April 2026

खेतों में चल रही थी हाईप्रोफाइल जुए की महफिल… पुलिस पहुंची तो मच गई भगदड़, BMW और लाखों कैश बरामद!”

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धमतरी-रायपुर बॉर्डर पर चल रही एक हाईप्रोफाइल जुए की फड़ का भंडाफोड़ किया है। अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टोकरो के पास खेतों में चल रहे इस अवैध जुआ अड्डे पर पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भिलाई निवासी राहुल सिंह और रायपुर के तेलीबांधा निवासी रितेश कुमार के रूप में हुई है। वहीं पुलिस के पहुंचते ही करीब 10 से ज्यादा जुआरी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से करीब 6 लाख 34 हजार रुपए नकद, ताश की गड्डी, दो आईफोन और एक लग्जरी BMW कार जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टोकरो और मानिकचौरी गांव के बीच सुनसान इलाके में जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत रेड प्लान कर कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही कई आरोपी भाग निकले, लेकिन दो लोगों को मौके से पकड़ लिया गया। पुलिस अब फरार जुआरियों की तलाश में जुटी हुई है और इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। ⚠️ पुलिस का संदेश:अवैध गतिविधियों पर नजर लगातार बनी हुई है—कानून से बचना अब आसान नहीं।

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Chhattisgarh, Raipur

“VIP रोड की लेट नाइट पार्टी पर पुलिस का धावा! DJ की धुन बंद… अब लाइसेंस पर भी लटक गई तलवार”

राजधानी रायपुर के VIP रोड स्थित ‘फर्जी कैफे’ में देर रात चल रही पार्टी पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सूचना मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस ने मौके पर रेड मारकर डीजे जब्त कर लिया और कोलाहल अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे पुलिस को खबर मिली थी कि बेबीलॉन इंटरनेशन परिसर के इस कैफे में तेज आवाज में डीजे बजाकर युवक-युवतियों की पार्टी चल रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन ACP रमाकांत साहू ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम रात करीब 1:15 बजे कैफे पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। तेज म्यूजिक, डांस और शराब पार्टी जारी थी, जो नियमों के खिलाफ पाई गई। ACP रमाकांत साहू ने बताया कि बिना अनुमति देर रात तक पार्टी करना और तेज आवाज में डीजे बजाना नियमों का उल्लंघन है। इस मामले में डीजे को जब्त कर लिया गया है और केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं, कैफे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भी भेजा गया है। ⚠️ पुलिस का साफ संदेश:शहर में लेट नाइट पार्टी, ध्वनि प्रदूषण और अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त एक्शन जारी रहेगा।

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Chhattisgarh, Raipur

“वर्दी में ‘हाय रानी-हेलो रानी’ पर डांस पड़ा भारी! एक रील ने छीन ली ड्यूटी की लाइन…”

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस आरक्षक को सोशल मीडिया पर रील बनाना महंगा पड़ गया। मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक देवानंद कैवर्त्य ने अपनी पत्नी के साथ पुलिस वर्दी में ‘हाय रानी, हेलो रानी’ गाने पर डांस करते हुए वीडियो बनाया और उसे इंस्टाग्राम पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद बिलासपुर के SSP रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स वही आरक्षक है, जो वर्दी में इस तरह की रील बना रहा था। SSP ने इस कृत्य को पुलिस यूनिफॉर्म का दुरुपयोग और अनुशासनहीनता माना। उनका कहना है कि वर्दी केवल ड्यूटी और जिम्मेदारी का प्रतीक है, न कि निजी मनोरंजन या सोशल मीडिया के लिए इस्तेमाल करने की चीज। इसी के चलते आरक्षक देवानंद कैवर्त्य को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही SSP ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ⚠️ संदेश साफ है:“वर्दी में वायरल होने की कोशिश, करियर पर भारी पड़ सकती है।”

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Bilaspur, Chhattisgarh

मंत्री का रिश्तेदार बनकर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा… और लोगों से ठग लिए 23 लाख रुपए!

