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हाईकोर्ट ने रोहित और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत खारिज की: पत्नियों और भतीजे को मिली राहत, पुलिस पर आर्गेनाइज क्राइम में परिवार को फंसाने का आरोप

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की बेंच ने रायपुर में सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से जुड़े मामले में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। वहीं, कोर्ट ने उनकी पत्नियों और भतीजे को अग्रिम जमानत प्रदान की है। सरकारी पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास लंबा है और उन पर करीब 16 मामले दर्ज हैं। पुलिस छापेमारी के दौरान उनके ठिकाने से ब्लैंक चेकबुक, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। साथ ही, वे बिना लाइसेंस सूदखोरी का कारोबार करते पाए गए थे। सरकारी तर्कों पर सहमति जताते हुए कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। पत्नियों और भतीजे को कोर्ट से राहत हाईकोर्ट ने तोमर बंधुओं की पत्नियों और भतीजे को अग्रिम जमानत मंजूर की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि पुलिस साधारण मारपीट के केस को आर्गेनाइज क्राइम में बदलकर पूरे परिवार को फंसा रही है। पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद वर्मा की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि पुलिस ने पुराने ऋण मामलों में जबरन परिवार को शामिल कर फर्जी केस बनाए हैं। अदालत ने इस पर विचार करते हुए कहा कि पत्नी और अन्य परिवारजन के खिलाफ गंभीर आपराधिक साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाती है। रायपुर में चल रहा सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का मामला रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर पर सूदखोरी और धमकी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस की कार्रवाई में उनके घर से कैश, चेक और जमीन के दस्तावेज भी जब्त किए गए। जांच के बाद पुलिस ने कहा कि मामला आर्गेनाइज क्राइम से जुड़ा है। दोनों भाइयों पर 7 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु अब भी फरार पुलिस के अनुसार, रोहित तोमर ने अपनी पत्नी भावना के नाम पर ऑफिस खोलकर सूदखोरी का धंधा चलाया। प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला से मारपीट के बाद जब उसके खिलाफ FIR दर्ज हुई, तब से दोनों भाई फरार हैं। पुलिस की कई टीमें छत्तीसगढ़ के बाहर भी छापेमारी कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अपराध रिकॉर्ड लंबा, ‘गोल्डन मैन’ नाम से मशहूर पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित तोमर को रायपुर का निगरानी गुंडा बदमाश घोषित किया गया है। उसके खिलाफ तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, कोतवाली और गुढ़ियारी थानों में 9 से अधिक केस दर्ज हैं। वह इलाके में ‘गोल्डन मैन’ के नाम से जाना जाता था और सामाजिक रसूख बनाए रखने के लिए समय-समय पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेता था। पीड़ितों में अब जागा आत्मविश्वास पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद कई पुराने पीड़ित सामने आए हैं। पहले आरोपी भाइयों के खौफ के कारण लोग शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन अब पुलिस की पहल से पीड़ित थानों तक पहुंच रहे हैं।

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राज्योत्सव के बाद सीएम विष्णुदेव साय का दौरा कार्यक्रम: ओडिशा में चुनावी सभा और गुजरात में निवेशक सम्मेलन में होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्योत्सव के बाद अब राजनीतिक और औद्योगिक गतिविधियों में सक्रिय नज़र आएंगे। वे 6 नवंबर को ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री रायपुर से हेलिकॉप्टर के जरिए नुआपाड़ा पहुंचेंगे और सभा के बाद वापस रायपुर लौट आएंगे। नुआपाड़ा सीट पर 11 नवंबर को मतदान होना है। इस सीट पर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है और मुख्यमंत्री साय की सभा को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जय ढोलकिया भाजपा के उम्मीदवार नुआपाड़ा उपचुनाव में भाजपा से जय ढोलकिया चुनावी मैदान में हैं, जबकि बीजेडी से स्नेहंगिनी चुरिया और कांग्रेस से घसियाराम माझी प्रत्याशी हैं। इनके अलावा समाजवादी पार्टी के रमाकांत हाटी, बहुजन मुक्ति पार्टी के हेमंत तांडी और ओडिशा जनता दल के शुकाधर डड़सेना भी मुकाबले में हैं। भाजपा का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सभा से स्थानीय कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और मतदाताओं में पार्टी के प्रति विश्वास मजबूत होगा। गुजरात में निवेशक सम्मेलन में भाग लेंगे सीएम चुनावी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री साय 10 और 11 नवंबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। वे “छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस दौरान प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा जिले के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित एक विशेष आयोजन से होगी। इसके बाद अगले दिन अहमदाबाद में निवेशकों के साथ संवाद सत्र रखा गया है। उद्योग जगत को बताएंगे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेशकों को दी जा रही सुविधाएं और उद्योगों के लिए उपलब्ध संसाधन साझा करेंगे। उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उद्योगपति छत्तीसगढ़ में निवेश करें, जिससे राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिले। यह आयोजन पहले जुलाई-अगस्त में होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया था। अब इसे नवंबर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कई बड़े निवेशकों के शामिल होने की संभावना है।

