Raipur

रायपुर पुलिस कमिश्नरी पर कांग्रेस का हमला: “वसूली कमिश्नरेट” बन गया सिस्टम

राजधानी रायपुर में लागू पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था अब “वसूली कमिश्नरेट” में बदल गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन जमीन पर कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। उनका आरोप है कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जबकि आम लोग ट्रैफिक चालानों के डर से परेशान हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शहर के कई चौराहों पर स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग तक साफ नहीं दिखती, फिर भी लोगों पर नियम उल्लंघन के नाम पर चालान भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चालान नहीं भरने पर वाहनों को जब्त करने की चेतावनी दी जाती है और कई मामलों में ऐसा किया भी गया है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमिश्नरी सिस्टम का मकसद अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग था, लेकिन मौजूदा स्थिति में पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ ट्रैफिक चालान तक सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि मोहल्लों में फैल रहे नशे के कारोबार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। स्टाफ की कमी को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि उच्च स्तर के अधिकारियों की तैनाती तो कर दी गई है, लेकिन थानों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या पहले जैसी ही है, जिससे व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही। सुशील आनंद शुक्ला ने मांग की कि थानों में पर्याप्त स्टाफ बढ़ाया जाए और पुलिस को केवल चालान तक सीमित न रखकर अपराध नियंत्रण पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए जाएं।

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रायपुर एयरपोर्ट के बाहर खूनी झगड़ा: सवारी को लेकर विवाद में ऑटो चालक पर बोतल से हमला

राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट के बाहर सवारी बैठाने को लेकर दो ऑटो चालकों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। गुस्से में एक चालक ने दूसरे के सिर पर कांच की बोतल मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना माना कैम्प थाना क्षेत्र की है। घायल ऑटो चालक की पहचान परमानंद धृतलहरे के रूप में हुई है, जबकि आरोपी जुबेर खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों एयरपोर्ट के बाहर ऑटो चलाते हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात सवारी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। इसी दौरान आरोपी ने पास में पड़ी कांच की बोतल उठाकर परमानंद के सिर पर वार कर दिया। हमले के बाद परमानंद मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सिर में गंभीर चोट आई है, हालांकि फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आरोपी जुबेर खान को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एयरपोर्ट क्षेत्र में ऑटो चालकों के बीच सवारी को लेकर विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पार्किंग स्टाफ के साथ झगड़े और अभद्रता की शिकायतें भी मिलती रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में गहराया जल संकट: घंटों लाइन में लगकर पानी भरने को मजबूर लोग

राजधानी रायपुर इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। कई इलाकों में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शिवनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है, जहां बोरवेल सूख चुके हैं और लोगों को रोजाना 3 से 4 घंटे लाइन में खड़े होकर पानी भरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी हिना महानंद के अनुसार, सुबह और शाम दोनों समय पानी के लिए दूर जाना पड़ता है और रोज का काफी समय इसी में निकल जाता है। वहीं सुरेश तांडी का कहना है कि हर साल पानी की समस्या रहती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं। रायपुरा क्षेत्र में भी पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। निवासी अजय यादव ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। डंगनिया इलाके में पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन प्रेशर इतना कम है कि लोग पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहर के 70 वार्डों में से 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में बोरवेल फेल हो चुके हैं। ऐसे में लोगों की निर्भरता टैंकरों पर बढ़ गई है और कई जगह पानी को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। शहर के लगभग 3.5 लाख घरों में से करीब 20 प्रतिशत में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। हर साल मानसून के दौरान लाखों लीटर पानी बिना उपयोग के बह जाता है, जबकि यह पानी भविष्य के लिए बचाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, 1500 वर्ग फीट से बड़े मकानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके लिए लोगों ने नगर निगम में राशि भी जमा की थी, लेकिन अब तक कई जगह यह सिस्टम नहीं लगाया गया है। नगर निगम ने ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये जब्त भी किए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हर घर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाए, तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक औसत घर सालाना हजारों लीटर पानी बचा सकता है, जिससे भविष्य में पानी की कमी से राहत मिल सकती है।

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रायपुर में 50 लाख की ठगी: ड्राइवर अकाउंटेंट को उतारकर कैश समेत फरार

