Raipur

7 साल बाद रायपुर-जयपुर हवाई सेवा शुरू, किराया 6 से 9 हजार; कनेक्टिंग फ्लाइट से होगा सफर

करीब सात वर्षों के इंतजार के बाद रायपुर से जयपुर जाने के लिए हवाई यात्रा फिर से संभव हो गई है। इसके लिए 72 सीटों वाले एटीआर विमान के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट सेवा शुरू की गई है। इस यात्रा के लिए यात्रियों को लगभग 6000 से 9000 रुपये तक किराया देना होगा। एयरलाइन ने रायपुर से हैदराबाद और वहां से जयपुर तक उड़ान शुरू की है। पहले रायपुर-भोपाल-जयपुर रूट पर फ्लाइट संचालित होती थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे बंद कर दिया गया था। अब नए रूट से यात्रियों को दो चरणों में यात्रा करनी होगी, क्योंकि रायपुर से जयपुर के लिए फिलहाल सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है। रायपुर से हैदराबाद होते हुए जयपुर पहुंचेंगे यात्री रायपुर से सुबह 9 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट लगभग 10:50 बजे हैदराबाद पहुंचेगी। इसके बाद यात्रियों को हैदराबाद से जयपुर जाने वाली दूसरी फ्लाइट मिलेगी, जो सुबह 11:50 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:45 बजे जयपुर पहुंच जाएगी। दोनों उड़ानों के बीच पर्याप्त समय होने से यात्रियों को ट्रांजिट में परेशानी नहीं होगी। जयपुर से मुंबई तक भी मिलेगा कनेक्शन एयरलाइन की ओर से जयपुर से मुंबई के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध कराई गई है। जयपुर से दोपहर 3:55 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट शाम 5:40 बजे मुंबई पहुंचेगी। इसके बाद वही विमान रात 7:50 बजे मुंबई से रवाना होकर रात 9:30 बजे रायपुर लौटेगा। टिकट बुकिंग शुरू ट्रैवल्स एसोसिएशन के अनुसार इन सभी उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। तीनों सेक्टर में एटीआर यानी 72 सीटर विमान का संचालन किया जा रहा है। इससे रायपुर से हैदराबाद, जयपुर और मुंबई तक की यात्रा पहले के मुकाबले अधिक आसान हो जाएगी। उड़ानों का समय • रायपुर → हैदराबाद : सुबह 9:00 से 10:50• हैदराबाद → जयपुर : सुबह 11:50 से दोपहर 1:45• जयपुर → मुंबई : दोपहर 3:55 से शाम 5:40• मुंबई → रायपुर : रात 7:50 से 9:30

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8 महीने का दावा, 10 महीने बाद भी अधूरा स्काईवॉक; दिन में बंद, रात में चल रहा काम

राजधानी रायपुर में बन रहा स्काईवॉक प्रोजेक्ट तय समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इसे करीब 8 महीने में तैयार करने का वादा किया गया था, लेकिन 10 महीने गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर केवल पिलर और बुनियादी ढांचा ही दिखाई देता है, जबकि ऊपर का रास्ता और आपस में जुड़ाव का काम अभी बाकी है। निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि भारी ट्रैफिक को देखते हुए दिन के समय काम रोक दिया जाता है और रात 10 बजे के बाद निर्माण किया जाता है। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है। किन-किन स्थानों को जोड़ेगा स्काईवॉक यह स्काईवॉक डीकेएस अस्पताल से अंबेडकर अस्पताल तक बनाया जा रहा है। इसके जरिए कलेक्ट्रेट, शास्त्री चौक और तहसील कार्यालय जैसे प्रमुख सरकारी केंद्र आपस में जुड़ेंगे। योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा देना और ट्रैफिक दबाव कम करना है। ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित इस परियोजना के साथ मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि सड़क पर आने वाले वाहनों को वहां मोड़ा जा सके। स्काईवॉक बनने के बाद लोग पैदल सीधे अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंच सकेंगे, जिससे सड़क पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों का दावा — जल्द पूरा होगा काम अधिकारियों के अनुसार ट्रैफिक प्रबंधन और तकनीकी कारणों की वजह से काम में देरी हुई है। उनका कहना है कि अब निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी गई है और जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि तय समय के बाद भी अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट शहर की योजना और कामकाज की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहा है।