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रायपुर में कल होगा शानदार एयर शो: 9 फाइटर जेट्स भरेंगे उड़ान, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘बॉम्ब बर्स्ट’ जैसे फॉर्मेशन दिखाएंगे करतब

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर के आसमान में कल यानी 5 नवंबर को रोमांचक दृश्य देखने को मिलेंगे। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने शानदार करतबों से लोगों का दिल जीतने को तैयार है। नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर यह एयर शो आयोजित होगा, जहां 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे और “हार्ट इन द स्काई”, “बॉम्ब बर्स्ट” और “एरोहेड” जैसे अद्भुत फॉर्मेशन पेश करेंगे। छत्तीसगढ़ के गौरव भी होंगे हिस्सा इस एयर शो में छत्तीसगढ़ के बेटे स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो महासमुंद जिले के रहने वाले हैं, सूर्यकिरण टीम का हिस्सा होंगे। गौरव ने बताया कि यह उनके लिए बेहद गर्व का पल है क्योंकि वे अपने ही राज्य की धरती पर उड़ान भरने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब 9 विमान आसमान में तिरंगा बनाते हैं, तब हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना स्वतः जाग उठती है।” ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में शो की कमान सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी करेंगे। उन्होंने कहा कि टीम को लीड करने के लिए अत्यधिक अनुशासन, मेहनत और आपसी विश्वास की आवश्यकता होती है। अजय पिछले एक साल से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और अब तक 50 से अधिक एयर शो कर चुके हैं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू होंगी ‘वॉयस ऑफ द स्काई’ एयर शो के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू कमेंट्री की जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि “महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है।” कंवल की भूमिका दर्शकों और आसमान में उड़ते विमानों के बीच एक सेतु की तरह होगी। हॉक एमके-132 से होगा रोमांचक प्रदर्शन भारतीय वायुसेना इस एयर शो में हॉक एमके-132 जेट्स का उपयोग करेगी। ये एडवांस्ड ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं, जिनका इस्तेमाल पायलटों के प्रशिक्षण और सीमित युद्ध संचालन में किया जाता है। लगभग 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में इतना बड़ा एयर शो आयोजित हो रहा है, और यह पहली बार होगा जब सूर्यकिरण टीम हॉक एमके-132 से करतब दिखाएगी। आम जनता के लिए फ्री एंट्री और बस सेवा यह एयर शो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। साथ ही, आम लोगों की सुविधा के लिए रायपुर शहर से नवा रायपुर तक फ्री बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। बसें रायपुर रेलवे स्टेशन, भाठागांव, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका, साइंस कॉलेज और कालीबाड़ी चौक से सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी। भारतीय वायुसेना का उद्देश्य केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, देशभक्ति और समर्पण के साथ देश सेवा के लिए प्रेरित करना है।

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सरेंडर नक्सली भूपति का बयान: कहा- गद्दार नहीं, हालात ने बदलने पर किया आत्मसमर्पण; संगठन में बढ़ा वैचारिक संकट

