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नगर निगम सभा में हंगामा: महिला सशक्तिकरण पर तीखी बहस, माइक छीना तो बढ़ा विवाद

नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर जमकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल काफी गरमा गया। विवाद उस समय और बढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बिना किसी का नाम लिए ‘अंग्रेजों के मुखबिर’ जैसी टिप्पणी कर दी। इस बयान पर भाजपा पार्षद नाराज हो गए और विरोध जताते हुए उनका माइक छीनने तक पहुंच गए। इसके चलते करीब 15 मिनट तक हंगामा और नारेबाजी होती रही, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए सभापति को बैठक कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। करीब साढ़े पांच घंटे तक चली इस बैठक में आखिरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इससे पहले भाजपा पार्षद महिला आरक्षण संशोधन के विरोध में काले कपड़े और काले रिबन पहनकर सभा में पहुंचे थे। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने निगम मुख्यालय से कोतवाली चौक तक रैली निकालकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिला अधिकारों के मुद्दे पर सहयोग नहीं कर रहा है। वहीं विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति की जा रही है और शहर की मूलभूत समस्याएं जैसे पेयजल, सफाई और सड़क को नजरअंदाज किया जा रहा है। महापौर मीनल चौबे ने महिला सशक्तिकरण को एक जरूरी पहल बताते हुए विपक्ष की आलोचना की, जबकि विपक्ष ने इसे महज राजनीतिक एजेंडा करार दिया।

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छत्तीसगढ़ में RTE से प्री-स्कूल बाहर: 38 हजार बच्चों पर असर, सरकार बनाम स्कूल एसोसिएशन आमने-सामने

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्री-स्कूल (नर्सरी, LKG, UKG) कक्षाओं को शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। 16 दिसंबर 2025 को जारी इस आदेश का असर राज्य के करीब 38 हजार गरीब बच्चों पर पड़ने की आशंका है। इस फैसले को लेकर विवाद भी तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे संविधान के खिलाफ बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि आज के समय में शिक्षा की शुरुआत प्री-स्कूल स्तर से होती है, ऐसे में गरीब बच्चों को इस शुरुआती चरण से बाहर करना उन्हें आगे की पढ़ाई में भी पीछे धकेल सकता है। सरकार ने अपने पक्ष में तर्क दिया है कि RTE अधिनियम मूल रूप से 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों, यानी कक्षा 1 से 8 तक के लिए बनाया गया है। ऐसे में प्री-स्कूल को इसमें शामिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने आर्थिक बोझ का मुद्दा भी उठाया है। सरकार के अनुसार यदि प्री-स्कूल को RTE के तहत रखा जाता है, तो हर साल लगभग 60 से 70 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। सरकार का यह भी कहना है कि पहले प्री-स्कूल को RTE में शामिल करना एक प्रशासनिक त्रुटि थी, जिसे अब सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले का एक अलग पक्ष भी है। साल 2015-16 में राज्य सरकार ने खुद यह निर्णय लिया था कि प्री-स्कूल को RTE के दायरे में लाया जाए, ताकि 3 से 6 साल के बच्चों को शुरुआती स्तर पर बेहतर शिक्षा मिल सके। उस समय सरकार का मानना था कि प्रारंभिक शिक्षा से बच्चों का मानसिक विकास बेहतर होता है और भविष्य में ड्रॉपआउट दर भी कम होती है। साथ ही, यह कदम सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए भी अहम माना गया था, ताकि गरीब और अमीर बच्चे एक साथ पढ़ सकें। सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा है कि छोटे बच्चों में ड्रॉपआउट दर अधिक होती है और प्री-स्कूल के नाम पर कई नए संस्थान खुल रहे हैं, जिससे कानून के दुरुपयोग की आशंका है। लेकिन उपलब्ध आंकड़े इस दावे पर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार 3 से 8 साल के बच्चों में ड्रॉपआउट दर लगभग 2 से 3 प्रतिशत के बीच है, जो बहुत अधिक नहीं मानी जाती। हालांकि, नामांकन में कमी जरूर देखी गई है, जहां 16 से 28 प्रतिशत तक बच्चे अब भी प्री-प्राइमरी शिक्षा से बाहर हैं। वर्तमान में यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्री-स्कूल कक्षाएं दोबारा RTE के दायरे में आएंगी या नहीं, और राज्य की शिक्षा नीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी

