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स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और लगातार बिजली आपूर्ति में बाधा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं को इस महीने सामान्य से दो से तीन गुना तक ज्यादा बिजली बिल मिला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर को हटाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि वह गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों को जागरूक करेगी और सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि गर्मी के मौसम में शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे आमजन परेशान हैं। दीपक बैज ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को बिजली सरप्लस राज्य माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बिगड़ चुकी है। रात के समय बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कांग्रेस का कहना है कि जनता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों और महंगी दरों से परेशान है, और ऊपर से लगातार बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं।

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दुर्ग में दिल दहला देने वाली घटना: माता-पिता फंदे पर लटके मिले, दो बच्चों की शव बिस्तर पर बरामद

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे से लटके मिले, जबकि उनके दो बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दंपती ने पहले बच्चों की हत्या की और बाद में आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार गोविंद साहू (45) और उनकी पत्नी चंचल साहू (40) के शव कमरे में फंदे से लटके मिले। वहीं बेटी दृष्टि साहू (13) और बेटे यशांत साहू (11) के शव बिस्तर पर पाए गए। घटना की जानकारी परिवार के सदस्यों को तब हुई जब सुबह काफी देर तक कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलने पर सभी के शव अंदर मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार हाल ही में तिरुपति बालाजी दर्शन से वापस लौटा था। जांच में बच्चों के गले पर निशान भी पाए गए हैं। हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार गोविंद साहू एक निजी कंपनी में काम करता था। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

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कान्हा टाइगर रिज़र्व में एक और बाघ की मौत, वन विभाग जांच में जुटा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध Kanha Tiger Reserve में एक बार फिर बाघ की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह मुक्की सर्कल के मोहगांव बीट क्षेत्र में लगभग 5 से 6 साल की उम्र का एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही एक बाघिन और उसके चार शावकों की कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से मौत हो चुकी थी, जिससे पूरे वन विभाग में चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में मृत बाघ के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और फेफड़ों में संक्रमण की भी पुष्टि हुई है। हालांकि वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ के दांत, पंजे और मूंछें सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार या तस्करी की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही इस बाघ को घायल और बीमार अवस्था में देखा गया था, जिसके बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई थी। लगातार हो रही बाघों की मौतों ने Kanha Tiger Reserve की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि CDV जैसे वायरस पर नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, 12 नए डायल-112 ईआरवी वाहन हुए शुरू

छत्तीसगढ़ के Dhamtari जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हाईटेक डायल-112 और ईआरवी (Emergency Response Vehicle) वाहनों की शुरुआत की गई। पुलिस लाइन रूद्री में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar, महापौर Ramu Rohra और जिला पंचायत अध्यक्ष Arun Sarwa ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया। जिले को कुल 12 नए हाईटेक डायल-112 ईआरवी वाहन मिले हैं, जिन्हें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। ये वाहन 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और सड़क दुर्घटना, महिला अपराध, मारपीट, विवाद और अन्य आपात स्थितियों में तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराएंगे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ईआरवी वाहनों की कार्यप्रणाली, रिस्पांस सिस्टम और आपातकालीन हालात में त्वरित कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की। बताया गया कि इन वाहनों के जरिए घटनास्थल तक कम समय में पहुंचकर बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने कहा कि डायल-112 सेवा आम लोगों की सुरक्षा और भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हर शिकायत पर संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है। इन आधुनिक वाहनों में GPS ट्रैकिंग, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे पुलिस कंट्रोल रूम और फील्ड टीम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और घटनाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।

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रेलवे नौकरी में फिटनेस सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर 5 लाख रिश्वत की मांग, CBI ने 2 को भेजा जेल

