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कोरबा में प्रदूषण और टूटी सड़कों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: कंपनियों और पीडब्ल्यूडी को दो हफ्ते में स्थायी समाधान का रोडमैप तैयार करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले में बढ़ते प्रदूषण और बदहाल सड़कों पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि फ्लाई ऐश, धूल और जर्जर सड़कों से आम नागरिकों को हो रही परेशानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कंपनियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) को दो सप्ताह के भीतर इन समस्याओं का स्थायी समाधान तैयार करने का आदेश दिया है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहले कोर्ट कमिश्नर रविंद्र शर्मा को कोरबा की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि माणिकपुर माइंस तक जाने वाली सड़कों पर कीचड़, फ्लाई ऐश और धूल फैली हुई है। भारी वाहनों के कारण न केवल जाम की स्थिति बनती है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। हाईकोर्ट ने कहा – जर्जर सड़कें ही प्रदूषण और हादसों की जड़ कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सड़कों की खराब स्थिति ही क्षेत्र में प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और हादसों का मुख्य कारण है। अदालत ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि वे तुरंत सड़क निर्माण का काम शुरू करें और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। पर्यावरण मंडल का जवाब – उद्योगों से वसूला गया 1.43 करोड़ का जुर्माना मुख्य सचिव और पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कोर्ट को बताया कि बीते दो वर्षों में प्रदूषण मानकों और परिवहन नियमों के उल्लंघन पर औद्योगिक इकाइयों से 1.43 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा वसूला गया है। साथ ही फ्लाई ऐश के परिवहन की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है। एनटीपीसी और बालको से मांगा शपथ पत्र, सभी उद्योगों की बैठक बुलाने के आदेश हाईकोर्ट ने एनटीपीसी और बालको के चेयरमैन को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें फ्लाई ऐश प्रबंधन और सड़क रखरखाव से संबंधित कार्रवाई का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके अलावा, एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको और लैंको समेत सभी प्रमुख उद्योगों को पर्यावरण मंडल और राज्य सरकार के साथ मिलकर दो सप्ताह के भीतर एक संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में फ्लाई ऐश के स्थायी प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और सड़कों के सुधार के लिए एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए कोरबा नगर निगम को भी इसमें शामिल किया गया है।

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Chhattisgarh, State

रेल पर मोंथा तूफान का असर: 10 दिन में दूसरी बार भूस्खलन, सुरंग के अंदर गिरे बोल्डर, सुबह तक बहाल हुआ रेल यातायात

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मोंथा अब भी अपना असर दिखा रहा है। दस दिनों के भीतर एक बार फिर किरंदुल-कोत्तवालसा रेललाइन पर भूस्खलन हुआ है। इस बार हादसा टायडा-चिमिड़ीपल्ली के बीच हुआ, जहां सुरंग के अंदर बड़े-बड़े बोल्डर पटरियों पर गिर पड़े। यह घटना मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात हुई। सौभाग्य से उस समय कोई ट्रेन इस रूट से नहीं गुजर रही थी। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह तक बोल्डर हटा दिए गए और रेल यातायात को बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मोंथा तूफान के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन की स्थिति बन रही है। वाल्टेयर रेलमंडल ने एहतियात के तौर पर बुधवार को 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसी जगह पर 10 दिन पहले भी भूस्खलन हुआ था, जब एक बड़ा पत्थर पटरियों पर गिरा था और उसे हटाने में कई घंटे लगे थे। टायडा-चिमिड़ीपल्ली सेक्शन में 10 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है, जिससे यह इलाका भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है। बावजूद इसके, वाल्टेयर रेलमंडल अब तक इस सेक्शन में रोकथाम की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर सका है। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार, चक्रवाती तूफान मोंथा उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और वर्तमान में जगदलपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। इसके आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने तथा अवदाब में बदलने की संभावना है। गुरुवार को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वाल्टेयर रेलमंडल ने तूफान के चलते 8 ट्रेनों को रद्द, 3 ट्रेनों को री-शेड्यूल और 5 ट्रेनों को डायवर्ट किया है। विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस को गुरुवार के लिए भी रद्द रखा गया है। इधर बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बीते 24 घंटों में 13 मिमी बारिश दर्ज हुई है और हवा में नमी का स्तर 89% तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।

