April 2026

जनगणना 2027: 16 अप्रैल से मकानों की गिनती शुरू, ऑनलाइन फॉर्म की भी सुविधा

देश में होने वाली जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 16 अप्रैल से होगी। इस चरण में मकानों की गिनती के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मकान कच्चा है या पक्का और घर में मौजूद प्रमुख सामानों का भी विवरण लिया जाएगा। इस बार जनगणना में लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी गई है। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग खुद पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिन में घर पर नहीं रहते और सर्वे टीम के आने पर अक्सर घर बंद मिलता है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान कई बार घर बंद मिलने पर “डोर लॉक” एंट्री कर दी जाती है, जिससे सही जानकारी दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में ऑनलाइन फॉर्म भरना सबसे आसान और बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है और फॉर्म जमा करने के बाद 11 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलती है। जब प्रगणक घर आएंगे तो सिर्फ यह आईडी दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। जनगणना के इस चरण में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति जहां रहता है, उसे उसी मकान की जानकारी देनी होगी। यदि किसी के पास एक से अधिक मकान हैं, तो केवल उसी घर का विवरण देना होगा जहां वह वर्तमान में रह रहा है। बाकी मकानों में रहने वाले किरायेदार अपनी जानकारी अलग से देंगे। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी वहीं की जानकारी दर्ज करनी होगी जहां वे रह रहे हैं। सरकार के अनुसार, यह डेटा भविष्य की योजनाओं जैसे पानी, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। गलत या अधूरी जानकारी देने से किसी क्षेत्र को जरूरी संसाधन मिलने में दिक्कत आ सकती है। अगर कोई परिवार फॉर्म नहीं भरता और घर बंद मिलता है, तो अधूरी जानकारी दर्ज होने की संभावना रहती है, जिसे बाद में सुधारना मुश्किल हो सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे समय रहते सही जानकारी दर्ज करें। ऑनलाइन स्व-गणना के लिए लोगों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर लॉगिन करना होगा, जहां परिवार का रजिस्ट्रेशन, लोकेशन मार्क करना और घर से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाली आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है। 30 अप्रैल के बाद, 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जिन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भर दिया होगा, उनसे आईडी लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि बाकी लोगों से सीधे जानकारी ली जाएगी। इस कार्य के लिए प्रदेशभर में करीब 53 हजार प्रगणक तैनात किए जाएंगे और पहले चरण की प्रक्रिया लगभग एक महीने तक चलेगी।

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IIM रायपुर दीक्षांत समारोह: विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोले—विदेश नीति अब भारतीयों की सुरक्षा से भी जुड़ी

भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर में शनिवार को 15वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 2023-25 बैच के 552 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और छात्रों को भविष्य के प्रति जिम्मेदार और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि आज के छात्र ऐसे दौर में स्नातक हो रहे हैं जब भारत जनसांख्यिकीय ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और बढ़ती वैश्विक भागीदारी के अहम मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने इसे अवसर और जिम्मेदारी दोनों का समय बताया और कहा कि युवा आने वाले समय में न केवल संस्थानों और उद्योगों को दिशा देंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका भी तय करेंगे। उन्होंने युवाओं को लगातार सीखते रहने, मेहनत करने और रिश्तों को महत्व देने की सलाह दी। साथ ही स्पष्ट सोच और सही निर्णय क्षमता को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के पास तकनीक और जानकारी तक आसान पहुंच है, जिससे उनके अवसर पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गए हैं। वैश्विक हालात को ‘स्ट्रक्चर्ड टर्बुलेंस’ बताते हुए जयशंकर ने कहा कि यह केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि बदलते शक्ति संतुलन, तकनीकी बदलाव और संसाधनों के पुनर्वितरण का संकेत है। ऐसे माहौल में देशों और कंपनियों के लिए जोखिम का संतुलन और विविधता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज की विदेश नीति सिर्फ कूटनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खोलने, तकनीक की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया में वैश्वीकरण का पुराना मॉडल बदल रहा है और आत्मनिर्भरता पर जोर बढ़ रहा है। भारत के लिए इसका मतलब है कि खाद्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मजबूती लाना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को ‘भाग्यशाली पीढ़ी’ बताते हुए वैश्विक समझ विकसित करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि आज करियर केवल देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर बनते हैं। युवाओं को ‘कैन-डू स्पिरिट’ के साथ आगे बढ़ने और अपने हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी। अंत में उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे—जैसे हाईवे, रेल, पोर्ट और एयरपोर्ट—में निवेश कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। भारत अब दुनिया की शीर्ष-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आगे और भी बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं।

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कांग्रेस की मांग: बस्तर के हर गांव को मिले 1 करोड़, सरकार से वादा निभाने की अपील