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खेलते-खेलते टंकी में गिरा मासूम, 7 फीट गहरे पानी में डूबने से मौत

राजधानी रायपुर के अमलीडीह स्थित महात्मा गांधी नगर में रविवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में एक मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई। बच्चा घर के आंगन में अपनी दादी के साथ खेल रहा था, तभी कुछ मिनट के लिए नजरों से ओझल हुआ और घर में बनी पानी की टंकी में गिर गया। परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक इराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है और मां की हालत सदमे के कारण बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्चे की दादी उसे नहलाने के बाद बाहर तैयार कर रही थीं। इसी दौरान वे थोड़ी देर के लिए घर के अंदर चली गईं और बच्चा गोद से उतरकर पोर्च की ओर चला गया। कुछ ही मिनट में वह वहां बनी करीब 7 फीट गहरी पानी से भरी टंकी में गिर गया। टंकी पूरी तरह भरी होने के कारण बच्चा दिखाई नहीं दिया, जिससे तुरंत किसी को घटना का पता नहीं चल सका। जब दादी वापस लौटीं तो बच्चा आसपास नहीं मिला। उन्होंने पड़ोसियों की मदद से खोजबीन शुरू की। बच्चा नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका में पुलिस को सूचना दी गई। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी बीच एक पड़ोसी ने टंकी में देखने की सलाह दी। बांस डालकर जांच की गई और बाद में एक युवक टंकी में उतरा, जहां से बच्चे का शव बाहर निकाला गया। परिवार के अनुसार मकान अभी निर्माणाधीन है, इसलिए टंकी पूरी तरह ढकी नहीं थी। आमतौर पर इसे पट्टे और ईंटों से बंद रखा जाता था, लेकिन उस दिन घर में पेंटिंग का काम चल रहा था। मजदूरों ने पानी निकालने के लिए ढक्कन हटाया और उसे खुला छोड़ दिया, जिससे यह हादसा हो गया। गौरतलब है कि दो महीने पहले मोवा क्षेत्र में भी इसी तरह एक चार वर्षीय बच्ची की सेप्टिक टैंक में गिरकर मौत हो चुकी है।

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कंपनियों से निकलते ही गायब होता माल, यार्ड में चल रहा संगठित चोरी का नेटवर्क

राजधानी रायपुर के बाहरी इलाकों में इन दिनों लोहा, सरिया और पिग आयरन की चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आई है। कंपनियों से लोड होकर ट्रेलर सीधे यार्ड तक पहुंचते हैं, जहां से माल की चोरी कर ली जाती है। बाद में वजन संतुलित दिखाने के लिए ट्रेलर में पत्थर और कच्चा लोहा भर दिया जाता है, ताकि जांच के दौरान कोई शक न हो। बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है। जांच में खमतराई, उरला और सिलतरा थाना क्षेत्रों के कई यार्ड और कबाड़ी ठिकानों का नाम सामने आया है, जहां चोरी का सामान खपाया जाता है। इस पूरे काम में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसमें ट्रांसपोर्टर और कबाड़ी दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर विक्की द ढाबा के पीछे स्थित एक यार्ड में चोरी के सरिए और पिग आयरन की खरीद-फरोख्त होने की बात भी सामने आई है। इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रेलर के नीचे बनाए गए गुप्त चेंबर में भारी मात्रा में लोहा रखा दिखाई दे रहा है। इस चेंबर में लोहा भरकर वाहन का वजन बढ़ा दिया जाता है, जिससे माल की कमी पकड़ में नहीं आती। सूत्रों के अनुसार, कंपनी से निकलते समय और गंतव्य पर पहुंचने पर ट्रेलर का वजन किया जाता है, लेकिन बीच रास्ते में ऐसे यार्ड में सरिया उतारकर उसकी जगह समान वजन का पत्थर और लोहा भर दिया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में गिरफ्तार रूपेश सिंह का सहयोगी राकेश साहू भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दो अन्य ट्रांसपोर्टर भी इस काम में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके गोदाम आसपास ही स्थित हैं और वाहनों पर अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है।

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रायपुर के 2021 मर्डर केस का आरोपी 3 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार

रायपुर में वर्ष 2021 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में फरार आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। टिकरापारा निवासी महिला ने पारिवारिक संपत्ति विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार नामक व्यक्ति को 4 लाख रुपये दिए थे, लेकिन आरोपी ने विश्वासघात करते हुए महिला की हत्या कर दी और घर से लाखों रुपये नकद व सोना लूटकर फरार हो गया था। 21 मार्च 2026 को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार व्यक्ति अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है, जो अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम भी अहमदाबाद रवाना हो गई है और ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह मामला अक्टूबर 2021 का है, जब रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान से शकुंतला देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच में सामने आया कि महिला का अपने बड़े बेटे के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए महिला और उनके छोटे बेटे ने अजय कुमार मिश्रा से मदद ली थी। आरोपी और महिला का बेटा पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम कर चुके थे। समझौता कराने के नाम पर आरोपी को 4 लाख रुपये नकद और 10 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। बाद में आरोपी रकम लेकर गायब हो गया, जिसके चलते महिला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदले की भावना और लूट के इरादे से आरोपी अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर पहुंचा और महिला के घर पर ही ठहर गया। मौका पाकर दोनों ने महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने घर से करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 30–35 तोला सोना लूट लिया था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक ज्वेलर को बेच दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल बंद कर दिया और लगातार शहर बदलता रहा। वह गोवा, अहमदाबाद और मुंबई में छिपकर रह रहा था। टिकरापारा थाने में दर्ज यह मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा। जांच के दौरान कई थाना प्रभारी बदले, लेकिन आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। केस डायरी में केवल एक संदिग्ध का उल्लेख था। अब अहमदाबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोल दी है। रायपुर कमिश्नरेट के अतिरिक्त डीसीपी राहुल देव शर्मा के अनुसार, अहमदाबाद पुलिस से सूचना मिलने पर एक विशेष टीम भेजी गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद पूरे हत्या और लूट के मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।

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रायपुर में नशे पर बड़ी कार्रवाई, 42 किलो गांजा समेत ड्रग्स बरामद, 12 गिरफ्तार

रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह संयुक्त कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 42 किलो गांजा, 2200 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और 1.53 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान बिना वैध दस्तावेज के बेची जा रही 1700 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोर को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। गंज थाना क्षेत्र में दो आरोपी एमडीएमए ड्रग्स की तस्करी करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि वे नागपुर से आने वाली ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से ड्रग्स मंगवाते थे। पंडरी थाना क्षेत्र में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का मामला सामने आया, जहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा ले जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 42 किलो गांजा और लगभग एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए। कुछ आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका है। डीडी नगर इलाके में भी 500 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद अब तक 24 मामलों में 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 1.72 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।

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मावली माता के ऐतिहासिक मंदिर में उमड़ी आस्था, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु

बासंती चैत्र नवरात्र के अवसर पर भाटापारा नगर और आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति में डूबा हुआ है। सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालु माता की पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। नगर के प्राचीन मंदिरों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शीतला माता मंदिर में दिनभर लगी रहती है भीड़ मातादेवालय वार्ड स्थित शीतला माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं। दिनभर पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। मावली माता मंदिर सिंगारपुर बना आस्था का केंद्र क्षेत्र के ऐतिहासिक मावली माता मंदिर में इस बार प्रदेशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां कुल 7,341 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जिनमें 190 आजीवन ज्योति कलश और 7,151 सामान्य ज्योति कलश शामिल हैं। 500 वर्ष से अधिक पुराना मंदिर करीब 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन इस मंदिर में देशभर से भक्त अपनी मनोकामनाओं के लिए ज्योति जलाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना माता मावली अवश्य पूरी करती हैं, इसी विश्वास के कारण हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दो किलोमीटर लंबी कतार में दर्शन मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु लगभग दो किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की गई है।

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रायपुर में दो अलग-अलग जगहों से मिली लाश और नरकंकाल, हत्या की आशंका

