Top News

रामानुजगंज में चैती छठ महापर्व संपन्न, उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने की पूजा

Ramanujganj में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का समापन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। Kanhar River के तट पर हजारों व्रती और श्रद्धालु एकत्र होकर भगवान सूर्य की आराधना में लीन रहे। सूर्योदय के समय व्रतियों ने पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। घाटों पर छठी मैया के भजन, लोकगीत और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। प्रमुख बिंदु • उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन• कन्हर नदी तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़• प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजन• सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। घाटों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। नगर पालिका अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी घाट पर पहुंचे और व्रतियों का अभिवादन कर उनके उत्साह को बढ़ाया।

रामानुजगंज में चैती छठ महापर्व संपन्न, उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने की पूजा Read Post »

Chhattisgarh, Religion, State, Top News

बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बीच लापरवाही, कॉलोनी के पास फेंके गए मरे मुर्गे; संक्रमण का खतरा बढ़ा

Bilaspur जिले में हजारों मुर्गियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। इस बीच प्रशासनिक लापरवाही का मामला भी सामने आया है। Khamtarai क्षेत्र की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास 30–35 मरे हुए मुर्गे फेंके हुए मिले, जिससे आसपास के लोग बदबू और संभावित संक्रमण को लेकर परेशान हैं। प्रशासन ने दावा किया था कि मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से दफनाया गया है, लेकिन कॉलोनी के पास बोरियों में बंद मुर्गियां मिलने से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इन्हें हटाने और क्षेत्र को सैनिटाइज करने की मांग की है। सरकारी पोल्ट्री फार्म में हुई थी हजारों पक्षियों की मौत जानकारी के अनुसार, Koni स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले पांच दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई थी। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरे फार्म को एहतियातन बंद कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए आसपास के जिलों, विशेषकर Raigarh में भी अलर्ट जारी किया गया है। सरकार संचालित है पोल्ट्री परिसर कोनी स्थित कुक्कुट पालन परिसर का संचालन सरकार द्वारा किया जाता है। यहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। परिसर में लगभग 6 हजार से अधिक पक्षियों का पालन और प्रजनन किया जाता है। 18 मार्च से शुरू हुई मौतें बताया गया है कि 18 मार्च से पोल्ट्री शेड में पक्षियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआती दिनों में संख्या कम थी, लेकिन कुछ ही दिनों में यह तेजी से बढ़ गई और पांच दिनों में हजारों पक्षी मर गए। पहले इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन मौतें बढ़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को सूचना दी गई। संवेदनशील क्षेत्र घोषित, फिर भी लापरवाही घटना के बाद फार्म के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया और हजारों अंडों सहित मृत पक्षियों को नष्ट किया गया। इसके बावजूद कॉलोनी के पास नाली में बोरियों में भरे मुर्गे मिलने से लोगों में डर का माहौल है। पहले भी सामने आ चुका है मामला फरवरी 2025 में भी Raigarh जिले के एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस समय एहतियात के तौर पर हजारों मुर्गियां, चूजे और अंडे नष्ट किए गए थे तथा प्रभावित क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।

बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बीच लापरवाही, कॉलोनी के पास फेंके गए मरे मुर्गे; संक्रमण का खतरा बढ़ा Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Health, Political, State, Top News

रामावतार जग्गी हत्याकांड फिर खुला, हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई शुरू; 1 अप्रैल को अंतिम बहस