छत्तीसगढ़ के कुख्यात और डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने आत्मसमर्पण के बाद एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में भूपति ने कहा कि संगठन के कुछ लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, लेकिन वह गद्दार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए अपने 60 साथियों के साथ हथियार डालने का निर्णय लिया। भूपति ने कहा कि नक्सली संगठन में अब भी कई साथी सत्ता और इलाके पर कब्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इस रास्ते ने हमें जनता से दूर कर दिया है। यह साबित करता है कि हिंसा का रास्ता नाकाम रहा है। हमने अपने साथियों को खोने के बाद सरेंडर करने का फैसला लिया। अब हम जनता के बीच रहकर, लोकतांत्रिक तरीके से उनके लिए काम करना चाहते हैं। भूपति ने साथियों से भी सरेंडर की अपील की भूपति ने नक्सल संगठन में मौजूद अपने साथियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमने कई साथियों को खोया है, इसलिए बदलाव जरूरी है। सेंट्रल कमेटी स्थिति समझ रही है, लेकिन बदलाव को लेकर तैयार नहीं है। अब समय बंदूक छोड़ने और जनता के बीच आने का है।” भूपति ने अपने साथियों से संपर्क के लिए एक नंबर 8856038533 जारी किया है। साथ ही, सरेंडर नक्सली रूपेश का नंबर 6267138163 भी साझा किया है ताकि जो नक्सली हिंसा छोड़ना चाहें, वे संपर्क कर सकें। “अब लोकतंत्र के दायरे में रहकर करेंगे काम” भूपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेता रूपेश के साथ सैकड़ों नक्सलियों ने भी हिंसा छोड़ दी है। अब हम कानून के दायरे में रहकर जनता के बीच काम करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन के अंदर वैचारिक संकट गहराता जा रहा है और बंदूक से नहीं बल्कि विचारों से लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। रूपेश ने भी माओवाद संगठन पर उठाए सवाल भूपति के आत्मसमर्पण के बाद सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश ने भी सरकार के सामने हथियार डाले और एक वीडियो जारी किया। रूपेश ने कहा कि महासचिव बसवा राजू संघर्ष विराम चाहते थे, लेकिन उनके एनकाउंटर के बाद पार्टी की दिशा भटक गई। उन्होंने कहा कि पार्टी अब साथियों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। नक्सल संगठन ने बताया “गद्दार” दरअसल, 17 अक्टूबर को जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। इनमें 1 करोड़ का इनामी सीसी मेंबर रूपेश भी शामिल था। इसके बाद नक्सल संगठन ने अभय के नाम से एक पर्चा जारी कर इन सरेंडर नक्सलियों को गद्दार करार दिया था।

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कोरबा में 8 साल के बच्चे की मौत: खेल-खेल में निगला सिक्का, सीने में फंसने से सांस रुक गई; इलाज के अभाव में रास्ते में तोड़ा दम

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 8 साल के मासूम शिवम सारथी की मौत हो गई। बच्चे ने खेल-खेल में सिक्का निगल लिया था, जो उसके सीने में फंस गया। परिजनों को जब तबीयत बिगड़ने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां एक्स-रे में सिक्का फंसे होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में इस तरह का इलाज संभव नहीं है और बच्चे की हालत बेहद नाजुक है। परिजन उसे निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया। 💬 परिजनों का आरोप — “इलाज नहीं मिला, इसलिए गई जान” शिवम के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूल रूप से धर्मजयगढ़ (रायगढ़) के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने वे कोरबा आए थे और गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए थे। 31 अक्टूबर की रात शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ी। उसे सांस लेने में दिक्कत और हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि सीने में सिक्का फंसा है, लेकिन अस्पताल में इस स्थिति का उपचार नहीं हो सकता। शिवम को अन्य अस्पताल ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। 🧒 कब निगला सिक्का, किसी को नहीं पता परिवार को यह नहीं पता कि शिवम ने सिक्का कब और कैसे निगला। पिता ने आशंका जताई कि खेलते समय उसने गलती से सिक्का मुंह में डाल लिया होगा। 🏥 अस्पताल प्रबंधन का बयान जिला मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर ने बताया कि बच्चे को रात करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। एक्स-रे में सिक्का जैसी आकृति दिखाई दी थी, परंतु पोस्टमॉर्टम में सिक्का नहीं मिला। ⚠️ विशेषज्ञों की सलाह — बच्चों को छोटे सामान से रखें दूर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे अक्सर खेलते-खेलते सिक्का, चना, मूंगफली या छोटे खिलौने निगल लेते हैं, जो गले या श्वासनली में फंस सकता है। ऐसे में तुरंत पास के अस्पताल में ले जाना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को छोटे वस्तुओं से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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कोरबा में मजदूर की संदिग्ध मौत: परिजनों ने जिंदा समझ अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित; पुलिस जांच में जुटी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना 1 नवंबर की है। जानकारी के अनुसार, रवानाडांड गांव निवासी शिवलाल (25 वर्ष) रात में खाना खाकर अपने कमरे में सोने गया था, लेकिन अगली सुबह देर तक नहीं उठा। जब परिजनों ने आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला तो वे कमरे में पहुंचे, जहां उसे अचेत अवस्था में पाया। परिजनों ने सोचा कि शिवलाल बेहोश है, इसलिए तुरंत उसे निजी वाहन से जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ⚒️ रोजी-मजदूरी कर करता था परिवार की मदद मृतक के बड़े भाई सुंदरलाल ने बताया कि शिवलाल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। घटना वाले दिन वह काम से लौटने के बाद भैंसमा बाजार गया था। घर आकर खाना खाकर अपने कमरे में सो गया और फिर सुबह नहीं उठा। परिजनों ने बताया कि उसे किसी भी तरह की बीमारी या स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। शिवलाल तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था और घर का मेहनती सदस्य था, जो आर्थिक रूप से परिवार की मदद करता था। 👮‍♂️ पुलिस जांच में जुटी जिला अस्पताल चौकी प्रभारी ने अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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रायगढ़ सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने तीन लोगों को रौंदा, महिला समेत दो बाइक सवारों की मौके पर मौत; CCTV में कैद पूरी घटना

