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रायपुर में MSME को मजबूती देने की पहल, RAMP योजना के तहत दो दिवसीय एडवांस ट्रेनिंग आयोजित

रायपुर। राजधानी में छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई। JCI Raipur Capital ने Bhavsar Foundation के साथ मिलकर RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत दो दिवसीय एडवांस ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह प्रशिक्षण 20 और 21 फरवरी को शांति नगर स्थित विमतारा हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया। क्या रहा प्रशिक्षण का उद्देश्य? कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, गुणवत्ता सुधार और सरकारी MSME योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन, ब्रांडिंग, लागत नियंत्रण और सरकारी सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। CSIDC का मिला सहयोग इस आयोजन में Chhattisgarh State Industrial Development Corporation Ltd. (CSIDC) का भी सहयोग रहा। अधिकारियों ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और MSME को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा की। उद्यमियों को मिलेगा लाभ आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम छोटे और मध्यम उद्योगों को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की नई ताकत देते हैं। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य में MSME सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

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खरोरा के पीएम श्री भरत देवांगन हाई स्कूल में पेड़ों की कटाई पर बवाल, कार्रवाई की मांग तेज

खरोरा स्थित पीएम श्री भरत देवांगन हाई स्कूल में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में शाला प्रबंधन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। शिकायतकर्ताओं ने आरटीआई आवेदन के साथ एसडीएम, कलेक्टर और वन विभाग को लिखित ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। 20 से अधिक पेड़ काटे जाने का आरोप पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि अनिल सोनी ने आरोप लगाया है कि स्कूल परिसर में सागौन, शीशम और खम्हार समेत 20 से ज्यादा पेड़ बिना संबंधित विभाग की अनुमति के कटवा दिए गए। उनका कहना है कि पेड़ों की कटाई किस आधार पर की गई और काटी गई लकड़ी का उपयोग कहां हुआ, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। प्रबंधन की ओर से भी अब तक आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र अनिल सोनी ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रहे हैं, वहीं उनके नाम से संचालित पीएम श्री स्कूल में पेड़ों की कटाई होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने खरोरा के पटवारी पर भी प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पंचनामा के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति आवश्यक होती है, लेकिन उन्हें सूचना नहीं दी गई। इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। पटवारी ने मानी चूक पटवारी हरिशंकर निषाद ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्वीकार किया कि एक पक्ष को फोन पर सूचना दी गई, लेकिन जल्दबाजी के कारण दूसरे पक्ष को सूचित नहीं किया जा सका। शाला समिति ने दिया जवाब शाला विधायक प्रतिनिधि और शाला विकास समिति के सदस्य सुमित सेन ने कहा कि मामला जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। वहीं शाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिसर में छातिम के पेड़ थे, जिनसे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की आशंका थी। छात्रों के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें हटाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि बाउंड्री वॉल के पास लगे पेड़ों की पत्तियां छत पर गिरकर पानी जमा कर देती थीं, जिससे भवन को नुकसान हो रहा था और पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। स्कूल के विकास और सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया।

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महादेव घाट मंदिर में महिला की चेन चोरी, भीड़ का फायदा उठाकर वारदात

राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हटकेश्वर मंदिर परिसर में दर्शन करने पहुंची एक महिला के गले से सोने की चेन चोरी होने का मामला सामने आया है। मंदिर में उमड़ी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। दर्शन के दौरान टूटी चेन जानकारी के अनुसार, महिला गुरुवार को महादेव घाट मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गई थीं। उन्होंने गले में सोने की चेन पहन रखी थी। मंदिर परिसर में अधिक भीड़ होने के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी चेन तोड़ ली। घर लौटने के बाद महिला ने घटना की जानकारी अपने बेटे कोणाल देवरनकर को दी। इसके बाद बेटे ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर विवेचना जारी है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की गई है।

