State

भिलाई में राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन के सामने का कांच क्षतिग्रस्त

भिलाई में चलती ट्रेन पर पथराव की एक और घटना सामने आई है। सोमवार शाम बिलासपुर से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर खुर्सीपार गेट और पावर हाउस के बीच अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके। पथराव में ट्रेन के इंजन के सामने लगा कांच क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें दरार आ गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को कोई चोट नहीं पहुंची, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। खुर्सीपार और पावर हाउस के बीच हुई घटना प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी एक्सप्रेस (12441) सोमवार शाम करीब 4 बजे अपने निर्धारित मार्ग से गुजर रही थी। खुर्सीपार गेट पार कर जैसे ही ट्रेन पावर हाउस की ओर बढ़ी, तभी अचानक इंजन की ओर पत्थर फेंके गए। एक पत्थर सीधे इंजन के सामने लगे कांच से टकराया, जिससे कांच में दरार आ गई। अचानक हुई इस घटना से कुछ समय के लिए ट्रेन स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने संयम रखते हुए ट्रेन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया। आरपीएफ ने दर्ज किया केस, तलाश जारी घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। भिलाई-3 आरपीएफ प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पथराव खुर्सीपार क्षेत्र की ओर से किया गया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने खुर्सीपार और आसपास के इलाकों में सघन जांच अभियान शुरू किया है। झुग्गी बस्तियों में भी तलाशी ली जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार खुर्सीपार क्षेत्र में इससे पहले भी वंदे भारत ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आ चुकी है। उस मामले में एक अपचारी बालक को पकड़ा गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

भिलाई में राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन के सामने का कांच क्षतिग्रस्त Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State, Top News

रायपुर में मजबूत पुलिस कमिश्नरी की तैयारी, पूरे जिले में लागू करने के संकेत

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के दायरे को लेकर बड़ा फैसला जल्द हो सकता है। संकेत हैं कि नवा रायपुर के साथ-साथ पूरे रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इस संबंध में आज कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। कमिश्नरी सिस्टम के विस्तार का मुद्दा पहले भी सामने आ चुका है। एक सर्वे में करीब 90 फीसदी लोगों ने नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी के अंतर्गत लाने की मांग की थी। कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों और पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी पूरे जिले में इसे लागू करने का समर्थन किया है। निवेश और रोजगार से जुड़ा है मजबूत कानून व्यवस्था मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजी स्तर के अधिकारियों का मानना है कि जहां कानून व्यवस्था मजबूत होती है, वहां निवेश बढ़ता है और रोजगार के नए अवसर बनते हैं। इससे जनता का सरकार पर भरोसा भी मजबूत होता है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त लॉ एंड ऑर्डर का सीधा असर शासन की स्थिरता पर पड़ता है। 31 दिसंबर को ऐलान, लेकिन खाका अब तक अधूरा 31 दिसंबर 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू करने का निर्णय लिया गया था। गृह विभाग को इसका पूरा ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन 21 दिन बीतने के बाद भी खाका तैयार नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे जिले में कमिश्नरी लागू करने पर आपत्ति है। उनका मानना है कि पुलिस को प्रशासन के अधीन ही रहना चाहिए। इसी कारण प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। सरकार की मंशा पूरे जिले में सिस्टम लागू करने की डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कई बार पूरे रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नरी लागू करने को लेकर पत्राचार किया है। एडीजी स्तर की कमेटी ने भी पुलिस कमिश्नर को पूर्ण अधिकार देने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार मजबूत और प्रभावी कमिश्नरी सिस्टम लागू करना चाहती है। दोहरी पुलिसिंग से बढ़ेगा खर्च अगर रायपुर शहर में कमिश्नरी और ग्रामीण इलाकों में देहात पुलिस सिस्टम लागू किया गया, तो सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। देहात क्षेत्र के लिए अलग से एसपी, एएसपी, डीएसपी कार्यालय, पुलिस लाइन, कंट्रोल रूम, वायरलेस सिस्टम और वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। इस पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है। थानों की दूरी बढ़ने से जनता को होगी परेशानी देहात पुलिसिंग लागू होने पर नगर निगम सीमा से लगे कई इलाकों को ग्रामीण थानों में शामिल किया जाएगा। इससे थानों की दूरी बढ़ेगी और आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने में परेशानी होगी। विधानसभा थाना क्षेत्र से जुड़े सेमरिया, नरदहा और बरोंदागांव जैसे इलाके ग्रामीण थानों में चले जाएंगे। जहां विधानसभा थाना मात्र एक किलोमीटर दूर है, वहीं खरोरा या सिलतरा थाना 25 से 35 किलोमीटर दूर पड़ता है। विशेषज्ञों की राय: पूरे अधिकारों के साथ लागू हो कमिश्नरी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधे-अधूरे अधिकारों के साथ कमिश्नरी लागू करना पुलिस को कमजोर करेगा। औद्योगिक क्षेत्र, एयरपोर्ट, मंत्रालय और सचिवालय को भी कमिश्नरी के दायरे में लाया जाना चाहिए। दिल्ली, मुंबई और कानपुर जैसे शहरों की तरह रायपुर में भी पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।

