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नारनौल के सोमेश को बड़ी जिम्मेदारी: खेलो इंडिया में बने शूटिंग डायरेक्टर

30 मार्च से रायपुर में होने वाले जनजातीय खेलों में निभाएंगे अहम भूमिका, युवाओं को देंगे प्रशिक्षण खेलो इंडिया में मिला अहम पद खेलो इंडिया जनजातीय खेल का आयोजन 30 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर में होने जा रहा है।इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए जारी 25 सदस्यीय टीम में नारनौल के तीरंदाज सोमेश को शूटिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। हरियाणा से इकलौते प्रतिनिधि इस सूची में हरियाणा से केवल सोमेश को ही यह जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उनके क्षेत्र में खुशी का माहौल है।परिवार, मित्र और खेल प्रेमियों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है। पहले भी निभा चुके अहम जिम्मेदारियां सोमेश इससे पहले कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में अलग-अलग भूमिकाएं निभा चुके हैं।हालांकि, खेलो इंडिया जैसे बड़े मंच पर शूटिंग डायरेक्टर बनना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण सोमेश अपनी तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों का जताया आभार अपनी नियुक्ति पर सोमेश ने अर्जुन मुंडा, वीरेंद्र सचदेवा और कोच सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान की बात है और वे इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

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25 मीटर के पूल में तैयारी, 50 मीटर में मुकाबला: सपना कोरसा ने हारकर भी जीता सबका दिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 12 साल की सबसे छोटी तैराक, बड़े खिलाड़ियों से मुकाबले के बावजूद दिखाई जबरदस्त हिम्मत छत्तीसगढ़ को पहले दिन 2 मेडल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने शानदार शुरुआत करते हुए 2 मेडल अपने नाम किए। 12 साल की सपना बनी चर्चा का केंद्र मेडल भले ही न जीत सकीं, लेकिन 200 मीटर फ्री-स्टाइल में हिस्सा लेने वाली सपना कोरसा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।सिर्फ 12 साल की सपना इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की तैराक रहीं और बीजापुर की रहने वाली हैं। जब सभी फिनिश कर चुके थे, सपना अकेली तैर रही थीं रेस की शुरुआत में सपना ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन जल्द ही पीछे रह गईं। करीब डेढ़ से ढाई मिनट तक सपना अकेले पूल में तैरती रहीं। दर्शकों को लगा कि वह बीच में रेस छोड़ सकती हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिनिश लाइन तक पहुंचीं। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया और तालियों से उनका स्वागत किया गया। सपना का जज्बा: खुद से मुकाबला सपना ने कहा कि पीछे रह जाने के बाद उनका मुकाबला किसी और से नहीं, बल्कि खुद से था।अगर वह बीच में रुक जातीं, तो खुद से हार जातीं। उनका मानना है कि बेहतर तैयारी मिलती तो वह मेडल भी जीत सकती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि सपना के पिता किसान हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। आधे आकार के पूल में की प्रैक्टिस सपना जिस पूल में अभ्यास करती हैं, वह सिर्फ 25 मीटर लंबा है, जबकि नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं 50 मीटर के पूल में होती हैं। रायपुर के इंटरनेशनल पूल में उन्हें ज्यादा प्रैक्टिस का मौका भी नहीं मिला। सिर्फ एक बार ही वह वहां अभ्यास कर सकीं। कोच और सुविधाओं की चुनौती कोच दीप्ती वर्मा के मार्गदर्शन में सपना ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल स्तर तक का सफर तय किया।डाइट, ट्रेनिंग और सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा। निष्कर्ष सपना कोरसा ने भले ही मेडल नहीं जीता, लेकिन अपने जज्बे, संघर्ष और हिम्मत से यह साबित कर दिया कि असली जीत हार में भी छिपी होती है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने 200 मीटर तैराकी में जीता गोल्ड, छत्तीसगढ़ की अनुष्का को सिल्वर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में महिला वर्ग की 200 मीटर स्विमिंग प्रतियोगिता में ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक अंजलि मुंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अंजलि ने फाइनल में 2:53.82 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इवेंट में छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने भी अपनी शानदार प्रतिस्पर्धा दिखाई और 2:59.33 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वहीं, महाराष्ट्र की तन्वी सुखदेवो धुर्वे तीसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में ओडिशा की ही अंजलि मलिक ने 3:06.13 मिनट के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पूर्ण परिणाम (टॉप पोजीशन) अंजलि मुंडा का करियर और प्रदर्शन अंजलि मुंडा ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली हैं। पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्राइबल गेम्स में यह गोल्ड उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस जीत ने ओडिशा के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्विमिंग का रोमांच स्विमिंग पूल में पहले दिन कई राज्यों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन 15 साल की अंजलि मुंडा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। युवा खिलाड़ियों का यह उत्साह और मेहनत आगामी खेलों में उनकी सफलता की संभावनाओं को और बढ़ा रही है। अनुष्का भगत के सिल्वर प्रदर्शन ने भी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया। उनका समय लगभग 2:59 मिनट रहा, जो युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा पैदा करता है। इस वर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में खेलों की प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और ये मुकाबले उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे। इस शानदार स्विमिंग फाइनल ने दर्शकों और प्रतियोगियों दोनों के लिए रोमांचक क्षण पैदा किए। अंजलि मुंडा की जीत ने साबित कर दिया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में कड़ी मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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भिलाई में बन रहे 4.93 करोड़ के स्विमिंग पूल पर विवाद, गलत दिशा में निर्माण से खिलाड़ियों को होगी परेशानी

