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कोरबा में प्रेम प्रसंग बना खूनी: युवती पर चाकू से हमला, फिर युवक ने खुद की जान ली

शादीशुदा युवक की मौत, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम संबंध के विवाद में एक युवक ने पहले अपनी प्रेमिका के गले पर चाकू से वार किया और फिर उसी हथियार से खुद पर हमला कर लिया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है। मृतक की पहचान शुभम नायडू (28) के रूप में हुई है, जो बिलासपुर का निवासी था। वहीं घायल युवती का नाम निशा उर्फ प्रतीक्षा (22) बताया जा रहा है। दोनों मंगलवार रात बस से बिलासपुर से कोरबा पहुंचे थे। विवाद के बाद खौफनाक वारदात पुलिस के अनुसार, रात करीब 9 बजे उरगा थाना क्षेत्र के संडैल नाला के पास किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान शुभम ने चाकू निकालकर निशा के गले पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होकर युवती जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद शुभम ने उसी चाकू से खुद का गला काट लिया। घायल युवती ने दी पुलिस को सूचना खून से लथपथ हालत में पड़ी युवती ने हिम्मत दिखाते हुए 112 पर कॉल किया और वीडियो कॉल के जरिए अपने परिजनों और पुलिस को इशारों में घटना की जानकारी दी। उसने अपनी लोकेशन भी साझा की, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अस्पताल में युवक की मौत, युवती रेफर दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। वहीं युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। शादीशुदा था युवक, एक बच्ची का पिता पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम शादीशुदा था और उसकी एक छोटी बच्ची भी है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है। मोबाइल जब्त, जांच जारी उरगा थाना पुलिस ने घटनास्थल से दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। कॉल डिटेल और चैट की जांच की जा रही है। पुलिस ने मृतक और घायल युवती के परिजनों को भी सूचना दे दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।युवती की हालत नाज़ुक

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पैसों को करोड़ों में बदलने का झांसा: तांत्रिक की ‘नकली पैसों की बारिश’, ठगी के शिकार युवकों ने हाईवे पर रोककर की पिटाई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और फिर बदले में लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कथित तांत्रिक ने 2.50 लाख रुपए को 2.50 करोड़ बनाने का दावा कर लोगों को झांसे में लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने खुद कानून हाथ में लेते हुए आरोपी को बीच सड़क पकड़कर पीट दिया। मामला बिल्हा क्षेत्र के संबलपुरी गांव का है, जहां कथित तांत्रिक विजय कुमार राज (48) ने एक सरपंच पति के घर अनुष्ठान कर ‘पैसों की बारिश’ का नाटक रचा। अनुष्ठान का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें पैसों की गड्डियों के सामने नारियल, अगरबत्ती और पूजा सामग्री रखी गई थी। कुछ ही देर में ऊपर से नोट गिरते दिखाए गए, जिससे देखने वाले पूरी तरह प्रभावित हो गए। इस वीडियो को देखकर कोरिया जिले के चार युवक लालच में आ गए और 30 जनवरी को बिल्हा पहुंचकर तांत्रिक को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें ठगी का शक हुआ और पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथी फरार हो गए। ठगी का बदला बना लूटपाट 31 जनवरी की रात विजय कुमार राज ठगी के पैसों के साथ कोरबा की ओर जा रहा था। रतनपुर थाना क्षेत्र में एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए उसने कार रोकी, तभी दो गाड़ियों में सवार चार युवक वहां पहुंचे। उन्होंने विजय को घेरकर जमकर मारपीट की और उसकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 8 हजार रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई, दोनों पक्ष गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंबिकापुर और कोरिया में दबिश देकर 2 फरवरी को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटी गई कार, मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा व अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। तांत्रिक पर भी केस दर्ज जांच में सामने आया कि कथित तांत्रिक विजय कुमार राज कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है और उसके साथ तीन महिलाएं और एक सरपंच पति भी इस ठगी में शामिल थे। सरपंच पति रिखीराम नवरंग कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है, जो अनुष्ठान की व्यवस्था करता था। तीनों महिलाएं लोगों को बहला-फुसलाकर झांसे में लेने का काम करती थीं। ASP मधुलिका सिंह के अनुसार, विजय कुमार राज ने शुरुआत में ठगी की बात छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में वह खुद धोखाधड़ी का आरोपी निकला। बिल्हा थाने में तांत्रिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े 1 लाख 85 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। SSP की चेतावनी SSP रजनेश सिंह ने लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र से पैसे बढ़ाने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ठग लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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चरित्र पर टिप्पणी का बदला बना मौत की वजह: गरियाबंद में दो महिलाओं ने मिलकर मजदूर महिला की हत्या की