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Chhattisgarh, Raipur, State

रायगढ़ में सिंधी समाज ने जोहार छत्तीसगढ़ प्रमुख अमित बघेल पर FIR की मांग की, SP को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सिंधी समाज ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। समाज के सैकड़ों सदस्य मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और SP दिव्यांग पटेल को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि अमित बघेल ने एक मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज के इष्ट देव भगवान झूलेलाल और भगवान वरुण देव के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह बयान समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बघेल ने सिंधी समाज को “पाकिस्तानी” कहकर अपमानित किया है। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज के आस्था प्रतीक महाराजा अग्रसेन, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान व्यक्तित्वों पर भी अभद्र टिप्पणियां की हैं। समाज के लोगों का कहना है कि ऐसे बयान से न केवल सिंधी समाज बल्कि देशभर के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाज उग्र आंदोलन करने पर विवश होगा। SP दिव्यांग पटेल ने बताया कि समाज के लोगों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। पुलिस आवेदन की जांच कर रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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भिलाई में युवती से साइबर ठगी: बांग्लादेश के नंबर से मिली धमकी, एडिट फोटो वायरल करने की दी चेतावनी

भिलाई की एक युवती ऑनलाइन लोन ऐप के जाल में फंस गई और बांग्लादेश के नंबर से कॉल करने वाले ठगों का शिकार बन गई। युवती ने मोबाइल पर लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐप इंस्टॉल करते समय उसने अपने फोन का पूरा एक्सेस दे दिया। इसके बाद ठगों ने उसकी तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक बनाते हुए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मामला दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, युवती ने सोशल मीडिया पर दिखे एक लोन ऐप का विज्ञापन देखकर उसे डाउनलोड किया। ऐप ने मोबाइल गैलरी, कॉन्टेक्ट और फाइल्स तक पहुंच मांगी, जिसे युवती ने अनुमति दे दी। इसके बाद उसने लोन के लिए जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपलोड किए, लेकिन लोन की राशि नहीं मिली। कुछ दिनों बाद उसे बांग्लादेश के नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आने लगी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लोन कंपनी का प्रतिनिधि बताया और किश्त भरने का दबाव डालने लगा। जब युवती ने कहा कि उसे कोई लोन नहीं मिला है, तो आरोपी ने उसकी फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक बना दिया और वायरल करने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने 6 हजार रुपये ठगों को भेज दिए। एक बार भुगतान करने के बाद ठग लगातार और पैसे मांगने लगे। तब युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसने जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच साइबर क्राइम सेल को सौंप दी है। थाना प्रभारी रामेन्द्र कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट की सलाह:

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

दुर्ग में बारिश से खेतों में सड़ रही धान की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता – जलभराव और कीट प्रकोप से बढ़ा खर्च

दुर्ग जिले में मौसम की अनिश्चितता और अक्टूबर तक जारी बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पकने की स्थिति में पहुंच चुकी धान की फसल अब खेतों में गिरने और सड़ने लगी है। कई इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ रहा है। दुर्ग, पाटन, धमधा, अहिवारा और भिलाई-3 के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान फसल बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक जारी बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में धान की बालियां झुककर सड़ने लगी हैं। मौसम की मार और कीटों का कहर पाटन क्षेत्र के किसान अशोक चौधरी बताते हैं कि पहले कम बारिश से कीट प्रकोप (तना छेदक) बढ़ा, और अब अधिक नमी से फसल सड़ रही है। उन्होंने बताया कि इस बार दवा और कीटनाशकों पर खर्च लगभग दोगुना हो गया है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में इस साल अक्टूबर में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार नमी और हवा के दबाव से लंबी किस्म की धान झुककर गिर गई है, और जिन खेतों में पानी नहीं निकाला जा सका, वहां सड़न की स्थिति बन गई है। बढ़ा हार्वेस्टिंग खर्च खेतों में पानी भरे होने के कारण पारंपरिक टायर हार्वेस्टर काम नहीं कर पा रहे हैं। किसान अब चेन माउंटेड हार्वेस्टर का सहारा ले रहे हैं, जिसका खर्च 4 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गया है, जबकि पहले यह 2500 रुपये था। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। नुकसान की आशंका, लेकिन उम्मीद बाकी हनोदा गांव के किसान लोकेश चंद्राकर ने बताया कि अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ रहा तो कुछ फसलें अभी बचाई जा सकती हैं। कृषि अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से पानी निकालने और जल्द कटाई शुरू करने की व्यवस्था करें। दुर्ग जिले में करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र धान उत्पादन के तहत आता है। लेकिन इस साल मौसम की अनिश्चितता, कीट प्रकोप और बढ़ते खर्चों के चलते किसानों की चिंताएं दोगुनी हो गई हैं।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

