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रायपुर ट्रैफिक पुलिस के 22 जवान सम्मानित: एक महीने में 9 चोरी के वाहन बरामद, कमिश्नर ने किया पुरस्कृत

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले एक महीने के दौरान वाहन जांच, पेट्रोलिंग और तकनीकी जांच के जरिए 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यातायात पुलिस केवल ट्रैफिक संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सभी कर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और सतर्कता के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यातायात पुलिस लगातार बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध, लावारिस और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच कर रही है। वाहन चेकिंग के दौरान मोबाइल तकनीक, चेसिस नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर कई मामलों का खुलासा किया गया, जिससे चोरी के वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में सफलता मिली। वीआईपी चौक पर पकड़ी गई चोरी की बाइक 26 जुलाई को वीआईपी चौक पर ड्यूटी के दौरान यातायात पुलिस ने तीन लोगों को लेकर जा रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। आगे की नंबर प्लेट के अंक मुड़े हुए थे जबकि पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट किसी दूसरे वाहन की थी। चेसिस नंबर के आधार पर जांच करने पर पता चला कि बाइक फरवरी 2025 में गरियाबंद जिले से चोरी हुई थी। इसके बाद आरोपी और वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए थाना तेलीबांधा भेजा गया। लावारिस बाइक भी निकली चोरी की 31 जुलाई को पचपेड़ी नाका क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान कमल विहार सब्जी मंडी के पास बिना नंबर प्लेट की एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली। चेसिस नंबर की जांच करने पर पता चला कि वाहन कुछ दिन पहले टिकरापारा क्षेत्र से चोरी हुआ था और संबंधित थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज थी। पुष्टि के बाद बाइक को संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हथियार लेकर घूम रहे संदिग्ध भी पकड़े वाहन जांच के साथ-साथ यातायात पुलिस ने चौक-चौराहों पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखी। पिछले 15 दिनों में तीन अलग-अलग मामलों में चाकू और अन्य धारदार हथियार लेकर घूम रहे तीन लोगों को पकड़कर संबंधित थानों के हवाले किया गया। इन मामलों में सराहनीय कार्य करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों, सतर्क पुलिसिंग और टीम वर्क के कारण यातायात पुलिस की कार्यक्षमता लगातार बेहतर हुई है। भविष्य में भी आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इसी तरह अभियान जारी रहेगा।

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रायपुर: उरला पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम मोबाइल लौटाए, लोगों से तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील

रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन अंतर्गत उरला थाना पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल विधिवत सुपुर्दनामा की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित स्वामियों को लौटाए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल मेघा वर्मा निवासी भवानी नगर, कोटा और सूरज सिंह निवासी हीरापुर को सौंपे गए। अपने मोबाइल वापस मिलने पर दोनों ने उरला पुलिस और CEIR पोर्टल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक करना, उसकी लोकेशन ट्रैक करना और बरामद होने पर वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उरला थाना पुलिस ने भी नागरिकों से अधिक से अधिक CEIR पोर्टल का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल को सुरक्षित रखने और उसकी ट्रैकिंग के लिए प्रभावी माध्यम है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल की रिकवरी की संभावना बेहतर हो जाती है।

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रायपुर: रिलायंस ज्वेलर्स में 17.5 लाख की सोना हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, 80 ग्राम गोल्ड बरामद

रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर गोलबाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि स्टोर में रखे करीब 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे। इस हेराफेरी से कंपनी को लगभग 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामले की जांच डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा और थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के बाद उसने महत्वपूर्ण जानकारी स्वीकार कर ली। पूछताछ में सामने आया कि मनोज यादव वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित था। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने पहले ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई मासिक योजना की रकम का निजी उपयोग किया। बाद में जब ग्राहकों ने आभूषण की मांग की तो उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रख दिए। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कंपनी की नियमित प्रक्रिया का फायदा उठाकर अधिकृत मेल्टिंग यूनिट में आधिकारिक यूनिफॉर्म पहनकर पहुंचता था। वहां असली सोना गलवाकर उसका उपयोग अलग-अलग लेन-देन में करता रहा। कुछ मामलों में उसने ग्राहकों को ऐसे आभूषण भी दिए जिन्हें बाद में स्टोर में एक्सचेंज कराने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने किश्तों पर सोने के आभूषण खरीदने वाली दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उनके पैसों और आभूषणों में हेराफेरी करने के बाद फर्जी बिलों के जरिए आभूषण सौंपे गए। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर ये बिल फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामले में बीएनएस की धारा 336(3), 318(4), 338 और 340(2) भी जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जांचा। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। आरोपी की निशानदेही पर एक रेडमी मोबाइल फोन और फर्जी बिलों के जरिए बेचे गए लगभग 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।

