशा खड़ी रहती हैं। मेन गेट पर प्राइवेट एंबुलेंस का कब्जा, मरीजों से मनमाना किरायाअस्पताल के बाहर दर्जनों प्राइवेट एंबुलेंस और ऑटो चालक हर समय खड़े रहते हैं। इनमें से कई चालक मनमाने किराए वसूल रहे हैं। भास्कर टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निजी अस्पताल तक ले जाने के लिए 500 रुपए की मांग की गई। वहीं धमतरी ले जाने का किराया 4000 रुपए बताया गया। निजी अस्पतालों के एजेंट सक्रियसूत्रों के अनुसार, अंबेडकर अस्पताल में कुछ एजेंट सक्रिय हैं जो मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करवाने का काम करते हैं। बदले में इन्हें कमीशन दिया जाता है। बताया जाता है कि ऐसे तीन एजेंट अस्पताल परिसर में लगातार घूमते रहते हैं। “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” के नाम पर ग्रुप बना4 से 6 एंबुलेंस संचालकों ने “मेकाहारा एंबुलेंस संघ” नाम से एक समूह भी बना लिया था। अस्पताल प्रबंधन को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत इस नाम का उपयोग न करने की चेतावनी दी। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को लिखा पत्रअस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र भेजकर सभी प्राइवेट एंबुलेंस को अस्पताल गेट से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा गार्डों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी निजी वाहन को अस्पताल परिसर में पार्क नहीं करने दिया जाए।

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रायपुर में धरना-प्रदर्शन पर अब लगेगा शुल्क: संगठनों ने बताया लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश

रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर धरना-प्रदर्शन या पंडाल लगाने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा। रायपुर नगर निगम ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी धरना या प्रदर्शन के आयोजन के लिए 500 रुपए का शुल्क देना अनिवार्य होगा। वहीं, पंडाल लगाने पर 5 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से राशि वसूली जाएगी। पहले से ही नवा रायपुर के तूता धरनास्थल पर प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है, ऐसे में नगर निगम के इस फैसले का कई संगठनों और नेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि नगर निगम को धरना या प्रदर्शन के दौरान सफाई और व्यवस्थाओं पर खर्च उठाना पड़ता है, इसलिए यह शुल्क लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान रूट की जानकारी निगम को पहले देनी होगी ताकि सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। वहीं, किसान नेता तेजराम विद्रोही ने इस फैसले को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया और कहा कि अगर जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो विरोध और तेज होगा। उन्होंने आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल 500 रुपए शुल्क तय किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 1000 रुपए तक किया जा सकता है। निगम की सामान्य सभा ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है। इधर, नवा रायपुर के अटल नगर में रखरखाव कार्यों के चलते दो महीने तक धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है और अन्य किसी भी स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

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छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा का VIDEO: इको-फ्रेंडली डिजाइन, बस्तर-सरगुजा आर्ट से सजी बिल्डिंग; 120 विधायकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे। इस भवन की नींव 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी और करीब 5 साल बाद यह भव्य भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है। 🔹 पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 20.78 हेक्टेयर क्षेत्र में बना यह भवन पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। इसका वास्तुशिल्प पारंपरिक छत्तीसगढ़ी शैली के साथ-साथ आधुनिकता का मिश्रण है। इसमें गुम्बदनुमा संरचना राष्ट्रपति भवन जैसी झलक देती है। 🔹 भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखी गई क्षमता वर्तमान में प्रदेश में 90 विधायक हैं, लेकिन नई विधानसभा में 120 विधायकों की बैठक व्यवस्था की गई है। भवन परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। 🔹 तीन ब्लॉकों में विभाजित संरचना नई विधानसभा तीन ब्लॉकों — A, B और C — में तैयार की गई है। 🔹 बस्तर और सरगुजा कला की झलक भवन के कॉरिडोर और आर्ट गैलरी को बस्तर और सरगुजा की पारंपरिक कला से सजाया गया है। परिसर में गार्डन और लैंडस्केपिंग के लिए वास्तुशास्त्र के अनुसार पौधे लगाए जा रहे हैं। 🔹 अत्याधुनिक सुविधाएं नई विधानसभा में हाईटेक लाइब्रेरी, 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम, सेंट्रल हॉल, VIP लाउंज, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों के लिए अलग टॉयलेट, कैंटीन, और लिफ्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 🔹 ऊर्जा और जल संरक्षण की व्यवस्था भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें ऊर्जा व जल संरक्षण प्रणाली, पेपरलेस वर्क सिस्टम, और सौर ऊर्जा उपयोग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। 🔹 पुराने भवन से मिली सीख पुराना विधानसभा भवन शहर के बीचोंबीच होने के कारण ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्याओं से घिरा था। नई विधानसभा को मंत्रालय और संचालनालय के करीब रखा गया है ताकि कामकाज में सुगमता रहे। 🔹 निर्माण लागत और समय भवन के निर्माण में लगभग 273 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे पहले 394 करोड़ के डीपीआर के आधार पर प्लान किया गया था, जिसे बाद में घटाकर स्वीकृत किया गया।

