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रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज का 32वां सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न, 64 बटुक बने यज्ञोपवीतधारी

रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज द्वारा 32वें सामूहिक उपनयन संस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 64 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। सुबह 6 बजे से विप्र भवन परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। आचार्य ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में मुंडन, हल्दी, पूजन और अन्य पारंपरिक विधियां संपन्न कराई गईं। मुख्य यजमान विनय तिवारी एवं संध्या तिवारी सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के बीच संस्कार को पूर्ण कराया। इस अवसर पर विद्वानों ने उपनयन संस्कार के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्कार बालक के जीवन में अनुशासन, अध्ययन और कर्तव्यबोध की नई शुरुआत का प्रतीक है। संस्कार के उपरांत बटुकों की पारंपरिक बारात निकाली गई। बैंड-बाजे की धुन पर सभी विप्र भवन से ब्राह्मणपारा स्थित सोहागा मंदिर पहुंचे, जहां भगवान मुरली मनोहर एवं राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया गया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में नरेंद्र तिवारी, सुरेंद्र शुक्ला, राजेंद्र तिवारी, हरीश शर्मा, अवधेश दुबे, सुरेंद्र दीवान और नटराज शर्मा सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने बटुकों को संयमित जीवन, विद्या-अध्ययन और समाज सेवा का संदेश दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ी युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, संजय दीवान, भूपेंद्र शर्मा, मिश्रीलाल पांडेय, व्यास नारायण शुक्ला सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और विप्र शक्ति महिला मंडल की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।

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विधायक कॉलोनी के पीछे हंगामा: नशे में कैटरर्स के दो गुटों में मारपीट, 7 गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक कॉलोनी के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने दो कैटरिंग समूहों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लेन-देन को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार 26 फरवरी की रात सभी आरोपी एक कार्यक्रम के सिलसिले में मौजूद थे। इसी दौरान पैसों के लेन-देन और कामकाज को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी शराब के नशे में थे। बहस बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और सात लोगों—योगेश साहू, रितेश साहू, आशुतोष पांडे, सतबीर खींची, मो. तालिब, संदीप यादव और विवेक मिश्रा—को हिरासत में लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट और शांति भंग करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का बयान मामले की जांच कर रहे तेलीबांधा थाना अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थान पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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अंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में खटमलों का प्रकोप, मरीजों की नींद हराम

अंबेडकर अस्पताल परिसर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में भर्ती मरीज इन दिनों इलाज से ज्यादा खटमलों की समस्या से जूझ रहे हैं। जनरल वार्ड से लेकर बेड, स्टूल, फाइलों और दीवारों तक खटमल रेंगते नजर आ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि रात होते ही स्थिति और भयावह हो जाती है। रातभर खटमल मारते गुजरती है रात मरीजों का आरोप है कि जैसे ही वार्ड की लाइटें धीमी होती हैं, खटमलों का प्रकोप बढ़ जाता है। कई मरीज रातभर सो नहीं पा रहे और चादरें झाड़कर खटमल मारते रहते हैं। कुछ मरीजों ने बताया कि गद्दों की सिलाई और नीचे की सतह पर बड़ी संख्या में खटमल छिपे रहते हैं। एक मरीज के परिजन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि मच्छर काट रहे हैं, लेकिन टॉर्च की रोशनी में चादर हटाने पर खटमल दिखाई दिए। लगातार काटने से शरीर पर लाल दाने और सूजन उभर आई है। खुजली, जलन और संक्रमण का खतरा त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.के. निगम के अनुसार खटमल के काटने से तेज खुजली, लाल चकत्ते और सूजन हो सकती है। संवेदनशील मरीजों में एलर्जिक रिएक्शन की आशंका रहती है। लगातार खुजलाने से बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभाग में वुडन इंटीरियर के कारण यह समस्या सामने आई है। फिलहाल कीटनाशक उपचार किया जा रहा है और रेनोवेशन के दौरान संबंधित हिस्सों को बदला जाएगा। मरीजों की मांग मरीजों और परिजनों का कहना है कि हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने वार्डों में नियमित फ्यूमिगेशन और साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।