गरियाबंद।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद अमानवीय और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मैनपुर ब्लॉक के शोभा थाना क्षेत्र में दो महिलाओं ने मिलकर एक मजदूर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि मृतका द्वारा उनके चरित्र पर की जा रही कथित टिप्पणियों से नाराज़ होकर दोनों ने इस वारदात को अंजाम दिया। यह घटना 2 जनवरी की है, जब 37 वर्षीय सुमित्रा नेताम का शव उसके घर के पास बनी झोपड़ी में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि सुमित्रा, आरोपी महिलाओं के साथ मजदूरी का काम करती थी और आपसी विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, सुमित्रा नेताम मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी। पति से अलग होने के बाद वह पिछले दो वर्षों से ग्राम गरीबा के बाहर झोपड़ी में रह रही थी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। इसी गांव में रहने वाली सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) भी मजदूरी का काम करती थीं। आरोप है कि सुमित्रा गांव में सुगतिन और ईतवारिन का नाम दूसरे पुरुषों से जोड़कर आपत्तिजनक बातें फैलाती थी, जिससे दोनों के पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ गया। पति द्वारा शक किए जाने और रोज़ाना झगड़ों से परेशान होकर दोनों ने सुमित्रा को सबक सिखाने की योजना बनाई। निर्ममता की हदें पार 2 जनवरी की दोपहर दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा की झोपड़ी पर पहुंचीं। यहां तीनों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। आरोप है कि दोनों ने सुमित्रा के हाथ-पैर बांध दिए और उसके साथ क्रूरता की। बाद में उसकी छाती पर चढ़कर लाठी और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। झोपड़ी आबादी से दूर होने के कारण सुमित्रा की चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी महिलाओं ने झोपड़ी में आग लगा दी और फरार हो गईं। घटना दबाने की कोशिश घटना की जानकारी शाम को गांव वालों को मिली। पहले पंचायत स्तर पर मामला दबाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ ग्रामीणों के विरोध के बाद 3 जनवरी को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतका के पति को सूचना दी गई, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। अंतिम संस्कार उसी व्यक्ति ने किया, जिसके साथ मृतका रह रही थी। पोस्टमॉर्टम और पुलिस कार्रवाई पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हृदय गति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, सीने पर दबाव और मारपीट के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ा, जिससे मौत हुई। एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि मृतका शराब के नशे में अक्सर विवादित टिप्पणियां करती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त डंडों समेत अन्य सबूत जब्त किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी नकुल सिदार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी: वैनगंगा एक्सप्रेस में गर्भवती महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म, रायपुर में सुरक्षित इलाज