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रायपुर में मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग तेज, 350 सिटी बसें और मेट्रो जैसी सुविधा पर जोर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार के बीच बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गई है। शहर में सस्ती, सुलभ और नियमित बस सेवा नहीं होने से आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी विषय को लेकर आयोजित फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में शहर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी का मानना है कि जब तक मजबूत और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित नहीं होगा, तब तक ट्रैफिक और महंगे निजी साधनों पर निर्भरता कम नहीं होगी। 350 सिटी बसों की जरूरत पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक सुनील सोनी ने कहा कि शहर में कम से कम 350 सिटी बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित होनी चाहिए। उन्होंने नवा रायपुर (एससीआर) तक सुगम आवागमन की कमी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि आम नागरिक को अपनी बात रखने के लिए भी नवा रायपुर जाने में 500 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बस संचालन शुरू किया जा सकता है, जिससे फंडिंग में देरी न हो और बेहतर परिणाम मिल सकें। मिनी बसों और लंबी दूरी के रूट पर फोकस रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने शहर के आंतरिक इलाकों के लिए मिनी सिटी बसों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 2008 में 40 बसों से शुरू हुई सेवा एक समय 100 बसों तक पहुंची थी, लेकिन कोरोना काल के बाद व्यवस्था चरमरा गई। ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू का कहना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शहर की “संस्कृति” का हिस्सा बनाना होगा। लंबी दूरी के रूटों पर नियमित बसें चलेंगी तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। माना, सेजबहार जैसे इलाकों में भी मांग बढ़ रही है। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कहा कि कई जगह बस स्टॉप तो बने हैं, लेकिन बसें नहीं चल रहीं। ई-बसों के संचालन की प्रक्रिया जारी है। उनका मानना है कि सिटी बसों के नियमित संचालन से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे। निगम और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी मेयर मीनल चौबे ने कहा कि पूर्व की व्यवस्थाओं में मेंटेनेंस और प्लानिंग की कमी रही, जिसके कारण सेवा प्रभावित हुई। वहीं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सरकार से ठोस पहल की मांग की। परिवहन उपायुक्त कृष्णा पटेल के अनुसार 30 सिटी बसों के लिए परमिट जारी किए गए हैं, लेकिन संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम की है। ऑटो और ई-रिक्शा के किराए तय हैं, उल्लंघन पर शिकायत की जा सकती है। 100 पीएम ई-बसें और नया डिपो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए पीएम ई-बस योजना के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं। जरवाय क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर डिपो निर्माण कार्य जारी है, जो करीब 4 महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सस्ती और भरोसेमंद सेवा ही समाधान जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अगर नागरिकों को 10-20 रुपए में समय पर बस सुविधा मिलेगी तो उनका भरोसा बढ़ेगा। मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम न केवल ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा, बल्कि शहर की समग्र छवि भी बदलेगा।

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सिगरेट जलाने पर टोका तो पेट्रोल पंप में लगाई आग, पंपकर्मी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

राजधानी रायपुर के उरला इलाके में एक पेट्रोल पंप पर लापरवाही और गुस्से की वजह से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सिगरेट पीने से मना करने पर एक युवक ने पेट्रोल पंप की मशीन के पास आग लगा दी। समय रहते कर्मचारियों की सतर्कता से आग पर काबू पा लिया गया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे आरोपी घटना उरला स्थित संगीता फ्यूल्स पेट्रोल पंप की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र क्षत्री और इमरान बाइक से पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। इमरान बाइक पर बैठा था और धर्मेंद्र पंप के पास खड़ा था। इसी दौरान धर्मेंद्र ने मुंह में सिगरेट लगाकर उसे जलाने की कोशिश की। पेट्रोल भरते समय सिगरेट जलाना बेहद खतरनाक होता है। साथ खड़े इमरान ने उसे रोकने के लिए धक्का दिया, जिससे वह नाराज हो गया। गुस्से में धर्मेंद्र ने पेट्रोल भरने वाली नोजल पाइप में आग लगा दी। मशीन और बाइक में लगी आग धर्मेंद्र की इस हरकत से पंप मशीन और बाइक में आग भड़क उठी। स्थिति गंभीर होती देख पंपकर्मी ने तुरंत नोजल पाइप खींच लिया, जिससे जलता हुआ पेट्रोल धर्मेंद्र के ऊपर भी गिर गया। इसके बाद कर्मचारी ने तुरंत मेन स्विच बंद किया और फायर फाइटिंग किट की मदद से आग को बुझा दिया। कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा विस्फोट या जनहानि टल गई। भागने की कोशिश, मौके पर ही पकड़े गए आग लगाने के बाद दोनों आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पंप कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पंप मैनेजर की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने की गिरफ्तारी की पुष्टि उरला थाना प्रभारी रोहित माहेलकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगजनी और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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रायपुर में डीएड और CAF अभ्यर्थियों पर सख्ती, मंत्रालय घेराव से पहले 175 से अधिक को जेल भेजा गया