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रायपुर: जानलेवा हमले के मामले में फरार आरोपी आयुष ठाकुर गिरफ्तार, खमतराई पुलिस ने तीन महीने बाद दबोचा

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की खमतराई थाना पुलिस ने जानलेवा हमले के एक मामले में करीब तीन महीने से फरार चल रहे आरोपी आयुष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सन्यासीपारा तालाब के पास से पकड़कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 18 मई 2026 का है, जब खमतराई थाना क्षेत्र की आरव्हीएच कॉलोनी स्थित बालाजी चौक के पास पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक विवाद हुआ था। इस घटना में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। पहले पक्ष की शिकायत के अनुसार, पीयूष ठाकुर और दक्ष बेहरा के बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जीवन बघेल और अनिकेत डोंगरे पर आयुष ठाकुर ने कथित रूप से चाकू से हमला कर दिया, जिससे जीवन बघेल के सीने और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। इस मामले में खमतराई थाने में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया कि जीवन बघेल, मुकेश डोंगरे और अनिकेत डोंगरे ने पुरानी रंजिश के चलते पीयूष ठाकुर पर धारदार हथियार से हमला कर उसके सिर, माथे और पीठ पर चोट पहुंचाई। इस मामले में भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों मामलों में शामिल अन्य आरोपियों पीयूष ठाकुर, जीवन बघेल और मुकेश डोंगरे को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि आयुष ठाकुर घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए और तकनीकी इनपुट के आधार पर उसके सन्यासीपारा तालाब के पास छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी आयुष ठाकुर (20 वर्ष), निवासी धनलक्ष्मी नगर, भनपुरी, थाना खमतराई, के खिलाफ पहले से भी हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं समेत कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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रायपुर: उरला के स्कूल में पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को नए कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दी जानकारी

रायपुर के उरला स्थित रायपुर पब्लिक स्कूल में पुलिस कमिश्नरेट की ओर से “संवाद से समाधान” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं और विद्यालय स्टाफ को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली की जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, महिलाओं और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर जोन की डीसीपी दीपमाला कश्यप मौजूद रहीं। उन्होंने सरल भाषा में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि नए कानून आम नागरिकों को तेज और प्रभावी न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। डीसीपी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की अपील भी की गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और जनहितकारी बनाया गया है, जिससे लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल रही हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित कर बालिकाओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला संबंधी अपराधों के नए कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस द्वारा उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने उपस्थित लोगों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी, जिनमें 1930 (साइबर क्राइम), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और पिंक पेट्रोलिंग यूनिट का हेल्पलाइन एवं व्हाट्सएप नंबर शामिल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानून, साइबर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिया। उरला थाना पुलिस ने सभी से नए कानूनों का पालन करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

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रायपुर के बेंद्री डैम में फिर हादसा: नहाने के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित बेंद्री डैम में एक बार फिर डूबने की घटना सामने आई है। पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 5 बजे उरला निवासी 30 वर्षीय सुधांशु तिवारी अपने तीन दोस्तों के साथ बेंद्री डैम घूमने पहुंचे थे। इस दौरान सभी डैम में नहाने के लिए उतरे, लेकिन अचानक तीन युवक गहरे पानी की ओर चले गए। मौके पर मौजूद मछुआरों ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि सुधांशु तिवारी पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे उरला थाना पुलिस को मिली। अंधेरा होने की वजह से उसी रात SDRF की टीम रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं कर सकी। सोमवार सुबह 6 बजे से SDRF की टीम लगातार डैम में सर्च ऑपरेशन चलाकर लापता युवक की तलाश कर रही है। बेंद्री डैम में पिछले सात दिनों के भीतर यह दूसरी डूबने की घटना है। इससे पहले भी एक व्यक्ति की जान डूबने से जा चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में भी एक ही महीने के दौरान यहां पांच लोगों की डूबने से मौत हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम में पानी काफी गहरा है और कई स्थानों पर तेज बहाव भी रहता है, जिसके कारण यहां बार-बार हादसे होते हैं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और डैम क्षेत्र में आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने की मांग की है।