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बस्तर के विकास को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि सरकार अपने वादे के मुताबिक हर ग्राम पंचायत को तुरंत 1 करोड़ रुपए की राशि जारी करे। पार्टी का कहना है कि सरकार ने पहले घोषणा की थी कि जो गांव नक्सल मुक्त होंगे, उन्हें यह आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब जब सरकार खुद प्रदेश को नक्सल मुक्त बताने का दावा कर रही है, तो इस घोषणा को जमीन पर उतारना जरूरी है। कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस फैसले से बस्तर के गांवों में विकास को गति मिलेगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार से बस्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग भी की है, ताकि क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। पार्टी ने यह भी कहा कि वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे बस्तर के लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। इसके साथ ही युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े। कांग्रेस ने NMDC Limited का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की मांग उठाते हुए कहा कि यहां से निकलने वाले लौह अयस्क से कंपनी को बड़ा लाभ होता है, लेकिन उसका मुख्यालय हैदराबाद में है। पार्टी का मानना है कि अब बस्तर में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो चुकी हैं, ऐसे में मुख्यालय यहां शिफ्ट किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने बस्तर के लोगों में बढ़ रही उस चिंता का भी जिक्र किया, जिसमें खनिज संपदा और जंगलों के निजीकरण का डर जताया जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से साफ तौर पर आश्वासन देने की मांग की है कि क्षेत्र के संसाधनों को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी। रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि दल्लीराजहरा से जगदलपुर तक रेल लाइन परियोजना में लगातार देरी हो रही है। इस परियोजना को 2021 तक पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका, जिससे बस्तर के लोगों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।

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गर्मी में कारें बन रहीं ‘आग का गोला’: रायपुर में 6+ हादसे, एक्सपर्ट ने बताए कारण और बचाव

रायपुर में बढ़ती गर्मी के साथ कारों में आग लगने की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। पिछले एक महीने में 6 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चलती और खड़ी दोनों तरह की गाड़ियां अचानक आग की चपेट में आ गईं। राहत की बात यह है कि इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हाल के प्रमुख हादसे क्या है आग लगने की वजह? ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में कार के अंदर का तापमान 60°C तक पहुंच सकता है। इससे इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम पर दबाव बढ़ता है।मुख्य कारण: एक्सपर्ट की चेतावनी स्थानीय ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर मामलों में लापरवाही ही इन घटनाओं की जड़ है। छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं को नजरअंदाज करना बड़े हादसे में बदल सकता है। कैसे करें बचाव? पुरानी गाड़ियों को लेकर नियम सरकार के नियमों के अनुसार: CNG और इलेक्ट्रिक कार पर क्या खतरा ज्यादा? अगर CNG किट गलत तरीके से लगाई गई हो या मेंटेनेंस सही न हो, तो खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अधिकृत सर्विस सेंटर से नियमित जांच कराई जाए तो CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने का जोखिम काफी कम रहता है। गर्मियों में थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान बन सकती है। समय पर मेंटेनेंस और सावधानी ही आपकी और आपके वाहन की सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।

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RTE में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, छुट्टी के दिन सुनवाई; बिलासपुर की बदहाली पर भी कड़ा रुख

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। एक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई और राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। RTE में हजारों आवेदन लंबित सुनवाई में सामने आया कि कुल 38,438 आवेदनों में से सिर्फ 23,766 का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं। कोर्ट ने माना कि नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लॉटरी प्रक्रिया पर संकट कोर्ट ने कहा कि 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रस्तावित स्कूल आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है। बिलासपुर की बदहाल व्यवस्था पर भी सख्ती बिलासपुर में गंदगी और अधूरी नाली निर्माण को लेकर भी हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। एक खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अधूरी नाली और टूटी पाइपलाइन से परेशानी मामला सिरगिट्टी क्षेत्र के वार्ड 12 (बन्नाक मोहल्ला) का है, जहां करीब डेढ़ महीने से नाली निर्माण अधूरा पड़ा है। 10 फीट गहरी खुदाई के बाद काम रोक दिया गया, जिससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और जल आपूर्ति बाधित हो गई। बीमारी का खतरा बढ़ा इलाके में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताया। एक हफ्ते में काम पूरा करने के निर्देश हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा करने, पाइपलाइन दुरुस्त करने, जल आपूर्ति बहाल करने और पूरे क्षेत्र में सफाई व सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करने को कहा है। अगली सुनवाई RTE मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी, जबकि बिलासपुर की सफाई और निर्माण कार्य से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को तय की गई है, जिसमें प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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रायपुर-बिलासपुर में बारिश से राहत, आंधी-तूफान का अलर्ट; कोंडागांव में आकाशीय बिजली से 5 मवेशियों की मौत