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विधानसभा में नशे के मुद्दे पर सत्तापक्ष में ही सवाल: भाजपा विधायकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान सत्तारूढ़ दल के ही कई विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। हालांकि गृह मंत्री ने विभाग पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई का दावा किया। “खुलेआम हो रही बिक्री” भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने कहा कि रायपुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि हाल ही में पकड़े गए गांजा पैकेजिंग गिरोह के पास हाईटेक कैमरे मिले, जिनसे उन्हें पुलिस की गतिविधियों की पूर्व जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में पुलिस आरक्षक की संलिप्तता सामने आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। गृह मंत्री का जवाब: “रणनीति के तहत कार्रवाई” गृह मंत्री विजय शर्मा ने विभाग के फेल होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टिकरापारा क्षेत्र में एक आरक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मामला प्रक्रियाधीन है। मेडिकल स्टोर्स और स्कूलों के पास बिक्री का मुद्दा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मेडिकल दुकानों से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाइयों की बिक्री पर सख्ती जरूरी है। वहीं कुंवर सिंह निषाद ने स्कूलों के आसपास नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया। विधायक अटल श्रीवास्तव ने नशा कारोबारियों की संपत्ति राजसात करने की जानकारी दी, जबकि राजेश मूणत ने ड्रग्स की सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना की मांग की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चर्चा दूर तक जाती है तो उसे होने दिया जाए। 📊 कार्रवाई के आंकड़े सरकार का कहना है कि सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाकर समन्वित रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर आगे भी बहस तेज रहने के संकेत हैं।

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राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम का पलटवार: कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, नक्सलवाद खत्म करने का दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान “सिंडिकेट राज” चला और कोयला, शराब तथा डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री, कोयला परिवहन में अनियमितता और विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी से प्रदेश की छवि प्रभावित हुई। “भाजपा विकास की, कांग्रेस विनाश की राजनीति करती है” सीएम साय ने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कई मामलों में आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सुशासन और पारदर्शिता के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि पिछली सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त रही। बस्तर को लेकर आरोप निराधार मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र को लेकर फैलाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। सरकार कृषि, सिंचाई, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। होम-स्टे योजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। 🔴 नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और सुशासन के त्रिस्तरीय एजेंडे पर काम कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च तक प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां पहले स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था, वहीं अब शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। बस्तर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। 🏠 आवास, धान खरीदी और रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और शेष अंतर राशि होली से पहले देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी योजना’ मनरेगा से बेहतर मॉडल के रूप में लागू की जा रही है, जिसमें 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। राजनीतिक गरमाहट तेज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बजट सत्र के आगामी दिनों में भी इन मुद्दों पर सियासी बहस तेज रहने की संभावना है।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: गिग वर्करों की सुरक्षा, ग्रीनरी और जनहित के मुद्दों पर गरमाई बहस

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सदन में गिग वर्करों की सुरक्षा, श्रम अधिकार, शहरी हरियाली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों के बीच विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने जनहित के विषयों को जोरदार तरीके से उठाया। गिग वर्करों की सुरक्षा पर नियम बनाने की मांग भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करने वाले युवाओं की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सदन में पूछा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्करों को संगठित श्रमिक माना जाएगा या असंगठित? उन्होंने तेज डिलीवरी के दबाव, सड़क सुरक्षा और मानसिक तनाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में सरकार को स्पष्ट नियम-निर्देश बनाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य राज्यों से परामर्श लेकर या सेवानिवृत्त न्यायाधीश/विधि विशेषज्ञ की समिति बनाकर ठोस नीति तैयार की जाए। इस पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि वर्तमान में गिग वर्करों को न तो संगठित और न ही असंगठित श्रमिक की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के अनुसार ही राज्य में प्रावधान लागू होंगे। बिलासपुर में ग्रीनरी और ऑक्सीजन बढ़ाने का मुद्दा प्रश्नकाल के दौरान बिलासपुर की हरियाली को लेकर भी चर्चा हुई। तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने शहर में मुक्तिधाम, अप्रोच रोड और नए गार्डन विकसित कर ग्रीनरी बढ़ाने की मांग की। वित्त मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि बिलासपुर को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कई विकास कार्य मिले थे। आठ अलग-अलग स्थानों पर उद्यानों में विशेष पौधारोपण और हेजिंग का काम किया गया है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऑक्सीजन जोन और हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। आज सदन में किन मुद्दों पर रहेगी नजर? सदन की कार्यवाही के दौरान कई अहम प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं पेश की जाएंगी। इसके अलावा जल जीवन मिशन, शहरी पर्यावरण, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रश्नकाल में जनहित से जुड़े विषयों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की कोशिश जारी रहेगी।

