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रायपुर में हीट वेव से निपटने की तैयारी, जिला अस्पताल में बनाया गया विशेष हीट स्ट्रोक रूम

शहर में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला चिकित्सालय पंडरी में विशेष “हीट स्ट्रोक रूम” स्थापित किया गया है, ताकि लू से प्रभावित गंभीर मरीजों को तत्काल और प्रभावी उपचार मिल सके। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है। मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से नियंत्रित करने के लिए दो विशेष बाथटब लगाए गए हैं, जिनमें ठंडे पानी और बर्फ की मदद से इमर्शन कूलिंग की जाएगी। बर्फ की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आइस मेकिंग मशीन भी स्थापित की गई है। साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को हीट स्ट्रोक के इलाज से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने बताया कि गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग की अपील: क्या करें? हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं? चिकित्सकों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की त्वचा लाल और सूखी हो जाए, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो, उल्टी, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, तेज धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। आपातकालीन सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0771-3519250 पर संपर्क किया जा सकता है।

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रायपुर के कटोरा तालाब स्थित कैफे में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद, 4 लोग हिरासत में

रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत कटोरा तालाब इलाके में स्थित डिवाइन कैफे में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर सोमवार को विवाद की स्थिति बन गई। सभा के दौरान धर्म परिवर्तन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह कैफे में एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 100 से 150 लोग मौजूद थे। आरोप है कि सभा के दौरान कुछ लोगों ने ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों से धर्म परिवर्तन की अपील की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सभा में शामिल कुछ वक्ताओं ने अन्य देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की और यीशु मसीह को सर्वोपरि बताया। हिंदू संगठन से जुड़े योगेश बरिहा को इस कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर वे अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कथित धर्मांतरण के प्रयासों का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और नारेबाजी भी हुई। नौकरी और इलाज का प्रलोभन देने का आरोप शिकायत के मुताबिक, सभा में मौजूद लोगों को कथित तौर पर यह कहा गया कि यदि वे ईसाई धर्म अपनाते हैं तो उन्हें नौकरी और इलाज जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। विरोध के दौरान कथित रूप से धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति भी बनी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सैफीन, आमीन, उदय और श्रीकांत नामक चार लोगों को हिरासत में लिया है। कुछ अन्य लोग मौके से चले गए। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण कानून क्या कहता है? राज्य में छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है। इस कानून के तहत बल, प्रलोभन या कपट के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में सजा और जुर्माने का प्रावधान है। नियमों के अनुसार, धर्म परिवर्तन से पूर्व संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष निर्धारित अवधि पहले सूचना देनी होती है। हाल ही में राज्य सरकार ने कानून को और सख्त बनाने के लिए संशोधित मसौदा भी तैयार किया है, जिसमें प्रलोभन, विवाह या धोखे से कराए गए धर्म परिवर्तन को अवैध माना गया है। रविवार को क्यों बढ़ते हैं ऐसे विवाद? ईसाई समुदाय में रविवार को प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। कई बार इन सभाओं में अन्य समुदायों के लोग भी शामिल होते हैं। ऐसे में यदि किसी पक्ष को धार्मिक प्रचार या धर्म परिवर्तन का संदेह होता है, तो विरोध और टकराव की स्थिति बन जाती है। प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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धरसींवा के तालाब बनेंगे बर्ड वॉचिंग सेंटर, 5 गांवों में प्रशासन की पहल

रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड में स्थित तालाबों और प्राकृतिक जल क्षेत्रों को अब बर्ड वॉचिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने पक्षी संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस दिशा में कदम बढ़ाया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 1 मार्च को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने धरसींवा ब्लॉक के पांच गांवों — मांढर, गोढ़ी, अकोली, बरबांदा और टोर — का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान तालाबों और आसपास के जल क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि इन स्थानों पर कौन-कौन सी पक्षी प्रजातियां आती हैं और उनके संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस निरीक्षण में पक्षी विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिन्होंने क्षेत्र की जैव विविधता और संभावनाओं पर सुझाव दिए। गांवों के सरपंच, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे। क्या है योजना? प्रशासन की योजना है कि इन जल स्रोतों की प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए यहां पक्षी अवलोकन की सुविधाएं विकसित की जाएं। इसके तहत स्थानीय ग्रामीणों और महिला समूहों को जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। आगे की रणनीति जल्द ही अधिकारियों और पक्षी विशेषज्ञों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यटन प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से धरसींवा क्षेत्र भविष्य में पक्षी प्रेमियों और प्रकृति पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

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रायपुर: स्टेशन और तेलघानी नाका इलाके में शाम के समय माल वाहनों की एंट्री पर रोक

