April 2026

बिलासपुर में शादी के अगले दिन खूनी झड़प, लाठी-डंडों से हमला; 4 गंभीर, महिला रायपुर रेफर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक मामूली पड़ोसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शादी समारोह के दूसरे दिन ही एक परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया, जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि एक महिला को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है। यह घटना सकरी थाना क्षेत्र के पेंडारी इलाके की है। पीड़ित राजा बघेल के अनुसार, 6 अप्रैल की रात करीब 8 बजे उनके परिवार के सदस्य घर के बाहर खड़े थे, तभी पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग गाली-गलौज करने लगे। शोर सुनकर जब वह बाहर आए, तो विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी लाठी, कुल्हाड़ी और हंसिया जैसे हथियार लेकर पहुंचे और अचानक हमला कर दिया। उन्होंने परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला करते हुए जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। हमले के दौरान घर में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस घटना में हंसराज, परमानंद, सहेत्रीन और उषा दिवाकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में घायल एक महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और वह अब तक होश में नहीं आई है। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रायपुर रेफर किया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही परिवार में शादी का रिसेप्शन हुआ था, जिससे घर में रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान पड़ोसियों के साथ विवाद बढ़ा और मामला हिंसा तक पहुंच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।

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कंपोजिट बिल्डिंग निर्माण में लापरवाही, SSP दफ्तर के पुराने रिकॉर्ड खराब होने के कगार पर

कलेक्टोरेट परिसर में बन रही नई कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण कार्य के बीच गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुराने भवनों और एसएसपी कार्यालय को तोड़ा जा रहा है, लेकिन वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज अब तक पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट नहीं किए गए हैं। बताया जा रहा है कि रिकॉर्ड रूम में 35 से 40 साल पुराने दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें विभिन्न थानों से जुड़े अहम रिकॉर्ड भी शामिल हैं। निर्माण कार्य और तोड़फोड़ के दौरान इन दस्तावेजों के खराब होने, गुम होने या आग जैसी घटना का खतरा बना हुआ है। पहले ये दस्तावेज खुले में पड़े थे, जिन्हें बाद में एक कमरे में रखा गया, लेकिन वहां भी स्थिति सुरक्षित नहीं है। टूटी हुई खिड़कियों के कारण बारिश का पानी, धूल और गंदगी अंदर पहुंच रही है, जिससे रिकॉर्ड तेजी से खराब हो रहे हैं। इस मामले पर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला का कहना है कि दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित कर लिया जाएगा। कलेक्टोरेट परिसर में बनने वाली यह नई बिल्डिंग 5 मंजिला होगी, जिसमें जिला प्रशासन के कई विभाग एक ही स्थान पर संचालित होंगे। हालांकि, अभी तक पूरा सामान नहीं हटने के कारण एसएसपी कार्यालय को पूरी तरह नहीं तोड़ा जा सका है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी इस स्थिति पर आपत्ति जताई है। पिछले करीब तीन महीनों से तोड़फोड़ का काम जारी है, जबकि दूसरी ओर निर्माण के तहत खुदाई और कॉलम डालने का कार्य भी शुरू हो चुका है।

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भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग, खिड़की-पाइप से कूदकर बची जान; 7 कर्मचारी घायल

