State

दुर्ग अफीम खेती मामला: कांग्रेस का ऐलान, 12 मार्च को प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का करेगी घेराव

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने 12 मार्च को पूरे प्रदेश में भाजपा जिला कार्यालयों के घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को भाजपा नेताओं का संरक्षण मिल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन उन्हें मुख्य आरोपी बनाने के बजाय सह-अभियुक्त बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए। बच्चों को मिला अफीम का पौधा, खुला मामला जानकारी के मुताबिक, समोदा गांव में पिछले करीब पांच वर्षों से अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब 6 मार्च 2026 को गांव के कुछ बच्चों ने खेत में अजीब तरह के पौधे देखे। बच्चों ने उसकी तस्वीर इंटरनेट पर खोजी तो पता चला कि वह अफीम का पौधा है। इसके बाद मामला गांव में फैल गया और प्रशासन तक पहुंच गया। पुलिस ने जब्त किए करोड़ों के पौधे सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खेत से करीब 8 करोड़ रुपए कीमत के अफीम के पौधे बरामद किए। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। ग्रामीणों ने लगाए दबदबे के आरोप गांव के लोगों का कहना है कि आरोपी का इलाके में काफी दबदबा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उसकी अनुमति के कोई भी उसके खेतों के आसपास जाने की हिम्मत नहीं करता था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव के कई सार्वजनिक स्थानों, जैसे शौचालय और जल स्रोतों पर भी उसका कब्जा था। चारों तरफ से बंद था फार्महाउस ग्रामीणों के मुताबिक, जिस जगह अफीम की खेती हो रही थी वहां चारों ओर गेट लगाए गए थे। इससे आम लोगों का उस इलाके में जाना लगभग नामुमकिन था। इसी वजह से लंबे समय तक इतनी बड़ी खेती का किसी को पता नहीं चल पाया। लीज पर ली गई जमीन पर हो रही थी खेती पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी वह जमीन राजस्थान के जोधपुर निवासी आचल दास ने लीज पर ली थी। गिरफ्तार आरोपी विकास विश्नोई ने पूछताछ में बताया कि वह करीब चार साल से गांव में रहकर ताम्रकर की लगभग 13 एकड़ जमीन पर खेती कर रहा था। मामले को लेकर बढ़ा विरोध अफीम खेती के खुलासे के बाद गांव में विरोध भी तेज हो गया है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस ने कहा है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो 12 मार्च को प्रदेशभर में भाजपा जिला कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

दुर्ग अफीम खेती मामला: कांग्रेस का ऐलान, 12 मार्च को प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का करेगी घेराव Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

रायपुर में सरकारी अधिकारी की पत्नी से दुष्कर्म का आरोप: सेकंड हैंड कार कारोबारी गिरफ्तार, एट्रोसिटी एक्ट में केस

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी अधिकारी की पत्नी ने सेकंड हैंड गाड़ियों का व्यापार करने वाले एक व्यक्ति पर जबरदस्ती बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, घटना 8 मार्च की बताई जा रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे अपने कब्जे में लेकर बंधक बनाया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद महिला सीधे थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। आरोपी कारोबारी गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान स्वर्णभूमि इलाके में रहने वाले गोपाल गोयल के रूप में हुई। वह सेकंड हैंड कारों का व्यापार करता है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी केस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म से जुड़ी धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का कराया गया मेडिकल घटना के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर में सरकारी अधिकारी की पत्नी से दुष्कर्म का आरोप: सेकंड हैंड कार कारोबारी गिरफ्तार, एट्रोसिटी एक्ट में केस Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

बेलतरा की 75 साल पुरानी नेवसा सिंचाई योजना को मंजूरी, 48.92 करोड़ से 1800 हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी

छत्तीसगढ़ के बेलतरा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना को आखिरकार सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब 75 वर्षों के इंतजार के बाद इस परियोजना के लिए 48.92 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के लागू होने से लगभग 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इस योजना की स्वीकृति में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त किया है। लिफ्ट इरिगेशन से खेतों तक पहुंचेगा पानी विधायक के अनुसार, नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना के तहत लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रणाली में जल स्रोत से पानी को पंप या मोटर की मदद से ऊपर उठाकर पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाता है। इससे ऊंचाई पर स्थित खेतों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई परियोजना के तहत खारंग जलाशय से सोलर पंप और पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1400 हेक्टेयर खरीफ और 400 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल मिलाकर करीब 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा। 15 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फायदा इस योजना से नेवसा, गिधौरी, कर्रा, जाली, टेकर, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हु, बेलतरा, कड़री, सलखा और लिम्हा सहित 15 से अधिक गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि खूंटाघाट बांध के पास होने के बावजूद इस क्षेत्र के किसान दशकों से सिंचाई सुविधा के अभाव में खेती में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अब योजना के क्रियान्वयन से किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों और किसानों ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए राज्य सरकार और विधायक सुशांत शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बेलतरा की 75 साल पुरानी नेवसा सिंचाई योजना को मंजूरी, 48.92 करोड़ से 1800 हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, State, Top News

