Chhattisgarh News

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में चमत्कारी इलाज, छाती के दुर्लभ कैंसर से 29 वर्षीय युवक की जान बची

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध इस अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग ने छाती के एक दुर्लभ और जटिल कैंसर का सफल ऑपरेशन कर 29 वर्षीय युवक की जान बचाई है। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में गंभीर परेशानी और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था। जांच में सामने आया कि वह मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर नामक दुर्लभ कैंसर से पीड़ित है, जो छाती के मध्य भाग में विकसित होता है। कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मरीज का पहले इलाज एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था। बायोप्सी रिपोर्ट में कैंसर की पुष्टि होने के बाद प्रारंभिक जांच में ट्यूमर का आकार करीब 13×18×16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के पास स्थित बड़ी रक्त नलिकाओं से जुड़ा हुआ था। अत्यधिक जोखिम को देखते हुए पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया गया। जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र कीमोथेरेपी दी गई, जिससे ट्यूमर का आकार घटकर 4×3×4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए अम्बेडकर अस्पताल रायपुर रेफर किया गया। सभी रिपोर्टों की गहन जांच के बाद डॉ. गुप्ता की टीम ने सर्जरी का निर्णय लिया। ट्यूमर की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभाग और निश्चेतना विभाग से परामर्श लेकर ऑपरेशन किया गया। लगभग 3 से 4 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में ट्यूमर को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और कुछ दिनों के उपचार के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज नियमित फॉलोअप के लिए अस्पताल आ रहा है। इस सफल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम और डॉ. अनिल की अहम भूमिका रही। विशेषज्ञों के अनुसार, मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर एक दुर्लभ कैंसर है, जो आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की आयु के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में परेशानी और छाती में दर्द शामिल हैं। समय पर पहचान और सही इलाज होने पर इस कैंसर में पांच साल की सर्वाइवल दर 90 प्रतिशत से अधिक रहती है।

अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में चमत्कारी इलाज, छाती के दुर्लभ कैंसर से 29 वर्षीय युवक की जान बची Read Post »

Chhattisgarh, Health, Raipur, Top News

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

रायपुर–महासमुंद में 9 ठिकानों पर छापेमारी, कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस खंगाले जा रहे छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। राजधानी रायपुर और महासमुंद जिले में कुल 9 स्थानों पर एक साथ रेड की गई, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, ED की 7 अलग-अलग टीमों ने तड़के एक साथ कार्रवाई शुरू की। इस दौरान हरमीत खनूजा, उसके सहयोगियों और परियोजना से जुड़े कुछ अधिकारियों के ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया है। टीम मौके पर मौजूद रहकर अहम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। महासमुंद में कारोबारी के घर ED की दबिश महासमुंद में ED की टीम बसंत कॉलोनी स्थित बिजनेसमैन जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि बग्गा का होंडा शोरूम भी है। दो सरकारी गाड़ियों में पहुंची टीम ने घर के भीतर मौजूद कागजात और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालने की कार्रवाई शुरू की। क्या है भारतमाला परियोजना का पूरा मामला? छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापत्तनम तक करीब 950 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसमें सड़क निर्माण के लिए बड़ी संख्या में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। नियमों के तहत किसानों को मुआवजा दिया जाना था, लेकिन कई किसानों को आज तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया, जबकि कुछ मामलों में अनियमित भुगतान और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए। विधानसभा में उठा मामला, जांच तेज नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने 2025 के बजट सत्र के दूसरे दिन इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाया था। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच के संकेत दिए, और अब ED की छापेमारी से मामला और गंभीर होता नजर आ रहा है।

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई Read Post »

Chhattisgarh, Chhattisghar, Raipur, Top News

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर रायपुर में आक्रोश, पंडरी मंडी गेट पर यूनुस का पुतला दहन

