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बिलासपुर में चाकू की नोक पर युवक का अपहरण, गांजा केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी 50 हजार की फिरौती

बिलासपुर में युवक के अपहरण और फिरौती मांगने के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने चाकू की नोक पर युवक का अपहरण कर उसे जंगल ले जाकर झूठे गांजा मामले में फंसाने की साजिश रची। इसके बाद परिवार से 50 हजार रुपये की फिरौती की मांग की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक आरोपी और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। काम के बहाने घर से बुलाकर किया अपहरण पुलिस के अनुसार, रतनपुर थाना क्षेत्र के कलमीटार स्थित भेलवापारा निवासी 21 वर्षीय घनश्याम पाटले बुधवार दोपहर अपने घर के आंगन में मौजूद था। इसी दौरान इशांत सारथी, सोम रजक, निखिल रजक उर्फ एलियन और उनके साथियों ने उसे काम का बहाना बनाकर बाहर बुलाया। बाहर निकलते ही आरोपियों ने उसके गले पर चाकू रख दिया और जबरन बाइक पर बैठाकर कोरबा-भांवर के जंगल की ओर ले गए। गांजा के साथ फोटो खींचकर रची साजिश जंगल में आरोपियों ने एक कागज पर गांजा रखकर पीड़ित के साथ उसकी तस्वीर खींची। इसके बाद उसे धमकी दी गई कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो उसे झूठे एनडीपीएस मामले में फंसा दिया जाएगा। डर के माहौल में आरोपियों ने युवक से उसकी मां को फोन करवाया। परिवार से मांगी 50 हजार रुपये की फिरौती आरोपियों के दबाव में युवक ने अपनी मां से कहा कि वह गांजे के साथ पकड़ा गया है और मामले से बचने के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है। इसके बाद आरोपियों ने परिजनों को रकम लेकर पहले महामाया मंदिर बाईपास स्थित बादल महल के पास बुलाया, लेकिन बाद में लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस ने पीछा कर दबोचा पीड़ित के जीजा को पूरे घटनाक्रम पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत रतनपुर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम सादे कपड़ों में आरोपियों का पीछा करती रही। जब आरोपी फिरौती की रकम लेने के लिए लोकेशन बदल रहे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर इशांत सारथी और एक नाबालिग को पकड़ लिया। दो आरोपी अब भी फरार कार्रवाई के दौरान सोम रजक और यश नामक आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी इशांत सारथी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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Bilaspur, Crime

रायपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और गहराई, प्रोफेसर बनने के बाद 17 शिक्षकों का हुआ तबादला

रायपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी लगातार बनी हुई है। हाल ही में 21 डॉक्टरों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया, लेकिन इनमें से 17 डॉक्टरों का विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तबादला कर दिया गया। इससे पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 417 में से 166 पद अब भी खाली मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के कुल 417 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 166 पद अभी भी रिक्त हैं। वर्तमान में 251 डॉक्टर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इनमें 156 नियमित और 95 संविदा पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और पीजी सीटों की संख्या पर पड़ता है। पहले भी घट चुकी हैं पीजी सीटें शिक्षकों की कमी का असर पहले भी देखने को मिला है। वर्ष 2025 में सर्जरी विभाग में पर्याप्त फैकल्टी नहीं होने के कारण पीजी की दो सीटें कम करनी पड़ी थीं। ऐसे में यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में अन्य विभाग भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में भी स्टाफ की कमी केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज भी फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और एक सरकारी डेंटल कॉलेज में कुल 1,934 स्वीकृत शिक्षकों के पद हैं, जिनमें से 985 पद खाली हैं। यानी लगभग 51 प्रतिशत पदों पर अब भी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और बिलासपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की स्थिति भी चिंताजनक है। दोनों संस्थानों में कुल 139 स्वीकृत पदों में से 81 पद खाली हैं, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। ढाई साल में 100 से अधिक डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित रहने के कारण कई डॉक्टर सरकारी सेवा छोड़ चुके हैं। पिछले करीब ढाई वर्षों में आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस अस्पताल से 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से कई डॉक्टर बेहतर अवसर मिलने पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों में कार्यरत हो गए। इन विभागों के डॉक्टरों का हुआ तबादला पदोन्नति के बाद जिन डॉक्टरों का तबादला किया गया है, वे फॉरेंसिक मेडिसिन, फार्माकोलॉजी, एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन, गायनिक, ईएनटी, सर्जरी, दंत रोग, एनेस्थीसिया, चर्म रोग और रेडियोथेरेपी विभाग से जुड़े हैं। इनकी नई पदस्थापना कवर्धा, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, महासमुंद, दुर्ग, कांकेर और बिलासपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की गई है.

