Raipur

15 किलो गांजा तस्करी मामले में युवक को 7 साल की सजा, 1 लाख का जुर्माना

शहर के गंज थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है। स्टेशन चौक गेट नंबर-2 के पास 15 किलो से अधिक गांजा के साथ पकड़े गए युवक को विशेष न्यायालय ने 7 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी है। पुलिस के अनुसार 21 जून 2024 को गंज थाना के सहायक उपनिरीक्षक शंकर साहू पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक काले बैग में गांजा लेकर स्टेशन चौक के पास बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी विकास पांडे के पास से तीन पैकेट में कुल 15 किलो 70 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही गांजा की तौल कर उसे जब्त किया और सील कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जब्त किए गए नमूनों को जांच के लिए एफएसएल रायपुर भेजा गया, जहां रिपोर्ट में गांजा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) किरण थवाईत ने आरोपी को धारा 20(b)(ii)(B) के तहत दोषी पाया और 7 साल के सश्रम कारावास के साथ 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में आरोपी को 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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छत्तीसगढ़ में कल से लू का अलर्ट, तापमान में 3 डिग्री तक बढ़ोतरी के आसार

प्रदेश में गर्मी लगातार तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन अगले 24 घंटों में पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद करीब तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 24 अप्रैल से मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी दी है, जिसका असर अगले तीन दिनों तक देखा जा सकता है। इससे लोगों को तेज गर्मी और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मौसम ने हल्का बदलाव भी दिखाया। जगदलपुर में बुधवार दोपहर बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री दर्ज किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए बिलासपुर में व्यापमं की प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। अब परीक्षाएं सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएंगी, जो पहले दोपहर 12 बजे से होती थीं। 26 अप्रैल को मंडी बोर्ड उप निरीक्षक, 14 मई को एसएससी नर्सिंग और पीईटी, और 21 मई को पीपीएचटी परीक्षा नए समय के अनुसार आयोजित होंगी। मौसम में बदलाव का कारण ऊपरी वायुमंडल में चल रही तेज हवाएं हैं, जिन्हें सबट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम कहा जाता है। यह हवा जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर ऊपर 90 से 110 नॉट की रफ्तार से बह रही है, जिसका असर मध्य और पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर लू जैसी स्थिति बन सकती है। राजधानी रायपुर में आज आसमान साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

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सूदखोरी और हथियार केस में वीरेंद्र तोमर का पलटवार, LIVE आकर लगाए साजिश के आरोप

सूदखोरी और अवैध हथियार रखने के मामले में जेल से बाहर आने के बाद आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर ने पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी सफाई दी। राजस्थान से किए गए इस LIVE में उन्होंने पूरे मामले को साजिश बताते हुए पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल उठाए। LIVE के दौरान तोमर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखावत के साथ दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने खुद उनके घर में दस्तावेज और हथियार रखे, ताकि उन्हें फंसाया जा सके। तोमर ने दावा किया कि वे खारुन गंगा आरती का आयोजन करवा रहे थे, जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी और यही बात कुछ नेताओं और लोगों को पसंद नहीं आई। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर से बरामद बताए जा रहे हथियार और कागजात पूरी तरह से झूठे हैं और यह सब पहले से योजना बनाकर किया गया। उनके अनुसार, उन्हें बदनाम करने और खत्म करने की साजिश रची गई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। तोमर ने यह भी दावा किया कि जेल में रहते हुए उनकी जान को खतरा था। उन्होंने कहा कि अगर सच सामने नहीं आता तो उनकी हत्या तक हो सकती थी। इस LIVE वीडियो के सामने आने के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। वीरेंद्र तोमर ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि हाल ही में उन्हें हत्या के एक मामले में अदालत से राहत मिली है और अब वे सूदखोरी और हथियार मामले में कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के नाम सार्वजनिक कर कानूनी कदम उठाएंगे।

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रायपुर में ‘ज्ञान भारतम्’ सर्वे की समीक्षा, 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य

रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर जुड़े और सर्वे की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह अभियान 31 मई तक हर स्थिति में पूरा किया जाए। उन्होंने इसे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। पांडुलिपियों की पहचान, उनका दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी जिलों में समितियों का गठन, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और सर्वे टीमों को प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, कॉलेजों और निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों की सक्रिय रूप से खोज करें। मुख्य सचिव ने पारंपरिक समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही, जहां महत्वपूर्ण पांडुलिपियां मिलने की संभावना अधिक है। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए बैठक में “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों पर भी चर्चा हुई, जिससे आम लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देने और पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों तथा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।

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छत्तीसगढ़ में BJP का जनआक्रोश महिला सम्मेलन शुरू, आरक्षण बिल को लेकर प्रदेशभर में विरोध