रायपुर।बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित निर्मम हत्या को लेकर देशभर में रोष देखा जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के 📍पंडरी मंडी गेट पर आज रायपुर युवा मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद पर बैठे मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन किया। पुलिस हिरासत में था दीपू, फिर भी नहीं बचाई गई जान इस मामले में बांग्लादेश की चर्चित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, दीपू चंद्र दास की हत्या से पहले वह पुलिस की हिरासत में था, लेकिन इसके बावजूद उसे कट्टरपंथी भीड़ से नहीं बचाया गया। तस्लीमा नसरीन ने दावा किया कि दीपू पर दो बार हमला हुआ—पहली बार भीड़ द्वारा और दूसरी बार उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें घटना से पहले के हालात दिखाई देने का दावा किया गया है। झूठे ईशनिंदा आरोप का दावा तस्लीमा नसरीन ने कहा कि दीपू के साथ काम करने वाले एक मुस्लिम सहकर्मी ने निजी रंजिश के चलते उस पर पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने का झूठा आरोप लगाया था। दीपू ने इस पूरे मामले की शिकायत पहले ही पुलिस से की थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बताया जा रहा है कि दीपू चंद्र दास अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी आमदनी से उसके दिव्यांग पिता, मां, पत्नी और बच्चे का भरण-पोषण होता था। तस्लीमा नसरीन ने सवाल उठाते हुए कहा कि अब इस परिवार का भविष्य क्या होगा और उन्हें न्याय कौन दिलाएगा। फैक्ट्री का वीडियो भी आया सामने घटना से पहले का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें कपड़ा फैक्ट्री के अंदर दीपू को भीड़ द्वारा घेरते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर अव्रो नील हिंदू द्वारा साझा किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि दीपू अपने बकाया पैसे मांग रहा था, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में हिंसा भड़क गई। रायपुर में कड़ा विरोध, न्याय की मांग रायपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रही हिंसा मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर रायपुर में आक्रोश, पंडरी मंडी गेट पर यूनुस का पुतला दहन Read Post »

Chhattisgarh, Raipur

BJP नेता द्वारा CM से 1500 करोड़ मांगने के दावे पर सियासी घमासान, FIR दर्ज

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि एक भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से 1500 करोड़ रुपए की मांग की है। वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे कांग्रेस की सोची-समझी साजिश करार दिया है। मामले को गंभीर मानते हुए रायपुर उत्तर विधानसभा से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। विधायक ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं और सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा जानबूझकर झूठा और भ्रामक वीडियो फैलाया गया, जिसका उद्देश्य भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है। पुरंदर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई गई बातें मनगढ़ंत हैं और मुख्यमंत्री या भाजपा के किसी भी नेता ने इस तरह की कोई मांग नहीं की है। उनका कहना है कि वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और झूठे संवाद जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई है। विधायक के मुताबिक यह दुष्प्रचार न केवल नेताओं की छवि खराब करने का प्रयास है, बल्कि इससे जनता को गुमराह कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनविश्वास पर भी चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी वीडियो के जरिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और संगठन महामंत्री पवन साय पर कथित तौर पर 1500 करोड़ रुपए की ‘वसूली’ का झूठा आरोप लगाया गया है। पुरंदर मिश्रा ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी जाए और वीडियो बनाने, अपलोड करने और वायरल करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत के साथ पुलिस को वीडियो के स्क्रीनशॉट, लिंक और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की सूची भी सौंपी गई है। शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह वीडियो कांग्रेस की ओर से जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, सफाई देना उनकी जिम्मेदारी है। सुशील शुक्ला ने कहा कि अगर 1500 करोड़ रुपए के लेन-देन का आरोप लगा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छोटे-छोटे मामलों में ईडी और ईओडब्ल्यू जांच करती है, तो इस मामले में भी जांच से क्यों डर है। एफआईआर दर्ज कराना केवल दबाव बनाने की कोशिश है।

BJP नेता द्वारा CM से 1500 करोड़ मांगने के दावे पर सियासी घमासान, FIR दर्ज Read Post »