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रायपुर में कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा जांच तेज, कई संस्थानों को नोटिस; फायर सेफ्टी और इमरजेंसी व्यवस्था में मिली खामियां

रायपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन, लिफ्ट सुरक्षा और इमरजेंसी एग्जिट जैसी व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए। प्रमुख कोचिंग संस्थानों का हुआ निरीक्षण निरीक्षण के दौरान एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि एलन, अनअकादमी और विद्यापीठ की कुछ कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा था। इसके अलावा कई स्थानों पर वेंटिलेशन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। वहीं आरसीसी और अकादजा में फायर सेफ्टी, प्रवेश और निकास मार्ग, वेंटिलेशन तथा अन्य सुरक्षा मानकों में कई कमियां पाई गईं। अधिकारियों ने इन संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। तीन कोचिंग सेंटरों को जारी किया गया नोटिस नगर निगम के जोन-3 की टीम ने चाणक्य, इम्पैक्ट और क्लेट कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। आनंद नगर स्थित चाणक्य कोचिंग सेंटर में संचालक फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट के सामने फर्नीचर रखा मिला, जिसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना गया। इस पर संचालक को नोटिस जारी किया गया। शंकर नगर के गीतांजलि नगर स्थित इम्पैक्ट कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त नहीं पाया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसी तरह शंकर नगर सेक्टर-1 स्थित क्लेट कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद मिला। साथ ही लिफ्ट संचालन व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं पाई गई। इस मामले में भी संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया है। अन्य कोचिंग संस्थानों की भी हुई जांच निरीक्षण अभियान के तहत नगर निगम के विभिन्न जोनों में कृतविद्या, उड़ान, फुदान और दिल्ली आईएएस अकादमी स्टडी पॉइंट सहित अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सुरक्षा नियमों के पालन पर रहेगा विशेष जोर हाल के समय में देशभर में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Raipur

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के साथ-साथ विभिन्न पक्षों का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 25 जून को जारी आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। किन विषयों पर करेगी अध्ययन समिति राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों (पर्सनल लॉ) का अध्ययन करेगी। इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी। अध्ययन के आधार पर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा। आम जनता और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करे। इसके अलावा उन राज्यों के अनुभवों का भी अध्ययन किया जाएगा, जहां यूसीसी लागू हो चुकी है या इस दिशा में ठोस पहल की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार करेगी फैसला समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट और यूसीसी का ड्राफ्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके साथ आवश्यक विधायी और प्रशासनिक सुझाव भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार सभी पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। यूसीसी लागू होने पर क्या बदलेगा यदि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होती है तो विवाह, तलाक, संपत्ति का उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने पर्सनल लॉ के अनुसार इन मामलों का पालन करते हैं। सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना, विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण होने वाली असमानताओं को कम करना तथा महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करना है। किन राज्यों में लागू है यूसीसी उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। इसके अलावा गुजरात और असम ने भी यूसीसी से संबंधित विधेयक पारित किए हैं। वहीं गोवा में पुर्तगाली शासनकाल से लागू गोवा सिविल कोड आज भी प्रभावी है, हालांकि इसमें कुछ विशेष प्रावधान होने के कारण इसे पूर्ण आधुनिक यूसीसी नहीं माना जाता। छत्तीसगढ़ में गठित यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय करेगी।

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GOVERNMENT, Political, Raipur

11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन पर चढ़कर सो गया नशे में धुत युवक, घंटों बंद रही बिजली सप्लाई

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां नशे की हालत में एक युवक बिजली के खंभे पर चढ़ गया और 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन के पास जाकर आराम से सो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। जानकारी के अनुसार, युवक नशे में था और अचानक बिजली के खंभे पर चढ़कर हाई-टेंशन लाइन तक पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए अधिकारियों ने पूरी लाइन की बिजली सप्लाई बंद कर दी। बताया जा रहा है कि युवक काफी देर तक वहीं सोता रहा, जबकि नीचे खड़े अधिकारी और बिजली विभाग के कर्मचारी उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहे। घंटों की मशक्कत के बाद जब युवक को होश आया, तब अधिकारियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाया। आखिरकार वह बिना किसी नुकसान के नीचे उतर आया। युवक के सुरक्षित नीचे आने के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में भी एक नशे में धुत व्यक्ति हाई-टेंशन ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया था। उस दौरान भी बिजली विभाग को सप्लाई बंद कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा था। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई-टेंशन बिजली लाइनों के आसपास इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। समय रहते बिजली विभाग और प्रशासन की सतर्कता के कारण इस बार एक बड़ा हादसा टल गया।

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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, टैक्सीवे पर आमने-सामने आए एयर इंडिया और इंडिगो के विमान

गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर मंगलवार शाम एक संभावित बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमान टैक्सीवे पर कुछ समय के लिए आमने-सामने आ गए। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI2493 लैंडिंग के बाद टैक्सीिंग कर रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से भटककर गलत दिशा में मुड़ गया और टेकऑफ की तैयारी कर रही इंडिगो की फ्लाइट के सामने पहुंच गया। घटना शाम करीब 7:59 बजे की बताई जा रही है। जैसे ही स्थिति की जानकारी ATC को मिली, तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए और दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर नियंत्रित कर लिया गया। एयर इंडिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि टैक्सीिंग के दौरान विमान अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गया था। हालांकि इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। बाद में विमान को सुरक्षित रूप से टो कर पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि घटना की जानकारी संबंधित नियामक एजेंसियों को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संचालन के दौरान यह चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट संचालन और विमान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी स्थिति नियंत्रण में थी और समय रहते हस्तक्षेप कर किसी भी संभावित खतरे को टाल दिया गया।