छत्तीसगढ़ के चर्चित Ramavatar Jaggi murder case की सुनवाई एक बार फिर शुरू हो गई है। Supreme Court of India के निर्देश पर Chhattisgarh High Court में मामले को दोबारा खोला गया है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें मृतक के पुत्र सतीश जग्गी भी मौजूद रहे। अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दो वर्ष पूर्व दोषियों की अपील खारिज करते हुए आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। बाद में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दोबारा हाईकोर्ट भेजते हुए कहा कि केस की मेरिट पर विस्तार से सुनवाई की जाए। हत्या के बाद जांच CBI को सौंपी गई थी हत्या के बाद शुरुआती पुलिस जांच पर पक्षपात के आरोप लगे थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी। सीबीआई ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री Ajit Jogi के पुत्र Amit Jogi सहित कई लोगों पर हत्या और साजिश का आरोप लगाया था। 2003 में हुई थी गोली मारकर हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए, जबकि Amit Jogi को छोड़कर शेष आरोपियों को सजा सुनाई गई। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ मृतक के पुत्र सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। बाद में सर्वोच्च अदालत ने मामले को पुनः हाईकोर्ट भेज दिया। सतीश जग्गी का आरोप — राजनीतिक साजिश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सतीश जग्गी की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि हत्या एक प्रायोजित साजिश थी और जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई। उनका कहना था कि इस मामले में केवल प्रत्यक्ष सबूत ही नहीं, बल्कि साजिश की पूरी पृष्ठभूमि पर विचार करना जरूरी है। कौन थे रामावतार जग्गी व्यवसाय से जुड़े रामावतार जग्गी पूर्व केंद्रीय मंत्री Vidyacharan Shukla के करीबी सहयोगी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर Nationalist Congress Party में शामिल हुए, तब जग्गी भी उनके साथ चले गए और उन्हें छत्तीसगढ़ में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया। सियासी पृष्ठभूमि भी रही अहम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव हो रहे थे। उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में खींचतान चल रही थी। बाद में Ajit Jogi के मुख्यमंत्री बनने से नाराज होकर Vidyacharan Shukla ने पार्टी छोड़ दी और एनसीपी में शामिल हो गए। बताया जाता है कि 2003 विधानसभा चुनाव से पहले एनसीपी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था और एक बड़ी रैली की तैयारी चल रही थी, जिसमें Sharad Pawar समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होने वाले थे। इसी राजनीतिक माहौल के बीच रामावतार जग्गी की हत्या ने प्रदेश की राजनीति को हिला दिया था।

रामावतार जग्गी हत्याकांड फिर खुला, हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई शुरू; 1 अप्रैल को अंतिम बहस Read Post »

Chhattisgarh, Political, State, Top News

उद्घाटन से पहले ही तैयारियों पर सवाल: मंत्री के सामने पनीर, जाते ही खिलाड़ियों को मिला आलू

देश के पहले ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर रहे छत्तीसगढ़ में उद्घाटन से पहले व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री Arun Sao मीडिया के सामने तैयारियों को संतोषजनक बता रहे थे, वहीं दूसरी ओर अंदर खिलाड़ियों को पूरा भोजन तक नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, जब मंत्री डोम में लगे कैटरिंग की जांच कर रहे थे, तब खिलाड़ियों को पनीर की सब्जी परोसी जा रही थी। लेकिन उनके जाते ही मेन्यू बदल गया और पनीर की जगह आलू की सब्जी दी जाने लगी। कई खिलाड़ियों ने अधूरा भोजन मिलने की शिकायत की। महाराष्ट्र से आए खिलाड़ियों ने व्यवस्थाओं को ठीक बताया, लेकिन भोजन की मात्रा कम होने की बात कही। रोटी के लिए भी खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ा। इस आयोजन में देशभर से तीन हजार से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं, लेकिन मैदान में बुनियादी सुविधाओं को लेकर अव्यवस्था दिखाई दी। ड्यूटी चार्ट नहीं, भोजन के लिए भी भटकते कर्मचारी आयोजन से एक दिन पहले तक मीडिया के एक्रेडिटेशन कार्ड तैयार नहीं हो सके थे। कई विभागों के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आई। स्कूल शिक्षा विभाग से तैनात 50 से अधिक पीटीआई बिना ड्यूटी चार्ट के काम करते दिखे। कुछ कर्मचारियों को भोजन तक नहीं मिला, जबकि खाने के लिए भी पहले मैनेजर से अनुमति लेने को कहा जा रहा था। पीने के पानी की व्यवस्था में भी असमानता की शिकायतें सामने आईं। सरकार का दावा — तैयारियां पूरी खेल मंत्री Arun Sao ने कहा कि नेशनल ट्राइबल गेम्स का उद्घाटन बुधवार शाम Raipur में होगा और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे। कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में आयोजित होंगी। अधिकारियों के अनुसार खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं और Sports Authority of India के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

उद्घाटन से पहले ही तैयारियों पर सवाल: मंत्री के सामने पनीर, जाते ही खिलाड़ियों को मिला आलू Read Post »

Chhattisgarh, Political, Sports, State, Top News

चुंगी क्षतिपूर्ति के सहारे चल रहे निकाय, 125 करोड़ मिलने के बाद भी आत्मनिर्भरता दूर