रायपुर और बिलासपुर में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। मौसम के बदले मिजाज के बीच गरज-चमक के साथ तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इसी बीच कोंडागांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 5 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से आने वाले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल दिन के तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है।

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रायपुर रेल सेक्शन में सिग्नलिंग कार्य: कई ट्रेनें रद्द और आंशिक रूप से प्रभावित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम जारी है, जिसके चलते रायपुर–उरकुरा–मांढर सेक्शन में आज कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस तकनीकी कार्य के कारण कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से चलाया जाएगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, कुल 9 मेमू ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन पूरी तरह रद्द रहेंगी। वहीं 4 ट्रेनें अपने निर्धारित रूट के कुछ हिस्से में ही संचालित होंगी। यानी ये ट्रेनें पूरे मार्ग पर नहीं चलेंगी, बल्कि कुछ स्टेशनों तक सीमित रहेंगी या बीच के स्टेशन से शुरू/समाप्त होंगी। पूरी तरह रद्द रहने वाली ट्रेनें: आंशिक रूप से चलने वाली ट्रेनें: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा पर खेद जताया है और कहा है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवा के लिए जरूरी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें।

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अंबिकापुर में महिला के साथ दरिंदगी: दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या, शरीर पर गंभीर चोटों के निशान

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक बेहद भयावह और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपी ने महिला को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी 12 पसलियां टूट गईं और दिल व फेफड़े तक क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा सिर की तीन हड्डियां भी टूट गईं और गला दबाने के भी संकेत मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, महिला के सीने पर भारी दबाव डाला गया था, जिससे अंदरूनी अंग फट गए। शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है, जबकि अंतिम पुष्टि के लिए विसरा जांच जारी है। यह वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र में महामाया प्रवेश द्वार के पास रिंग रोड किनारे स्थित एक झोपड़ीनुमा मटन दुकान के पास हुई, जहां शुक्रवार सुबह महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि महिला के साथ घटना से पहले वह एक व्यक्ति के साथ देखी गई थी। CCTV फुटेज में दोनों रात करीब 1 बजे घटनास्थल की ओर जाते नजर आए। आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई है, जिसकी तलाश जारी है। महिला की उम्र लगभग 45 वर्ष थी और करीब 10 साल पहले उसके पति की मृत्यु हो चुकी थी। वह अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थी। उसका एक बेटा भी है, जो उससे अलग रहता था। बताया जा रहा है कि महिला और आरोपी के बीच संबंध थे और दोनों नशे के आदी थे। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की है कि हत्या से पहले महिला के साथ अत्याचार किया गया। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश देखने को मिल रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद शर्मनाक घटना बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। वहीं, महिला कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। 11 मीटर लंबी सफेद साड़ी पर लोगों से हस्ताक्षर करवाकर इसे राष्ट्रपति को भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।

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कांग्रेस ने बिलासपुर में केंद्र सरकार पर पेट्रोल-गैस महंगाई का आरोप लगाया

बिलासपुर में कांग्रेस ने पेट्रोल और कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता के बजाय निजी कंपनियों को फायदा मिल रहा है। गंगोत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि अमेरिका पर निर्भरता कम करें और ईरान व रूस से पेट्रोल और गैस आयात कर जनता को राहत दी जाए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टैक्स कम करने का लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा, बल्कि जामनगर की रिफाइनरी जैसी निजी कंपनियों को फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ने से आम नागरिकों के खर्च बढ़ गए हैं और होटल व कमर्शियल क्षेत्रों में भी महंगाई ने दाम बढ़ा दिए हैं। छात्र, मजदूर और आम लोग इस स्थिति से परेशान हैं। गंगोत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में लगातार पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्यवृद्धि और महंगाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पार्टी हर स्तर पर जनता को हो रही परेशानी के खिलाफ विरोध जारी रखेगी।

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बिलासपुर में रेलवे नौकरी के नाम पर 15 लाख की ठगी, मां-बेटी भेजी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर

बिलासपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी एन वेंकट सूर्यप्रताप ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला और उसकी बेटी ने पैसे ऐंठे। आरोप है कि विशाखापट्टनम की तेनिटी इंद्राणी और उनकी बेटी वलिवेती वेंकट नागा कीर्ति ने ई-मेल के जरिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा और राजनीतिक कोटे में नियुक्ति दिलाने का दावा किया। शुरुआत में 4 लाख रुपए की राशि ली गई, इसके बाद अलग-अलग बहानों से और रकम वसूली गई। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और एनईएफटी के जरिए कुल 15 लाख रुपए 18 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ले लिए। जब नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे। तोरवा पुलिस ने शिकायत पर महिला और उसकी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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