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बिलासपुर सेंट्रल जेल हत्याकांड: बंदी की मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी निलंबित

बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंदी की हत्या के मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी धरम कोठारी को निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआती जांच के आधार पर डीआईजी ने यह कार्रवाई की है। बुधवार सुबह सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने ई-1 बैरक से घटना में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट स्लैब, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों की जानकारी जुटाने के लिए जेल कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। वहीं मामले की न्यायिक जांच के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा भी जेल पहुंचे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और घटना के विभिन्न पहलुओं पर जेल प्रशासन से जानकारी ली। मृतक बंदी नीलू जगत का पोस्टमार्टम सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने को मौत का कारण बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए कोटा क्षेत्र के दबनपुर रवाना हो गए। फिलहाल पुलिस, फोरेंसिक टीम और न्यायिक जांच के माध्यम से मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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Bilaspur, Crime

CBSE का बड़ा फैसला: अब छात्र रीजनल ऑफिस में जाकर कर सकेंगे उत्तर पुस्तिका की जांच

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर छात्रों की शंकाओं को दूर करने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है। अब ऐसे छात्र, जिन्होंने अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था लेकिन जांच के बाद भी उनके अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ, वे अपनी उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच करवा सकेंगे। बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह सुविधा केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगी जिनके वेरिफिकेशन रिजल्ट में “नो चेंज” आया है। ऐसे छात्र सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर अपनी उत्तर पुस्तिका का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके लिए बोर्ड जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और शेड्यूल जारी करेगा। सीबीएसई के इतिहास में यह पहली बार है जब छात्रों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच का अवसर दिया जा रहा है। पहले वेरिफिकेशन के बाद यदि अंक नहीं बदलते थे, तो छात्रों के पास आगे कोई विकल्प नहीं होता था। बोर्ड का मानना है कि इस नई पहल से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। साथ ही छात्रों को अपनी कॉपी की जांच को लेकर किसी भी प्रकार की शंका दूर करने का अवसर मिलेगा। इसी बीच सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन परिणाम भी जारी करने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार अब तक प्राप्त कुल आवेदनों में से 87 प्रतिशत से अधिक के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं, जबकि शेष आवेदनों की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

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रायपुर की छात्रा महिमा राजपूत अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ShaktiSAT के लिए चयनित, बनाएंगी सैटेलाइट

रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन वैश्विक स्पेस मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए हुआ है। कई चरणों वाली ऑनलाइन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करने के बाद महिमा नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं और अब भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। महिमा का चयन देशभर से आए हजारों आवेदनों के बीच लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया गया। इस मिशन में दुनिया के 108 देशों की छात्राएं भाग लेंगी और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेष प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी। अगस्त 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली आठ दिवसीय ShaktiSAT वर्कशॉप में महिमा हिस्सा लेंगी। इस दौरान उन्हें सैटेलाइट डिजाइन, स्पेस टेक्नोलॉजी और मिशन प्लानिंग की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्राएं वास्तविक स्पेस प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव प्राप्त करेंगी। 23 अगस्त से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों की छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट तैयार करेंगी। इनमें से एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की योजना है, जबकि दूसरा चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए विकसित किया जाएगा। मिशन के तहत तैयार किए गए सैटेलाइट्स को अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित ISRO के लॉन्च पैड से अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। यह अवसर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। महिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन और जिला प्रशासन को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी शिक्षिका योगेश्वरी लहरी और विद्यालय की प्राचार्य जॉली साहू के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। महिमा की रुचि पेंटिंग और कहानी लेखन में है, जबकि भविष्य में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना चाहती हैं। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। ShaktiSAT मिशन का उद्देश्य दुनिया भर की छात्राओं को स्पेस साइंस, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है। यह पहल विशेष रूप से STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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आंगनबाड़ी सहायिका पर जानलेवा हमला, शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पति ने डंडे से पीटा

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम देवगढ़ में कार्यरत एक आंगनबाड़ी सहायिका पर उसके पति ने जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, घायल महिला सत्यवती राठिया (30) ग्राम देवगढ़ में आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सत्यवती का पति इंद्रजीत राठिया अक्सर शराब के नशे में उसके साथ विवाद और मारपीट करता था। परिवार की ओर से कई बार समझाइश देने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। 21 जून की दोपहर आरोपी इंद्रजीत राठिया शराब पीने के लिए पैसे मांगने घर पहुंचा। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर वह गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने बांस के डंडे से सत्यवती के सिर और दोनों हाथों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी इंद्रजीत राठिया (32) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और घरेलू प्रताड़ना के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

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