प्रदेश के नगरीय निकायों को मार्च माह के लिए राज्य सरकार ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि जारी कर दी है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी शहरी निकायों को कुल 9.48 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। इसमें 14 नगर निगमों को 6.23 करोड़ रुपये मिले, जबकि Raipur नगर निगम को अकेले 3.36 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा 56 नगर पालिकाओं को 1.83 करोड़ और नगर पंचायतों को 1.41 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह राशि निकायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी से कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन भुगतान होता है। हर साल मिलती है भारी सहायता अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार हर वर्ष लगभग 252 करोड़ रुपये चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में देती है। हालांकि पेंशन अंशदान, परिवार कल्याण और अन्य मदों में कटौती के बाद निकायों को करीब 125 करोड़ रुपये ही वास्तविक रूप से मिल पाते हैं। कटौती के बाद हर महीने औसतन लगभग 10 करोड़ रुपये निकायों में बांटे जाते हैं। आय बढ़ाने के प्रयास कमजोर चुंगी (ऑक्ट्रॉय) समाप्त होने के बाद निकायों को नुकसान से बचाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि वे अपने खर्च पूरे कर सकें और धीरे-धीरे खुद के आय स्रोत विकसित करें। लेकिन अधिकांश निकाय आज भी सरकार से मिलने वाली राशि पर ही निर्भर हैं। इनकी आय मुख्य रूप से संपत्ति कर, दुकान किराया और जुर्माने तक सीमित है। नए राजस्व स्रोत विकसित न होने के कारण कई निकायों को कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी सरकारी सहायता का इंतजार करना पड़ता है। कुछ ही निगम आर्थिक रूप से मजबूत प्रदेश के 14 नगर निगमों में से केवल Raipur और Bilaspur नगर निगम ही अपने स्थापना खर्च का बड़ा हिस्सा स्वयं के राजस्व से पूरा कर पा रहे हैं। रायपुर नगर निगम ने पिछले वर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जबकि उसका वार्षिक खर्च करीब 250 करोड़ रुपये है। इस खर्च में कर्मचारियों का वेतन, प्लेसमेंट स्टाफ का भुगतान, सफाई व्यवस्था और वाहन संचालन शामिल है। इसी तरह बिलासपुर नगर निगम ने करीब 90 करोड़ रुपये की आय जुटाई, जबकि उसका खर्च लगभग 80 करोड़ रुपये रहा। ग्रीन बॉण्ड जारी करने की तैयारी रायपुर नगर निगम जल्द ही लगभग 100 करोड़ रुपये का ग्रीन बॉण्ड जारी करने की तैयारी में है। नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार अन्य नगर निगमों को भी शामिल कर संयुक्त बॉण्ड जारी करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है, ताकि विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाए जा सकें।

चुंगी क्षतिपूर्ति के सहारे चल रहे निकाय, 125 करोड़ मिलने के बाद भी आत्मनिर्भरता दूर Read Post »

Chhattisgarh, Political, State, Top News

31 मार्च से पहले प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, नहीं तो होगी सीलिंग और कुर्की — 17% अतिरिक्त शुल्क भी लगेगा

Raipur Municipal Corporation ने प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को सख्त चेतावनी दी है कि 31 मार्च 2026 से पहले अपना पूरा बकाया जमा कर दें। तय समय सीमा के बाद निगम द्वारा सीलबंदी, कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बकाया राशि पर 17 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार भी वसूला जाएगा। नगर निगम के राजस्व विभाग ने बड़े बकायेदारों से तुरंत भुगतान करने की अपील की है, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। आम नागरिकों से भी समय पर टैक्स जमा करने को कहा गया है, जिससे अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े। नागरिकों की सुविधा के लिए निगम के सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग 31 मार्च तक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे। 26 मार्च (रामनवमी), 28 और 29 मार्च (शनिवार-रविवार) तथा 31 मार्च (महावीर जयंती) के दिन भी टैक्स जमा किया जा सकेगा। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिक Mor Raipur ऐप या नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। निगम ने लोगों से ऑनलाइन सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

31 मार्च से पहले प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, नहीं तो होगी सीलिंग और कुर्की — 17% अतिरिक्त शुल्क भी लगेगा Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, State, Top News

आज से ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026’ का आगाज, उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya रहेंगे मौजूद

छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026 की शुरुआत आज से हो रही है। देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए खिलाड़ी Raipur पहुंच चुके हैं। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। यह खेल महोत्सव 3 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें सात अलग-अलग खेलों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन का शेड्यूल (रायपुर) स्विमिंग — इंटरनेशनल स्विमिंग पूलसुबह 9 बजे से पुरुष और महिला वर्ग में 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 50 मीटर बटरफ्लाई सहित विभिन्न हीट्स आयोजित होंगी।शाम 4:30 बजे से इन स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेटलिफ्टिंगदोपहर 2 बजे ज्यूरी और तकनीकी अधिकारियों की बैठक होगी। हॉकी — Sardar Vallabhbhai Patel International Hockey Stadiumसुबह 11 बजे टीम मैनेजर्स की मीटिंग आयोजित की जाएगी। महिला फुटबॉलसुबह 7:30 बजे — ग्रुप A: तमिलनाडु vs गुजरातशाम 4:00 बजे — ग्रुप B:• सिक्किम vs झारखंड• आंध्र प्रदेश vs छत्तीसगढ़• असम vs अरुणाचल प्रदेश अलग-अलग शहरों में होंगे मुकाबले जानकारी के अनुसार कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में आयोजित होंगी, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में कराई जाएंगी। छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी भी मैदान में इस आयोजन में राज्य के लगभग 180 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके अनुभव और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इसे प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के मंच के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री मांडविया का बयान केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा कि यह प्रतियोगिता आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। लोगो और मैस्कॉट पहले ही लॉन्च 23 दिसंबर को Bilaspur के बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट “मोरवीर” जारी किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और उपमुख्यमंत्री Arun Sao भी मौजूद रहे।

आज से ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026’ का आगाज, उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya रहेंगे मौजूद Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Sports, State, Top News

शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, 4 घंटे तक कूदने की धमकी… नीचे उतरते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक युवक ने पसंद की लड़की से शादी कराने की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। वह मंगलवार सुबह लुंड्रा क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और करीब 40 फीट की ऊंचाई पर बैठकर कूदने की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा रहा। करीब चार घंटे तक चले इस ड्रामे के दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। जिस युवती से शादी की मांग की जा रही थी, उसने साफ तौर पर इनकार कर दिया और युवक पर बेवजह परेशान करने व छेड़छाड़ का आरोप लगाया। युवती ने इस संबंध में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि युवक पहले भी परिवार के सामने उसी युवती से शादी की बात रख चुका था, लेकिन लड़की ने किसी भी तरह के प्रेम संबंध से इंकार कर दिया था। इसी नाराजगी में युवक टावर पर चढ़ गया। करीब चार घंटे बाद परिजनों ने उसे किसी तरह नीचे उतरने के लिए राजी किया। हालांकि जमीन पर आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। यह घटना लुंड्रा थाना क्षेत्र में थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, 4 घंटे तक कूदने की धमकी… नीचे उतरते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार Read Post »

Chhattisgarh, Sarguja, Top News

SVU की शिवहर-बेतिया-सितामढ़ी रेड: DDC बृजेश कुमार पर 1.84 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

शिवहर, बेतिया और सीतामढ़ी में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने मंगलवार को बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारी डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) बृजेश कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। रेड के मुख्य बिंदु स्थानीय मदद और निगरानी बृजेश कुमार का प्रशासनिक करियर SVU का बयान विशेष निगरानी विभाग ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई और सेवा नियमों के तहत कदम तय किए जाएंगे। बृजेश कुमार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

SVU की शिवहर-बेतिया-सितामढ़ी रेड: DDC बृजेश कुमार पर 1.84 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप Read Post »

BIHAR, Political, State, Top News

प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: धमाका ऐसा, लगा बम फटा – 4 शव निकाले, 17 घायल

प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे आदर्श कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद छत भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 17 घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। बिल्डिंग के मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान के अलावा उनके बेटे और 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें 7 नामजद और 5 अज्ञात आरोपी हैं। चश्मदीदों के अनुसार: “लगता था बम फटा” हादसे के समय लगभग 110 मजदूर काम पर थे। लंच टाइम होने के कारण अधिकांश लोग बाहर गए या लेटकर आराम कर रहे थे। चश्मदीदों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि पूरी बिल्डिंग धूल-धूसरित हो गई। कई लोग खाना खाकर बाहर गए होने की वजह से बच गए, अन्य 25-30 लोग, जो लेटे-बैठे थे, मलबे में दब गए। दीपक, एक पीड़ित का बेटा, अपने पिता को खून से लथपथ देखकर आंसू रोक नहीं पा रहा था। उसने बताया कि उनके पिता सो रहे थे, तभी अमोनिया गैस का टैंकर फटा और छत गिर गई। नंदन कुमार, एक अन्य मजदूर ने बताया कि पहले ‘झर-झर’ जैसी आवाज आई, जैसे गैस लीकेज हो रहा हो। फिर अचानक तेज धमाका हुआ और छत का पक्का हिस्सा गिर गया। रेस्क्यू जारी हादसे के 20 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी है। जेसीबी और बुलडोजर से मलबा हटाया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन घटनास्थल पर सक्रिय हैं।

प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: धमाका ऐसा, लगा बम फटा – 4 शव निकाले, 17 घायल Read Post »

Political, State, Top News, uttar pradesh
Scroll to Top