Bhilai Steel Plant के पावर प्लांट-2 में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुल 7 कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें एक संविदा कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया। जान बचाने के लिए कई कर्मचारियों को खिड़की और पाइप के सहारे नीचे उतरना पड़ा। यह घटना 7 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 के STG-4 टर्बाइन में आग लगते ही पूरे टर्बाइन हॉल में धुआं भर गया। कुछ ही समय में आग और धुएं का गुबार पूरे प्लांट में फैल गया, जिससे कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की। कई लोग 20-25 फीट ऊंचाई से खिड़की के जरिए बाहर आए, जबकि कुछ ने पाइप पकड़कर नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट की फायर टीम सक्रिय हो गई। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद एरिया को सुरक्षित करने के लिए कूलिंग का काम भी किया गया। आग लगने के दौरान कंट्रोल रूम और अन्य हिस्सों में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बाहर निकलते समय मची भगदड़ में एक संविदा कर्मचारी घायल हो गया, जिसका पैर टूट गया। एहतियात के तौर पर 2 नियमित कर्मचारियों और 5 संविदा श्रमिकों को सेक्टर-9 अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग, खिड़की-पाइप से कूदकर बची जान; 7 कर्मचारी घायल Bhilai Steel Plant के पावर प्लांट-2 में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुल 7 कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें एक संविदा कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया। जान बचाने के लिए कई कर्मचारियों को खिड़की और पाइप के सहारे नीचे उतरना पड़ा। यह घटना 7 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 के STG-4 टर्बाइन में आग लगते ही पूरे टर्बाइन हॉल में धुआं भर गया। कुछ ही समय में आग और धुएं का गुबार पूरे प्लांट में फैल गया, जिससे कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की। कई लोग 20-25 फीट ऊंचाई से खिड़की के जरिए बाहर आए, जबकि कुछ ने पाइप पकड़कर नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट की फायर टीम सक्रिय हो गई। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद एरिया को सुरक्षित करने के लिए कूलिंग का काम भी किया गया। आग लगने के दौरान कंट्रोल रूम और अन्य हिस्सों में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बाहर निकलते समय मची भगदड़ में एक संविदा कर्मचारी घायल हो गया, जिसका पैर टूट गया। एहतियात के तौर पर 2 नियमित कर्मचारियों और 5 संविदा श्रमिकों को सेक्टर-9 अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका है कि टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से यह हादसा हुआ होगा, हालांकि असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। घटना के बाद प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है और क फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका है कि टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से यह हादसा हुआ होगा, हालांकि असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। घटना के बाद प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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बिलासपुर में AI से अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल: गुरुद्वारे के रागी ने 20 लाख वसूले, अब 20 करोड़ की मांग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुरुद्वारे में कीर्तन करने वाले एक रागी ने AI तकनीक का दुरुपयोग कर महिला और उसकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोपी ने डर का माहौल बनाकर अब तक करीब 20 लाख रुपये वसूल लिए और बाद में 20 करोड़ रुपये की मांग करने लगा। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान मनिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर का रहने वाला बताया जा रहा है। वह स्थानीय गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन सिखाने के बहाने कारोबारी परिवार के संपर्क में आया और धीरे-धीरे महिला और उसकी 18 वर्षीय बेटी से नजदीकी बढ़ा ली। बताया जा रहा है कि शुरुआत में आरोपी ने परिवार से छोटे-छोटे कर्ज के रूप में पैसे लेना शुरू किया। बाद में जब परिवार ने पैसे देने से इनकार किया, तो उसने महिला को बदनाम करने की धमकी देना शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने AI के जरिए अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप में भी महिला के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए। डर के चलते परिवार ने किस्तों में करीब 20 लाख रुपये उसे दे दिए। लगातार धमकियों से परेशान होकर परिवार 16 मार्च 2026 की रात अपना घर छोड़कर रायपुर में अपने रिश्तेदारों के पास चला गया। इसके बावजूद आरोपी का दबाव कम नहीं हुआ। पीड़िता के अनुसार, वह बार-बार फोन कर जान से मारने की धमकी देता था। एक बार वह रायपुर के तेलीबांधा स्थित घर पर तलवार लेकर पहुंच गया और परिवार को डराया-धमकाया। उस दौरान परिवार ने जान बचाने के लिए उसे 2 लाख रुपये दिए। समय के साथ आरोपी की मांग बढ़ती गई और उसने 20 करोड़ रुपये तक की मांग कर दी। मानसिक रूप से परेशान परिवार ने अंततः हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज इस मामले को बाद में बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के बाद गुरुद्वारा कमेटी ने आरोपी को पद से हटा दिया है। फिलहाल वह अमृतसर भाग गया है और वहीं से पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