रायपुर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए रेलवे स्टेशन और तेलघानी नाका क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक हल्के माल वाहनों के प्रवेश और आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत देना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। शहर में लगातार बढ़ रही आबादी और वाहनों की संख्या के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन के आसपास भारी और हल्के माल वाहनों की आवाजाही के चलते आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। तेलघानी नाका चौक, गंज मंडी, भैंसथान, नाहरपारा, अग्रसेन चौक, स्टेशन रोड और नर्मदा पारा जैसे व्यस्त इलाकों में लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता था। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में लगभग 300 गोदाम संचालित हो रहे हैं। इन गोदामों में हल्के माल वाहनों के माध्यम से लगातार लोडिंग और अनलोडिंग का काम होता है, जिससे स्टेशन गेट नंबर 1 और 2, तेलघानी नाका चौक और अग्रसेन चौक पर यातायात बाधित होता था और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन गोदामों को शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच हल्के माल वाहनों की आवाजाही पर यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस फैसले से स्टेशन क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक सुधार होगा।

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होली से पहले ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कन्फर्म टिकट के नाम पर 600 से 1000 रुपए तक अतिरिक्त वसूली

रायपुर। होली के मौके पर घर लौटने की होड़ के बीच रायपुर जंक्शन से चलने वाली अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। दिल्ली, बिहार, यूपी और मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग चल रही है, जबकि कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन चुकी है। इसी बीच शहर में सक्रिय कुछ एजेंट कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं। लंबी वेटिंग से परेशान यात्री त्योहार से पहले एसी और स्लीपर कोच लगभग फुल हैं। वाराणसी और प्रयागराज रूट पर भी राहत नहीं है। कई यात्रियों ने बताया कि लगातार कोशिश के बावजूद उन्हें सिर्फ वेटिंग टिकट ही मिल रहा है। जबलपुर जाने वाले एक यात्री ने कहा कि कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार लंबी वेटिंग मिल रही है। वहीं रांची जाने वाले यात्री ने बताया कि स्लीपर में वेटिंग ज्यादा होने के कारण उन्हें जनरल टिकट लेकर सफर करना पड़ेगा। एजेंटों का दावा- पैसा दो, कन्फर्म टिकट लो पड़ताल के दौरान शहर के दो एजेंटों से संपर्क किया गया। एक एजेंट ने प्रयागराज के लिए थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया और किराए के अलावा अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि टिकट कन्फर्म मिलेगा, बस समय पर भुगतान करना होगा। स्टेशन के पास एक अन्य ट्रैवल एजेंसी ने भी तत्काल टिकट दिलाने की बात कही। एजेंट ने प्रति टिकट 600 रुपए अतिरिक्त चार्ज की मांग की और आधी रकम एडवांस देने को कहा। जब सर्वर डाउन की समस्या का सवाल उठाया गया तो जवाब मिला कि “आपको सर्वर से मतलब नहीं, टिकट मिल जाएगा।” सूत्रों के अनुसार, कुछ एजेंट अलग-अलग स्टेशनों से टिकट बुक कर या पहले से ब्लॉक टिकट के जरिए यह काम करते हैं। प्रमुख रूटों पर स्थिति दिल्ली रूट: गोंडवाना एक्सप्रेस में स्लीपर नो रूम, एसी थर्ड में वेटिंग; संपर्क क्रांति और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग। बिहार रूट: साउथ बिहार एक्सप्रेस और होली स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच में दर्जनों वेटिंग। वाराणसी-प्रयागराज रूट: कई ट्रेनों में स्लीपर फुल और एसी में भी लंबी प्रतीक्षा सूची। मुंबई रूट: हावड़ा-मुंबई और गीतांजली एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में स्लीपर में नो रूम या भारी वेटिंग। कई ट्रेनें घंटों देरी से रायपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी 5 से 8 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कोरबा-यशवंतपुर, शालीमार-मुंबई एलटीटी, आजाद हिंद और हावड़ा-अहमदाबाद जैसी ट्रेनों में लंबा विलंब दर्ज किया गया। रेलवे का क्या कहना है रायपुर मंडल के कमांडेंट रमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन एजेंटों को अधिकृत अनुमति नहीं है, उनके द्वारा टिकट बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। हाल ही में तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है और शिकायत मिलने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ एजेंट दूसरे स्टेशनों से टिकट बुक कर देते हैं या पहले से टिकट निकालकर रखते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होती है। त्योहार के मौसम में बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों को सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करने की सलाह दी गई है।