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रायपुर में गुपचुप पानी में मिलावट का खुलासा: 20 लीटर रंगीन पानी नष्ट, 27 ठेलों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि विभाग ने मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। ‘सही दवा, शुद्ध आहार’ थीम के तहत चल रहे इस 15 दिवसीय अभियान के पहले ही दिन गुपचुप में इस्तेमाल हो रहे रंगीन पानी का मामला सामने आया। जांच के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में चाट और गुपचुप के ठेलों की जांच की गई। कई जगहों पर पाया गया कि गुपचुप का पानी कृत्रिम रंग मिलाकर तैयार किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने करीब 20 लीटर ऐसा पानी मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस अभियान के तहत कुल 27 चाट और गुपचुप सेंटरों की जांच की गई। साथ ही समोसा, चाट और दही बड़ा के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी ब्रेड भी मिली, जिसे जब्त कर लगभग 2 किलो सामग्री को तुरंत नष्ट किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक यह अभियान 11 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आम लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंच सके।

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रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा खेल: 3 लोगों से 8 लाख की ठगी, लोन-रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर जाल

एक तरफ छत्तीसगढ़ में गर्मी के साथ “वार्म नाइट” का खतरा बढ़ रहा है, वहीं राजधानी रायपुर में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी की गई है। पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों में टिकरापारा के विशाल गुप्ता, सरस्वती नगर क्षेत्र के सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह और अमलीडीह निवासी कारोबारी जयकुमार वाधवानी शामिल हैं। पहले मामले में विशाल गुप्ता ने ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। ठगों ने अधिक रकम मंजूर होने का लालच देकर उनके मोबाइल का डेटा एक्सेस कर लिया। इसके बाद उनकी निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी दी गई और ब्लैकमेल कर करीब 6 लाख रुपए वसूल लिए गए। दूसरे मामले में एक महिला ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह को कॉल किया। क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के बहाने उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर कार्ड डिटेल भरवाई गई। जानकारी डालते ही उनके खाते से लगभग 2 लाख रुपए निकल गए। पीड़ित ने तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। तीसरे मामले में जयकुमार वाधवानी को बीमा पॉलिसी में नुकसान का डर दिखाया गया। ठगों ने कंज्यूमर कोर्ट में केस करने का झांसा देकर नया प्लान और “फ्रीजिंग कोड” के नाम पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 55 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: 2 दिन लू का अलर्ट, फिर मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में इस समय तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है और आने वाले दो दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। राजनांदगांव में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग ने राहत की भी उम्मीद जताई है। अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन के असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। सोमवार को बिलासपुर और मुंगेली में तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। राजधानी रायपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। दोपहर या शाम तक बादल छा सकते हैं। यहां अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल दो दिन तक गर्मी और लू का असर रहेगा, लेकिन उसके बाद तापमान में गिरावट आ सकती है। यानी अभी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा, लेकिन सप्ताह के आगे बढ़ने पर राहत मिल सकती है।

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रायपुर में नाबालिग की चाकू मारकर हत्या: मामूली विवाद बना जानलेवा, इलाके में तनाव

राजधानी रायपुर में एक मामूली विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया, जहां चाकूबाजी की घटना में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। घटना सोमवार देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंचशील नगर के पास जोगी मोहल्ला इलाके में हुई। मृतक की पहचान कुश बाघ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इस दौरान आरोपियों ने दो नाबालिगों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कुश बाघ को गंभीर चोटें आईं और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका एक साथी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मंगलवार सुबह मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने सिविल लाइन थाने का घेराव कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आएगी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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राजधानी में FDA की सख्ती: कॉस्मेटिक दुकानों की जांच, 1000+ किलो संदिग्ध पनीर जब्त