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11 हाउसिंग कॉलोनियों का सर्वे के बाद ही होगा निगम को हैंडओवर, पहले दूर होंगी कमियां

हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को नगर निगम के अधीन लाने की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है, लेकिन इसके पहले सभी कॉलोनियों का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियां दूर नहीं होतीं, तब तक कॉलोनियों का हैंडओवर नहीं किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम के चीफ इंजीनियर, जोन कमिश्नर और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों की बैठक में अहम निर्णय लिया गया। तय हुआ कि दोनों विभागों की संयुक्त टीम कॉलोनियों का निरीक्षण करेगी और वहां सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था की स्थिति की जांच करेगी। निरीक्षण के दौरान यदि कहीं भी निर्माण कार्य में खामियां या अधूरी सुविधाएं पाई जाती हैं, तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर हाउसिंग बोर्ड को सौंपी जाएगी। सभी कमियां दूर होने के बाद ही कॉलोनियों को नगर निगम के हवाले किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इन कॉलोनियों में मरम्मत कार्य के लिए कोई स्थायी फंड उपलब्ध नहीं है, जिससे कई बार खर्च रहवासियों को उठाना पड़ता है। निगम के अधीन आने के बाद इन कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग किया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पानी की व्यवस्था में भी सुधार होने की संभावना है। अभी इन कॉलोनियों में ट्यूबवेल पर निर्भरता अधिक है, जिससे गर्मी के समय पानी की समस्या बढ़ जाती है। निगम के अधीन आने के बाद फिल्टर प्लांट के जरिए स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, शहर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सेजबहार, बोरियाकला और पिरदा क्षेत्रों की कॉलोनियों को भी भविष्य में नगर निगम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। इन कॉलोनियों का होगा हैंडओवर:कचना फेस-2, भावना नगर फेस-2, शंकर नगर स्टूडियो अपार्टमेंट, हिमालयन हाइट्स डूमरतराई फेस-1 और 2, कमल विहार (इंद्रप्रस्थ), बोरियाखुर्द (सरोना), रायपुरा (हीरापुर) समेत कुल 11 कॉलोनियां। हाउसिंग बोर्ड के अपर आयुक्त सुनील कुमार भगत ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण के बाद सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार कराया जाएगा, और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही कॉलोनियों को निगम को सौंपा जाएगा।

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12 अप्रैल को रायपुर में CDS और NDA परीक्षा, 8 सेंटर तैयार

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित CDS और NDA परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को रायपुर जिले के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। CDS परीक्षा तीन अलग-अलग पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से 11 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक और तीसरी पाली शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए शहर में तीन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाल आश्रम परिसर कचहरी चौक, पीजी उमाठे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला शांति नगर और पीजी डागा गर्ल्स कॉलेज शामिल हैं। वहीं NDA परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से 4:30 बजे तक होगी। इसके लिए जिले में पांच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला गुरुकुल परिसर, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय लालपुर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायपुर कॉन्वेंट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुढियारी और श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर उपेंद्र किण्डो को सहायक समन्वयक पर्यवेक्षक और विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के अधिकारी केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले अपने परीक्षा केंद्र पहुंचें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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रायपुर में छात्रों को राहत: आधार और निवास प्रमाण पत्र पर मिलेगा 5 किलो LPG सिलेंडर

रायपुर में एलपीजी गैस को लेकर हो रही परेशानियों के बीच जिला प्रशासन ने छात्रों के लिए राहत भरा कदम उठाया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर कलेक्टरेट स्थित रेडक्रॉस हॉल में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने गैस एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में गैस की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में रहने वाले विद्यार्थियों को अब 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए छात्रों को केवल अपना आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र दिखाना होगा। अपर कलेक्टर ने साफ कहा कि जिले में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी उपभोक्ताओं को नियमों के अनुसार गैस दी जा रही है। उन्होंने गैस वितरकों को निर्देश दिए कि वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही चेतावनी दी कि नियमों के खिलाफ सिलेंडर लेने की कोशिश करने या डिलीवरी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथालय और अन्य जरूरी संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही अगली गैस बुकिंग की जा सकेगी। फिलहाल नए गैस कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन पर अस्थायी रोक लगाई गई है। इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विकास मरकाम ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सभी को नियमानुसार गैस मिलती रहेगी।