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आरटीई छात्रों से स्कूल में पुताई और मजदूरी कराने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से श्रम कार्य कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने गरीब छात्रों से परिसर में पुताई और निर्माण संबंधी काम करवाया। इस संबंध में अभिभावकों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बच्चों से कराए गए श्रम कार्य का आरोप अभिभावकों द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत छात्रों से सीमेंट और रेत ढोने के साथ-साथ कक्षाओं की पुताई जैसे काम करवाए गए। परिजनों का आरोप है कि काम करने से मना करने पर बच्चों को स्कूल से निकालने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने की धमकी दी गई। परिजनों का कहना है कि जब वे इस मामले में चर्चा करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य ने उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया। शिकायत के मुताबिक, उन्हें यह कहा गया कि उनके बच्चों को बैग, किताबें और अन्य सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं, इसलिए वे सवाल न उठाएं। कक्षा को आवास के रूप में उपयोग करने का भी आरोप शिकायत में यह भी उल्लेख है कि प्राचार्य एक कक्षा का उपयोग अपने पति के साथ रहने के लिए कर रही हैं। अभिभावकों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रशासन को सौंपे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में सहायक संचालक योजना लता बेक को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य ने आरोपों से किया इनकार स्कूल की प्राचार्य विधु शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत द्वेषवश की गई है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। प्रशासन अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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होली पर रायपुर में हाई अलर्ट: 5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, ड्रोन से निगरानी; 3 हजार जवान रहेंगे तैनात

रायपुर। रंगों के त्योहार होली को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। हुड़दंग और अव्यवस्था रोकने के लिए इस बार आसमान से लेकर सड़कों तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग होगी और हर गतिविधि की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचती रहेगी। पुलिस कमिश्नरेट ने शहर को तीन अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया है। किसी भी विवाद, झगड़े या आपात सूचना पर अधिकतम पांच मिनट के भीतर पुलिस बल मौके पर पहुंचेगा। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार शाम से बुधवार शाम तक 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ड्रिंक एंड ड्राइव और ट्रिपल सवारी पर सख्ती होली के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष नजर रहेगी। यातायात पुलिस ने शहरभर में 60 से ज्यादा चेकिंग पॉइंट बनाए हैं। करीब 500 ट्रैफिक जवान प्रमुख चौक-चौराहों पर तैनात रहेंगे। तेज रफ्तार बाइक चलाने वालों और तीन सवारी बैठाकर घूमने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त कर सीधे थाने भेजा जाएगा और चालक को पैदल घर लौटना पड़ सकता है। सिविल ड्रेस में रहेगी क्राइम ब्रांच अवैध शराब और नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए क्राइम ब्रांच की 150 सदस्यीय टीम सादे कपड़ों में तैनात रहेगी। यह टीम संदिग्ध गतिविधियों और अवैध बिक्री पर नजर रखेगी। त्योहार की आड़ में माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर का बयान रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि डीसीपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में शहर को तीन सेक्टरों में बांटा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से रिकॉर्डिंग की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का रिस्पांस टाइम पांच मिनट तय किया गया है। साथ ही शहरवासियों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है।

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रायपुर में अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद स्थानीय प्रतिक्रिया, शोक और विरोध प्रदर्शन

रायपुर: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर उस खबर के बाद जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए पैमाने पर सैन्य हमलों के कारण खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मार दिए गए हैं, जिसकी वजह से विश्वभर में तनाव और प्रतिक्रिया की लहर फैल रही है। राजधानी रायपुर के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार को हमले का विरोध और खामेनेई की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शनों में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर भी लगाए गए, जिन पर ‘Down to America’ और ‘Down to Israel’ जैसे नारे लिखे गए थे। कुछ लोगों ने इन पोस्टरों पर नीली स्याही भी फेंकी, जबकि राहगीरों को इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए आगे बढ़ते देखा गया। स्थानीय भीड़ ने विरोध के साथ-साथ खामेनेई के लिए शोक सभाओं का आयोजन भी किया। मोमिनपारा व पंडरी क्षेत्रों के इमामबाड़ों में बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर मौन रक्षा सभाएं और मजलिसें रखीं, जिसमें समुदाय के लोगों ने भावनात्मक शोक व्यक्त किया। आम लहज़ा और समुदाय की भावनाएँ शिया समुदाय का शोक सभा आयोजन मोमिनपारा तथा पंडरी स्थित कई इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत की खबर पर शोक सभा एवं मजलिस का आयोजन किया गया। शोक सभा में लोगों ने खामेनेई के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। खामेनेई कौन थे और क्या हुआ? अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सबसे उच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता थे, जिन्होंने 1989 से इस पद पर कार्य किया। संयुक्त अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए गए, जिनमें हवाई हमले तथा मिसाइल दागे गए। राज्य मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है। हमलों में न केवल खामेनेई बल्कि उनके परिवार के सदस्यों और अनेक वरिष्ठ सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों के भी मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। क्या अमेरिका-इजराइल हमले थे? उल्लेखनीय है कि संयुक्त युद्ध अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर लक्षित हमले किए गए। इस ऑपरेशन में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की वायु सेना और मिसाइल प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया गया।

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केमिकल रंगों से बिगड़ सकता है आपका त्योहार: होली खेलें समझदारी से, सेहत और त्वचा का रखें खास ख्याल