राजधानी में उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में बंजारी रोड और गोल बाजार सहित कई इलाकों में कॉस्मेटिक दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सपायरी डेट वाले प्रोडक्ट, बिलिंग सिस्टम और लेबलिंग नियमों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों के दस्तावेजों को खंगाला गया, वहीं जय गुरुदेव स्टोर्स को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी बीच, खाद्य विभाग ने मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले पनीर के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर में दो डेयरी यूनिट्स पर छापेमारी कर करीब 1060 किलो पनीर जब्त कर नष्ट किया गया। साथ ही पनीर के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। भाटागांव स्थित KLP डेयरी एंड प्रोडक्शन में जांच के दौरान भारी गंदगी पाई गई, जिसके चलते 540 किलो पनीर को नगर निगम की मदद से नष्ट किया गया। वहीं परिसर से मिल्क पाउडर और तेल के टिन भी बरामद हुए, जिनकी जांच जारी है। उधर, उरला के कन्हेरा रोड स्थित SJ डेयरी प्रोडक्ट में भी कार्रवाई करते हुए 500 किलो पनीर जब्त किया गया। इस दौरान टीम को विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल दोनों फैक्ट्री संचालकों से पूछताछ जारी है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा में मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी, शिवलिंग उखाड़कर तालाब में फेंका, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक द्वारा मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। आरोपी ने शिव मंदिर में आग लगाने के बाद हनुमान मंदिर का ताला तोड़कर वहां भी आगजनी की और शिवलिंग को उखाड़कर तालाब में फेंक दिया। यह मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के जटगा चौकी इलाके का है। जानकारी के अनुसार, युवक ने पहले शिव मंदिर को निशाना बनाया और वहां आग लगा दी। इसके बाद वह पास में स्थित हनुमान मंदिर पहुंचा, जहां ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां भी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी कुछ महीनों पूर्व मंदिर परिसर में इसी तरह की तोड़फोड़ की घटना हो चुकी है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बैकुंठपुर निवासी रोहित खैरवार के रूप में हुई है, जो जटगा में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय आरोपी नशे में था या उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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पुलिस ने लौटाए सोने-चांदी समेत 3-लाख का सामान:बिलासपुर में पुलिस को मिला था लावारिस सूटकेस, सीसीटीवी के जरिए झारखंड के युवक की हुई पहचान

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी का उदाहरण पेश करते हुए लावारिस सूटकेस उसके असली मालिक को सुरक्षित लौटा दिया। सूटकेस में करीब 3 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कपड़े रखे हुए थे। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल की देर रात गश्त के दौरान पुलिस को एक लावारिस सूटकेस मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत सूटकेस को अपने कब्जे में लेकर थाने में सुरक्षित रखा और उसके मालिक की तलाश शुरू की। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले युवक की पहचान की गई। जांच में पता चला कि शेख आलमगीर नाम का युवक बिलासपुर अपने ससुराल आया था और बस से उतरने के दौरान शिवघाट इलाके में अपना सूटकेस भूल गया था। ससुराल पहुंचने के बाद जब उसे सूटकेस के गायब होने का पता चला तो वह उसे खोजने में जुट गया। इसी बीच पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए उसकी पहचान कर उसके परिजनों से संपर्क किया और उसे थाने बुलाया। थाने में सूटकेस का ताला खोलकर जांच की गई, जिसमें करीब 3 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और अन्य सामान मिले। सभी सामान सुरक्षित मिलने पर पुलिस ने सूटकेस उसके मालिक को सौंप दिया। अपना कीमती सामान वापस पाकर शेख आलमगीर ने पुलिस का आभार जताया और उनकी तत्परता व ईमानदारी की सराहना की।

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रायपुर में स्वच्छता पर निगम का सख्त एक्शन, डस्टबिन नहीं रखने पर 39 दुकानों पर जुर्माना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। जोन-2 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन मार्ग और पुराने पंडरी बस स्टैंड मार्ग पर औचक निरीक्षण करते हुए 39 दुकानों पर कार्रवाई की और कुल 10 हजार रुपये का ई-चालान काटा। यह कार्रवाई स्वच्छता से संबंधित शिकायत मिलने के बाद की गई। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन-2 कमिश्नर संतोष पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी रवि लावनिया की मौजूदगी में पाया गया कि कई दुकानों में डस्टबिन नहीं रखे गए थे और आसपास गंदगी फैली हुई थी। इस पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया और भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। नगर निगम द्वारा शहर में स्वच्छता को लेकर लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत निकाली गई जनजागरूकता रैली में जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने भाग लिया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। नागरिकों से अपील की गई है कि वे कचरे को अलग-अलग श्रेणियों—गीला, सूखा, सेनेटरी और अन्य—में बांटकर निगम की गाड़ियों को दें। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खुले में कचरा फेंकने पर नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा और शहर को स्वच्छ रखने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

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