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रायगढ़ में ट्रांसपोर्ट कंपनी में फर्जी बिल वाउचर से 32 लाख की ठगी, कई कर्मचारी गिरफ्तार होने के रास्ते पर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों ने फर्जी बिल वाउचर बनाकर 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। मामला सामने आने के बाद कंपनी संचालक कमल किशोर शाह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के अनुसार, कंपनी में काम करने वाले प्रकाश मिश्रा और दीपक शर्मा ने एक ही नंबर के कई वाउचर बनाकर अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर भुगतान लिया। पुरानी रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि यह गड़बड़ी सितंबर 2025 से चल रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि वाउचर ऐसे लोगों के नाम पर बनाए गए, जिनका ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से कोई संबंध नहीं था। फर्जी वाउचर में नाम आए: संदीप बंसल, जासमिन बंजारा, नेहा चौहान, सूर्यकांत अग्रवाल, कमल बसोड़ और प्रियंका गुप्ता। कंपनी के शिकायत दर्ज कराने के बाद कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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दुर्ग-सुसाइड केस में महिला आरोपी सोनिया गोस्वामी गिरफ्तार, पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना का मामला उजागर

दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र में हुए आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने फरार महिला आरोपी सोनिया गोस्वामी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इससे पहले इस मामले में आरोपी कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार मृतक मोहन रामटेके (42) को लगातार पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। तनाव और दबाव के चलते मोहन ने 28 मार्च 2026 को अपने घर में आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी मोहन से 1 लाख रुपए की मांग कर रहे थे और बार-बार उसके घर जाकर या फोन के माध्यम से उसे परेशान कर रहे थे। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें दोनों आरोपी – राजू पाल और सोनिया गोस्वामी – के नाम लिखे थे। 6 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि सोनिया गोस्वामी अपने गांव जेवरासिरसा में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

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हाईकोर्ट ने बिलासपुर एयरपोर्ट के धीमे काम पर जताई नाराजगी, सेना ने लौटाई 291 एकड़ जमीन

बिलासपुर के बिलासा देवी एयरपोर्ट की विकास गति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) नाराजगी जताई। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब नाइट लैंडिंग की अनुमति और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो उड़ान सेवाएं क्यों नहीं शुरू की जा रही हैं। कोर्ट ने मामले में नया शपथ पत्र पेश करने का निर्देश भी दिया। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 6 फरवरी को एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल चुका था, लेकिन अभी तक रात में एक भी उड़ान नहीं चली। कोर्ट ने केवल एलायंस एयर पर निर्भरता को लेकर भी सवाल उठाए और अन्य एयरलाइंस को जोड़ने के प्रयासों की जानकारी मांगी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सेना ने 290.8 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को ट्रांसफर कर दी। अब एयरपोर्ट के पास कुल 646.8 एकड़ भूमि हो गई है। इससे रनवे विस्तार और 4-सी कैटेगरी अपग्रेडेशन की राह आसान हो जाएगी, जिससे बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी। एयरपोर्ट विकास के लिए कुल 198 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार है। इसमें रनवे स्ट्रिप चौड़ीकरण, रनवे लाइटिंग, एटीसी टॉवर और आईएलएस उपकरण शामिल हैं। अब भूमि मिलने के बाद इन कार्यों को तेजी से शुरू किया बिलासपुर एयरपोर्ट की धीमी प्रगति पर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, सेना ने सौंप दी 291 एकड़ जमीन – अब बड़े विमानों के लिए रास्ता साफ।

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Bilashpur, Bilaspur, Chhattisgarh
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