Chhattisgarh, Top News

निजी स्कूलों में RTE से अब सिर्फ कक्षा-1 में मिलेगा दाखिला

नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 में गरीब बच्चों की एंट्री बंद, अभिभावकों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधान के अनुसार अब निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को नर्सरी के बजाय सीधे कक्षा-1 से ही प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। सरकार के इस फैसले से राज्य को सालाना करीब 63 करोड़ रुपए की बचत होगी, लेकिन इसका सीधा असर गरीब परिवारों और उनके बच्चों पर पड़ेगा। पहले जहां नर्सरी से ही बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलती थी, अब अभिभावकों को नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 की पूरी फीस खुद वहन करनी होगी। क्यों बदला गया नियम आरटीई अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसी आधार पर निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। करीब 12 साल पहले छत्तीसगढ़ में नर्सरी से ही RTE के तहत दाखिले की अनुमति दी गई थी, लेकिन नए निर्देशों में इसे खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ कक्षा-1 को ही प्रवेश कक्षा माना जाएगा। गरीब बच्चों के सामने मुश्किलें इस बदलाव के बाद बड़ी संख्या में गरीब परिवारों के बच्चे कक्षा-1 से पहले निजी स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। जो अभिभावक फीस चुकाने में सक्षम होंगे, वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों की प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिला दिलाएंगे। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के पास आंगनबाड़ी या सीमित सरकारी विकल्प ही बचेंगे। अधिकांश सरकारी स्कूलों में नर्सरी की सुविधा नहीं है, सिर्फ कुछ आत्मानंद स्कूलों में ही पीपी-1 और पीपी-2 संचालित हैं। फायदे और नुकसान नुकसान फायदा शिक्षा विशेषज्ञों की चिंता शिक्षाविदों का मानना है कि 3 से 6 वर्ष की उम्र बच्चों के विकास के लिए सबसे अहम होती है। इस उम्र में भाषा, व्यवहार और सीखने की बुनियाद पड़ती है। नर्सरी और प्री-प्राइमरी शिक्षा से वंचित रहने पर गरीब बच्चों का शैक्षणिक स्तर कमजोर रह सकता है। इससे आत्मविश्वास में कमी, पढ़ाई में पिछड़ना और ड्रॉपआउट का खतरा बढ़ सकता है। खर्च का गणित ऐसे समझें इस सत्र में प्रदेश के 6,947 निजी स्कूलों में RTE के तहत करीब 53 हजार सीटें थीं। इनमें से लगभग 30 हजार सीटें नर्सरी स्तर की थीं। सरकार प्रति छात्र 7 हजार रुपए सालाना की प्रतिपूर्ति करती थी। यदि नर्सरी से लेकर केजी तक 90 हजार बच्चों को शामिल किया जाए, तो सरकार पर लगभग 63 करोड़ रुपए का वार्षिक खर्च आता था, जो अब बचेगा। एक्सपर्ट की राय शिक्षाविद राजीव गुप्ता के अनुसार, यह फैसला शैक्षणिक असमानता को और बढ़ाएगा। नर्सरी और प्री-प्राइमरी शिक्षा से वंचित बच्चे फॉनिक्स, बुनियादी शब्दावली और कक्षा की दिनचर्या से अनजान रहेंगे। इससे कक्षा-1 का अंग्रेजी माध्यम पाठ्यक्रम उनके लिए भारी साबित होगा। परिणामस्वरूप स्कूलों में रेमेडियल क्लासेस की जरूरत पड़ेगी, लेकिन संसाधनों की कमी इसे मुश्किल बना देगी। यह स्थिति अभिभावकों पर मानसिक दबाव बढ़ाएगी और बच्चों के स्कूल छोड़ने की आशंका भी बढ़ा सकती है।

निजी स्कूलों में RTE से अब सिर्फ कक्षा-1 में मिलेगा दाखिला Read Post »