भिलाई नगर निगम द्वारा प्रियदर्शिनी परिसर (पश्चिम) में लगभग 4.93 करोड़ रुपये की लागत से नया स्विमिंग पूल बनाया जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण को लेकर अब तकनीकी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पूल की खुदाई करीब 5 फीट तक हो चुकी है, जबकि इसकी दिशा और लोकेशन को लेकर विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई है। स्विमिंग विशेषज्ञों के अनुसार, खुले स्विमिंग पूल सामान्यतः उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाए जाते हैं, ताकि सुबह और शाम की धूप सीधे तैराकों की आंखों में न पड़े। लेकिन यहां पूल पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को गंभीर दिक्कत हो सकती है। उनका कहना है कि इस तरह की दिशा में बने पूल में न तो सही प्रशिक्षण हो पाएगा और न ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है और करोड़ों रुपये की लागत से बना यह पूल केवल सामान्य उपयोग तक सीमित रह सकता है। डूब क्षेत्र में निर्माण से बढ़ी चिंता स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल को लेकर भी चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि प्रियदर्शिनी परिसर का यह हिस्सा सुपेला के कोसा नाला के पास स्थित डूब क्षेत्र में आता है, जहां बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या रहती है। लोगों का कहना है कि जमीन की ऊंचाई बढ़ाए बिना सीधे खुदाई शुरू कर दी गई, जिससे बरसात में पूरा इलाका जलभराव की चपेट में आ सकता है। विपक्ष ने लगाए अनियमितता के आरोप नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कोचों के साथ निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि पूल की डिजाइन तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। यदि इसी तरह निर्माण जारी रहा, तो यह स्विमिंग पूल की बजाय एक साधारण तालाब जैसा बन सकता है और बड़े आयोजनों की मेजबानी का मौका भी हाथ से निकल जाएगा। मानकों के अनुसार क्या होना चाहिए एनआईएस कोच तामेश्वर घंघोरी के मुताबिक, प्रतियोगिता स्तर के स्विमिंग पूल की लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई लगभग 25–26 मीटर होती है, जिसमें 10 लेन बनाई जा सकती हैं। इसकी सामान्य गहराई करीब 2 मीटर रखी जाती है। खुले क्षेत्र में बने पूल की दिशा उत्तर-दक्षिण होना जरूरी माना जाता है, ताकि सूर्य की रोशनी तैराकों के प्रदर्शन में बाधा न बने। निगम ने दी सफाई भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने कहा कि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि हर स्थल की भौगोलिक स्थिति अलग होती है, इसलिए दिशा का निर्धारण उसी के अनुसार किया जाता है। निगम का दावा है कि निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन और तय प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है तथा सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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पद्मश्री वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की प्रेरक कहानी: लकड़ियों का गट्ठा उठाने से शुरू हुआ सफर