होलिका दहन के साथ ही प्रदेशभर में रंगों के त्योहार होली की शुरुआत हो जाएगी। यह पर्व उमंग, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन जरा सी लापरवाही आपके उत्सव को फीका कर सकती है। खासकर केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल त्वचा, आंखों और बालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अक्सर लोग पूरे जोश में होली तो खेलते हैं, लेकिन बाद में रंग छुड़ाने की जल्दबाजी में त्वचा पर डिटर्जेंट, केमिकल या अन्य कठोर चीजों का प्रयोग करने लगते हैं। इससे त्वचा में जलन, एलर्जी, रैशेज और लंबे समय तक रहने वाले दाग हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि होली खेलने से पहले और बाद में कुछ सावधानियां जरूर बरती जाएं। 1. होली से पहले त्वचा की तैयारी जरूरी होली खेलने से पहले त्वचा को तैयार करना बेहद आवश्यक है। बाहर निकलने से पहले शरीर और चेहरे पर नारियल तेल, सरसों तेल या मॉइश्चराइजर अच्छी तरह लगा लें। इससे रंग सीधे त्वचा पर चिपक नहीं पाएगा और बाद में आसानी से छूट जाएगा। हल्के रंग के बजाय गहरे और पूरे बाजू के कपड़े पहनें ताकि त्वचा कम एक्सपोज हो। बालों में भी तेल लगाकर उन्हें बांध लें, जिससे स्कैल्प सुरक्षित रहे। 2. केमिकल रंगों से बनाएं दूरी बाजार में मिलने वाले सस्ते और चटक रंगों में कई बार हानिकारक रसायन मिले होते हैं। ये त्वचा संक्रमण, आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग बेहतर विकल्प है। घर पर भी फूलों, हल्दी या बेसन जैसे प्राकृतिक पदार्थों से रंग तैयार किए जा सकते हैं। इससे त्योहार का आनंद भी बना रहेगा और सेहत पर बुरा असर भी नहीं पड़ेगा। 3. रंग छुड़ाने में जल्दबाजी न करें होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए डिटर्जेंट या कठोर साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। चेहरे के लिए बेसन और दही का लेप एक सुरक्षित और कारगर उपाय माना जाता है। इसे हल्के हाथों से लगाकर धोने से रंग धीरे-धीरे साफ हो जाता है। इसके अलावा माइल्ड फेसवॉश और गुनगुने पानी का उपयोग करें। याद रखें, कुछ रंग 2–3 दिन में खुद ही हल्के पड़ जाते हैं। त्वचा के साथ जोर-जबरदस्ती करने से बेहतर है थोड़ा धैर्य रखें। 4. अलग-अलग त्वचा के लिए अलग देखभाल हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। जिनकी त्वचा संवेदनशील है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग होली खेलने से पहले डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। तैलीय त्वचा वाले लोग ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं, जबकि ड्राई स्किन वालों को अच्छी तरह मॉइश्चराइज करना चाहिए। 5. बीपी, शुगर और बुजुर्गों का रखें ध्यान होली के दौरान अत्यधिक भागदौड़ और धूप में रहना बीपी और शुगर के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे लोग सीमित समय तक ही होली खेलें और पर्याप्त पानी पीते रहें। घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हों तो उन पर विशेष ध्यान दें। उनकी आंख, नाक और मुंह में रंग न जाए, इसका ख्याल रखें। बच्चों को सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने दें। होली खुशियों का त्योहार है। थोड़ी सी सावधानी और समझदारी से आप इसे सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं। इस बार रंगों के साथ सेहत की भी रक्षा करें, ताकि त्योहार की मिठास लंबे समय तक बनी रहे।

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परीक्षा देकर लौट रहे 12वीं के छात्र की सड़क हादसे में मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम

रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं के छात्र की जान चली गई। परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहे छात्र को एक अज्ञात ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर देर रात तक चक्काजाम किया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम लाखा निवासी नेम सिंह ठाकुर (18 वर्ष), पिता टीकाराम ठाकुर, गेरवानी हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। उसका परीक्षा केंद्र तराईमाल स्कूल में बनाया गया था। शुक्रवार सुबह वह परीक्षा देने घर से निकला था। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 12 बजे बाइक से वापस लौट रहा था। तराईमाल और लाखा के बीच मुख्य मार्ग पर इरशाद ढाबा के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेलर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में छात्र के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ा। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शाम को परिजन और ग्रामीण शव को लेकर गेरवानी स्थित घटनास्थल पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा अवधि में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए, आरोपी ट्रेलर चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। देर रात तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। ग्राम लाखा और आसपास के कई गांवों के छात्र गेरवानी में पढ़ाई करते हैं और उनका परीक्षा केंद्र तराईमाल में है। इस हादसे के बाद अभिभावकों में भी भय और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है।

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