रायपुर में मजबूत पुलिस कमिश्नरी की तैयारी, पूरे जिले में लागू करने के संकेत Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, State

मुनाफे का झांसा, फर्जी ऐप का जाल: दुर्ग में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24 लाख की साइबर ठगी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 24 लाख रुपये की साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में फर्जी शेयर-ट्रेडिंग ऐप के जरिए एक युवक से 13.90 लाख रुपये ठगे गए, जबकि दूसरे मामले में QR कोड और लिंक के माध्यम से 11.15 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना दुर्ग में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। व्हाट्सऐप लिंक से शुरू हुआ फर्जी ट्रेडिंग का खेल खुर्सीपार भिलाई निवासी मनीष कुमार गजपाल (39) ने बताया कि नवंबर 2025 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया। इसमें ट्रेडिंग ग्रुप जॉइन करने का लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने पर वे “Stock Flights D2” नामक व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े, जहां लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जा रहे थे। दिसंबर 2025 में ग्रुप के निर्देश पर उनसे GTSS LLC नामक ऐप इंस्टॉल कराया गया, जिसमें निवेश और कथित मुनाफा दिखाया जाता था। भरोसा दिलाने के लिए शुरुआती तौर पर 50 हजार रुपये का एक बार विड्रॉल भी कराया गया। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। 31 दिसंबर से 6 जनवरी के बीच पीड़ित से कुल 13.90 लाख रुपये जमा कराए गए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो “आईपीओ पेंडिंग” बताकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। लगातार भुगतान के बावजूद रकम नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उन्होंने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। QR कोड और लिंक से दूसरी ठगी, GST के नाम पर मांग दूसरा मामला कोहका भिलाई क्षेत्र का है। पीड़ित शुभम जायसवाल (29) को 20 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “ब्रड सिक्योरिटी” कंपनी का प्रतिनिधि बताया और निवेश पर मोटे मुनाफे का ऑफर दिया। लिंक भेजकर QR कोड के जरिए ट्रांजेक्शन कराए गए। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश पर 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाया गया। इसके बाद 23 दिसंबर से 6 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और QR कोड के माध्यम से 11.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इस दौरान कुछ रकम विड्रॉल भी कराई गई, जिससे ठगों पर भरोसा और बढ़ गया। 7 जनवरी 2026 को लिंक आईडी में करीब 16 लाख रुपये दिखने लगे। जब पीड़ित ने 5 लाख रुपये विड्रॉल करने की कोशिश की, तो 18% GST जमा करने का मैसेज आया। शक होने पर उन्होंने भुगतान नहीं किया। बाद में संपर्क करने पर एफआईआर की धमकी दी गई, जिससे ठगी का खुलासा हुआ। साइबर पुलिस कर रही जांच दोनों मामलों में साइबर थाना दुर्ग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(2), 318(4) और 336(3) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऐप्स, लिंक और डिजिटल ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में संगठित साइबर ठग गिरोह की आशंका जताई जा रही है।

मुनाफे का झांसा, फर्जी ऐप का जाल: दुर्ग में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24 लाख की साइबर ठगी Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, State

वीजा खत्म, फिर भी सालों से रायपुर में रह रहीं थीं विदेशी युवतियां: पुलिस हिरासत में, IB कर रही पूछताछ