Chhattisgarh, Education, Top News

PM आवास योजना में गड़बड़ी का मामला, एक की जमीन पर दूसरे के नाम से बना मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अनियमितताओं को लेकर पंचायत विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ताजा मामला बलौदाबाजार जिले के पलारी विकासखंड से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की जमीन पर किसी अन्य के नाम से पीएम आवास स्वीकृत कर मकान बना दिया गया। जानकारी के अनुसार, जमीन के वास्तविक मालिक ने जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से की, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, मकान को हटाने के लिए आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मजबूरन जमीन मालिक को राजस्व विभाग से लेकर पंचायत विभाग तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत प्रदेश में लगभग 18 लाख आवासों का निर्माण किया जाना है। फर्जी तरीके से किया गया आवास स्वीकृत पीड़ित डोमार देवांगन ने बताया कि पलारी के ग्राम जंगलोर में उनकी मां बसंती देवांगन के नाम पर दो डिसमिल जमीन दर्ज है। इसी में से एक डिसमिल जमीन पर गांव के ही सुकवारो देवांगन के नाम से पीएम आवास स्वीकृत कर मकान बना दिया गया। आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों से यह सामने आया है कि आवास स्वीकृति में नियमों की अनदेखी की गई। दस्तावेजों के मुताबिक, सुकवारो देवांगन के नाम से भरे गए फॉर्म में जमीन से संबंधित सभी कॉलम निरंक दर्शाए गए हैं। न तो जमीन के कोई वैध दस्तावेज लगाए गए और न ही किसी तरह का सर्वे कराया गया। इसके बावजूद किसी और की जमीन पर उनके नाम से आवास स्वीकृत कर निर्माण कर दिया गया। हटाने का आवेदन, लेकिन कार्रवाई नहीं डोमार देवांगन ने बताया कि उन्होंने मकान हटाने के लिए दो से तीन बार ग्राम पंचायत और पंचायत विभाग में आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब उन्होंने राजस्व विभाग में कब्जा हटाने और अपने मालिकाना हक को लेकर आवेदन किया है, ताकि उन्हें अपनी जमीन वापस मिल सके।

PM आवास योजना में गड़बड़ी का मामला, एक की जमीन पर दूसरे के नाम से बना मकान Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News

देर रात फार्म हाउस में बर्थडे पार्टी की आड़ में हुड़दंग, पुलिस रेड में 22 युवक-युवतियां पकड़े गए

राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र में स्थित एक फार्म हाउस में देर रात तक चल रही अवैध पार्टी पर पुलिस ने छापा मारकर 22 लोगों को पकड़ा है। इनमें 15 युवक और 7 युवतियां शामिल हैं। मौके पर बिना अनुमति शराब परोसी जा रही थी और तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाया जा रहा था, जिससे आसपास के लोग परेशान थे। पुलिस को बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात सूचना मिली कि पिरदा स्थित जेडी फार्म हाउस में रात 3 बजे तक बर्थडे पार्टी के नाम पर हंगामा किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छापा मारा। पुलिस के अनुसार, पार्टी में शामिल युवक-युवतियां नशे में थे और समझाइश के बावजूद हंगामा करते रहे। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पार्टी बंद कराई। मौके से 15 युवक और 7 युवतियों को पकड़ा गया, जिनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। फार्म हाउस संचालक भी गिरफ्तार देर रात तक पार्टी कराने और अवैध रूप से शराब परोसने के आरोप में जेडी फार्म हाउस के संचालक अमन दुलानी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आउटर इलाके में बढ़ रहा अवैध धंधा पुलिस का कहना है कि शहर के आउटर क्षेत्रों में स्थित कई फार्म हाउस अवैध गतिविधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। यहां संगठित रूप से जुआ, शराब पार्टी और हुक्का पार्टी का आयोजन किया जाता है। इससे पहले भी पुलिस गवली स्थित एक फार्म हाउस में छापा मार चुकी है, जहां जुआ संचालित किया जा रहा था। रिंग रोड-3 और पिरदा इलाके में किराए की जमीन पर कई कबाड़ी, सट्टा और पेट्रोल-डीजल माफिया सक्रिय हैं। पुलिस लगातार इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देर रात फार्म हाउस में बर्थडे पार्टी की आड़ में हुड़दंग, पुलिस रेड में 22 युवक-युवतियां पकड़े गए Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