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भोपाल में धर्मांतरण और शोषण का जाल उजागर: मुंगेली की ब्यूटिशियन से दुष्कर्म, दो बहनें गिरफ्तार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्मांतरण और यौन शोषण से जुड़े एक हाईप्रोफाइल मामले का खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की रहने वाली एक ब्यूटिशियन और उसकी सहेली ने भोपाल के बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दो सगी बहनों—अमरीन और आफरीन—को गिरफ्तार कर लिया। मामले में चंदन यादव को भी पकड़ा गया है, जबकि बिलाल, चानू और यासिर फरार बताए जा रहे हैं। इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संपर्क, फिर जाल में फंसाया पीड़िताओं की आपसी पहचान इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। आरोप है कि अमरीन और आफरीन गरीब घरों की लड़कियों को निशाना बनाती थीं। पहले उन्हें घरेलू काम के बहाने अपने पास रखतीं, फिर हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का लालच देकर पार्टियों में ले जातीं। वहां अमीर युवकों के साथ जबरन संबंध बनाने का दबाव डाला जाता था। पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें शराब और नशीले पदार्थ लेने के लिए मजबूर किया गया और कई बार अलग-अलग लोगों के साथ दुष्कर्म कराया गया। विरोध करने पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। धर्म परिवर्तन का दबाव भोपाल की एक पीड़िता ने बताया कि चंदन यादव ने उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। शादी का लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए राजी किया गया। इसके बाद उसे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। मुंगेली की पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे गुजरात और मुंबई भी ले जाया गया, जहां अन्य आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। झुग्गी से आलीशान विला तक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बहनें भोपाल के अब्बास नगर की झुग्गी से निकलकर आशिमा मॉल के पास स्थित सागर रॉयल विला में रहने लगी थीं। पुलिस को उनके मोबाइल फोन से कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। देह व्यापार से जुड़े होने के संकेत पुलिस को शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी बहनें देह व्यापार से जुड़े गिरोह का संचालन कर रही थीं। पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें 10 हजार रुपए मासिक वेतन पर घर में रखा जाता था और पार्टियों में ले जाया जाता था। काम छोड़ने की बात करने पर हत्या की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर और क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुटी है।

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रायपुर: ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग में जुआ, 19 आरोपी गिरफ्तार; 5 लाख से अधिक की रकम और सामान जब्त

राजधानी रायपुर में जुआ खेलने के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पार्किंग नंबर-6 का है, जहां आरोपी 52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगा रहे थे। खमतराई थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दीदी के ढाबा के पास कुछ लोग पार्किंग परिसर में बैठकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 2,52,520 रुपए नकद और 20 मोबाइल फोन जब्त किए। कुल जब्त माल की कीमत 5,02,520 रुपए आंकी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में टीम ने रेड की। नॉर्थ जोन क्षेत्र में असामाजिक तत्वों, जुआरियों और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे रायपुर के अलग-अलग इलाकों—धनेली, रावाभाठा, उरकुरा, बंजारी नगर, भनपुरी, खुडमुडी और दोन्देकला—के निवासी हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। पुलिस का दावा है कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों पर अंकुश लगेगा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।

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57 करोड़ की तीन मल्टीलेवल पार्किंग बेअसर: सुरक्षा और सिस्टम फेल, कमिश्नरेट के बाद रिपोर्ट तैयार