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने दो विदेशी महिला नागरिकों को हिरासत में लिया है। दोनों महिलाएं उज़्बेकिस्तान की रहने वाली बताई जा रही हैं और वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद लंबे समय से रायपुर में रह रही थीं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है। उनके पास मौजूद दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। IPS–CSP स्तर के अफसर कर रहे जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तेलीबांधा इलाके में दो विदेशी महिलाओं के लंबे समय से रहने की जानकारी मिली थी, लेकिन उनके वीजा और वैध निवास को लेकर संदेह बना हुआ था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने खुद को उज़्बेकिस्तान का नागरिक बताया है। वे किस उद्देश्य से भारत आई थीं, किस श्रेणी का वीजा था और वह वर्तमान में वैध है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पासपोर्ट-वीजा जब्त, FRRO से संपर्क पुलिस ने दोनों महिलाओं के पासपोर्ट, वीजा और पहचान से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि के लिए विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया गया है। जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि वीजा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी रायपुर में सामने आ चुका है ऐसा मामला गौरतलब है कि करीब 11 महीने पहले भी रायपुर में एक विदेशी युवती की गिरफ्तारी हुई थी। तब वह अपने साथी के साथ शराब के नशे में तेज रफ्तार कार चला रही थी और VIP रोड पर स्कूटी सवार युवकों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें एक की मौत हो गई थी। उस मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़े सेक्स रैकेट नेटवर्क के संकेत भी मिले थे। घटना 6 फरवरी 2025 की रात की थी, जब उज़्बेकिस्तान के ताशकंद की रहने वाली युवती भारत सरकार लिखी कार चला रही थी और हादसे के बाद मौके पर हंगामा भी किया था।

वीजा खत्म, फिर भी सालों से रायपुर में रह रहीं थीं विदेशी युवतियां: पुलिस हिरासत में, IB कर रही पूछताछ Read Post »

Chhattisgarh, Crime, International, Raipur, State, Top News

दुर्ग में गंदे पानी से पीलिया फैला: उतई नगर पंचायत के 2 वार्ड प्रभावित, हैंडपंप बंद कर भेजे गए पानी के सैंपल

दुर्ग।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की नगर पंचायत उतई में दूषित पानी पीने से पीलिया (जॉन्डिस) फैलने का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 14 और 15 में बीते करीब एक महीने से लगातार मरीज मिल रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नालियों में जमा गंदे पानी की वजह से घरों और सार्वजनिक हैंडपंपों का जल स्रोत दूषित हो गया, जिसके बाद बदबूदार पानी की शिकायतें मिलने लगीं। शुरुआत में कुछ परिवारों ने इसे व्यक्तिगत समस्या समझा, लेकिन धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में एक जैसे लक्षण नजर आने लगे। हैंडपंप और बोरिंग का पानी बना बीमारी की वजह सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मरीजों के घरों में जाकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया किअधिकांश परिवार हैंडपंप या बोरिंग के पानी का उपयोग कर रहे थे। एहतियातन वार्ड में मौजूद एक सार्वजनिक हैंडपंप को तुरंत बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी संदिग्ध जलस्रोतों से पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक ही वार्ड में मिले 12 मरीज जानकारी के अनुसार, वहीं वार्ड 14 में पहले 12 मरीज सामने आए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। यहां एक बोरिंग को संदिग्ध मानते हुए तुरंत बंद कर दिया गया। बीएमओ और डॉक्टरों की टीम ने किया घर-घर निरीक्षण बीएमओ डॉ. देवेंद्र बेलचंदन ने बताया किडॉक्टरों की टीम ने प्रभावित वार्डों के घरों में जाकर स्थिति का आकलन किया है।हालांकि हाल ही में दो घरों में हल्के लक्षण दिखे थे, लेकिन उनकी हालत फिलहाल सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया है। लोगों को केवल उबला हुआ पानी पीने की सख्त सलाह दी गई है। हैंडपंप बंद, टैंकर से हो रही पानी की सप्लाई सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाकों में इसके साथ ही का काम भी तेज कर दिया गया है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र नायक ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पानी के सैंपल जांच में, स्थिति नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया किप्रभावित घरों के सभी पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन वार्ड 14 और 15 में निगरानी लगातार जारी है।

दुर्ग में गंदे पानी से पीलिया फैला: उतई नगर पंचायत के 2 वार्ड प्रभावित, हैंडपंप बंद कर भेजे गए पानी के सैंपल Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Health, State, Top News