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रायपुर में लूटपाट की कोशिश का VIDEO वायरल: साइकिल से लौट रहे युवक पर बदमाशों का हमला, जान बचाकर भागा पीड़ित

रायपुर में एक बार फिर बदमाशों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में मारपीट और लूटपाट की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। अब सरस्वती नगर थाना क्षेत्र से ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ अज्ञात बदमाशों ने साइकिल से घर लौट रहे युवक पर हमला कर दिया। मामला कोटा-गुढियारी रोड का बताया जा रहा है। बीती रात करीब 11 बजे, युवक साइकिल से अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उसे रोक लिया। उन्होंने युवक के साथ मारपीट करते हुए लूटपाट की कोशिश की। किसी तरह पीड़ित मौके से भाग निकला और अपनी जान बचाई। 🔹 इलाके में दहशत का माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने घटना के दौरान चाकू लहराते हुए लोगों में डर फैलाया और फिर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में भय और नाराजगी दोनों देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त बहुत कम होती है, जिसके चलते अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 🔹 पुलिस ने जांच शुरू की घटना की सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

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देशभर में चलेंगी 100 नई अमृत भारत ट्रेनें, रायपुर को भी मिलेगा बड़ा तोहफा

भारतीय रेलवे अगले कुछ वर्षों में देश में 200 वंदे भारत, 100 अमृत भारत ट्रेनें और 50 नमो भारत रैपिड रेल शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में अब रायपुर रेल मंडल का नाम भी जुड़ गया है। जानकारी के मुताबिक, रायपुर को पहले चरण में ही चार नई अमृत भारत ट्रेनों का लाभ मिल सकता है। इनमें हावड़ा, मुंबई, जयपुर और कामाख्या (असम) के रूट शामिल हैं। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की संभावना है। 🔹 रायपुर से पहली बार बनेगी पूर्वोत्तर भारत से सीधी कनेक्टिविटी रायपुर-कामाख्या (असम) के बीच अमृत भारत ट्रेन शुरू होने से पहली बार राजधानी की सीधी ट्रेन सेवा पूर्वोत्तर भारत तक पहुंचेगी। यह मार्ग यात्रियों की संख्या के लिहाज से बेहद लाभकारी रहेगा। 🔹 मुंबई-हावड़ा रूट पर प्रीमियम यात्रा का अनुभव मुंबई और हावड़ा रूट पर ट्रेनें शुरू होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा और भी तेज़, आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। फिलहाल रायपुर से केवल नागपुर और विशाखापट्टनम के लिए वंदे भारत चल रही है, लेकिन जल्द चार नई अमृत भारत ट्रेनें जुड़ सकती हैं। 🔹 जयपुर और असम के लिए वंदे भारत प्रस्तावित रेलवे ने रायपुर से जयपुर और असम के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस भी प्रस्तावित की है। इन नई सेवाओं के शुरू होने से यात्रियों के पास 4 से अधिक प्रीमियम ट्रेनों का विकल्प होगा, जिससे टिकट बुकिंग में भी आसानी होगी। ट्रेन का नाम यात्रा का प्रकार विशेषताएं अमृत भारत लंबी दूरी (1 दिन से अधिक) अधिक सुविधाएं और आरामदायक सफर वंदे भारत एक दिन में पूरी यात्रा तेज़ गति और लग्जरी कोच रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही नए रैक तैयार होंगे, ट्रेनों को इन रूटों पर चला दिया जाएगा। शुरुआती सूची में रायपुर का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

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मित बघेल बोले- मारवाड़ी-सिंधी समाज ने छत्तीसगढ़ के लिए क्या किया, माफी पर कहा- जैसा करोगे वैसा पाओगे

छत्तीसगढ़ में उस समय राजनीतिक हलचल मच गई जब जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने मारवाड़ी और सिंधी समाज को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। यह मामला तब शुरू हुआ जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़ने की घटना के बाद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बघेल के बयान से मारवाड़ी और सिंधी समाज के लोग नाराज़ हो गए और प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। रायपुर और सरगुजा में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। बघेल ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वीर नारायण सिंह, डॉ. खूबचंद बघेल और गुरु घासीदास जैसे महान व्यक्तियों की मूर्तियों का अपमान किया गया, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा — “छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति की गर्दन काट दी गई और सरकार ने आरोपी को पागल बताया। क्या जनता पागल है या सरकार?” भावनाएं आहत होने के सवाल पर बघेल ने कहा — “हमारी प्रतिक्रिया आक्रोश में थी। यह अपमान सीधे छत्तीसगढ़ के पुरखों का अपमान है। बाहर से आने वाले लोगों को यहां उद्योग, टिकट और सम्मान मिलता है, लेकिन वे हमारी संस्कृति नहीं समझते।” उन्होंने धार्मिक आयोजनों में दिखावे और अश्लीलता पर भी सवाल उठाए — “छठ पूजा में अश्लील डांस होता है, गरबा में फिल्मी गाने चलते हैं — यह कैसी धार्मिकता है?” 31 अक्टूबर के रायपुर बंद को लेकर बघेल ने कहा कि यह शांतिपूर्ण बंद होगा और सभी समाजों से समर्थन की अपील की जाएगी ताकि यह संदेश जाए कि “छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” “छत्तीसगढ़िया कौन?” इस सवाल पर उन्होंने कहा — “दो चिन्हारी नहीं चलेगी। जो यहां रहता है उसे पूरी तरह छत्तीसगढ़िया बनना होगा। मैं पंजाबी हूं पर छत्तीसगढ़िया हूं — यह सही नहीं है।” हालांकि बघेल ने दाऊ कल्याण सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ के सच्चे पुत्र हैं और उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। माफी की मांग पर बघेल ने कहा — “अगर वे मुझे अपना मानते तो FIR से पहले बातचीत करते। गलती मेरी हो या उनकी, बात करने से ही हल निकलता है। ताली एक हाथ से नहीं बजती। प्यार दोगे तो प्यार मिलेगा, दुश्मनी करोगे तो वैसा ही लौटेगा।”