हैदराबाद से चांपा जा रही ट्रेन संख्या 12251 वैनगंगा एक्सप्रेस में रविवार को मानवता और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। सफर के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। समय पर मिली मदद के कारण मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय अंकिता कुमारी अपने पति दिनेश कुमार के साथ हैदराबाद से चांपा की यात्रा कर रही थीं। दोनों स्लीपर कोच S-2 में सवार थे। दुर्ग स्टेशन पार करने के कुछ देर बाद महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति को भांपते हुए कोच में मौजूद यात्रियों ने तुरंत ट्रेन के टीटीई ईशांत शर्मा को सूचना दी। टीटीई ने बिना देरी किए रेलवे प्रशासन को घटना की जानकारी दी। इस दौरान ट्रेन में मौजूद महिला यात्रियों ने डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित प्रसव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ ही समय में रेलवे के विभिन्न विभागों को अलर्ट कर दिया गया, जिसमें रेलवे अस्पताल रायपुर, स्टेशन प्रशासन, यात्री गाड़ी नियंत्रण कक्ष और सुरक्षा विभाग शामिल थे। जैसे ही ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची, स्टेशन वाणिज्य अधीक्षक एम.एस. राजा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। रेलवे अस्पताल की डॉक्टर बिजोया और नर्स दीपमाला ने मां और नवजात की प्राथमिक जांच की। महिला के पति की सहमति के बाद दोनों को एम्बुलेंस के जरिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेजा गया। मेकाहारा अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मां और नवजात शिशु दोनों की हालत सामान्य है। रेलवे प्रशासन, मेडिकल टीम और सह-यात्रियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह आपात स्थिति बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संभाली जा सकी। परिवार ने रेलवे स्टाफ और मदद करने वाले सभी यात्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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33 फीट दूर चल रही बोरिंग बनी हादसे की वजह, मकान की पार्किंग का फर्श धमाके की तरह फटा; VIDEO वायरल

बिलासपुर। शहर के गोकुलधाम इलाके में एक रिहायशी मकान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पार्किंग का फर्श अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। जमीन के नीचे से पानी का इतना तेज दबाव निकला कि टाइल्स उखड़ गईं और पानी फव्वारे की तरह बाहर आ गया। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के समय मकान मालिक विशाल शर्मा मौके पर मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। विशाल शर्मा का कहना है कि यदि वे दो कदम आगे होते, तो उनकी जान जा सकती थी। 33 फीट दूर हो रही थी बोरिंग मकान मालिक के अनुसार, उनके घर से करीब 33 फीट दूर एक खाली प्लॉट में बोरिंग का काम चल रहा था। यह काम बिना किसी अनुमति और भू-तकनीकी (जियोलॉजिकल) सर्वे के कराया जा रहा था। 29 जनवरी को अचानक पार्किंग का फर्श उखड़ने लगा और तेज प्रेशर के साथ पानी बाहर निकल आया। तेज पानी के बहाव से मकान की पार्किंग क्षतिग्रस्त हो गई, छत में दरारें आ गईं और पंखा भी टूट गया। कुछ ही पलों में घर के अंदर पानी भर गया। मदद की जगह धमकी देने का आरोप पीड़ित विशाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि बोर खनन करा रहे आरक्षक ध्रुव पांडेय से जब नुकसान की शिकायत की गई, तो मदद करने के बजाय उन्हें धमकाया गया। विशाल शर्मा ने पूरे मामले की जांच और नुकसान की भरपाई की मांग की है। कैसे हुआ हादसा? विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रिलिंग के दौरान जमीन के नीचे मौजूद कन्फाइंड एक्वाइफर में छेद हो गया होगा। उच्च दबाव में भरा भूमिगत जल कमजोर परत या पहले से मौजूद दरारों के जरिए ऊपर की ओर निकल आया।संभावना यह भी जताई जा रही है कि किसी पुरानी या जंग लगी भूमिगत पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा हो, जिससे पानी फव्वारे की तरह बाहर आया। एक्सपर्ट बोले – यह सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का परिणाम जियो-हाइड्रोलॉजिस्ट एस.पी. पराते के मुताबिक, बोरिंग के दौरान एयर प्रेशर और बीट से खुदाई की जाती है। इस प्रक्रिया में अगर अंदर इंटर-कनेक्टेड पोर स्पेस या कमजोर जोन बन जाए, तो इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन से कार्रवाई की मांग घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से अवैध बोर खनन पर सख्त निगरानी, नियमों के पालन और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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रायपुर के टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के तार बच्चा चोर गिरोह से जुड़े?

