July 2026

बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति बैठक शुरू, संगठन मजबूत करने और आगामी रणनीति पर मंथन

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक एवं पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही पार्टी को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। बैठक में सभी प्रकोष्ठों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही आने वाले समय में चलाए जाने वाले जनसंपर्क अभियान, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न प्रकोष्ठों को समाज के अलग-अलग वर्गों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बैठक में सरकार के कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव संगठन की प्राथमिकताओं, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर दिशा-निर्देश देंगे। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब 13 जुलाई से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके अलावा भाजपा आने वाले महीनों में कई संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रमों की तैयारी में जुटी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक को संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान विभिन्न प्रकोष्ठों से फीडबैक और सुझाव भी लिए जा रहे हैं, ताकि भविष्य के कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।

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कोल लेवी घोटाला: EOW का दावा- पार्टी फंड के नाम पर 800 करोड़ जुटाने के आरोप में रामगोपाल अग्रवाल रिमांड पर

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कोर्ट में कई गंभीर दावे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, जिनकी एंट्री और प्रबंधन की जिम्मेदारी रामगोपाल अग्रवाल के पास थी। EOW का कहना है कि कथित तौर पर यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए धनराशि दिल्ली भेजी जाती थी। जांच एजेंसी का दावा है कि कोल लेवी से प्राप्त करोड़ों रुपये के लेन-देन में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका रही। कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी, जहां से उसका संचालन रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से किया जाता था। EOW के मुताबिक, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये सीधे उनके पास पहुंचे थे। जांच के दौरान कुछ कारोबारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन भेजे गए थे। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी कथित कोल लेवी की राशि रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली सहित आठ राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। EOW का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा 30 जून 2022 को आयकर विभाग द्वारा कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डायरी से हुआ था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को सरेंडर किया था। अगले दिन उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां EOW ने 14 दिन की रिमांड की मांग की थी। हालांकि अदालत ने 9 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए उन्हें 17 जुलाई तक पूछताछ के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी आगे कार्रवाई हो सकती है। वहीं, ED भी इस प्रकरण में अलग से जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। नोट: ये आरोप आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच के दावों पर आधारित हैं। मामले की सुनवाई न्यायालय में लंबित है और अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

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राजनांदगांव में पहली बारिश में धंसा 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज, विधानसभा अध्यक्ष ने रेल मंत्री से मांगी जांच

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत निर्मित लगभग 26 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद गंभीर निर्माण संबंधी खामियां सामने आई हैं। जून में लोकार्पण के कुछ समय बाद हुई बारिश में ओवरब्रिज की सड़क धंस गई और उस पर बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं। मामले को गंभीर मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बारिश के बाद सड़क में आई बड़ी दरारें डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर बने इस ओवरब्रिज में 4 और 5 जुलाई की बारिश के बाद करीब 60 से 70 फीट लंबी तथा 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई दीं। सड़क का एक हिस्सा धंसने से ओवरब्रिज की संरचना पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण सामग्री को लेकर आरोप स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि टेंडर की शर्तों के अनुसार बेस में उच्च गुणवत्ता की मुरुम का उपयोग किया जाना था, लेकिन उसकी जगह साधारण मिट्टी का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि बारिश के कारण मिट्टी बैठने से सड़क धंस गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। गुणवत्ता जांच पर भी उठे सवाल मामले में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि पर्याप्त परीक्षण के बिना ही ओवरब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया गया था। अस्थायी मरम्मत के बाद भी जारी है आवाजाही प्रशासन ने फिलहाल दरारों को सीमेंट से भरकर अस्थायी मरम्मत की है। इसके बावजूद ओवरब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। रेल मंत्री से की गई प्रमुख मांगें डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, कंसल्टेंट और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तकनीकी सुरक्षा परीक्षण के बाद आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

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भिलाई के होटल में 19 वर्षीय म्यूजिक आर्टिस्ट की संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का लगाया आरोप; पुलिस जांच में जुटी

छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक होटल के कमरे से 19 वर्षीय म्यूजिक आर्टिस्ट शादाब का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, जबकि मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, शादाब मंगलवार को अपनी गर्लफ्रेंड के साथ होटल में ठहरा था। बाद में उसके दोस्तों को सूचना मिली कि वह बेहोश है। जब दोस्त और परिजन होटल पहुंचे तो कमरे का दरवाजा युवती ने खोला। अंदर शादाब का शव बेड पर पड़ा मिला, जबकि कमरे में पंखे से एक स्कार्फ बंधा हुआ था। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के भाई अल्ताफ शेख का आरोप है कि शादाब आत्महत्या नहीं कर सकता। उनका कहना है कि शव पर चोट के निशान थे और घटनास्थल की परिस्थितियां भी संदेह पैदा करती हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि यह हत्या का मामला हो सकता है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिजनों के अनुसार, शादाब पिछले लगभग छह महीनों से युवती के साथ रिश्ते में था। उनका दावा है कि घटना से पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। दोस्तों ने बताई घटनाक्रम की जानकारी दोस्तों के मुताबिक, शादाब का अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो चुका था। घटना वाले दिन उसकी पूर्व गर्लफ्रेंड का फोन आने के बाद होटल में मौजूद दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिजनों का यह भी दावा है कि रात में जब दोस्त होटल पहुंचे तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। सुबह युवती को कमरे से बाहर निकलते और फिर वापस अंदर जाते हुए होटल के सीसीटीवी कैमरों में देखा गया। बाद में दरवाजा खुलने पर शादाब का शव कमरे के भीतर मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सुपेला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएगा।

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Bhilai / Durg, Crime

बिलासपुर के स्कूल में पुलिस की जागरूकता क्लास, छात्रों को साइबर सुरक्षा, पॉक्सो कानून और ट्रैफिक नियमों की दी जानकारी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने छात्रों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, यातायात नियमों और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली ठगी से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल कॉल, फर्जी लिंक और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। पॉक्सो कानून और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी थाना प्रभारी कमला पुसाम और उनकी टीम ने पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़, यौन अपराध और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने छात्रों को बताया कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर बिना डर के शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और कानून पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यातायात नियमों का पालन करने की अपील कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने तथा 18 वर्ष की आयु से पहले वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। पुलिस ने दोपहिया वाहन पर निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने की भी अपील की। संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ठगी करने वाले गिरोहों, संदिग्ध फेरीवालों और चोरी की रेकी करने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा। यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को देने की सलाह दी गई। अंधविश्वास के खिलाफ भी किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान टोनही प्रताड़ना, जादू-टोना और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे यह जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके। थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि जिले में साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को अपराधों से बचाने और कानून के प्रति जागरूक करने में मदद मिल सके।

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छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों का बढ़ा खतरा: हाथियों ने 8 मकान तोड़े, बाघ और तेंदुए की मौजूदगी से कई जिलों में अलर्ट

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने से वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के झुंड ने पिछले दो दिनों में कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं बस्तर के जगदलपुर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी और कांकेर में तेंदुए की गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। दो रातों में 8 मकानों को पहुंचाया नुकसान धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज की लिप्ती बीट अंतर्गत चितामाड़ा, पखनाकोट और कमरई गांवों में हाथियों का दल आबादी तक पहुंच गया। सोमवार रात हाथियों ने कई ग्रामीणों के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि मंगलवार रात भी पखनाकोट में दो और मकानों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा तीन किसानों की धान की फसल और नर्सरी (थरहा) भी हाथियों ने रौंद दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का सर्वे शुरू कर मुआवजा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। रायगढ़ जिले में 135 हाथी सक्रिय वन विभाग के अनुसार, इस समय रायगढ़ जिले में कुल 135 हाथी अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 114 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में और 21 हाथी रायगढ़ वन मंडल में सक्रिय हैं। विभाग लगातार हाथियों की निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों से जंगल या हाथियों के नजदीक न जाने की अपील की है। जगदलपुर में फिर दिखे बाघ के निशान बस्तर के कुरंदी गांव में करीब 30 वर्ष बाद बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। खेतों के पास जंगल में बड़े आकार के ताजा पंजों के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एहतियात के तौर पर लोग शाम के बाद घरों से कम निकल रहे हैं और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांध रहे हैं। कांकेर में वन विभाग को चुनौती दे रहा तेंदुआ कांकेर जिले के ढेकलावन और गट्टागुड़ूम गांवों में तेंदुए की गतिविधियां बनी हुई हैं। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरे और कैमरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुआ अब तक पिंजरे से दूर बना हुआ है। कैमरों में उसकी मौजूदगी सीमित बार दर्ज हुई है, जिससे उसे पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने, रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है।

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रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक EOW रिमांड पर, शराब-कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में होगी पूछताछ

छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में आरोपी पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने लगभग तीन वर्ष बाद रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय में आत्मसमर्पण किया। गुरुवार को मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया। EOW की ओर से लंबी रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की। इस अवधि में जांच एजेंसी विभिन्न मामलों में उनसे पूछताछ करेगी। EOW के आरोप क्या हैं? जांच एजेंसी का दावा है कि कथित कोल लेवी घोटाले की जांच के दौरान जब्त की गई एक डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन का उल्लेख मिला है। EOW का आरोप है कि यह राशि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से राजीव भवन तक पहुंचाई गई थी। एजेंसी अब धन के स्रोत, लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों और धन के उपयोग की जांच कर रही है। इसके अलावा EOW का यह भी दावा है कि कथित शराब घोटाले में अनवर ढेबर और उसके सहयोगियों द्वारा तथा कस्टम मिलिंग मामले में रोशन चंद्राकर के माध्यम से भी करोड़ों रुपये रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए गए। बेटे से भी हुई पूछताछ जांच के दौरान EOW ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी दो दिनों तक पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे पिछले तीन वर्षों के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों, आर्थिक लेन-देन और कथित संपर्कों से जुड़े कई सवाल पूछे। एजेंसी का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। कांग्रेस ने उठाए सवाल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसके विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल भी गिरफ्तारी के विरोध में अदालत पहुंचे। हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत में मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह स्वयं भी इस प्रकरण में आरोपी हैं, इसलिए कुछ कहना उचित नहीं होगा। किन मामलों में जांच? रामगोपाल अग्रवाल का नाम कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले, लगभग 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी मामले और 127 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित धन के प्रवाह, लाभार्थियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। हालांकि, इन सभी मामलों में जांच अभी जारी है और आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है। अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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छत्तीसगढ़ में 2027 से बदलेगा स्कूलों का शैक्षणिक सत्र, पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 वर्ष अनिवार्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के अनुसार वर्ष 2027 से प्रदेश के सभी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही वर्ष 2027 से राज्य में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। पहले जहां स्कूल 16 जून से खुलते थे, वहीं अब अप्रैल के पहले दिन से प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इस दौरान विद्यार्थियों को किताबें, यूनिफॉर्म और पात्र छात्रों को साइकिल भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद 1 मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। शैक्षणिक सत्र में होगा बदलाव नई व्यवस्था के तहत पूरे प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से 31 मार्च तक संचालित होगा। यह प्रणाली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे सीजी बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों के बीच सत्र का अंतर समाप्त हो सके। बदलाव की वजह वर्तमान व्यवस्था में स्कूल जून के मध्य में खुलते हैं और शुरुआती कई सप्ताह तक प्रवेश, पुस्तक वितरण, यूनिफॉर्म और अन्य योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया चलती रहती है। इससे नियमित पढ़ाई देर से शुरू होती है और कई स्कूलों में जुलाई तक पढ़ाई प्रभावित रहती है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नए कैलेंडर से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिलेगा, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में भी सुधार देखने को मिलेगा। आयु सीमा में विशेष छूट यदि कोई बच्चा 1 अप्रैल तक निर्धारित 6 वर्ष की आयु पूरी नहीं करता, लेकिन 1 जुलाई तक उसकी आयु 6 वर्ष हो जाती है, तो उसे अधिकतम तीन महीने की विशेष छूट देकर पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा। सभी स्कूलों में लागू होगा नियम नई आयु सीमा और शैक्षणिक सत्र की व्यवस्था सरकारी, निजी तथा अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगी। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर होने वाले प्रवेश भी इसी नियम के अनुसार किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को मिलेगी छूट जो छात्र किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय की प्री-प्राइमरी या केजी शिक्षा पूरी करके पहली कक्षा में प्रवेश ले रहे हैं, उन पर नई आयु सीमा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में विद्यालय द्वारा जारी टीसी, अंकसूची या स्कोर कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी तथा सत्र की शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई सुनिश्चित होगी।

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रायपुर में PHE ठेकेदारों का नीर भवन के बाहर प्रदर्शन, लंबित भुगतान को लेकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के मुख्यालय नीर भवन के बाहर सोमवार को ठेकेदारों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने विभाग के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं सहित कई निर्माण कार्य तय समय पर पूरे किए हैं, लेकिन लंबे समय से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। कई बार अधिकारियों से मुलाकात और लिखित आवेदन देने के बावजूद केवल आश्वासन मिला, जबकि भुगतान अब तक लंबित है। ठेकेदारों का आरोप है कि भुगतान में देरी के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन देना, बैंक की किस्तें चुकाना, मशीनों का किराया और निर्माण सामग्री सप्लायर्स का बकाया भुगतान करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि कई छोटे और मध्यम ठेकेदार नए काम लेने की स्थिति में भी नहीं बचे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए सुभाष स्टेडियम से कटोरा तालाब जाने वाले मार्ग पर रूट डायवर्ट किया गया। इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री निवास में पुष्प अर्पित कर किया नमन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रख्यात शिक्षाविद, राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X पोस्ट में लिखा कि डॉ. मुखर्जी के आदर्श और विचार विकसित, सशक्त और अखंड भारत के निर्माण के लिए हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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