राजधानी रायपुर में एक कंस्ट्रक्शन कारोबारी के साथ 50 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कारोबारी के ड्राइवर ने अकाउंटेंट को रास्ते में उतारकर कार और नकदी लेकर फरार हो गया। घटना गीतांजलि नगर क्षेत्र की है। मामले में कारोबारी के रिश्तेदार अखिलेश प्रसाद की शिकायत पर खम्हारडीह थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित कारोबारी उमेश प्रसाद कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं और गीतांजलि नगर में रहते हैं। शनिवार 25 अप्रैल को उन्होंने अपने अकाउंटेंट और ड्राइवर कृष्णा साहू को 50 लाख रुपये कैश देकर घर भेजा था। दोनों कार (CG 04 QG 6633) से निकल पड़े, लेकिन खम्हारडीह थाने से कुछ ही दूरी पर ड्राइवर ने चालाकी दिखाते हुए अकाउंटेंट को गुटखा लाने के बहाने उतार दिया। जैसे ही अकाउंटेंट नीचे उतरा, ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। अकाउंटेंट ने तुरंत इस घटना की जानकारी कारोबारी को दी, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि आरोपी कृष्णा साहू भाठागांव का रहने वाला है और करीब एक साल से कारोबारी के यहां काम कर रहा था। घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश के लिए शहरभर में दबिश दी जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। खम्हारडीह थाना प्रभारी आईपीएस मान्सी नानाभाई साकुरे ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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इमरजेंसी में भी पर्ची जरूरी: डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में इलाज से पहले इंतजार, मरीजों की जान पर खतरा

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को भी तुरंत इलाज नहीं मिल पा रहा, क्योंकि पहले पर्ची (रजिस्ट्रेशन) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के कारण कई मरीजों की स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ रही है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि एक्सीडेंट, सीने में दर्द और अन्य गंभीर समस्याओं के साथ आए मरीजों को भी काउंटर पर लाइन में खड़ा किया जा रहा है। कई मामलों में मरीजों के परिजन स्ट्रेचर और तत्काल इलाज की गुहार लगाते रहे, लेकिन स्टाफ ने साफ कहा—पहले पर्ची बनवाइए। बताया जा रहा है कि इस देरी के कारण कुछ मरीजों की हालत बेहद गंभीर हो गई, यहां तक कि पर्ची बनवाने के दौरान मौत के आरोप भी सामने आए हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 4 हजार मरीजों का इलाज होता है, जबकि इमरजेंसी में औसतन 200 मरीज पहुंचते हैं। स्टाफ का कहना है कि बिना पर्ची मरीज का रिकॉर्ड नहीं बनता, इसलिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी में पहले प्राथमिक उपचार देना अनिवार्य होता है, जबकि कागजी प्रक्रिया बाद में पूरी की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या गंभीर दुर्घटनाओं में शुरुआती 10 से 15 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। इस दौरान इलाज में देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस व्यवस्था में क्या सुधार होता है।

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राजधानी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की सख्ती बढ़ी, ई-चालान वसूली के लिए घर-घर कार्रवाई

राजधानी में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है। पारंपरिक चेकिंग के बजाय अब डिजिटल सिस्टम के जरिए ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके पते पर सीधे चालान भेजा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हर दिन करीब 5 हजार ई-चालान जारी हो रहे हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिस अब वसूली के लिए सीधे वाहन मालिकों के घर पहुंच रही है। जिन चालकों पर बार-बार चालान जारी हुए हैं, उन्हें पहले नोटिस देकर भुगतान के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद अगर जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तो पुलिस मौके पर ही वाहन जब्त कर रही है। अब तक कई गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 1.64 लाख ई-चालान अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 737 वाहन चालकों पर 44,175 बार रिपीटेड चालान दर्ज किए गए हैं। एक मामले में तो एक बाइक, जिसकी कीमत करीब 95 हजार रुपए है, उस पर 1.77 लाख रुपए का जुर्माना बकाया है। ट्रैफिक पुलिस की टीम क्रेन के साथ घर-घर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जिन मामलों में प्रकरण कोर्ट में लंबित हैं, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निपटाने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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रायपुर में हॉलीडे पैकेज ठगी: 2.94 लाख लेकर ट्रैवल एजेंसी संचालक फरार, पुलिस जांच में जुटी

राजधानी रायपुर में हॉलीडे पैकेज के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने ट्रैवल एजेंसियों पर भरोसा करने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। इस मामले में एक टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी के संचालक पर करीब 2.94 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, सरस्वती नगर निवासी महेश सिंह राजपूत ने मैग्नेटो मॉल में संचालित ‘प्लू वेरियंट’ नाम की ट्रैवल एजेंसी के संचालक नागेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने आकर्षक हॉलीडे पैकेज का झांसा देकर उनसे एडवांस में बड़ी रकम वसूल ली। आरोपी ने देश-विदेश घूमाने के नाम पर भरोसा दिलाया कि उसकी कंपनी पूरी यात्रा की व्यवस्था करेगी। हालांकि, पैसे लेने के बाद न तो कोई टिकट बुक किया गया और न ही किसी प्रकार की यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई। कुछ समय बाद आरोपी ने अपना ऑफिस बंद कर दिया और फरार हो गया। पीड़ित जब एजेंसी पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का यह भी दावा है कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान नागेश कुमार के रूप में हो चुकी है और उसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ट्रैवल एजेंसी से पैकेज लेने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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डंगनिया टंकी में लापरवाही से 34 लाख लीटर पानी बर्बाद, डेढ़ लाख आबादी की सप्लाई ठप