रायपुर में आपसी रंजिश का हिंसक रूप: छात्र पर जानलेवा हमला, एक युवक व तीन नाबालिग हिरासत में

रायपुर के दुर्गा कॉलेज के सामने आपसी विवाद के चलते एक छात्र पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने एक युवक और तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने छात्र प्रखर अवधिया पर स्टीक, चाकू और पेचकस से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल छात्र को उपचार के लिए मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और मौदहापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी धनराज सोनी उर्फ वासु (19 वर्ष) सहित तीन नाबालिगों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात को स्वीकार किया, जिसके बाद उनके कब्जे से चाकू, लोहे का स्टीक, पेचकस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई। चाकू बेचने वाले दुकानदार पर भी गिरी गाज जांच में सामने आया कि हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू गोलबाजार स्थित एक दुकान से खरीदा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुकान संचालक के पास से 5 अमानक चाकू जब्त किए और उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध और अमानक हथियारों की बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

रायपुर में आपसी रंजिश का हिंसक रूप: छात्र पर जानलेवा हमला, एक युवक व तीन नाबालिग हिरासत में Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur

बिलासपुर: प्रेम विवाह से नाराज चाचा ने किया टंगिया से हमला, ससुर गंभीर रूप से घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रेम विवाह को लेकर पारिवारिक विवाद हिंसक रूप ले चुका है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम कुंआ में एक युवक की शादी से नाराज युवती के चाचा ने उसके ससुर पर टंगिया से जानलेवा हमला कर दिया। घायल व्यक्ति ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? ग्राम कुंआ निवासी किसान मनोज कुर्रे के अनुसार, उनके बेटे अरमान ने गांव की युवती शशि से प्रेम विवाह किया था। यह शादी शशि के चाचा लक्ष्मण जगत को मंजूर नहीं थी और वह लंबे समय से रंजिश पाले हुए था। बुधवार दोपहर मनोज खेत से लौट रहे थे। जैसे ही वे लक्ष्मण जगत के घर के सामने पहुंचे, आरोपी ने उन्हें देखकर गाली-गलौज शुरू कर दी। मनोज के विरोध करने पर लक्ष्मण घर के भीतर गया, टंगिया निकालकर लाया और मनोज पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनोज किसी तरह वहां से बचकर घर पहुंचे और बाद में परिवार के साथ थाने पहुंचे। पुलिस की कार्रवाई चकरभाठा पुलिस ने मनोज की शिकायत के आधार पर आरोपी लक्ष्मण जगत के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और ग्रामीणों के बयान भी लिए जा रहे हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस टीम निगरानी बढ़ा रही है।

बिलासपुर: प्रेम विवाह से नाराज चाचा ने किया टंगिया से हमला, ससुर गंभीर रूप से घायल Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, Crime

Raipur: BLO से मारपीट करने वाली महिला की गिरफ्तारी अब तक नहीं, कलेक्टोरेट में कर्मचारियों का विरोध

रायपुर के काली माता वार्ड में बीएलओ के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बावजूद आरोपी महिला की गिरफ्तारी नहीं होने से बीएलओ कर्मियों में भारी रोष है। इसी मुद्दे पर गुरुवार को कई बीएलओ कलेक्टोरेट पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। सूत्रों के अनुसार, महिला ने बीएलओ से SIR फॉर्म घर तक पहुंचाने का आग्रह किया था। फॉर्म मिलने में देरी होने पर उसने पहले अपशब्द बोले और बाद में बीएलओ के साथ हाथापाई कर दी। मारपीट की पूरी घटना वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में कैद कर ली, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और जिम्मेदारियों के बीच इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी महिला के व्यवहार की निंदा करते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

Raipur: BLO से मारपीट करने वाली महिला की गिरफ्तारी अब तक नहीं, कलेक्टोरेट में कर्मचारियों का विरोध Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News
Scroll to Top