Raipur

अहमदाबाद के ठगों का कॉल सेंटर सिंडिकेट फूटा, मास्टरमाइंड की तलाश में रायपुर पुलिस

रायपुर पुलिस ने मंगलवार-रविवार की रात को बड़े इंटरस्टेट ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दो प्रमुख कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर पुलिस ने कुल 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह खुलासा हुआ कि पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड अहमदाबाद के शातिर ठग हैं, जिनके नाम विकास शुक्ला और संजय शर्मा हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। किराए पर लिए गए ऑफिस और फ्लैट अभियुक्तों ने रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और अंजनी टावर में कॉल सेंटर चलाने के लिए ऑफिस किराए पर लिया था। इसके अलावा ‘पाम बेलागियो’ में एक लग्जरी फ्लैट भी किराए पर लिया गया था। मास्टरमाइंड खुद रायपुर में स्थायी रूप से नहीं रहते थे। वे कुछ दिनों के अंतराल पर आते, मैनेजरों को निर्देश देते और फिर वापस अहमदाबाद लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय ठगी का तरीका पूरी योजना अमेरिका के समय के अनुसार तैयार की गई थी। कॉल सेंटर के कर्मचारी रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सक्रिय रहते थे, क्योंकि उस समय अमेरिका में दिन होता है। आरोपियों के पास व्हाट्सऐप के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा आता था, जिनके पास अमेरिका के चार बड़े बैंकों से लोन थे। कॉल करने के बाद उन्हें डराया जाता था कि उनका CIBIL स्कोर खराब हो गया है या किस्त जमा नहीं हुई। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर चाइनीज ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक जनरेट कर लाखों डॉलर की ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर प्रभारियों और वेतन संरचना पुलिस ने कॉल सेंटर के तीन मुख्य प्रभारियों को भी गिरफ्तार किया है। इसमें रोहित यादव, सौरभ सिंह और गौरव यादव शामिल हैं। रोहित यादव और सौरभ सिंह पिथालिया कॉम्प्लेक्स के मैनेजर थे, जबकि गौरव यादव अंजनी टावर में संचालित कॉल सेंटर का प्रभारी था।जांच में यह भी सामने आया कि इन प्रभारियों को लगभग 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। कॉल करने वाले युवाओं को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता था। हिंदी स्क्रिप्ट से अंग्रेजी कॉलिंग जांच में यह भी पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी केवल 12वीं पास थे और उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान नहीं था। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कागज पर हिंदी में लिखी अंग्रेजी स्क्रिप्ट दी जाती थी। कर्मचारी उसी स्क्रिप्ट को पढ़कर अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करते थे। यदि कोई ग्राहक कठिन या तकनीकी सवाल पूछता, तो कॉल तुरंत सीनियर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। युवाओं को इस ठगी के लिए दो महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस का कहना है कि यह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ठगी का नेटवर्क बहुत संगठित था, और इसके मास्टरमाइंड को पकड़ना प्राथमिकता है। मकान-मालिकों और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।

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पद्मश्री वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की प्रेरक कहानी: लकड़ियों का गट्ठा उठाने से शुरू हुआ सफर

पद्मश्री विजेता और ओलंपिक पदक विजेता वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उनकी ताकत और जिद की शुरुआत बचपन की एक घटना से हुई थी। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के उद्घाटन के लिए रायपुर पहुंचीं चानू ने कहा कि जब वह हार मानने लगी थीं, तब उनकी मां के शब्दों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भाई की चुनौती बनी टर्निंग पॉइंट चानू ने बताया कि जब वह 13–14 साल की थीं, तब हर सप्ताह पहाड़ों पर जाकर लकड़ियां इकट्ठा करती थीं। एक बार भारी गट्ठा उठाना मुश्किल हो रहा था तो उनके भाई ने कहा कि यह तुमसे नहीं होगा। लेकिन जिद के कारण उन्होंने वह गट्ठा खुद उठाकर घर तक पहुंचाया। उसी क्षण उन्होंने तय कर लिया कि वह वेटलिफ्टर बनेंगी। एशियन गेम्स पर नजर, चोटों से मिली सीख उन्होंने बताया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान आगामी एशियन गेम्स की तैयारी पर है। पिछले वर्षों में चोटों के कारण कई बार लक्ष्य से चूकना पड़ा, लेकिन अब वह पूरी तरह फिट हैं और रोजाना कड़ी ट्रेनिंग कर रही हैं ताकि इस बार देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकें। वेटलिफ्टिंग में आया बड़ा बदलाव चानू के अनुसार, पहले राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतना जरूरी लक्ष्य था ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया जा सके। 2015 के बाद वेटलिफ्टिंग में डाइट, फिटनेस और स्पोर्ट्स साइंस पर काफी ध्यान बढ़ा है, जिससे खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। फिल्म बने तो दिखेगा संघर्ष उन्होंने कहा कि अगर उनकी जिंदगी पर फिल्म बनती है तो उसमें सफलता से ज्यादा संघर्ष को दिखाया जाना चाहिए, क्योंकि लोग पदक देखते हैं, लेकिन उसके पीछे की मेहनत और मुश्किलों को नहीं जानते। 25 किमी दूर ट्रेनिंग के लिए ट्रकों से लेती थीं लिफ्ट चानू ने शुरुआती दिनों की कठिनाइयों को याद करते हुए बताया कि उनके घर के पास प्रशिक्षण की सुविधा नहीं थी। उन्हें रोजाना 25 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ता था। आने-जाने के लिए कोई साधन नहीं होने पर वह ट्रकों से लिफ्ट लेकर पहुंचती थीं। कई साल तक सीमित साधनों में केवल दाल-चावल खाकर ही ट्रेनिंग जारी रखी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