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बिलासपुर में नकली (एनालॉग) पनीर पर सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को प्रशासन की चेतावनी

बिलासपुर में प्रतिबंधित एनालॉग (नकली) पनीर के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक को सख्ती से लागू करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिले के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग या कारोबार न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर में अधिकारियों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बताया कि प्रतिबंधित पनीर की खरीद, बिक्री, भंडारण और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान में इसका उपयोग पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त पनीर ही खरीदें तथा अपने सप्लायरों की भी जांच करें। उनका कहना है कि जब तक बाजार में इसकी सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, तब तक इस पर प्रभावी रोक लगाना संभव नहीं होगा। बैठक के दौरान होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता बनाए रखने, लाइसेंस संबंधी नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग ने साफ किया कि समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विशेष रूप से एनालॉग पनीर की उपलब्धता की पड़ताल की गई। विभाग के अनुसार फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित पनीर नहीं मिला, लेकिन आगे भी नियमित जांच जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी या अन्य प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर 9340597097 या संबंधित कार्यालय में की जा सकती है। जिला खाद्य एवं औषधि अधिकारी आर.आर. देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को इसके उपयोग और कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Bilaspur, GOVERNMENT, Health

रायपुर के पेट्रोल पंप पर युवक पर हमला, पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से मारपीट; दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र स्थित सड्डू के चावला पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते हमला कर दिया गया। पांच युवकों ने मिलकर लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे युवक के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। पूरी घटना पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, घायल युवक गुलाम पेट्रोल भरवाने के लिए पंप पहुंचा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सड्डू के रहने वाले दो युवकों से हुई। दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल भेजा। इसके बाद विधानसभा थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटना के लगभग तीन घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। विधानसभा सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हमला पुरानी रंजिश का परिणाम सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और शेष आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

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Crime, Raipur

चलती बाइक में अचानक भड़की आग, लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

रायपुर के कुशालपुर चौक स्थित वॉलफोर्ट सिटी कॉलोनी के सामने रिंग रोड नंबर-1 पर पेट्रोल पंप के पास सोमवार को चलती बाइक में अचानक आग लग गई। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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रायपुर ग्रामीण पुलिस का विशेष अभियान: 600 से अधिक किरायेदारों का सत्यापन, 6 संदिग्धों से पूछताछ

रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने क्षेत्र में अवैध प्रवासियों और किरायेदारों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान 600 से अधिक किरायेदारों के दस्तावेजों की जांच की गई, जबकि 6 संदिग्ध व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनका सत्यापन किया गया। पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (माना) लम्बोदर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिलतरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों, किरायेदारों तथा अन्य राज्यों से आकर निवास और कार्य कर रहे लोगों के पहचान पत्रों और दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही आवश्यक जानकारी एकत्र कर उनका सत्यापन किया गया। विशेष जांच के दौरान सांकरा स्थित जे.के. वीडियो हॉल परिसर में लगभग 600 किरायेदारों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान मकान मालिकों और प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि बिना पुलिस सत्यापन किसी भी व्यक्ति को किराये पर कमरा या आवास उपलब्ध न कराएं। साथ ही बाहरी व्यक्तियों की जानकारी समय-समय पर पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया। जांच के दौरान 6 संदिग्ध व्यक्तियों की विशेष तस्दीक की गई। उनसे पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई गई है और मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की जांच जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक झा ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अवैध प्रवासियों एवं किरायेदारों का सत्यापन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल रायपुर ग्रामीण पुलिस के टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से अपने यहां रहने वाले सभी किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

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