पद्मश्री विजेता और ओलंपिक पदक विजेता वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उनकी ताकत और जिद की शुरुआत बचपन की एक घटना से हुई थी। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के उद्घाटन के लिए रायपुर पहुंचीं चानू ने कहा कि जब वह हार मानने लगी थीं, तब उनकी मां के शब्दों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भाई की चुनौती बनी टर्निंग पॉइंट चानू ने बताया कि जब वह 13–14 साल की थीं, तब हर सप्ताह पहाड़ों पर जाकर लकड़ियां इकट्ठा करती थीं। एक बार भारी गट्ठा उठाना मुश्किल हो रहा था तो उनके भाई ने कहा कि यह तुमसे नहीं होगा। लेकिन जिद के कारण उन्होंने वह गट्ठा खुद उठाकर घर तक पहुंचाया। उसी क्षण उन्होंने तय कर लिया कि वह वेटलिफ्टर बनेंगी। एशियन गेम्स पर नजर, चोटों से मिली सीख उन्होंने बताया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान आगामी एशियन गेम्स की तैयारी पर है। पिछले वर्षों में चोटों के कारण कई बार लक्ष्य से चूकना पड़ा, लेकिन अब वह पूरी तरह फिट हैं और रोजाना कड़ी ट्रेनिंग कर रही हैं ताकि इस बार देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकें। वेटलिफ्टिंग में आया बड़ा बदलाव चानू के अनुसार, पहले राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतना जरूरी लक्ष्य था ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया जा सके। 2015 के बाद वेटलिफ्टिंग में डाइट, फिटनेस और स्पोर्ट्स साइंस पर काफी ध्यान बढ़ा है, जिससे खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। फिल्म बने तो दिखेगा संघर्ष उन्होंने कहा कि अगर उनकी जिंदगी पर फिल्म बनती है तो उसमें सफलता से ज्यादा संघर्ष को दिखाया जाना चाहिए, क्योंकि लोग पदक देखते हैं, लेकिन उसके पीछे की मेहनत और मुश्किलों को नहीं जानते। 25 किमी दूर ट्रेनिंग के लिए ट्रकों से लेती थीं लिफ्ट चानू ने शुरुआती दिनों की कठिनाइयों को याद करते हुए बताया कि उनके घर के पास प्रशिक्षण की सुविधा नहीं थी। उन्हें रोजाना 25 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ता था। आने-जाने के लिए कोई साधन नहीं होने पर वह ट्रकों से लिफ्ट लेकर पहुंचती थीं। कई साल तक सीमित साधनों में केवल दाल-चावल खाकर ही ट्रेनिंग जारी रखी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

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शादी के बाद पत्नी वंशिका संग वृंदावन पहुंचे Kuldeep Yadav, Banke Bihari Temple में गुपचुप किए दर्शन

Vrindavan में मंगलवार शाम दोनों ने शांत और गोपनीय तरीके से भगवान के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर की चौखट पर इत्र चढ़ाकर सेवा की और ठाकुरजी को छप्पन भोग अर्पित किया। उनके आगमन की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की गई थी, इसलिए किसी को इसकी भनक नहीं लगी। फोटो और वीडियो सामने आने के बाद ही लोगों को इस बारे में पता चला। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों वहां से रवाना हो गए। बता दें कि कुलदीप और वंशिका की शादी 14 मार्च को मसूरी में हुई थी। इसके बाद लखनऊ के The Centrum में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया गया, जिसमें Yogi Adityanath और Akhilesh Yadav समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कुलदीप और वंशिका बचपन के दोस्त हैं और लंबे समय की दोस्ती बाद में रिश्ते में बदल गई।

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उद्घाटन से पहले ही तैयारियों पर सवाल: मंत्री के सामने पनीर, जाते ही खिलाड़ियों को मिला आलू

देश के पहले ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर रहे छत्तीसगढ़ में उद्घाटन से पहले व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री Arun Sao मीडिया के सामने तैयारियों को संतोषजनक बता रहे थे, वहीं दूसरी ओर अंदर खिलाड़ियों को पूरा भोजन तक नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, जब मंत्री डोम में लगे कैटरिंग की जांच कर रहे थे, तब खिलाड़ियों को पनीर की सब्जी परोसी जा रही थी। लेकिन उनके जाते ही मेन्यू बदल गया और पनीर की जगह आलू की सब्जी दी जाने लगी। कई खिलाड़ियों ने अधूरा भोजन मिलने की शिकायत की। महाराष्ट्र से आए खिलाड़ियों ने व्यवस्थाओं को ठीक बताया, लेकिन भोजन की मात्रा कम होने की बात कही। रोटी के लिए भी खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ा। इस आयोजन में देशभर से तीन हजार से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं, लेकिन मैदान में बुनियादी सुविधाओं को लेकर अव्यवस्था दिखाई दी। ड्यूटी चार्ट नहीं, भोजन के लिए भी भटकते कर्मचारी आयोजन से एक दिन पहले तक मीडिया के एक्रेडिटेशन कार्ड तैयार नहीं हो सके थे। कई विभागों के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आई। स्कूल शिक्षा विभाग से तैनात 50 से अधिक पीटीआई बिना ड्यूटी चार्ट के काम करते दिखे। कुछ कर्मचारियों को भोजन तक नहीं मिला, जबकि खाने के लिए भी पहले मैनेजर से अनुमति लेने को कहा जा रहा था। पीने के पानी की व्यवस्था में भी असमानता की शिकायतें सामने आईं। सरकार का दावा — तैयारियां पूरी खेल मंत्री Arun Sao ने कहा कि नेशनल ट्राइबल गेम्स का उद्घाटन बुधवार शाम Raipur में होगा और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे। कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में आयोजित होंगी। अधिकारियों के अनुसार खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं और Sports Authority of India के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