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गैंग्स ऑफ रायपुर: पुलिस की नई सूची में 19 सक्रिय गिरोह, पहले थे सिर्फ 10

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में सक्रिय अपराधी गिरोहों का नए सिरे से डिजिटल डोजियर तैयार करना शुरू किया है। इस “डिजिटल कुंडली” में पिछले 10 वर्षों से लगातार अपराध में शामिल गैंग्स को शामिल किया गया है। कमिश्नरेट के 21 थानों से मिली जानकारी के आधार पर अब 19 सक्रिय गिरोहों की पहचान की गई है, जबकि कमिश्नरेट बनने से पहले यही संख्या केवल 10 थी। इस डोजियर में आरोपियों के नाम, पते, फोन नंबर, सक्रिय क्षेत्र, गैंग के सदस्यों की संख्या और उन पर दर्ज मामलों का पूरा विवरण दर्ज किया जा रहा है। जो गिरोह अब निष्क्रिय हो चुके हैं, उन्हें सूची से हटा दिया गया है। चाकूबाज, लुटेरे और ड्रग्स तस्करों पर खास नजर पुलिस चाकूबाजी, लूट, चोरी और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल बदमाशों की भी अलग से कुंडली तैयार कर रही है। डोजियर तैयार होने के बाद इन गैंग्स की सख्त निगरानी की जाएगी, जिसमें स्थानीय थानों के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी शामिल रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हर थाने की अपनी निगरानी सूची होती है, जो दर्ज एफआईआर के आधार पर बनाई जाती है। अब पहली बार जिला स्तर पर समेकित डोजियर तैयार किया जा रहा है, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर केंद्रीकृत नजर रखी जा सके। शहर के प्रमुख सक्रिय गैंग रक्सेल गैंग में संजय रक्सेल और उसके सहयोगियों समेत कई सदस्य शामिल हैं, जिन पर हत्या, चाकूबाजी और मारपीट के 30 से अधिक मामले दर्ज हैं।तंजीर गैंग सुमित हत्याकांड के बाद चर्चा में आया और इसमें हिस्ट्रीशीटर आरोपियों समेत करीब 17 सदस्य बताए जाते हैं।बबलू गैंग का संचालन आबिद डॉन उर्फ आबिद हसन करता है और इसके सदस्यों पर मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।यासिन अली गैंग पर गांजा तस्करी, रंगदारी, चाकूबाजी और हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं, जिसमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जाते हैं। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क भी सक्रिय मनमोहन गिरोह दिल्ली से ड्रग्स लाकर सप्लाई करता था और इसके कई सदस्य फिलहाल जेल में बंद हैं।नव्या मलिक और विधि अग्रवाल से जुड़ा गिरोह कथित तौर पर ड्रग्स पार्टियों का आयोजन करता था और देश के कई राज्यों से नशीले पदार्थ मंगाता था। निगरानी के लिए तैयार हो रही विस्तृत सूची इसके अलावा शहर में मोनू-ग्यास गैंग, रवि साहू गैंग, मुकेश बनिया गैंग, आसिफ गैंग, अज्जू सिंधी-हटेला गैंग, डीएम गैंग, उदय गैंग, बादशाह गैंग, सचदेव ग्रुप, भीम महानंद ग्रुप, बादल रक्सेल ग्रुप, राठी ग्रुप, बेहरा गैंग, गवली गैंग, ईरानी गैंग और रवि साठे गैंग समेत कई गिरोह सक्रिय बताए गए हैं। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के अनुसार कमिश्नरेट बनने के बाद यह नया डोजियर तैयार किया गया है, जिससे इन गिरोहों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा सके और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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फर्जी MBBS डिग्री बनाने वाली युवती गिरफ्तार, 2.34 करोड़ ठगी केस में पांचवीं गिरफ्तारी