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। यह हादसा 30 अक्टूबर को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हा के चाल्हा चौक मोड़ के पास हुआ था। फुटेज में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी महिला और बाइक पर जा रहे दो युवकों को रौंदती नजर आ रही है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। 🚗 रॉन्ग साइड से आई कार, तीनों की गई जान पुलिस जांच में सामने आया है कि कार चालक पूरी तरह लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और वाहन रॉन्ग साइड से आ रहा था। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार तीन लोग मौके से फरार हो गए। अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार एक युवती चला रही थी, जिसके साथ दो युवक मौजूद थे। 💥 हादसे में मारे गए तीनों की पहचान मृतकों की पहचान ललिता मिंज (35 वर्ष), निवासी रामपुर, फकीर मोहन पटेल (33 वर्ष), निवासी परसदा, और अमित किंडो (26 वर्ष), निवासी सुगापानी मैनपाट, के रूप में हुई है।घटना के वक्त ललिता मिंज सड़क किनारे खड़ी थीं, जबकि फकीर मोहन और अमित बाइक से कापू की ओर जा रहे थे। अचानक आई कार ने तीनों को रौंद दिया। 👀 प्रत्यक्षदर्शी ने बताई घटना की पूरी कहानी हादसे की चश्मदीद प्रभा तिर्की ने बताया कि वह पास की होटल में समोसा लेने गई थी। तभी उसने देखा कि तेज गति से आ रही कार ने पहले महिला को टक्कर मारी और फिर बाइक सवारों को बुरी तरह कुचल दिया। प्रभा के अनुसार, कार में दो युवक और एक युवती सवार थे, जिसमें युवती ही वाहन चला रही थी। 🛑 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जल्द होगी गिरफ्तारी डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ धारा 184-MOT और 106(1)-BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच पूरी होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाने वालों पर दुर्ग पुलिस का शिकंजा: 4 दिनों में 14 लोगों पर कार्रवाई, नाबालिगों को दी चेतावनी

दुर्ग। सोशल मीडिया पर खुद को डॉन दिखाने वाले बदमाशों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बीते चार दिनों में पुलिस ने 100 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की, जिनमें हथियारों के साथ फोटो या वीडियो पोस्ट करने वाले 14 युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, 20 से ज्यादा नाबालिगों और युवाओं को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। 📱 सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाना बना फैशन पिछले कुछ महीनों में जिले में चाकूबाजी और आपराधिक वारदातें बढ़ी हैं। जांच में सामने आया कि कई युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart और Meesho से चाकू और अन्य घातक हथियार मंगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर पोस्ट कर रहे थे। इनमें से कई पोस्ट में आरोपी खुद को “डॉन” या “गैंगस्टर” के रूप में दिखाते हुए आम लोगों में डर फैलाने की कोशिश कर रहे थे। 🚨 पुलिस की सख्ती: पोस्ट डिलीट कराई गई, परिजनों को बुलाया गया दुर्ग पुलिस ने इन संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान कर संबंधित थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन नाबालिगों ने हथियारों के साथ पोस्ट डाली थी, उनके परिजनों को थाने बुलाकर समझाइश दी गई और सभी से पोस्ट डिलीट करवाई गई। 🔍 पुलिस की टेक्निकल टीम कर रही निगरानी एएसपी राठौर के अनुसार, पुलिस की टेक्निकल सेल और एसीसीयू टीम लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है। चार दिनों में ही सैकड़ों अकाउंट की जांच की गई है। थाना कोतवाली क्षेत्र में दो लोगों पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, जबकि छावनी क्षेत्र से 12 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। ⚔️ चाकू खरीदने वालों की सूची तैयार पुलिस ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चाकू खरीदने वालों की सूची तैयार की है। अब तक 300 से अधिक लोगों को समझाइश दी गई है कि वे किसी भी अवैध हथियार की खरीद-फरोख्त से दूर रहें। 🧾 ऑनलाइन कंपनियों को भी चेतावनी दुर्ग पुलिस ने Amazon, Flipkart और Meesho जैसी ऑनलाइन कंपनियों को पत्र लिखकर घातक हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा है। पुलिस ने कंपनियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु की डिलीवरी से पहले जांच करें और यदि कोई मामला संदिग्ध लगे तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।