बरगद के पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, प्रेम-प्रसंग में उठाया आत्मघाती कदम – त्योहार मनाने गांव आया था इलेक्ट्रिशियन

दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक युवक का शव बरगद के पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना ग्राम पंदर के खेल मैदान की है, जहां ग्रामीणों ने सुबह-सुबह शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके से युवक की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और पर्स बरामद किए गए हैं। मृतक की पहचान अरुण कुमार साहू (22 वर्ष) निवासी ग्राम कुम्हली के रूप में हुई है। अरुण पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और रायपुर में किराए के मकान में रहकर काम करता था। दीपावली के मौके पर वह अपने गांव लौटा था। प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला होने की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अरुण पिछले कुछ समय से मोबाइल में व्यस्त रहता था और आसपास के लोगों से दूरी बनाए हुए था। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे वह घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। अगली सुबह ग्रामीणों ने खेल मैदान के पास उसके शव को देखा। पिता ने भी की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार, अरुण के पिता ने भी करीब 5-6 साल पहले आत्महत्या की थी। परिवार में अब उसकी मां और एक बहन हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मोबाइल फोन जब्त कर लिया है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है और मामले की जांच जारी है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

बिलासपुर: कांग्रेस नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात – 14 राउंड गोलियां चलीं, बाल-बाल बचे नीतेश सिंह

बिलासपुर जिले के मस्तूरी में मंगलवार रात कांग्रेस नेता और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर नकाबपोश बदमाशों ने गोलियां चला दीं। यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में बाइक सवार दो शूटरों को करीब 14 राउंड फायरिंग करते देखा जा सकता है। हमले के दौरान नीतेश सिंह के दफ्तर में बैठे दो लोग—पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह और रिश्तेदार राजकुमार सिंह (राजू)—गंभीर रूप से घायल हो गए। जवाबी फायरिंग के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी की, लेकिन अभी तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला है। एक हफ्ते पहले मिली थी चेतावनी सूत्रों के मुताबिक, नीतेश सिंह को करीबियों ने एक हफ्ते पहले ही सतर्क किया था कि उन पर हमला हो सकता है, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। पुलिस को शक है कि वारदात राजनीतिक वर्चस्व या पुरानी रंजिश से जुड़ी हो सकती है। संजू त्रिपाठी हत्याकांड जैसी साजिश यह हमला तीन साल पहले हुए कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी हत्याकांड की याद दिलाता है। संजू की तरह ही नीतेश को भी निशाना बनाकर गोलियां दागी गईं। पुलिस इसे सुपारी किलिंग का मामला मानते हुए हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस जांच जारी पुलिस ने अब तक छह संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। रूट पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं, अफसरों का कहना है कि जल्द ही शूटरों और साजिशकर्ताओं तक पहुंच बना ली जाएगी।

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Bilashpur, Chhattisgarh, State