राजधानी रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे डीएड और CAF अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को डीएड अभ्यर्थियों द्वारा आत्मदाह की कोशिश के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद करीब 125 डीएड अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जिनमें 45 महिलाएं और 80 पुरुष शामिल हैं। गुरुवार को मंत्रालय घेराव के लिए निकले CAF अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने तूता प्रदर्शन स्थल के प्रवेश द्वार पर रोक दिया। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए 50 से अधिक अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर सेंट्रल जेल भेज दिया। फिलहाल सभी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। 60 दिनों से जारी है आंदोलन दोनों समूह के अभ्यर्थी पिछले 60 दिनों से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। अब तक आंदोलन के दौरान 200 से ज्यादा युवाओं की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति आक्रामक प्रदर्शन या घेराव की इजाजत नहीं दी जाएगी। डीएड अभ्यर्थियों का आरोप: आरक्षित पदों पर भी नियुक्ति नहीं डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में कुल 2300 पद निकाले गए थे, जिनमें लगभग 1600 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थे। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह स्थिति तब है जब राज्य में आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री की सरकार है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को आदेश दिए थे, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी 28 अगस्त 2024 को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया है। CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की पीड़ा CAF अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। मेरिट लिस्ट के उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल 417 अभ्यर्थियों को यह कहकर रोक दिया गया कि पद रिक्त नहीं हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बाद में कई चयनित उम्मीदवार मेडिकल में अयोग्य घोषित हुए या उन्होंने नौकरी छोड़ दी, जिससे पद खाली हुए, लेकिन वेटिंग लिस्ट वालों को मौका नहीं दिया गया। समय बीतने के साथ 417 में से 250 से अधिक अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं और अब नई भर्ती में शामिल होने के पात्र नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से गुहार लगाने की बात कही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका है। अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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रायपुर में शिवाजी जयंती पर कुनबी समाज का भव्य महोत्सव: शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में कुनबी समाज द्वारा भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कोटा स्थित कुनबी समाज भवन में आयोजित होगा, जहां समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को जोड़ने की पहल समाज के अध्यक्ष महेश्वर धाण्डेकर ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों और युवाओं के लिए रंगोली, निबंध लेखन और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य है। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। शोभायात्रा बनेगी मुख्य आकर्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा कुनबी समाज भवन से शुरू होकर जगन्नाथ चौक, रामनगर और भारत माता चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। शोभायात्रा में शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां, पारंपरिक परिधान में कलाकारों की प्रस्तुति और ढोल-ताशों की गूंज माहौल को उत्सवमय बनाएगी। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति आयोजन में राजेश मूणत, मीनल चौबे, पार्षद अमन ठाकुर और श्रीकुमार मेनन विशेष रूप से शामिल होंगे। जनप्रतिनिधि शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालेंगे। समाज पदाधिकारियों—उपाध्यक्ष लखाराम बेदरे, सचिव राधेश्याम टोंडरे, कोषाध्यक्ष मानिक सिलारे, संयुक्त सचिव दिनेश मिसार और कार्यकारिणी सदस्य कुलेश्वर पारधी व रूपेश घोरमोड़े—ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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हर एफआईआर की डिजिटल मॉनिटरिंग से तेज हुई कार्रवाई: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गृह विभाग ने कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि अब प्रदेश में दर्ज होने वाली हर एफआईआर की डिजिटल निगरानी की जा रही है। पहले मामलों की समीक्षा मैन्युअल तरीके से होती थी, जिससे विवेचना में देरी होती थी। अब एक विशेष अपराध समीक्षा एप्लीकेशन के माध्यम से एफआईआर का विश्लेषण, समय-सीमा में जांच और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से त्वरित कार्रवाई संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल है। किसी भी शिकायत के पीएचक्यू पहुंचते ही वह संबंधित एसपी, डीएसपी और थाने तक तत्काल प्रेषित हो जाती है। उन्होंने बताया कि यदि 30 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण नहीं होता, तो सिस्टम में स्वतः अलार्म सक्रिय हो जाता है। इससे लंबित मामलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई की रफ्तार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नशे और ऑनलाइन जुए के खिलाफ कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही अनधिकृत ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स पर पहली बार व्यापक कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक और पोर्टल्स को ब्लॉक किया गया है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कई संदिग्ध खातों को सीज किया है। फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले 165 पीओएस संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। गौ-वंश तस्करी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गौ-वंश तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां गौ-वंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार से जुड़े आदतन आरोपियों की सूची तैयार की गई है। ऐसे 19 आरोपियों की लगातार निगरानी की जा रही है। गौ-वंश वध और अवैध परिवहन के मामलों में 142 वाहनों को राजसात किया गया है, जिनमें से 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और डीजी (जेल) हिमांशु गुप्ता भी उपस्थित रहे।