रायपुर जिले में शुक्रवार को दो अलग-अलग इलाकों से एक दफन लाश और एक महीने पुराना नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने दोनों मामलों में शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं को संदिग्ध माना जा रहा है। केस 1: जमीन में गड़ी मिली युवक की लाश अभनपुर थाना क्षेत्र के भरेंगाभाटा गांव में ग्रामीणों ने सुनसान इलाके में जमीन से बाहर निकले हाथ-पैर देखे। पास जाकर देखने पर दफन शव होने का शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर शव बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान हाथ पर बने टैटू से नितेश बत्रा के रूप में हुई, जो रायपुर के शदाणी दरबार क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। हत्या कर दफनाने की आशंका शव की स्थिति को देखकर पुलिस को संदेह है कि युवक की हत्या कर उसे जमीन में गाड़ दिया गया था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। माना सीएसपी लंबोदर पटेल के अनुसार, जांच जारी है और बिना रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। केस 2: उरला मेटल पार्क में मिला नरकंकाल दूसरी घटना रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र उरला की है, जहां मेटल पार्क इलाके में एक नरकंकाल मिला। प्रारंभिक जांच और कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान दिलीप (लगभग 45–50 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दिलीप करीब एक महीने से लापता था और उसके परिजनों ने पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या की आशंका, फोरेंसिक जांच जारी शव पूरी तरह सड़-गल चुका है और केवल हड्डियां बची हैं। पुलिस इस मामले को भी संदिग्ध मानते हुए हत्या की संभावना से जांच कर रही है। उरला पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।

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पाक बॉर्डर से रायपुर तक हेरोइन सप्लाई करने वाला सिंडिकेट बेनकाब, Punjab से 4 तस्कर गिरफ्तार

पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों से हेरोइन लाकर Raipur समेत देश के कई राज्यों में बेचने वाले एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। Chhattisgarh पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए Punjab से चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सीमा क्षेत्र से करीब 1200–1300 रुपये प्रति ग्राम की दर से हेरोइन खरीदते थे और इसे अलग-अलग माध्यमों से महंगे दामों पर बेचते थे। जांच में सामने आया कि पहले ड्रग्स को पंजाब में इकट्ठा किया जाता था, फिर ट्रक चालकों की मदद से अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता था। रायपुर में पहुंचने के बाद इसे कुरियर पार्सल के जरिए ग्राहकों के घरों तक भेजा जाता था, जहां इसकी कीमत 6000 से 8000 रुपये प्रति ग्राम तक वसूली जाती थी। इससे पहले भी पुलिस ने तीन महीने पहले नौ सप्लायर्स को पकड़कर लगभग 80 लाख रुपये की हेरोइन जब्त की थी। इस मामले में रायपुर के कबीर नगर और आमानाका थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज था। नेटवर्क का सुराग मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम 21 मार्च को पंजाब पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से करीब 12 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कवलजीत सिंह पन्नू, तरसेम सिंह, विक्की सिंह और जनक राज शामिल हैं। पुलिस को इनके पास से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस भी मिला, जिससे संकेत मिलता है कि यह गिरोह हथियारों के बल पर ड्रग कारोबार चला रहा था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कवलजीत सिंह पन्नू है, जिसे प्रमुख सप्लायर माना जा रहा है। वह सीधे सीमा क्षेत्र से जुड़े स्रोतों से हेरोइन खरीदता था और पहले भी रायपुर व पंजाब की जेलों में रह चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि तस्कर पार्सल भेजने के बाद उसका वीडियो बनाकर खरीदारों को भेजते थे, ताकि डिलीवरी का प्रमाण दिया जा सके। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई चार चरणों में की गई—पहले स्थानीय सप्लायर्स की गिरफ्तारी, फिर तकनीकी साक्ष्य जुटाना, उसके बाद ट्रांसपोर्ट और कुरियर नेटवर्क का खुलासा और अंत में मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी। इससे पहले दिसंबर में भी पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़कर करीब 400 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। उस समय खुलासा हुआ था कि पंजाब से रायपुर तक लगभग 1600 किलोमीटर लंबी सप्लाई चेन तैयार की गई थी, जिसके जरिए छोटी-छोटी खेपों में ड्रग्स लाकर स्थानीय नेटवर्क में वितरित किया जाता था।

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Raipur में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण, 16 सिलेंडर के साथ किराना कारोबारी गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खमतराई थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर छापा मारकर आरोपी के पास से 16 इंडियन गैस सिलेंडर बरामद किए। पुलिस के अनुसार जब्त सिलेंडरों की कीमत लगभग 64 हजार रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय साव (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो किराना व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। सूचना मिली थी कि बंजारी मंदिर के आसपास एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर जमा कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी में है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को सिलेंडरों के साथ पकड़ लिया। जांच के दौरान पुलिस ने सिलेंडरों के भंडारण और बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी रावाभाठा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर-1 में “संतोष किराना स्टोर” संचालित करता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई नॉर्थ जोन के पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए खाद्य विभाग को भी सूचना भेजी जाएगी।

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