PM मोदी का रायपुर दौरा: 1 नवंबर को 6 रूट तय, QR कोड से दिखेगा रास्ता; मुफ्त ई-रिक्शे और बसें करेंगी आवाजाही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। उनका दौरा करीब 6 घंटे 45 मिनट का होगा। इस दौरान वे छह अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की है।6 अलग-अलग जिलों से आने वाले लोगों के लिए अलग रूट तय किए गए हैं, ताकि भीड़ और ट्रैफिक दोनों को नियंत्रित किया जा सके। हर रूट के लिए एक QR कोड जारी किया गया है, जिसे स्कैन करने पर कार्यक्रम स्थल का मैप और दिशा निर्देश मोबाइल पर दिखाई देंगे।प्रधानमंत्री के रूट को वन-वे किया गया है, और आम नागरिकों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। 100 ई-रिक्शे और बसें करेंगी फ्री सेवा राज्योत्सव स्थल तक आने-जाने में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए नवा रायपुर में 16 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।पार्किंग से मेला स्थल तक 100 ई-रिक्शे और बसें मुफ्त सेवा प्रदान करेंगी।प्रत्येक पार्किंग स्थल से मेला स्थल की दूरी लगभग 1 से 1.25 किमी रखी गई है। नवा रायपुर में बनेगा अस्थायी पीएमओ मुख्य आयोजन स्थल नवा रायपुर में प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान एक अस्थायी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) बनाया गया है।यहीं से पीएम मोदी पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेंगे और लंच भी इसी कार्यालय में करेंगे।जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 1 लाख लोगों की भीड़ आने की संभावना है, जिसकी जिम्मेदारी भाजपा संगठन को सौंपी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियां 1 नवंबर को रायपुर में भारी वाहनों और बसों की नो-एंट्री रहेगी।प्रधानमंत्री का मुख्य रूट होगा — एयरपोर्ट → सेक्टर-24 → सत्य साईं अस्पताल → विधानसभा भवन → ब्रह्मकुमारी शांति शिखर भवन → ट्राइबल म्यूजियम → राज्योत्सव मैदान। एसपीजी (SPG) टीम पहले ही रायपुर पहुंच चुकी है और उसने सभी पांच कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया है।सुरक्षा प्रबंधन में एडीजी दीपांशु काबरा को समन्वय प्रभारी बनाया गया है।विभिन्न स्थलों के लिए अलग-अलग पुलिस अधिकारी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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अमित जोगी ने पीएम मोदी से की पीएम आवास योजना में CBI जांच की मांग, बोले– गरीबों के हक पर हो रहा डाका

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।उन्होंने योजना में हो रही अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की जांच CBI से कराने की मांग की है। अमित जोगी का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को ग्रामीण आवासों के लिए सबसे अधिक आवंटन मिलने के बावजूद, फर्जी बैंक खातों, रिश्वतखोरी और अवैध निर्माण के कारण योजना का असली लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा।उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि वंचितों की आवाज़ को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास है। जोगी ने लगाए गंभीर आरोप जोगी ने दावा किया कि कई जिलों में अधिकारी और “आवास मित्र” पुराने मकानों को नया पीएमएवाई घर दिखाकर रिश्वत वसूल रहे हैं।कहीं पर पुराने मकानों की दूसरी मंजिल बनवाकर उसे नया आवास बताया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।गरीबों की जगह गैर-पात्र लोगों को फंड जारी किए जा रहे हैं और मजदूरी भुगतान के नाम पर फर्जी खातों में राशि ट्रांसफर की जा रही है। भगवानू नायक बोले– राज्यस्तरीय जांच पर्याप्त नहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि इस घोटाले की गहराई इतनी ज्यादा है कि राज्य स्तर की जांच से सच्चाई सामने नहीं आ सकती।यह मामला न सिर्फ गरीबों के हक से जुड़ा है बल्कि केंद्र सरकार की योजना की साख पर भी सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी CBI जांच ही एकमात्र रास्ता है जिससे असली लाभार्थियों को न्याय मिल सके।

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छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू: 4708 पदों पर नियुक्ति का आदेश जारी, व्यापमं करेगा परीक्षा आयोजन

छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 4708 शिक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग के अवर सचिव ने डीपीआई (संचालक, लोक शिक्षण) को पत्र जारी कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुछ माह पहले सुशासन तिहार के दौरान धमतरी में शिक्षकों की नई भर्ती का वादा किया था।अब उसी घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए पहले चरण में यह नियुक्तियां की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में कुल 30,000 शिक्षकों की भर्ती करने का है ताकि प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत किया जा सके। तीन श्रेणियों में होगी नियुक्ति इस भर्ती प्रक्रिया में तीन अलग-अलग श्रेणियों के पद शामिल होंगे —व्याख्याता (Lecturer), शिक्षक (Teacher) और सहायक शिक्षक (Assistant Teacher)। भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यापम (Vyapam) द्वारा किया जाएगा। व्यापम जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम और ऑनलाइन आवेदन की तारीखें घोषित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विवाद-मुक्त रखने के लिए सभी मापदंडों में सुधार किए जा रहे हैं। तीन साल बाद हो रही भर्ती राज्य में शिक्षक भर्ती पिछले तीन वर्षों से रुकी हुई थी। पिछली सरकार के दौरान 14 हजार पदों की घोषणा हुई थी, लेकिन केवल 10 हजार शिक्षकों की ही नियुक्ति हो पाई थी।नई भर्ती प्रक्रिया से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

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