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आज से ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026’ का आगाज, उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya रहेंगे मौजूद

छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026 की शुरुआत आज से हो रही है। देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए खिलाड़ी Raipur पहुंच चुके हैं। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। यह खेल महोत्सव 3 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें सात अलग-अलग खेलों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन का शेड्यूल (रायपुर) स्विमिंग — इंटरनेशनल स्विमिंग पूलसुबह 9 बजे से पुरुष और महिला वर्ग में 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 50 मीटर बटरफ्लाई सहित विभिन्न हीट्स आयोजित होंगी।शाम 4:30 बजे से इन स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेटलिफ्टिंगदोपहर 2 बजे ज्यूरी और तकनीकी अधिकारियों की बैठक होगी। हॉकी — Sardar Vallabhbhai Patel International Hockey Stadiumसुबह 11 बजे टीम मैनेजर्स की मीटिंग आयोजित की जाएगी। महिला फुटबॉलसुबह 7:30 बजे — ग्रुप A: तमिलनाडु vs गुजरातशाम 4:00 बजे — ग्रुप B:• सिक्किम vs झारखंड• आंध्र प्रदेश vs छत्तीसगढ़• असम vs अरुणाचल प्रदेश अलग-अलग शहरों में होंगे मुकाबले जानकारी के अनुसार कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में आयोजित होंगी, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में कराई जाएंगी। छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी भी मैदान में इस आयोजन में राज्य के लगभग 180 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके अनुभव और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इसे प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के मंच के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री मांडविया का बयान केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा कि यह प्रतियोगिता आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। लोगो और मैस्कॉट पहले ही लॉन्च 23 दिसंबर को Bilaspur के बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट “मोरवीर” जारी किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और उपमुख्यमंत्री Arun Sao भी मौजूद रहे।

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T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले रायपुर में टीम इंडिया की जीत के लिए हवन, शहर में बड़े स्क्रीन पर मैच देखने की तैयारी

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज खेले जाने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। टीम इंडिया की जीत की कामना के लिए शहर में कई जगह पूजा-पाठ और हवन किए गए। खम्हारडीह थाना क्षेत्र स्थित सुरेश्वर महादेव मंदिर में युवाओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर भारत की जीत के लिए प्रार्थना की। इस दौरान क्रिकेट प्रेमी अपने साथ बैट लेकर मंदिर पहुंचे और हवन कर टीम इंडिया की जीत की कामना की। फाइनल मुकाबले को लेकर शहर में कई जगह सामूहिक रूप से मैच देखने की व्यवस्था की गई है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़े प्रोजेक्टर और स्क्रीन लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग एक साथ मैच का आनंद ले सकें। सिविल लाइंस स्थित छत्तीसगढ़ क्लब में भी मैच देखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अग्रवाल समाज की ओर से यहां फाइनल मुकाबले के लिए कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। शाम 6 बजे से दर्शकों के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से मैच दिखाया जाएगा। फाइनल मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स चैनल पर की जाएगी। इसके अलावा दर्शक जियोहॉटस्टार ऐप के माध्यम से भी मैच देख सकेंगे। टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। भारत इससे पहले तीन बार फाइनल खेल चुका है, जिसमें दो बार जीत और एक बार हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। दोनों टीमों के बीच खेले गए तीनों मुकाबलों में कीवी टीम ने जीत हासिल की है। ऐसे में आज के फाइनल मैच में टीम इंडिया के सामने इतिहास बदलने की चुनौती भी होगी।

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रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार; ₹37.50 लाख नकद व लग्जरी कारें जब्त

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 31 जनवरी 2026 की रात कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और तीन लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि नागोराव गली अंडरब्रिज के पास कुछ लोग महिंद्रा थार और नेक्सा एक्सएल कारों में बैठकर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दो कारों में सवार 6 लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रखब देव पाहुजा, पीयूष जैन, जितेन्द्र कुमार कृपलानी उर्फ जित्तू, दीपक अग्रवाल, कमल राघवानी और सचिन जैन शामिल हैं। तलाशी में करोड़ों की संपत्ति जब्त पुलिस तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से ₹37.50 लाख नकद, 10 मोबाइल फोन, 2 महिंद्रा थार और 1 नेक्सा एक्सएल कार बरामद की गई। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹92.50 लाख बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी jmdbet777.com और Classic777.com जैसी ऑनलाइन सट्टा वेबसाइटों के माध्यम से मास्टर आईडी बनाकर क्रिकेट सट्टा चला रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला गंज थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था। फिलहाल आरोपियों के मोबाइल, डिजिटल लेन-देन और संपर्कों की गहन जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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