Chhattisgarh के Raigarh जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को कृषि मंत्री Ramvichar Netam का बहनोई बताकर लोगों से करीब 23 लाख रुपये ऐंठ लिए। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में आरोपी पति-पत्नी ने मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का झांसा दिया और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे में आकर पीड़ित और उसके परिचितों ने अलग-अलग किश्तों में कुल 22 लाख 70 हजार रुपये दे दिए। कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?पीड़ित समारू राम टंडन की मुलाकात Raipur के जयस्तंभ चौक के पास आरोपी कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताया और मंत्रालय में नौकरी दिलाने का दावा किया। इसके बाद पीड़ित ने अपने बेटे समेत अन्य लोगों के बायोडाटा आरोपी को भेजे। धीरे-धीरे आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले—कुछ कैश तो कुछ ऑनलाइन माध्यम से। फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर मांगे पैसे:आरोपियों ने पीड़ितों को अपने गांव बुलाकर कथित नियुक्ति पत्र भी दिखाए और बाकी रकम जमा करने का दबाव बनाया। जॉइनिंग की तारीख तय की गई, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया गया। बहानों का खेल और खुली पोल:कभी विधानसभा सत्र का हवाला दिया गया तो कभी प्रक्रिया में देरी का। जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ मना कर दिया और गाली-गलौज भी की। FIR दर्ज, आरोपी फरार:ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। सीख:सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है—इस मामले ने एक बार फिर सतर्क रहने की चेतावनी दी है

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Chhattisgarh

अब छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त कानून लागू… गलत तरीके से धर्म बदलवाया तो सीधा उम्रकैद तक की सजा!

Chhattisgarh में आज से नया धर्म स्वतंत्रता कानून लागू हो गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू इस कानून में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बल, लालच, धोखे या गलत जानकारी देकर किसी का धर्म परिवर्तन कराता है, तो उसे 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। अगर पीड़ित महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा और सख्त हो जाएगी—ऐसे मामलों में 10 से 20 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया है। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पहले देना होगा नोटिस:अब धर्म परिवर्तन से पहले संबंधित व्यक्ति को 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देनी होगी। साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वाले पुजारी, मौलवी या पादरी को भी पहले से जानकारी देना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर इसे अवैध धर्मांतरण माना जाएगा और तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है। शादी के लिए धर्म परिवर्तन अमान्य:कानून में ऐसे मामलों पर भी सख्ती की गई है, जहां सिर्फ शादी के लिए धर्म बदला जाता है। ऐसे विवाह को शून्य घोषित किया जा सकेगा। विशेष अदालतें बनेंगी:हर जिले में विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, जिनमें 6 महीने के भीतर मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। विदेशी फंडिंग पर सख्ती:धर्मांतरण से जुड़े मामलों में विदेशी फंडिंग और संस्थाओं की भूमिका पर भी कड़ा शिकंजा कसा गया है। यदि कोई संस्था इसमें शामिल पाई गई, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। क्यों जरूरी पड़ा यह कानून?राज्य के बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जैसे आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से विवाद सामने आते रहे हैं। कई जगहों पर यह तनाव और टकराव की स्थिति तक पहुंच चुका है। सरकार का कहना है कि इस कानून से ऐसे विवादों पर रोक लगेगी और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, हालांकि विपक्ष ने इसका विरोध भी किया है। ]यह नया कानून लागू होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़े मामलों में सख्ती का नया दौर शुरू हो गया है।

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Chhattisgarh, Uncategorized

रायपुर की नाइट लाइफ का एक वीडियो वायरल… और सवाल खड़े हो गए—क्या शहर में नियम सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित हैं?

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में एक लेट नाइट पार्टी ने विवाद खड़ा कर दिया है। मंदिरहसौद थाना क्षेत्र के सेरीखेड़ी स्थित एक क्लब में देर रात तक चल रही पार्टी का वीडियो सामने आया है, जिसमें रोडीज फेम Shreya Kalra और Rishabh Jaiswal युवाओं—खासतौर पर लड़कियों—को शराब ऑफर करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में श्रेया कालरा “दारू पियो, ऐश करो” कहते हुए सुनाई दे रही हैं, जिससे मामला और गरमा गया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो सेरीखेड़ी के एक क्लब का है, जहां तेज म्यूजिक, भारी भीड़ और खुलेआम शराब परोसी जा रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और पार्टी को रुकवाया गया। स्थानीय लोगों में नाराज़गी:वीडियो सामने आने के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि इस तरह की लेट नाइट पार्टियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। नियमों पर सवाल:जानकारी के मुताबिक, नाइट क्लब्स के संचालन के लिए तय समय सीमा होती है, लेकिन इस मामले में देर रात तक कार्यक्रम जारी रहने से नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का बयान:मंदिरहसौद थाना प्रभारी आशीष यादव के अनुसार, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो क्लब प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल:पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, वहीं यह घटना शहर की नाइट लाइफ और नियमों के पालन पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है।

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Chhattisgarh, Raipur

“23 साल बाद आया फैसला… हाईकोर्ट ने कहा—अमित जोगी ही हैं ‘जग्गी हत्याकांड’ के मास्टरमाइंड!”

छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को इस मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें इस साजिश का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) माना है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने CBI की स्पेशल कोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें अमित जोगी को बरी किया गया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को कानून के खिलाफ और तर्कहीन बताते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अमित जोगी की भूमिका केंद्रीय थी। मामले की जांच में सामने आया कि आकाश चैनल से जुड़े एक डायरेक्टर ने शूटर को 5 लाख रुपये दिए थे। गवाही में यह भी बताया गया कि मई 2003 में रायपुर के एक होटल में हुई बैठक में जग्गी को रास्ते से हटाने की बात कही गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी साजिश के तहत मुख्य आरोपी चिमन सिंह को बुलाया गया और पूरी योजना को अंजाम दिया गया। दरअसल, यह मामला 2003 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले का है। उस समय राम अवतार जग्गी, एनसीपी नेता विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हो रहे थे। शुरुआती जांच में इस घटना को लूट से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में इसे राजनीतिक हत्या बताया गया। CBI ने अपनी चार्जशीट में अमित जोगी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। हालांकि, 2007 में स्पेशल कोर्ट ने अन्य आरोपियों को सजा दी, लेकिन अमित जोगी को बरी कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने उस फैसले को पलटते हुए कहा कि बाकी आरोपी किसी व्यक्ति को खुश करने के लिए बिना उसकी जानकारी इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकते। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी और शूटर के बीच पहले से परिचय था और हत्या से पहले व बाद में कई अहम बैठकें हुईं। कॉल डिटेल्स और गवाहों के बयान भी इस साजिश की पुष्टि करते हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि घटना के बाद जांच को भटकाने के लिए फर्जी आरोपियों को सरेंडर कराया गया, जिससे असली दोषियों को बचाया जा सके। कोर्ट के मुताबिक, ऐसा किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। 78 पन्नों के फैसले में कोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद के साथ 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, इस फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जहां मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को होनी है। अब इस केस में आगे क्या फैसला आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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Chhattisgarh

सिर्फ ढाई महीने की शादी… एक कॉल, एक आखिरी गले लगना… और फिर बंद दरवाज़े के पीछे खत्म हो गई एक ज़िंदगी!

जानकारी के मुताबिक, युवती ने आत्महत्या से पहले अपने पति को फोन कर घर बुलाया और तबीयत खराब होने की बात कही। पति के घर पहुंचने पर उसने सामान्य व्यवहार किया और उसे गले भी लगाया, लेकिन इसके बाद अचानक कमरे में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजन घबरा गए और छप्पर तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां युवती साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतका की शादी करीब ढाई महीने पहले ही 19 वर्षीय युवक से हुई थी। दोनों की शादी सामाजिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी। पति के अनुसार, पत्नी छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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Chhattisghar

रायगढ़ में बीड़ी लेने गई महिला के साथ गैंगरेप: पति पर हमला, 4 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक महिला अपने पति के साथ रात में बीड़ी लेने गई थी, तभी रास्ते में 3 लोगों ने उसे जबरन मारा और गैंगरेप किया। दो अन्य आरोपी उसके पति पर हमला करके उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुन्ना गिरी (27), दीपक सिदार (23), जागेश्वर पटेल और पिंटू निषाद (23) शामिल हैं। वहीं, एक आरोपी योगेश सिदार अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना कोतरा रोड थाना क्षेत्र में हुई। आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए ऑटो का इस्तेमाल किया था। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो भी जब्त कर लिया है। SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।

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Chhattisgarh, Raigarh, Top News

भिलाई में मंगलसूत्र छीनने वाला युवक गिरफ्तार: CSP की सतर्कता से तुरंत पकड़ा गया

भिलाई में रविवार शाम 65 वर्षीय महिला से सोने का मंगलसूत्र छीनने का मामला सामने आया। महिला सेक्टर-6 ए मार्केट से दवा लेकर घर लौट रही थी, तभी एक युवक ने रास्ता पूछने के बहाने उसके पास आकर अचानक गले से मंगलसूत्र छीन लिया और भागने लगा। इस दौरान पेट्रोलिंग पर मौजूद भिलाई नगर के CSP सत्यप्रकाश तिवारी ने अपनी टीम के साथ युवक का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान हर्ष चंद्राकर (22) निवासी संगम चौक खुर्सीपार के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी से छीना गया मंगलसूत्र बरामद कर लिया। घटना के बाद महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया। CSP सत्यप्रकाश तिवारी की सतर्कता और स्थानीय लोगों की मदद से यह अपराध जल्द ही पकड़ा गया।

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