रायपुर में पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी डिग्री बनवाने के नाम पर 2 करोड़ 34 लाख रुपए की ठगी मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बार सिविल लाइन थाना पुलिस ने साक्षी सिंह को पकड़ा है, जो कथित तौर पर फर्जी MBBS और BAMS डिग्री तैयार करने का काम करती थी। पुलिस के अनुसार, पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर साक्षी सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुणे की यूनिवर्सिटी के नाम पर बनती थीं फर्जी डिग्रियां पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने एक साथी के साथ मिलकर पुणे की डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के नाम से नकली MBBS और BAMS डिग्रियां तैयार कर गिरोह को उपलब्ध कराती थी। पुलिस ने उसके पास से 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी इस मामले की शिकायत 17 फरवरी 2026 को संजय निराला ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे और उनके रिश्तेदारों से कुल 2.34 करोड़ रुपए ठग लिए गए। अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी इस केस में पहले ही चार आरोपी — भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे — गिरफ्तार किए जा चुके हैं। साक्षी सिंह की गिरफ्तारी के बाद कुल आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस अब पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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दुबई में सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की संपत्ति जब्त, बुर्ज खलीफा में भी अपार्टमेंट

महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। रायपुर जोनल कार्यालय ने 25 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत यह कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने कुल 20 अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपए बताई गई है। अटैच की गई संपत्तियों में बुर्ज खलीफा स्थित एक लग्जरी अपार्टमेंट भी शामिल है। सट्टे की कमाई से खरीदी गई लग्जरी संपत्तियां ED की जांच में सामने आया है कि इन प्रॉपर्टियों को अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदा गया था। दुबई के प्राइम इलाकों — Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra), Business Bay और SLS Hotel & Residences — में स्थित कई लग्जरी विला और हाई-एंड अपार्टमेंट इस सूची में शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, ये संपत्तियां सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के नाम पर या उनके नियंत्रण में थीं। जिन सहयोगियों के नाम सामने आए हैं उनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा जांच में यह भी सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप एक अंतरराष्ट्रीय बेटिंग सिंडिकेट की तरह संचालित होता था। यह नेटवर्क Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए चलाया जा रहा था। फ्रेंचाइजी मॉडल के माध्यम से देशभर में “पैनल” बनाकर इसका विस्तार किया गया था। ED के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा गया पैसा जांच एजेंसी ने पाया कि हजारों फर्जी या डमी बैंक खाते खोले गए और आम लोगों के KYC का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद अवैध रकम को हवाला, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और लेयरिंग के जरिए विदेश भेजा गया, जिसे बाद में UAE और भारत में महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया। अब तक 4336 करोड़ की संपत्ति अटैच ED ने इस मामले में अब तक 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। एजेंसी के अनुसार, इस केस में अब तक कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया जारी ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल और शुभम सोनी के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act 2018 के तहत आवेदन दायर किया है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में छिपे आरोपियों को पकड़ने और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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CA रवि ग्वालानी राष्ट्रीय महिला-युवा उत्कृष्टता समिति के सदस्य नियुक्त

सीए रवि ग्वालानी को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय महिला एवं युवा उत्कृष्टता समिति में वर्ष 2026–27 के लिए सह-नामित (को-ऑप्टेड) सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी के निर्णय के अनुसार की गई है। यह समिति सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए पुरुषोत्तम खंडेलवाल की अध्यक्षता में कार्य कर रही है, जबकि सेंट्रल काउंसिल सदस्य एवं उपाध्यक्ष सीए श्रीप्रिया कुमार इसके मार्गदर्शन में समिति की गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। समिति का उद्देश्य महिला और युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के नेतृत्व विकास, पेशेवर उत्कृष्टता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। सीए रवि ग्वालानी पूर्व में संस्थान की रायपुर शाखा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई शैक्षणिक, व्यावसायिक और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया था। इसके अलावा, वे उद्यमिता और लोक सेवा से संबंधित समिति में भी सह-नामित सदस्य के रूप में योगदान दे चुके हैं। नई जिम्मेदारी मिलने पर सीए ग्वालानी ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि इस वर्ष एक बड़े अंतरराष्ट्रीय युवा-महिला सम्मेलन का आयोजन कराया जाए, जिसमें देश-विदेश के पदाधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हों। उनका मानना है कि ऐसे मंच युवा और महिला सदस्यों को नई दिशा, नेटवर्किंग के अवसर और पेशेवर विकास का मार्ग प्रदान करेंगे।

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रायपुर में GST रेड: कारोबारियों के 4 ठिकानों पर छापा, फर्जी बिलिंग के सुराग