डॉ. पहलाजानी समेत मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों पर FIR के आदेश, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी जांच रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित टेस्ट ट्यूब बेबी और सरोगेसी सेंटर से जुड़े एक बेहद संवेदनशील बच्चों की अदला-बदली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने सेंटर के संचालक डॉ. नीरज पहलाजानी, मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। अब इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की जाएगी। यह मामला शंकर नगर स्थित पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर (माता लक्ष्मी नर्सिंग होम) से जुड़ा है, जहां दो साल पहले एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। क्या है पूरा मामला पीड़ित परिवार के अनुसार, 25 दिसंबर 2023 को महिला ने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दो लड़कियां सौंप दीं। इस पर परिवार को संदेह हुआ और शिकायत दर्ज कराई गई। मामला सामने आने के बाद कराई गई डीएनए जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सौंपी गई दो बच्चियों में से एक बच्ची माता-पिता की जैविक संतान थी, जबकि दूसरी बच्ची का डीएनए किसी भी माता-पिता से मेल नहीं खाता था। इससे बच्चों की अदला-बदली की आशंका प्रमाणित हुई। प्रशासनिक जांच पर उठे सवाल पीड़ितों का आरोप है कि डीएनए रिपोर्ट सामने आने के बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जब पीड़ित परिवार ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, तो तत्कालीन सीएमएचओ ने मेडिकल बोर्ड के सदस्यों की अगुवाई में छह डॉक्टरों की एक नई टीम गठित कर दोबारा जांच कराई, जिसने अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी। बच्चा चोर गिरोह से सांठगांठ के आरोप पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में रसूखदार डॉक्टरों और बच्चा चोर गिरोह की सांठगांठ हो सकती है। न्याय की तलाश में पीड़ित परिवार पहले हाईकोर्ट पहुंचा, लेकिन कानूनी कारणों से याचिका खारिज हो गई। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे गंभीर और विस्तृत जांच योग्य माना। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भी कड़े सवाल उठाए और रायपुर एसपी को निर्देश दिया कि अपीलकर्ताओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। पहले से विवादों में रहे हैं डॉ. पहलाजानी गौरतलब है कि डॉ. नीरज पहलाजानी पहले से ही ₹700 करोड़ के कोल लेवी घोटाले में जांच के दायरे में रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनसे कोल माफिया सूर्यकांत तिवारी के साथ कथित नकद लेनदेन को लेकर पूछताछ की थी। अब बच्चों की अदला-बदली जैसे गंभीर मामले में उनका नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर पुलिस जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकती है।

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कमिश्नरी सिस्टम के बाद रायपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, अपराधियों को CSP ऑफिस में सख्त चेतावनी

रायपुर।रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस ने अपराध नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में आज खमतराई CSP कार्यालय में आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। डिप्टी कमिश्नर मयंक गुज्जर के निर्देश पर खमतराई, उरला और गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के आदतन अपराधियों को खमतराई CSP ऑफिस में पेश किया गया। इस दौरान CSP पूर्णिमा लामा, उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर, गुढ़ियारी थाना प्रभारी बी.एल. चंद्राकर और खमतराई थाना प्रभारी राजेश सिंह मौजूद रहे। खमतराई, उरला और गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के आदतन अपराधियों को CSP ऑफिस में पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सभी अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वे दोबारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अब अपराध को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने अपराधियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने, अपराध से दूर रहने और शांतिपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी। साथ ही यह भी साफ किया गया कि कमिश्नरी सिस्टम के तहत पुलिस अब पहले से ज्यादा सख्ती और निगरानी के साथ काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। रायपुर पुलिस ने भरोसा जताया है कि आने वाले दिनों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिलेगा।

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रायपुर कमिश्नर की सख्त शुरुआत: रात 10 बजे ली अधिकारियों की बैठक, नशा-चाकूबाजी पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

रायपुर कमिश्नरेट के नवपदस्थापित कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यभार संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ट्रैफिक चालान के नाम पर आम वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। शनिवार रात 10 बजे सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारी मौजूद रहे। नशा और चाकूबाजी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने गुंडा बदमाशों और निगरानी सूची में शामिल अपराधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा। प्रतिबंधित नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए पूरे नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि चाकूबाजी की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए और छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति रैली-धरना नहीं कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में अब किसी भी रैली, धरना या सामूहिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट को अनिवार्य रूप से बंद कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। Do you like this personality? Want to keep using GPT-5? Try Plus for free.Upgrade your plan to keep getting better, faster answers. Try Plus free write keywords in english ChatGPT can make mistakes. Check important info. See Cookie Preferences.

