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रायगढ़ में भीषण आग: कबाड़ गोदाम से फैली लपटों ने 43 बाइक जलाईं, करोड़ों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग ने पास स्थित बाइक शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 43 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, आग छातामुड़ा रोड स्थित कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री से भरे गोदाम में अचानक भड़की। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई और बगल में स्थित हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गई। आग की लपटों ने शोरूम में खड़ी नई और पुरानी मिलाकर लगभग 43 बाइकें नष्ट कर दीं। इसके अलावा शोरूम और वर्कशॉप में रखा अन्य सामान भी जल गया। आग बढ़ते देख कर्मचारियों ने कुछ नई बाइकें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखीं। हादसे के दौरान बाहर निकाली गई 2-3 बाइक चोरी होने की भी सूचना मिली है, जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। आग की चपेट में एक माजदा वाहन और एक छोटा हाथी (टाटा ऐस) भी आकर पूरी तरह जल गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 11 गाड़ियों को लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन गोदाम के अंदर अभी भी धुआं उठ रहा है क्योंकि प्लास्टिक सामग्री अंदर तक सुलग रही है। जिला फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने में काफी कठिनाई आई क्योंकि ऊपर से आग बुझने के बाद भी अंदर की परतों में आग सुलगती रही और बार-बार भड़कती रही। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है। शुरुआती आकलन के अनुसार कुल नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

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AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली

AIIMS Raipur ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने 10 महीने के एक मासूम बच्चे की बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। बच्चा ‘एएलसीएपीए’ (Anomalous Left Coronary Artery from the Pulmonary Artery) नाम की गंभीर और जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी लगभग 3 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। रायपुर जिले के इस मासूम की हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे AIIMS रायपुर रेफर किया गया। यह जटिल ऑपरेशन कई विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर किया, जिसमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हृदय कार्य (Left Ventricular Ejection Fraction) केवल 20 प्रतिशत रह गया था, साथ ही गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन ने स्थिति को और कठिन बना दिया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के मुताबिक यह बीमारी जन्मजात हृदय रोगों में सबसे जटिल मानी जाती है और इसका इलाज दुनिया के चुनिंदा बड़े मेडिकल संस्थानों में ही संभव हो पाता है। सर्जरी के दौरान और बाद में क्रिटिकल केयर टीम ने लगातार निगरानी रखी। शुरुआती 24 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, जिसमें उसे विशेष जीवन रक्षक सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। दूसरे ही दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और 9वें दिन उसे पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और बर्ड वॉक आयोजित

रायपुर के कोपरा जलाशय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई, जिसमें नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में सफाई कर स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया। इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में लोगों ने क्षेत्र में मौजूद विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका होती है। साथ ही जैव विविधता और पक्षियों के बीच संबंधों की भी जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम के जरिए लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया गया।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 5 दिनों तक हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। प्रदेशभर में तापमान फिलहाल इसी स्तर पर बने रहने की संभावना जताई गई है। इस बीच बिलासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां लू लगने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की आशंका जताई जा रही है। जोंधरा गांव में बुजुर्ग का शव बाजार स्थित एक जूता दुकान के बाहर मिला। जानकारी के मुताबिक वह पिछले दो महीनों से गांव में भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था और पिछले कुछ दिनों से बीमार भी था। तेज गर्मी के बीच वह अक्सर बाजार इलाके में ही पड़ा रहता था। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान UV रेज का स्तर एक्सट्रीम कैटेगरी में पहुंच सकता है, जिससे त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। मेकाहारा अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. Mrityunjay Singh ने बताया कि तेज धूप में कुछ ही मिनटों के भीतर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 10 बजे के बाद UV रेज तेजी से बढ़ने लगती हैं। 11 से 12 बजे के बीच इसका स्तर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही दोपहर बाद बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में भी तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है और अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं रायगढ़ में भी तेज गर्मी से लोग परेशान हैं। तापमान 44 डिग्री पहुंचने के कारण पंखे और कूलर भी असर नहीं दिखा रहे। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस और गर्म हवाओं से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्यादा तापमान से चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद की समस्या और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

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रायपुर की सिटी बसों की खुली पोल: सीटें फटी मिलीं, कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं

राजधानी रायपुर में चल रही सिटी बसों की खराब व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। रायपुर रेलवे स्टेशन और शहीद स्मारक भवन के पास किए गए औचक निरीक्षण में कई बसों में गंभीर खामियां मिलीं। जांच के दौरान बसों की सीटें फटी हुई पाई गईं, जबकि किसी भी बस में फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं था। इसके बाद संबंधित अनुबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर जिला शहरी सार्वजनिक सर्विस सोसाइटी की टीम ने 18 मई को अलग-अलग रूटों पर चल रही बसों की जांच की। निरीक्षण में रायपुर-खरोरा, रायपुर-खैरखुंट, रायपुर-चंद्रखुरी और रायपुर-मानसोज मार्ग की बसों को शामिल किया गया। जांच में यह जरूर पाया गया कि सभी बसों में अग्निशामक यंत्र मौजूद थे, लेकिन यात्रियों की आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही माना है। सोसाइटी की ओर से कहा गया कि बसों का संचालन फिटनेस टेस्ट के बाद ही किया जाता है। बसों के ब्रेक और हेडलाइट सही स्थिति में पाए गए। अतिरिक्त रोशनी के लिए दो अतिरिक्त लाइटें भी लगाई गई हैं। हालांकि निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ बसों को रोकने के लिए पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बसों की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बसों की सीटों की मरम्मत डिपो में लगातार की जाती है और अनुबंधित कंपनी को समय-समय पर सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।

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रायपुर में सड़क किनारे मेटाडोर दुकानदारों का होगा सत्यापन, बिना पहचान वालों पर कार्रवाई की तैयारी

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सड़क किनारे और मेटाडोर व अन्य वाहनों में सामान बेचने वाले दुकानदारों का अब व्यापक सत्यापन किया जाएगा। नगर निगम ने ऐसे सभी व्यापारियों का रिकॉर्ड तैयार करने का निर्णय लिया है ताकि शहर में अवैध या बिना पहचान वाले कारोबार पर नियंत्रण लगाया जा सके। इस संबंध में महापौर Minel Choubey ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टाउन प्लानिंग विभाग की टीम शहरभर में अभियान चलाकर ऐसे सभी दुकानदारों की पहचान और पंजीयन सुनिश्चित करे। इसमें दुकानदार का नाम, स्थायी पता, पहचान पत्र और रायपुर में रहने की स्थिति दर्ज की जाएगी। नगर निगम ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास वैध पहचान पत्र और निगम में पंजीयन नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वार्ड और जोन स्तर पर सर्वे शुरू किया जाएगा और आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की जांच की जाएगी। महापौर ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग वैध रूप से व्यापार कर रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, लेकिन बिना पहचान के कारोबार करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। नगर निगम ने यह भी बताया कि सड़क किनारे और वाहनों से होने वाले व्यापार की वजह से कई जगह ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इस अभियान के जरिए यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नगर निगम को दें ताकि शहर में व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

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स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और लगातार बिजली आपूर्ति में बाधा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं को इस महीने सामान्य से दो से तीन गुना तक ज्यादा बिजली बिल मिला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर को हटाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि वह गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों को जागरूक करेगी और सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि गर्मी के मौसम में शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे आमजन परेशान हैं। दीपक बैज ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को बिजली सरप्लस राज्य माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बिगड़ चुकी है। रात के समय बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कांग्रेस का कहना है कि जनता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों और महंगी दरों से परेशान है, और ऊपर से लगातार बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं।

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दुर्ग में दिल दहला देने वाली घटना: माता-पिता फंदे पर लटके मिले, दो बच्चों की शव बिस्तर पर बरामद

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे से लटके मिले, जबकि उनके दो बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दंपती ने पहले बच्चों की हत्या की और बाद में आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार गोविंद साहू (45) और उनकी पत्नी चंचल साहू (40) के शव कमरे में फंदे से लटके मिले। वहीं बेटी दृष्टि साहू (13) और बेटे यशांत साहू (11) के शव बिस्तर पर पाए गए। घटना की जानकारी परिवार के सदस्यों को तब हुई जब सुबह काफी देर तक कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलने पर सभी के शव अंदर मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार हाल ही में तिरुपति बालाजी दर्शन से वापस लौटा था। जांच में बच्चों के गले पर निशान भी पाए गए हैं। हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार गोविंद साहू एक निजी कंपनी में काम करता था। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

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कान्हा टाइगर रिज़र्व में एक और बाघ की मौत, वन विभाग जांच में जुटा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध Kanha Tiger Reserve में एक बार फिर बाघ की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह मुक्की सर्कल के मोहगांव बीट क्षेत्र में लगभग 5 से 6 साल की उम्र का एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही एक बाघिन और उसके चार शावकों की कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से मौत हो चुकी थी, जिससे पूरे वन विभाग में चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में मृत बाघ के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और फेफड़ों में संक्रमण की भी पुष्टि हुई है। हालांकि वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ के दांत, पंजे और मूंछें सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार या तस्करी की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही इस बाघ को घायल और बीमार अवस्था में देखा गया था, जिसके बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई थी। लगातार हो रही बाघों की मौतों ने Kanha Tiger Reserve की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि CDV जैसे वायरस पर नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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