बिलासपुर में हनी ट्रैप का मामला: बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर युवक का वीडियो बनाया, 1 लाख की ब्लैकमेलिंग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हनी ट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने बेटे के जन्मदिन का बहाना बनाकर एक युवक को घर बुलाया और फिर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी महिला युवक से 1 लाख रुपये की मांग कर रही थी। यह पूरा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक और आरोपी महिला एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों के गांव भी पास-पास हैं। बर्थडे पार्टी के बहाने घर बुलाया शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी को महिला ने अपने बेटे के जन्मदिन का हवाला देकर युवक को घर बुलाया था। जब युवक वहां पहुंचा, तो घर में उसकी एक महिला मित्र भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि महिला ने दोनों को एक कमरे में भेज दिया। छिपकर बना लिया वीडियो युवक का आरोप है कि कमरे में रहते समय उसने अपनी महिला मित्र के साथ निजी संबंध बनाए। इसी दौरान आरोपी महिला ने छिपकर दोनों का वीडियो बना लिया। स्क्रीनशॉट भेजकर मांगे पैसे कुछ दिनों बाद महिला ने युवक को मोबाइल पर वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजा और दावा किया कि उसके पास पूरा वीडियो है। इसके बाद उसने युवक से 1 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस में दर्ज हुई शिकायत लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने सोमवार को पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला मित्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में पुलिस को शक है कि युवक के साथ मौजूद महिला की भी इस साजिश में भूमिका हो सकती है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

बिलासपुर में हनी ट्रैप का मामला: बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर युवक का वीडियो बनाया, 1 लाख की ब्लैकमेलिंग Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, Crime, State

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: एलपीजी सिलेंडर महंगा, रायपुर में डिलीवरी में 5–6 दिन की देरी

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। घरेलू गैस सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर पर 114 रुपये की वृद्धि की गई है। कीमत बढ़ने के साथ ही गैस सिलेंडर की सप्लाई भी प्रभावित होती दिखाई दे रही है। होली की छुट्टियों और अचानक बढ़ी मांग के कारण रीफिलिंग व्यवस्था धीमी पड़ गई है। रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब 5 से 6 दिन की देरी से हो रही है। 24 घंटे की जगह कई दिन लग रहे नियमों के मुताबिक गैस कंपनियों का लक्ष्य बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी करना होता है। लेकिन होली के बाद से यह व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद 4 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर मैसेज से बढ़ी चिंता इस बीच सोशल मीडिया पर एलपीजी सप्लाई बाधित होने के संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसके बाद गैस एजेंसियों में लोगों की पूछताछ बढ़ गई है और कई उपभोक्ता जल्द से जल्द बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसियों का दावा- स्टॉक पर्याप्त राजधानी रायपुर के एलपीजी एजेंसी संचालकों का कहना है कि शहर में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि होली की छुट्टियों के कारण कई कर्मचारी वापस नहीं लौट पाए हैं, जिससे डिस्ट्रीब्यूशन में कुछ दिक्कत आ रही है। वहीं कंपनियों की ओर से घरेलू और कमर्शियल गैस की सप्लाई सीमित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपभोक्ताओं की परेशानी रायपुर के अमलीडीह निवासी एक उपभोक्ता के मुताबिक 5 मार्च को गैस खत्म हो गई थी और कई बार प्रयास के बाद शुक्रवार को बुकिंग हो सकी। लेकिन सिलेंडर की डिलीवरी सोमवार को हुई और उसी समय नया डीएसी नंबर जारी कर दिया गया, ताकि नई कीमत के हिसाब से डिलीवरी की जा सके। वहीं दलदल सिवनी और डीडी नगर क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब 3 से 5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। 25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात को देखते हुए तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा भी बढ़ा दी है। अब एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। पहले यह अवधि 21 दिन थी। इसके साथ ही कंपनियों ने यह भी साफ किया है कि जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं दी जाएगी। एचपीसीएल ने अफवाहों से बचने की अपील की इस बीच एचपीसीएल ने उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया पर फैल रही सप्लाई संकट की खबरें भ्रामक हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: एलपीजी सिलेंडर महंगा, रायपुर में डिलीवरी में 5–6 दिन की देरी Read Post »

Chhattisgarh, State, Top News

रायपुर के भाठागांव में अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई, बुलडोजर से तोड़ी गई सड़कें