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म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी का खुलासा: युवक ने सायबर अपराधियों को दिया अपना बैंक खाता, ठगी की रकम उसी में जमा

दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ा है जिसने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधियों के लिए किया। यह कार्रवाई भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से मिली शिकायत के बाद की गई। पुलिस के मुताबिक, पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर जांच की गई तो पता चला कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। 💻 ठगी की रकम आई आरोपी के खाते में जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी रोहित कुमार श्रीवास्तव (25 वर्ष) ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवाया था। इसी खाते में 22 मार्च 2025 को ऑनलाइन माध्यम से ₹23,310 की ठगी की राशि जमा की गई थी।आरोपी को यह जानकारी थी कि यह रकम साइबर ठगी से जुड़ी है, इसके बावजूद उसने पैसे स्वीकार कर आर्थिक लाभ उठाया। 🔍 पुलिस की तकनीकी जांच जारी पद्मनाभपुर पुलिस ने आरोपी के बैंक रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं और अब यह जांच की जा रही है कि उसका खाता किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा तो नहीं है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क देशभर में ऑनलाइन ठगी के पैसों का लेनदेन कर रहा है। 🚫 नागरिकों से अपील पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अजनबी व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या यूपीआई आईडी का उपयोग किसी और को न करने दें। ऐसे मामलों में लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

छात्रों की आत्महत्या रोकने बड़ा कदम: अब स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में होंगे मनोचिकित्सक, शिक्षा विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन

छात्रों में बढ़ते आत्महत्या के मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के सुझावों के आधार पर विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों में प्रमाणित मनोवैज्ञानिक या परामर्शदाता (काउंसलर) की तैनाती अनिवार्य होगी। समग्र शिक्षा राज्य परियोजना द्वारा जारी 14 बिंदुओं की इस गाइडलाइन को सभी जिलों के कलेक्टरों को भेजा गया है और इसके पालन के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कोविड-19 के बाद बढ़ी छात्रों की मानसिक समस्या शिक्षा विभाग ने माना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है, जिसके चलते आत्महत्या के मामलों में वृद्धि हुई है।इसी को ध्यान में रखते हुए अब स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और सुरक्षा उपायों को लागू करने के आदेश दिए गए हैं। हर संस्थान में काउंसलर या मनोवैज्ञानिक अनिवार्य गाइडलाइन के अनुसार, जिन शिक्षण संस्थानों में 100 या उससे अधिक छात्र हैं, वहां स्थायी काउंसलर या मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति करनी होगी।छोटे संस्थानों को जरूरत पड़ने पर बाहरी परामर्शदाताओं से रेफरल सिस्टम बनाना होगा। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर इग्नू से गाइडेंस एंड काउंसलिंग में डिप्लोमा प्राप्त शिक्षक भी काउंसलिंग की जिम्मेदारी निभा सकेंगे। निजी स्कूलों के लिए भी यह नियम अनिवार्य रहेगा। सुरक्षा उपाय और अनुशासनिक बदलाव नई गाइडलाइन में संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि— अब नहीं बनेंगे ‘मेधावी छात्रों’ के अलग बैच शिक्षा विभाग ने यह भी साफ किया है कि अब किसी भी संस्थान में छात्रों की क्षमता या अंकों के आधार पर अलग-अलग बैच नहीं बनाए जाएंगे।विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी जिलों के कलेक्टरों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तरीय निगरानी समिति बनेगी गाइडलाइन के अनुसार, आत्महत्या रोकथाम उपायों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी।इसमें शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, समाज कल्याण, पुलिस, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।इसके साथ ही दो सिविल सोसायटी सदस्य और दो शिक्षाविद भी समिति में रहेंगे। समिति छात्रों से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों, प्रशिक्षण और परामर्श का गोपनीय रिकॉर्ड रखेगी और हर साल उसकी रिपोर्ट तैयार करेगी। बच्चों से अपील — जीवन सबसे कीमती है शिक्षा विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे कभी भी गलत कदम न उठाएं।माता-पिता अपनी सीमाओं के बावजूद बच्चों को बेहतर भविष्य देने की कोशिश करते हैं।इसलिए हर छात्र को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।हर समस्या का समाधान है, बस मदद मांगने से झिझकना नहीं चाहिए।

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