रेलवे भर्ती में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में CBI ने रेलवे के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रेलवे में असिस्टेंट स्पोर्ट्स सेक्रेट्री के पद पर कार्यरत इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और उनकी स्टूडेंट वेटलिफ्टर रामा लक्ष्मी शामिल हैं। CBI की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक महिला उम्मीदवार से रेलवे में नौकरी दिलाने और मेडिकल में फिट घोषित कराने के बदले 5 लाख रुपए की मांग की थी। आरोप था कि पैसे नहीं देने पर मेडिकल टेस्ट में फेल कर देने की धमकी दी गई थी। मंगलवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 1 जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी रामा लक्ष्मी ने राजशेखर राव के कहने पर उम्मीदवार वंशिका से पैसों की मांग की थी। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में असली मास्टरमाइंड की भूमिका की भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं। CBI के वकील प्रशांत बाजपेयी के अनुसार, आरोपियों ने उम्मीदवार पर दबाव बनाते हुए कहा था कि यदि रकम नहीं दी गई तो उसे मेडिकल परीक्षण में अनफिट कर दिया जाएगा। वहीं पैसे देने पर उसे TTI पोस्ट के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कराने का भरोसा दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि राजशेखर राव ने सीधे संपर्क करने के बजाय अपनी स्टूडेंट रामा लक्ष्मी को माध्यम बनाया था। बताया जा रहा है कि इसके बदले उसे रकम का हिस्सा देने की बात भी कही गई थी। मामले में शिकायत मिलने के बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए 16 मई को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित घर से बी. राजशेखर राव को गिरफ्तार किया। वहीं रामा लक्ष्मी को रायपुर DRM ऑफिस से हिरासत में लिया गया। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों के ठिकानों से लाखों रुपए नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि एजेंसी ने बरामद रकम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद: 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद, कई शहरों में प्रदर्शन

देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आज केमिस्ट संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ में इसका व्यापक असर देखने को मिला, जहां करीब 18 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे। इसमें थोक और रिटेल दोनों तरह की दवा दुकानें शामिल हैं। राजधानी रायपुर और बिलासपुर में सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद नजर आए। सरगुजा में दवा व्यापारियों ने बाइक रैली निकालकर ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध किया। इस दौरान अपोलो फार्मेसी के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। रैली शहर के कई प्रमुख चौकों से होकर घड़ी चौक तक पहुंची। बस्तर जिले में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। जिले की लगभग 300 मेडिकल दुकानें और जगदलपुर शहर की करीब 120 दुकानें बंद रहीं। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए कई संचालकों ने ऑनलाइन संपर्क नंबर जारी किए हैं। वहीं महारानी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया गया। रायगढ़ में लगभग 760 मेडिकल स्टोर बंद रहे। दवा व्यापारियों ने रामनिवास टॉकीज चौक पर प्रदर्शन कर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई। इमरजेंसी जरूरतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए। दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस आंदोलन को व्यापारिक संगठन CAIT, चेंबर ऑफ कॉमर्स और कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ का भी समर्थन मिला है। CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा कि यह सिर्फ दवा व्यापार का मामला नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजार व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। वहीं डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कृपलानी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के कारण छोटे दुकानदारों का व्यापार लगातार प्रभावित हो रहा है। इधर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। जनऔषधि केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स और अन्य मेडिकल दुकानों के जरिए लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरत से ज्यादा दवाओं का स्टॉक न करें।

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जगदलपुर में अमित शाह की बड़ी बैठक: 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग नक्सलवाद, विकास और कनेक्टिविटी पर मंथन