रायपुर के भाठागांव इलाके में अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और अवैध रूप से बनाई गई सड़कों को तोड़ दिया। नगर निगम के अनुसार जिस जगह पर कार्रवाई की गई है, वहां शंकरा विहार के नाम से अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। इस मामले में भारत और कौशल नाम के लोगों का नाम सामने आया है। 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अवैध प्लाटिंग निगम अधिकारियों को शंकरा विहार में पांच एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध प्लाटिंग किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के जमीन को काटकर प्लॉट बनाए जा रहे थे और वहां मुरुम की सड़कें भी तैयार कर दी गई थीं। इसके बाद निगम की टीम ने बुलडोजर की मदद से इन सड़कों को तोड़ दिया। जिस जमीन पर यह कार्रवाई की गई है वह हल्का नंबर 105/60 के अंतर्गत आती है। इन खसरा नंबरों की जमीन पर हो रही थी प्लाटिंग निगम के अनुसार खसरा नंबर 940/1, 940/2, 940/4, 940/8, 940/9, 940/10, 941/1, 941/2, 941/3, 944/1 और 944/2 की जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। यहां बिना किसी अनुमति के सड़कें और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे थे। एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए तहसीलदार को पत्र लिखकर जमीन से जुड़ी अधिकृत जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद बिना अनुमति के प्लाटिंग और निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जोन क्रमांक 6 के जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया कि भाठागांव क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

रायपुर के भाठागांव में अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई, बुलडोजर से तोड़ी गई सड़कें Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

कोरबा मेडिकल कॉलेज परिसर में कबाड़ गाड़ियों में लगी आग, छह वाहन जलकर नष्ट

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के पीछे लंबे समय से खड़ी पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियों में आग भड़क उठी, जिससे कुछ ही देर में आसपास का इलाका धुएं से भर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते छह वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर के पीछे कई पुरानी गाड़ियां कबाड़ के रूप में खड़ी थीं। अचानक इन्हीं वाहनों में आग लग गई और आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। धुएं और आग की लपटों को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। दमकल की टीम पहुंचने में हुई देरी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पहले खुद ही आग बुझाने की कोशिश की और साथ ही दमकल विभाग को सूचना दी। बताया जा रहा है कि दमकल की टीम को मौके पर पहुंचने में कुछ समय लग गया, जिसके कारण आग ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक छह वाहन पूरी तरह जल चुके थे। पास में है डॉक्टरों और स्टाफ की कॉलोनी जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास ही डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनी स्थित है। आग लगने की खबर से कॉलोनी में रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल बन गया। हालांकि दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया और उसे आगे फैलने से रोक दिया। पहले भी उठते रहे हैं सुरक्षा के सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से पुरानी गाड़ियां और अन्य कबाड़ पड़ा हुआ था, जिसे हटाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। लोगों का यह भी कहना है कि जिस जगह पर यह गाड़ियां खड़ी थीं, वहां अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। बताया जा रहा है कि पास में संचालित ओएसटी सेंटर में आने वाले कुछ नशे के आदी युवक भी कई बार इन गाड़ियों के आसपास बैठते देखे जाते थे। आग लगने के कारणों की जांच जारी फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व की हरकत से आग लगी हो सकती है। घटना के बाद अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कबाड़ वाहनों को हटाने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

कोरबा मेडिकल कॉलेज परिसर में कबाड़ गाड़ियों में लगी आग, छह वाहन जलकर नष्ट Read Post »

Accident, Chhattisgarh, korba, State, Top News

छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी गर्मी, राजनांदगांव में 39 डिग्री तापमान दर्ज

छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और गर्मी सामान्य से ज्यादा बनी रह सकती है। प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है। सोमवार को राज्य में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार से मराठवाड़ा तक एक द्रोणिका यानी ट्रफ सक्रिय है, जो झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के ऊपर से गुजर रही है। हालांकि इस सिस्टम का प्रदेश के मौसम पर फिलहाल कोई खास प्रभाव नहीं दिख रहा है, जिसके कारण मौसम सूखा बना हुआ है। रायपुर में दो दिन तक मौसम रहेगा शुष्क राजधानी रायपुर में 10 मार्च को हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। फिलहाल राज्य के किसी भी हिस्से के लिए मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। फिलहाल कोई सक्रिय सिस्टम नहीं मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस समय कोई मजबूत सिनोप्टिक सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना भी कम है। फरवरी में भी ठंड कम रही रायपुर में जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी अधिकतर समय आसमान साफ रहता है और हवाएं सामान्य रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण कभी-कभी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के अंतिम दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति भी बनी थी। इस दौरान कई जगह तेज हवाएं, आंधी और ओलावृष्टि जैसी स्थिति भी बन सकती है। सर्दियों का असर खत्म होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। रायपुर में रिकॉर्ड ठंड और बारिश रायपुर में फरवरी महीने में सबसे अधिक ठंड 9 फरवरी 1893 को दर्ज की गई थी, जब तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं सबसे गर्म दिन 28 फरवरी 2009 को दर्ज किया गया, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था। इतिहास में फरवरी महीने में कई बार असामान्य बारिश भी दर्ज की गई है। 4 फरवरी 1917 को 24 घंटे के भीतर 57.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि 1901 में पूरे फरवरी महीने में कुल 118.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। Chhattisgarh Temperature Data Chart Location / Parameter Temperature / Data Details Highest Temperature 39°C Rajnandgaon recorded the highest maximum temperature in the state Lowest Temperature 16.2°C Ambikapur recorded the lowest minimum temperature Temperature Deviation +2°C to +4°C Day temperature across districts above normal Expected Condition Next 4 days Temperature likely to remain above normal Weather Condition Dry No rainfall recorded in the state Raipur Maximum Temp (Forecast) 38°C Expected daytime temperature Raipur Minimum Temp (Forecast) 23°C Expected night temperature Weather System Trough Line From Bihar to Marathwada via Jharkhand, Chhattisgarh and Vidarbha Rain Forecast None No weather warning issued

छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी गर्मी, राजनांदगांव में 39 डिग्री तापमान दर्ज Read Post »

Chhattisgarh, Chhattisghar, State, Top News, weather

बिलासपुर में रेलवे ट्रैक के पास अवैध महुआ शराब बनाने की तैयारी, नाले से 6 टन लहान बरामद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध महुआ शराब बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापा मारकर नाले के पास गड्ढों में छिपाकर रखे करीब 6 टन महुआ लहान बरामद किए हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान शराब तैयार करने वाले आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। यह पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र के घुटकू इलाके का बताया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर से लगे घुटकू इलाके में रेलवे लाइन के पास बड़ी मात्रा में महुआ लहान छिपाकर रखा गया है और वहां कच्ची शराब बनाने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही सीएसपी गगन कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया। 300 डिब्बों में छिपाकर रखा गया था लहान तलाशी के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे नाले में गड्ढे बनाकर करीब 300 डिब्बों में महुआ लहान रखा हुआ मिला। जांच में सामने आया कि इन डिब्बों को झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि लहान को सड़ाकर उससे कच्ची शराब बनाई जा सके। पुलिस ने सभी डिब्बों को बाहर निकालकर जांच की, जिसमें लगभग 6000 किलो महुआ लहान बरामद हुआ। बाद में पुलिस ने मौके पर ही इसे नष्ट कर दिया। आरोपियों की तलाश जारी कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे की टीम ने आसपास के घरों और इलाके में तलाशी भी ली। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि यह लहान किसने रखा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अवैध शराब बनाने वाले लोगों की तलाश जारी है।

बिलासपुर में रेलवे ट्रैक के पास अवैध महुआ शराब बनाने की तैयारी, नाले से 6 टन लहान बरामद Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, Crime, State

मिसिंग चिल्ड्रन रिपोर्ट: बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। पिछले लगभग पांच वर्षों से राज्य लगातार इस सूची के टॉप-10 राज्यों में बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को पुलिस और प्रशासन ने खोज लिया है, जबकि 400 से अधिक बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। राज्य के कुछ जिलों में बच्चों के गायब होने के मामले अधिक सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा इस सूची में पहले स्थान पर है। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर, सक्ती, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों का नाम शामिल है। लापता बच्चों की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 559 बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है। बरामद किए गए बच्चों में सबसे अधिक संख्या जांजगीर-चांपा जिले की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रायपुर और बिलासपुर जैसे औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में प्रवासी परिवारों की संख्या अधिक है। कई बार उनके बच्चे परिवार से बिछड़ जाते हैं या बिना जानकारी दिए अन्य शहरों की ओर चले जाते हैं। इसके अलावा मानव तस्करी के गिरोह भी बच्चों के लापता होने का एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तस्कर बच्चों को बड़े शहरों में अधिक पैसे या अन्य लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं और उनसे मजदूरी या अन्य काम करवाते हैं। ऑपरेशन मुस्कान के दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों से पूछताछ में ऐसे मामलों का खुलासा भी हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से 7,777 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जबकि बाकी बच्चों को खोज लिया गया है। वहीं कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, लक्षद्वीप और दादर एवं नगर हवेली में इस अवधि के दौरान बच्चों के लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार लापता बच्चों में 14 से 17 वर्ष की आयु के किशोर-किशोरियों की संख्या अधिक है और इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले ज्यादा पाई गई है।

मिसिंग चिल्ड्रन रिपोर्ट: बच्चों के लापता होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर Read Post »

Bhilai / Durg, Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, Raipur, State, Top News
Scroll to Top