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ की दावरा यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। यूनिवर्सिटी में फार्मेसी कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्र सागर गुप्ता ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उन्हें पीसीआई (Pharmacy Council of India) की मान्यता होने का भरोसा देकर एडमिशन कराया, लेकिन बाद में यह सामने आया कि कोर्स को पीसीआई की स्वीकृति ही नहीं मिली थी। छात्र सागर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एडमिशन से पहले कई बार यूनिवर्सिटी से PCI अप्रूवल को लेकर स्पष्ट सवाल किए थे। हर बार उन्हें यही बताया गया कि कोर्स पूरी तरह से अप्रूव्ड है। इसके बाद उन्होंने तय फीस जमा कर फार्मेसी कोर्स में एडमिशन ले लिया। 5 दिसंबर को किया गया बड़ा खुलासा सागर का आरोप है कि एडमिशन के काफी समय बाद, 5 दिसंबर को यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अचानक यह जानकारी दी कि पीसीआई अप्रूवल रिजेक्ट हो चुका है, जबकि इससे पहले दो बार इंस्पेक्शन होने के बावजूद छात्रों को आश्वासन दिया जाता रहा कि सब कुछ ठीक है। फ्रॉड जैसे विकल्प दिए गए छात्र का कहना है कि जब अप्रूवल न होने की बात सामने आई तो यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार द्वारा तीन विकल्प दिए गए, जो पूरी तरह से भ्रामक और धोखेबाज़ी से भरे थे। इन विकल्पों में न तो पढ़ाई की उचित व्यवस्था थी और न ही भविष्य की कोई गारंटी। शिक्षकों और पढ़ाई की भारी कमी सागर ने बताया कि यूनिवर्सिटी में न तो ठीक से बैठने की व्यवस्था थी, न नियमित क्लासेज़। कई दिनों तक शिक्षक ही नहीं आते थे। 17 अगस्त से 3 अक्टूबर तक छात्र लगातार शिक्षकों और प्रशासन से संघर्ष करते रहे। दो महीने बाद एक शिक्षक आईं, लेकिन वे भी अनुभवहीन बताई जा रही हैं। कंपनसेशन से भी इनकार जब छात्रों ने अपने बर्बाद हुए समय और भविष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी से कंपनसेशन की मांग की, तो प्रबंधन ने इस पर भी सहमति नहीं जताई। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी को बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। छात्र का आरोप सागर गुप्ता का कहना है, “हमने पूरी जानकारी लेकर एडमिशन लिया था। यूनिवर्सिटी ने झूठ बोला। हमारा कीमती समय, पैसा और भविष्य बर्बाद कर दिया गया।” ⚠️ प्रशासन से कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बिना पीसीआई अप्रूवल के छात्रों को एडमिशन कैसे दिया गया। छात्रों और उनके परिजनों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। Note- इस पूरे मामले में लगाए गए सभी आरोप छात्र सागर गुप्ता के हैं। खबर लिखे जाने तक दावरा यूनिवर्सिटी प्रबंधन से इस विषय पर कोई लिखित या मौखिक जवाब प्राप्त नहीं हो सका है।

दावरा यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप, छात्र ने लगाया भविष्य बर्बाद करने का आरोप Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों के आठ जिलों में शीतलहर का असर बना रहेगा। राजधानी रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल मैनपाट में तापमान 1.8 डिग्री तक गिर गया। अंबिकापुर में पारा 3.3 डिग्री, पेंड्रा में 7.6 डिग्री, दुर्ग और राजनांदगांव में 8 डिग्री तथा जगदलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री (जगदलपुर) और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री (अंबिकापुर) रहा। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ❄️ ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल खुले रहेंगे, लेकिन दो पालियों में चलने वाले स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब पहली पाली सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक संचालित होगी। ⚠️ ठंड से जान का खतरा अंबिकापुर के श्रीगढ़ इलाके में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। कम कपड़ों में खुले में सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए। यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर को बस स्टैंड में सो रहे एक व्यक्ति की भी मौत हो चुकी है। 🏥 बच्चों की सेहत पर असर तेज ठंड का असर बच्चों पर भी साफ दिख रहा है। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे उन्हें NICU और SNCU तक में भर्ती कराना पड़ रहा है। 🤒 अस्पतालों की OPD में बढ़ी भीड़ ठंड के चलते वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में सबसे ज्यादा भीड़ है। 🧊 क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति घातक साबित हो सकती है। 🔥 नगर निगम ने जलवाए अलाव शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। मेयर मीनल चौबे और निगम कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है। 🦟 बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में अधिक और रात में कम तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। अगले कुछ दिनों में ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरदानी के उपयोग, पानी जमा न होने देने और समय पर जांच कराने की सलाह दी है। 🛡️ ठंड से बचाव के उपाय डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन-C युक्त आहार, अदरक-तुलसी की चाय और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम व वायरल संक्रमण से बचाव होता है।

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। Read Post »

Bhilai / Durg, Bijapur, Bilaspur, Chhattisgarh, Kanker, Raigarh, Raipur, State, Sukma, Top News, Wealth

रायपुर हिट एंड रन मामला: रेणुका सिंह के बेटे की कार से बाइक सवार को टक्कर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत

रायपुर हिट एंड रन मामला: रेणुका सिंह के बेटे की कार से बाइक सवार को टक्कर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हिट एंड रन का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। बीजेपी विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह के बेटे बलवंत सिंह पर बाइक सवार युवक को कार से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन थाने से ही उसे जमानत मिल गई। हादसे में घायल युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक के पास 5 जनवरी की देर रात करीब 1:15 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल युवक की हालत गंभीर हादसे में घायल युवक की पहचान त्रिभुवन सिंह ठाकुर (34) के रूप में हुई है, जो डीजे और इवेंट से जुड़ा काम करता है। वह काम खत्म कर सेरीखेड़ी से बाइक से तेलीबांधा लौट रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। कार छोड़कर फरार हुआ आरोपी पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां दुर्घटनाग्रस्त कार मौजूद थी, लेकिन चालक फरार था। जांच में सामने आया कि कार (CG 04 PC 0853) बलवंत सिंह चला रहा था। वाहन मालिक जयप्रकाश उपाध्याय, निवासी रामानुज नगर, कुशालपुर (सरगुजा) के नाम पर कार रजिस्टर्ड है, जिसने नोटिस के जवाब में पुष्टि की कि घटना के समय वाहन बलवंत सिंह के पास था। पीड़ित के भाई राज नारायण सिंह की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(a) के तहत मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया। गिरफ्तारी के बाद तुरंत मिली जमानत पुलिस ने 6 जनवरी की रात आरोपी बलवंत सिंह (33) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जोरा मॉल से तेलीबांधा की ओर लौट रहा था, तभी अचानक बाइक सामने आने से कार का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही आरोपी को थाने से जमानत दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़े सरकारी आंकड़ों के अनुसार— राष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है। 2023 में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं तमिलनाडु में दर्ज की गईं, जबकि सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। सड़क हादसों के प्रमुख कारण हादसों से बचाव के उपाय

रायपुर हिट एंड रन मामला: रेणुका सिंह के बेटे की कार से बाइक सवार को टक्कर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, State, Top News

बिलासपुर के मोपका सब स्टेशन में भीषण आग, आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप, मची अफरा-तफरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मोपका क्षेत्र स्थित शहर के सबसे बड़े और पुराने बिजली सब स्टेशन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। घटना के चलते शहर के बड़े हिस्से की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे आधे शहर में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। बिजली विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद है। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। आग से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल पुराना यह सब स्टेशन 480 मेगावॉट क्षमता का है। इसमें से लगभग 320 मेगावॉट बिजली बिलासपुर शहर के बड़े हिस्से को सप्लाई की जाती है। आग लगते ही सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे आवासीय इलाकों, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अचानक अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानों में काम ठप हो गया, वहीं घरों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बिजली विभाग और प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे।

बिलासपुर के मोपका सब स्टेशन में भीषण आग, आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप, मची अफरा-तफरी Read Post »

Accident, Bilaspur, Chhattisgarh, State

रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, बोले– अगर मेरे हाथ में होता तो बेटा जेल ही नहीं जाता

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने शराब घोटाले के मामले में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने अपने बेटे चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि उन्होंने अपने बेटे को जेल से छुड़वा लिया, जबकि हकीकत यह है कि उसे अदालत से जमानत मिली है। पूर्व सीएम ने कहा, “अगर मेरे हाथ में होता, तो मेरा बेटा जेल जाता ही नहीं। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई, तभी जाकर उसे जमानत मिली।” कवासी लखमा को लंबे समय तक जेल में रखने की कोशिश भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कवासी लखमा को जानबूझकर लंबे समय तक जेल में रखने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं किया, जिससे मामले का फैसला टल गया। उन्होंने दावा किया कि यदि एजेंसी समय पर जवाब पेश करती, तो 17 दिसंबर को ही निर्णय आ सकता था। लेकिन जवाब रोका गया ताकि लखमा को जेल में रखा जा सके। भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनके बयानों से सच्चाई सामने आ रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कवासी लखमा को निर्दोष बताया जा रहा है, तो फिर EOW और ED की कार्रवाई क्यों जारी है। साथ ही भाजपा नेताओं को “घड़ियाली आंसू” न बहाने की सलाह दी। कौन हैं कवासी लखमा कवासी लखमा बस्तर अंचल के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वे सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। 2013 के दरभा घाटी नक्सली हमले में वे उन नेताओं में शामिल थे, जो जीवित बच पाए थे। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें आबकारी मंत्री बनाया गया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के मंत्रियों में से गिने-चुने नेता ही अपनी सीट बचा पाए, जिनमें कवासी लखमा भी शामिल रहे। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। एजेंसी का दावा है कि करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। इस मामले में एसीबी में दर्ज FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। ED के अनुसार, पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, बोले– अगर मेरे हाथ में होता तो बेटा जेल ही नहीं जाता Read Post »

Bhilai / Durg, Bilaspur, Chhattisgarh, Political, Raigarh, Raipur, State
Scroll to Top