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बिलासपुर गोलीकांड: कांग्रेस में वर्चस्व की जंग में चली गोलियां — नितेश सिंह की हत्या की साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड युवा कांग्रेस का पूर्व उपाध्यक्ष निकला

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाल ही में हुए गोलीकांड ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को हिला कर रख दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत का हाथ था, जिसने राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद के चलते कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह की हत्या की साजिश रची थी। विश्वजीत और उसके साथियों ने पहले दो बार हत्या की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। तीसरी बार, 28 अक्टूबर की शाम उन्होंने नितेश सिंह के मस्तूरी स्थित ऑफिस के बाहर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हालांकि, हमले में नितेश बाल-बाल बच गए और उनके साथियों को मामूली चोटें आईं। 24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही मास्टरमाइंड विश्वजीत अनंत, उसके भाइयों और साथियों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि हमले के दौरान 14 राउंड फायरिंग की गई थी। अगर हमलावर प्रोफेशनल शूटर होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने मौके से दो देसी पिस्टल, एक कट्टा, कई कारतूस और मैगजीन बरामद किए हैं। राजनीतिक वर्चस्व और जमीन विवाद से उपजी रंजिश जांच में सामने आया है कि आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के बीच राजनीतिक गुटबाजी और जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था। नितेश ने जनपद उपाध्यक्ष चुनाव में नागेंद्र राय को हराया था, जो अब विपक्षी गुट में हैं। पुलिस का मानना है कि इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता और वर्चस्व की लड़ाई ने इस घटना को जन्म दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरोपी के मंत्री और धार्मिक गुरुओं के साथ फोटो गिरफ्तारी के बाद विश्वजीत अनंत के सोशल मीडिया अकाउंट से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें वह राज्य सरकार के मंत्री और समाज के धार्मिक गुरुओं के साथ दिखाई दे रहा है। इनमें मंत्री खुशवंत साहेब के साथ उसके करीबी संबंधों की झलक मिलती है। यह भी सामने आया कि घटना के बाद विश्वजीत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो स्टोरी अपलोड की, जिसमें वह कार चलाते हुए बैकग्राउंड में “बंदूक लाठी चाहे गोली बरसाए” गाने पर रील बना रहा था। पुलिस जुटा रही हथियारों के स्रोत की जानकारी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों को हथियार और कारतूस कहां से मिले। एसएसपी ने कहा है कि अवैध हथियार सप्लाई चेन से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भी पहचान कर रही है।

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बिलासपुर में नर्सिंग छात्रा ने की खुदकुशी: क्लास के बाद लौटी अकेले, हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटकती मिली; मोबाइल पर आते थे अनजान कॉल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार की शाम मस्तूरी थाना क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान 22 वर्षीय यामिनी कोसले, निवासी लोहर्सी गांव (पचपेड़ी) के रूप में की गई है। यामिनी संदीपनी नर्सिंग कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा थी और पेंड्री स्थित एक निजी हॉस्टल में रहती थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को यामिनी अपनी सहेलियों के साथ कॉलेज गई थी। क्लास खत्म होने के बाद वह दोपहर में सहेलियों से पहले हॉस्टल लौट आई। शाम करीब साढ़े छह बजे जब बाकी छात्राएं हॉस्टल पहुंचीं, तो उन्होंने यामिनी को कमरे के पंखे से लटकता पाया। तुरंत इसकी सूचना हॉस्टल संचालक और पुलिस को दी गई। मौके पर नहीं मिला सुसाइड नोट, मौत की वजह बनी रहस्य पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। अनजान नंबरों से आ रहे थे फोन, पुलिस कर रही कॉल डिटेल जांच जांच में सामने आया है कि यामिनी को पिछले कुछ दिनों से अनजान नंबरों से फोन कॉल आ रहे थे। पुलिस ने इन कॉल्स को लेकर परिजनों से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी भी नंबर को पहचानने से इनकार किया। थाना प्रभारी हरीश टांडेकर ने बताया कि छात्रा का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

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