रायपुर में GST की बड़ी कार्रवाई राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह राज्य GST विभाग ने भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की। अधिकारियों की टीम लक्ष्मी कमर्शियल और एसआरएस ट्रेडर्स नाम की फर्मों से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि करीब 10 अधिकारियों ने समन्वित तरीके से दबिश देकर दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच शुरू की। फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी की शिकायत सूत्रों के अनुसार, इन फर्मों के खिलाफ फर्जी बिलिंग और GST चोरी की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में कागजात, बिल, कंप्यूटर डेटा और लेनदेन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध बिलिंग और भारी टैक्स चोरी के संकेत मिलने की बात सामने आ रही है। संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच जारी अधिकारियों को कई संदिग्ध लेनदेन एंट्री भी मिली हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दस्तावेजों के विश्लेषण और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का पूरा खुलासा होने की संभावना है।

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चाकू से हमला कर मोबाइल लूटने वाले ‘मेंटल’ और ‘ऑटो’ गिरफ्तार, पेट-पीठ पर वार कर फरार हुए थे आरोपी

Raipur के Khamtarai थाना क्षेत्र में चाकू मारकर मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने कुछ ही घंटों में पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनेश टंडन उर्फ “मेंटल” और टिकेश्वर निषाद उर्फ “ऑटो” के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 23 मार्च की रात पीड़ित दुर्गेश यादव ट्रांसपोर्ट नगर से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आए दो युवकों ने उसे रोककर गाली-गलौज की, मारपीट की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने पेट और पीठ पर चाकू से वार कर उसे घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। घेराबंदी कर दबोचा गया शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। सुराग मिलने के बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हथियार भी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। साथ ही एक आरोपी के पास से बटनदार चाकू और दूसरे के पास से लोहे का चाकू भी जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और अब उन पर संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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31 मार्च से पहले प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, नहीं तो होगी सीलिंग और कुर्की — 17% अतिरिक्त शुल्क भी लगेगा

Raipur Municipal Corporation ने प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को सख्त चेतावनी दी है कि 31 मार्च 2026 से पहले अपना पूरा बकाया जमा कर दें। तय समय सीमा के बाद निगम द्वारा सीलबंदी, कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बकाया राशि पर 17 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार भी वसूला जाएगा। नगर निगम के राजस्व विभाग ने बड़े बकायेदारों से तुरंत भुगतान करने की अपील की है, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। आम नागरिकों से भी समय पर टैक्स जमा करने को कहा गया है, जिससे अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े। नागरिकों की सुविधा के लिए निगम के सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग 31 मार्च तक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे। 26 मार्च (रामनवमी), 28 और 29 मार्च (शनिवार-रविवार) तथा 31 मार्च (महावीर जयंती) के दिन भी टैक्स जमा किया जा सकेगा। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिक Mor Raipur ऐप या नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। निगम ने लोगों से ऑनलाइन सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

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आज से ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026’ का आगाज, उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya रहेंगे मौजूद

छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स-2026 की शुरुआत आज से हो रही है। देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए खिलाड़ी Raipur पहुंच चुके हैं। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। यह खेल महोत्सव 3 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें सात अलग-अलग खेलों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन का शेड्यूल (रायपुर) स्विमिंग — इंटरनेशनल स्विमिंग पूलसुबह 9 बजे से पुरुष और महिला वर्ग में 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 50 मीटर बटरफ्लाई सहित विभिन्न हीट्स आयोजित होंगी।शाम 4:30 बजे से इन स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेटलिफ्टिंगदोपहर 2 बजे ज्यूरी और तकनीकी अधिकारियों की बैठक होगी। हॉकी — Sardar Vallabhbhai Patel International Hockey Stadiumसुबह 11 बजे टीम मैनेजर्स की मीटिंग आयोजित की जाएगी। महिला फुटबॉलसुबह 7:30 बजे — ग्रुप A: तमिलनाडु vs गुजरातशाम 4:00 बजे — ग्रुप B:• सिक्किम vs झारखंड• आंध्र प्रदेश vs छत्तीसगढ़• असम vs अरुणाचल प्रदेश अलग-अलग शहरों में होंगे मुकाबले जानकारी के अनुसार कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में आयोजित होंगी, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में कराई जाएंगी। छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी भी मैदान में इस आयोजन में राज्य के लगभग 180 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके अनुभव और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इसे प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के मंच के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री मांडविया का बयान केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा कि यह प्रतियोगिता आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। लोगो और मैस्कॉट पहले ही लॉन्च 23 दिसंबर को Bilaspur के बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट “मोरवीर” जारी किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और उपमुख्यमंत्री Arun Sao भी मौजूद रहे।

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