रायपुर में पहले से जारी पानी संकट के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डंगनिया स्थित पानी टंकी से बुधवार सुबह सप्लाई पूरी तरह प्रभावित रही, जिससे शहर के 10 से अधिक इलाकों में करीब 1.5 लाख लोगों को पानी नहीं मिल सका। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम सप्लाई के बाद टंकी का वॉल्व बंद किया गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। इसके चलते ओवरहेड टैंक भरने के बाद रातभर पानी बहता रहा और करीब 34 लाख लीटर पानी बर्बाद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जल कार्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वॉल्व की समस्या को ठीक किया गया। इसके बाद टंकी को दोबारा भरा गया और शाम तक पानी सप्लाई बहाल की गई। बताया जा रहा है कि डंगनिया टंकी शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों जैसे समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, कुशालपुर, सुंदरनगर, पुरानी बस्ती, कंकालीपारा, खो-खो पारा, अमरपुरी और भीमनगर में पानी सप्लाई का मुख्य स्रोत है। इससे पहले भाठागांव में भी मेन राइजिंग लाइन का वॉल्व खराब होने से पानी का फव्वारा फूट पड़ा था, जिसे करीब दो घंटे बाद ठीक किया गया था। जोन-5 के आयुक्त खीरसागर नायक ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या हुई, जिसे तुरंत सुधार लिया गया है। साथ ही वॉल्व की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। इधर, पानी संकट को लेकर शहर में असमानता की तस्वीर भी सामने आई है। जहां वीवीआईपी इलाकों में टैंकर से पर्याप्त पानी पहुंच रहा है, वहीं आम लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। महापौर मीनल चौबे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की बैठक की और स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने शहर में पानी के अवैध कारोबार का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि कुछ इलाकों में बोर से पानी निकालकर बेचा जा रहा है, जिस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

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रायपुर में मॉल पार्किंग पर बड़ा फैसला, उपभोक्ता फोरम ने कहा—शुल्क वसूली अवैध

राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने मॉल पार्किंग शुल्क को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने साफ कहा है कि मॉल प्रबंधन ग्राहकों से पार्किंग के नाम पर पैसे नहीं ले सकता और इसे पूरी तरह नि:शुल्क करना होगा। यह मामला सिविल लाइन निवासी अजिनेश शुक्ला से जुड़ा है, जो 15 जून 2025 को अपनी कार से एक मॉल पहुंचे थे। वे केवल अपनी बुजुर्ग मां को छोड़ने गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की बेंच ने की। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि किसी भी वाणिज्यिक भवन को निर्माण की अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि पार्किंग सुविधा आम जनता के लिए आवश्यक हिस्सा होगी। ऐसे में मॉल या बिल्डर इसके लिए अलग से शुल्क नहीं ले सकते। आयोग ने यह भी कहा कि मॉल का उद्देश्य ग्राहकों को सुविधाएं देना है, जबकि प्रबंधन पहले से ही दुकानों से किराया और मेंटेनेंस शुल्क लेता है। ऐसे में ग्राहकों पर अतिरिक्त पार्किंग शुल्क डालना गलत है। फोरम ने मॉल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग पूरी तरह मुफ्त की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया गया है। यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 7% वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद भी शहर के कई मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली जारी है। जांच के दौरान सामने आया कि कई जगह एंट्री पर पर्ची दी जाती है और बाहर निकलते समय शुल्क लिया जाता है। कुछ स्थानों पर एंट्री के समय ही पैसा वसूला जा रहा है, जिससे लोगों और कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है।

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रायपुर में पानी संकट पर महापौर सख्त, 2 दिन में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम

गर्मी के बढ़ते असर के बीच रायपुर में पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर मीनल चौबे ने जल विभाग और जल बोर्ड के अधिकारियों की बैठक लेकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। खासतौर पर तालाबों और अन्य जल स्रोतों के आसपास अधिक संख्या में हाइड्रेंट लगाने पर जोर दिया गया है, ताकि पानी की उपलब्धता बेहतर हो सके। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में उतरकर वार्डों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। टंकियों वाले क्षेत्रों में जाकर स्थिति का आकलन करने और मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने को कहा गया है। महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि पानी से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए। जोन स्तर की टीमें मिलकर तेजी से काम करें, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके। साथ ही, शहरवासियों से भी पानी का समझदारी से उपयोग करने और बर्बादी रोकने की अपील की गई है। बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग में इजाफा हो रहा है, ऐसे में निगम व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय हो गया है।

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