बस्तर के जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में हो रही इस अहम बैठक में Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Uttarakhand और Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। बैठक में नक्सल उन्मूलन, राज्यों के बीच बेहतर इंटेलिजेंस साझा करने, आदिवासी कल्याण, डिजिटल प्रशासन और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही रेल और सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। बस्तर की नई पहचान दिखाने की कोशिश कभी नक्सल हिंसा के कारण सुर्खियों में रहने वाला बस्तर अब विकास और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में पेश किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा यहां इतनी बड़ी बैठक आयोजित करना केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक रणनीतिक और राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। जिस क्षेत्र में पहले सुरक्षा कारणों से बड़े नेताओं के दौरे सीमित रहते थे, वहां अब एक साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं। इसे सरकार नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता और बदलते हालात के संकेत के रूप में देख रही है। नक्सलवाद पर सख्त रुख गृह मंत्री अमित शाह पहले भी कई बार कह चुके हैं कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। हाल के महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने कई बड़े अभियान चलाए, जिनमें कई नक्सली कमांडर मारे गए या गिरफ्तार किए गए। सरकार का दावा है कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब फोकस विकास योजनाओं और स्थायी शांति स्थापित करने पर रखा जा रहा है। विकास और राज्यों के समन्वय पर चर्चा बैठक में राज्यों के बीच कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, बिजली, जल संसाधन, परिवहन और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में संयुक्त रणनीति और बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। बस्तर को पर्यटन और निवेश केंद्र बनाने की तैयारी सरकार अब बस्तर को केवल संघर्ष वाले क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि पर्यटन, निवेश और विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद गृह मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस्तर को लेकर केंद्र सरकार का आगे का विजन भी सामने आ सकता है। गुंडाधुर की धरती को मिलेगा नया स्वरूप बस्तर दौरे के दौरान अमित शाह ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में बस्तर को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई आने वाले कुछ वर्षों में की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक बस्तर पूरी तरह विकसित नहीं होगा, तब तक सरकार का संकल्प अधूरा रहेगा। उन्होंने अमर शहीद Gunda Dhur को याद करते हुए कहा कि इसी धरती से अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत हुई थी। शाह ने कहा कि पहले यहां हिंसा, स्कूलों पर हमले और आम लोगों में डर का माहौल था, लेकिन अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर हालात बदल दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर की इस ऐतिहासिक धरती को भविष्य में एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। कांग्रेस ने उठाए खर्च पर सवाल इस बैठक को लेकर Deepak Baij ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, तब इस बैठक को वर्चुअल तरीके से भी आयोजित किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग विशेष विमानों से नेताओं के आने-जाने में लाखों रुपए खर्च होंगे और ईंधन की भी खपत बढ़ेगी। उनके अनुसार, यह बैठक ऑनलाइन माध्यम से भी की जा सकती थी।

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रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 4 दिन में दूसरी बार महंगाई का झटका

रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार कीमत बढ़ने से आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत लगभग 104.32 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 97.38 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट की लागत बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इधर रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के आरोप में वंदना पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। विभाग को स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। इससे पहले ईंधन की कीमत बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों के चलते रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने लगे थे, जिससे कई जगहों पर पंपों पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। ईंधन संकट और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रायपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत कर सकते हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत तय होती है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी रहती है तो ईंधन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

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बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाला रैपिडो राइडर 8 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर में बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के करीब 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत क्राइम और साइबर सेल की बड़ी टीम सक्रिय रही। घटना के बाद पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। केनाल रोड पर लगे कैमरों में आरोपी के भागने की तस्वीरें सामने आईं, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस ने वाहन नंबर के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे खम्हारडीह थाना क्षेत्र के राजीव नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मणिकांत ध्रुव (19) बताया। वह रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल रहा है या नहीं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सवाल उठाए हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का मोबाइल चोरी होने पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया, जबकि आम नागरिकों के मामलों में ऐसी तेजी अक्सर देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि आम लोगों को मोबाइल चोरी या गुम होने पर सिर्फ शिकायत नंबर और इंतजार ही मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के लोगों को अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाने के लिए समान कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक 1,53,374 मोबाइल चोरी या गुम हो चुके हैं। इनमें से 1,09,089 मोबाइल ट्रैक किए जा रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक 48,960 मोबाइल बरामद कर चुकी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को अब तक उनके मोबाइल वापस नहीं मिले हैं। इधर रायपुर मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक या सुबह बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है, लेकिन लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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शराब घोटाला मामला: अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, कई शर्तें लागू

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला सोमवार को सुनवाई के दौरान सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनिल टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से जेल में बंद थे और उनके मामले में अभी कई गवाहों से पूछताछ बाकी है, जिससे ट्रायल में समय लग सकता है। अदालत ने यह भी माना कि इसी मामले के कई अन्य आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, अनिल टुटेजा को जमानत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा और वे किसी भी सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करने का निर्देश दिया गया है। ईडी के अनुसार, यह मामला 2019 से 2022 के बीच का है, जब राज्य में कांग्रेस सरकार थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान एक संगठित नेटवर्क के जरिए शराब नीति में गड़बड़ी कर बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की गई। ईडी का अनुमान है कि इस कथित घोटाले से लगभग 2800 से 3000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। जांच में कई अधिकारियों, नेताओं और कारोबारियों के शामिल होने का दावा किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की सच्चाई का फैसला ट्रायल के दौरान ही होगा।

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