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राजधानी में 10 साल से 8 करोड़ का डायवर्सन शुल्क बकाया, कार्रवाई शून्य

राजधानी Raipur में बीते दस वर्षों के दौरान करीब 8 करोड़ रुपये का डायवर्सन शुल्क वसूल नहीं हो पाया है। हर साल की तरह इस बार भी तहसील कार्यालयों ने दो हजार से अधिक भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन वसूली की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सालाना डायवर्सन शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं। पिछले डेढ़ दशक में किसी बड़े बकायादार के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोग नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे। बड़े बकायादारों में कौन? जांच में सामने आया है कि शुल्क न चुकाने वालों में अस्पताल संचालक, राइस मिलर, निजी स्कूल संचालक, पेट्रोल पंप संचालक और नए उद्योग स्थापित करने वाले व्यवसायी शामिल हैं। इन सभी ने कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कराया, लेकिन इसके बाद नियमित वार्षिक शुल्क जमा नहीं किया। बकाया के बावजूद हो रही रजिस्ट्री सबसे बड़ी समस्या यह है कि किस जमीन पर कितना डायवर्सन शुल्क बकाया है, इसकी जानकारी अब तक पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। पंजीयन कार्यालय के पास ऐसा कोई एकीकृत सॉफ्टवेयर नहीं है, जिससे जमीन की रजिस्ट्री के समय बकाया राशि की जांच की जा सके। इसी कारण लाखों रुपये बकाया होने के बावजूद जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही है। कई मामलों में नोटिस मिलने पर संबंधित व्यक्ति यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि जमीन पहले ही बेची जा चुकी है। नया डिजिटल सिस्टम लागू करने की तैयारी राजस्व विभाग का दावा है कि डायवर्सन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए नया एप और सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके जरिए आवेदन करते ही संबंधित जमीन पर लंबित शुल्क की जानकारी सामने आ जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बकाया शुल्क जमा नहीं किया जाएगा, तब तक नई डायवर्सन प्रक्रिया को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल परीक्षण चरण में है और पूरी तरह लागू होना बाकी है। क्या हो सकती है कार्रवाई? तहसील अधिकारियों के मुताबिक, नियमों के तहत बकाया शुल्क न चुकाने पर— हालांकि, अब तक राजधानी के किसी भी तहसील क्षेत्र में इस प्रकार की सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है। नियम क्या कहते हैं? कृषि भूमि का उपयोग बदलने के लिए डायवर्सन कराना अनिवार्य है। पहली बार लैंड यूज परिवर्तन के समय शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद हर वर्ष निर्धारित शुल्क देना अनिवार्य है, जब तक कि जमीन पर निर्माण पूर्ण न हो जाए या वह नगरीय निकाय के रिकॉर्ड में दर्ज न हो जाए। नियमों में वार्षिक शुल्क से छूट का कोई प्रावधान नहीं है। प्रशासन का दावा राजस्व विभाग ने सभी तहसीलदारों को वसूली तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नोटिस के बाद भी शुल्क जमा न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और बकाया राशि हर हाल में वसूल की जाएगी।

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कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षाओं की जिम्मेदारी अब DEO के हाथों में, निजी स्कूलों ने जताया विरोध

छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सौंपी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है, जो सत्र 2025-26 से लागू होगा। जारी निर्देशों के अनुसार, वार्षिक परीक्षाओं से जुड़ी पूरी प्रक्रिया—प्रश्नपत्र निर्माण, मॉडरेशन, मूल्यांकन और परिणाम घोषणा—अब DEO की निगरानी में संपन्न होगी। यह नई व्यवस्था केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अनुदान प्राप्त, अशासकीय और स्वामी आत्मानंद विद्यालयों पर भी लागू होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा संचालन के लिए जिला स्तर पर संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन किया जाएगा। कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होंगी, जबकि सभी स्कूलों को 30 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूल संगठनों का विरोध तेज इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी स्कूलों की आंतरिक परीक्षा प्रणाली में सरकारी नियंत्रण उनकी स्वायत्तता को कमजोर करता है। साथ ही, शैक्षणिक सत्र के अंतिम चरण में नियमों में बदलाव करना व्यवहारिक नहीं है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का आरोप है कि इस निर्णय से निजी स्कूलों की पहले से तय अकादमिक योजना प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के निजी स्कूल विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखने की भी बात कही गई है। नए आदेश की मुख्य बातें

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