महिला आरक्षण बिल पारित न होने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध कार्यक्रम शुरू किए हैं। रायपुर में जनआक्रोश रैली के बाद अब 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जनआक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम भी किए जाएंगे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेश की महिलाओं में नाराजगी है। इसी वजह से अलग-अलग चरणों में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। महिला सम्मेलन के जरिए इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। इससे पहले राजधानी रायपुर में भी भाजपा ने जनआक्रोश रैली निकाली थी, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेता शामिल हुए। इसी बीच 27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पेश कर सकती है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो सका, जिसे लेकर वे दुख व्यक्त करते हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया था। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। बिल को पारित करने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर देश से माफी मांगते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियों ने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसका असर महिलाओं के अधिकारों पर पड़ा।

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छत्तीसगढ़ से 18 समर स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत

गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने खास इंतजाम किए हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन से 18 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों का संचालन 15 अप्रैल से शुरू होकर 15 जुलाई तक जारी रहेगा और इस दौरान ये कुल 88 फेरे लगाएंगी। देशभर में भी रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए 908 समर स्पेशल ट्रेनों को मंजूरी दी है, जो मिलकर 18,262 फेरे संचालित करेंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिलासपुर जोन की 18 ट्रेनों में से 13 पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि बाकी ट्रेनों को जल्द चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। ये स्पेशल ट्रेनें बिलासपुर-रायपुर, दुर्ग-गोंदिया, इतवारी-रायगढ़ और शहडोल जैसे प्रमुख रूट्स पर चलाई जाएंगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों जैसे बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, इतवारी, रायगढ़ और शहडोल में अतिरिक्त सुविधाएं बढ़ाई हैं। इनमें अतिरिक्त टिकट काउंटर, पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था, वेटिंग हॉल में सुधार, सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। रेलवे का कहना है कि इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों की भीड़ कम होगी, वेटिंग लिस्ट घटेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे यात्रियों का सफर ज्यादा आसान और आरामदायक होगा।

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छत्तीसगढ़ में आचरण नियमों पर सरकार का यू-टर्न, 24 घंटे में ही आदेश पर लगी रोक

छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए हाल ही में जारी किए गए सख्त आचरण नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पहले सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को इन नियमों को लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब इस आदेश को अगले निर्देश तक स्थगित कर दिया गया है। 21 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या संगठन से नहीं जुड़ेगा और न ही किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकेगा। इसके अलावा, बिना अनुमति किसी संस्था, समिति या संगठन में पद लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि कर्मचारी ऐसा कोई पद या जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उनके काम की निष्पक्षता प्रभावित हो। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, 22 अप्रैल 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने नया आदेश जारी कर इन सभी निर्देशों को फिलहाल के लिए रोक दिया। उप सचिव अंशिका पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि 21 अप्रैल के निर्देश अभी लागू नहीं होंगे और इन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई भी अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारी संगठनों के विरोध के बाद यह फैसला लिया गया। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि कर्मचारी संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखते हैं और यह आदेश उस व्यवस्था के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों के सामने विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद सरकार ने आदेश पर रोक लगा दी।

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27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र, महिला आरक्षण मुद्दे पर सरकार लाएगी निंदा प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पेश करेगी। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे दुख के साथ यह बात रख रहे हैं कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सपना पूरा नहीं हो सका। उन्होंने इसके लिए विपक्ष के रवैये को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से देशभर की महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को लगभग 57 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि विधानसभा में भी 20 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधित्व है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि इस तरह की राजनीति से देश को नुकसान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर आगे भी सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे और जनता समय आने पर उचित निर्णय लेगी।

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अग्निवीर परीक्षा की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग, 4 मई से शुरू; 30 अप्रैल तक करें रजिस्ट्रेशन

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रायपुर में निःशुल्क कोचिंग की सुविधा शुरू की जा रही है। यह पहल जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा की जा रही है, जिसमें अभ्यर्थियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से 4 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न विषयों के जानकार उम्मीदवारों को परीक्षा की बेहतर तैयारी कराएंगे, ताकि वे लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक चली थी। इस दौरान 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक के अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास से लेकर स्नातक और डिप्लोमा तक है। भर्ती प्रक्रिया में जनरल ड्यूटी, तकनीकी, क्लर्क/स्टोर कीपर, ट्रेडमैन और महिला सैन्य पुलिस जैसी विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इसका लाभ मिल सके। इच्छुक अभ्यर्थी 30 अप्रैल 2026 तक रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर पंजीकरण कर सकते हैं। अधिक जानकारी या किसी समस्या के लिए अभ्यर्थी रायपुर स्थित रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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26 अप्रैल को MBSI भर्ती परीक्षा, सख्त नियम लागू; जूते-मोजे बैन, 9:30 के बाद नहीं मिलेगी एंट्री

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (MBSI26) का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। रायपुर के 104 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में करीब 34,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, घड़ी, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ड्रेस कोड को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। काले, गहरे नीले और हरे रंग के कपड़ों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा जूते, मोजे, स्कार्फ और बेल्ट पहनने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को चप्पल पहनकर आना होगा। साथ ही कान के आभूषण पहनने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 9:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की पुलिस द्वारा जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की प्रतिबंधित वस्तु अंदर न पहुंच सके। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा प्रबंधन ने सभी उम्मीदवारों से समय पर पहुंचने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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