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छत्तीसगढ़: प्रेम प्रसंग के आरोप में विधवा महिला को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया, गोबर पोतकर की पिटाई, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पेंड्रा के खोडरी चौकी अंतर्गत रानीझाप गांव में एक विधवा महिला के साथ बर्बरता की गई। कथित प्रेम प्रसंग को लेकर महिला को सरेआम अपमानित किया गया, उसके कपड़े उतारकर पूरे गांव में घुमाया गया और जूते-चप्पलों से बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने महिला के चेहरे पर गोबर भी पोत दिया। इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता का गांव के ही एक शादीशुदा युवक से प्रेम संबंध था। युवक के परिजनों का आरोप है कि महिला उसके साथ घर से भाग गई थी। जब महिला गांव लौटी तो युवक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे ‘घर उजाड़ने’ की सजा देने के नाम पर हिंसा का शिकार बनाया। घटना के दौरान आरोपी यह कहते हुए नजर आए कि “घर तोड़ने की सजा क्या होती है, अब सोच ले।” ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को बचाया घटना की जानकारी मिलने पर गांव के कुछ लोगों और पीड़िता के परिजनों ने बीच-बचाव कर महिला को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को अपने साथ ले गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, जमानत पर रिहा पुलिस ने मामले में युवक की पत्नी, भाई और बहन को गिरफ्तार किया है। हालांकि, कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तीनों आरोपियों को नोटिस पर जमानत दे दी गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले में अन्य धाराएं जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। एसपी पहुंचे गांव, शांति बनाए रखने की अपील घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी खुद पुलिस टीम के साथ रानीझाप गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। एसपी ने पीड़िता के परिजनों से भी मुलाकात की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ संबंध बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला के पति की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसका गांव के ही एक शादीशुदा युवक से प्रेम संबंध हो गया। दोनों पिछले साल अक्टूबर में घर छोड़कर मध्य प्रदेश चले गए थे और हाल ही में गांव लौटे थे। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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अंबिकापुर में दर्दनाक सड़क हादसा, CCTV में कैद हुआ मंजरनशे में बाइक चला रहे युवक के साथ हादसा, पीछे बैठे दोस्त की मौत

अंबिकापुर के बिलासपुर चौक के पास शनिवार रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार 8 चक्का हाईवा की टक्कर से बाइक सवार दो युवक सड़क पर गिर पड़े, जिनमें से एक युवक हाईवा की चपेट में आ गया। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। घटना मणिपुर थाना क्षेत्र की है। फुटेज में देखा जा सकता है कि टक्कर के बाद बाइक से गिरे युवक के ऊपर से हाईवा गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गांधीनगर के मुक्तिपारा निवासी दीपक मानिकपुरी (38) अपने दोस्त रवि के साथ बाइक से मणिपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब 9 बजे बिलासपुर चौक के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक को टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने से दोनों युवक सड़क पर गिर गए। इसी दौरान दीपक हाईवा के नीचे आ गया। हादसे में रवि भी घायल हुआ, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे नशे की हालत में बाइक चलाने का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने फरार हाईवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बाइक चालक की लापरवाही और नशे की पुष्टि हुई है। वहीं, हाईवा चालक की तेज रफ्तार और मौके से फरार होना भी गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। शहर में बढ़ते हिट एंड रन पर सवाल अंबिकापुर शहर और उसके प्रवेश मार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार जानलेवा साबित हो रही है। रिंग रोड और व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही से हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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