रायपुर शहर में करीब 57 करोड़ रुपये की लागत से बनी तीन मल्टीलेवल पार्किंग सुविधाएं उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर पा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था, पास सिस्टम और निगरानी की कमी के कारण लोग इन पार्किंग भवनों का उपयोग करने से बच रहे हैं। अब पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पहली बार इन पार्किंग व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जा रही है और पुख्ता बदलाव के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नगर निगम को यह सवाल परेशान कर रहा है कि सैकड़ों वाहनों की क्षमता होने के बावजूद लोग अपनी गाड़ियां सड़कों पर क्यों खड़ी कर रहे हैं। कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें पार्किंग शुल्क, पास सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों पर सुझाव मांगे गए हैं। सड़कों पर 2 घंटे में 87 हजार वाहन केंद्र सरकार की एजेंसी राइट्स के सर्वे के अनुसार, जिन इलाकों में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है, वहां हर दो घंटे में करीब 87 हजार वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। इसके बावजूद पार्किंग भवन खाली नजर आते हैं। एमजी रोड, सदर बाजार, जीई रोड, मालवीय रोड, गोल बाजार, कोतवाली चौक और रवि भवन जैसे इलाकों में सड़क किनारे पार्किंग की समस्या जस की तस बनी हुई है। तीनों पार्किंग की स्थिति कलेक्टोरेट पार्किंग (22 करोड़ रुपये)छह मंजिला इस पार्किंग में 406 कार और 140 दोपहिया वाहन खड़े करने की क्षमता है, लेकिन यहां रोजाना तोड़फोड़ और वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। जवाहर बाजार पार्किंग (20 करोड़ रुपये)यहां 246 कार और 400 दोपहिया वाहनों की क्षमता है, लेकिन रात में अंधेरा और प्रभावी निगरानी की कमी बड़ी समस्या है। स्थानीय कारोबारियों के दबदबे के कारण कई गाड़ियां बिना शुल्क के खड़ी की जा रही हैं। जयस्तंभ चौक पार्किंग (15 करोड़ रुपये)240 कार और 350 दोपहिया की क्षमता वाली इस पार्किंग में पास सिस्टम में गड़बड़ी है। एक पास पर कई गाड़ियां खड़ी होने और एंट्री-एग्जिट जांच के अभाव की शिकायतें मिल रही हैं। नए पार्किंग भवन की जरूरत राइट्स की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि शहर के व्यस्त इलाकों—एमजी रोड (शारदा चौक से गुरुनानक चौक), जीई रोड, सदर बाजार रोड, फाफाडीह से रेलवे स्टेशन चौक और कोतवाली चौक से फायर ब्रिगेड चौक—के बीच छोटे या मध्यम आकार के नए पार्किंग भवन बनाए जाएं, ताकि बाजार आने वाले लोग सड़क पर वाहन खड़े करने के बजाय पार्किंग सुविधा का उपयोग करें। “सिस्टम में बड़े बदलाव होंगे” नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के अनुसार, तीनों मल्टीलेवल पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए व्यापक योजना पर काम हो रहा है। सुरक्षा, निगरानी और शुल्क व्यवस्था में बदलाव कर इन्हें अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोग स्वेच्छा से यहां वाहन पार्क करें। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार पार्किंग सिस्टम को दुरुस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रस्तावित बदलाव ट्रैफिक जाम की समस्या को कितना कम कर पाते हैं।

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छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: पेशी से पहले मंदिर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिलाओं के लिए खास प्रावधान के संकेत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी साय सरकार का तीसरा बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। बजट पेश करने से पहले वे अपने सरकारी निवास स्थित मंदिर में पत्नी अदिति चौधरी के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचे। अदिति चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट महिलाओं के लिए विशेष रहेगा। पूजा के बाद वित्त मंत्री राम मंदिर के लिए रवाना हुए और वहां से सीधे विधानसभा पहुंचेंगे। बजट दोपहर 12:30 बजे पेश किया जाएगा। सीएम साय ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में पेश हो रहा यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के विजन को मजबूती देगा। बड़े ऐलानों की संभावना इस बार के बजट में कई बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें जल बोर्ड गठन, ‘जी राम जी’ (Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास, स्टार्टअप और MSME को प्रोत्साहन, तथा राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने जैसे प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। सरकार गुड गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासनिक सुधारों पर भी फोकस कर सकती है। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान संभव हैं। युवा, किसान और महिला वर्ग पर फोकस युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्टार्टअप नीति में नए प्रावधानों की घोषणा हो सकती है। MSME सेक्टर को निवेश प्रोत्साहन योजनाओं से मजबूती दी जा सकती है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई और कृषि अधोसंरचना में अतिरिक्त बजट का प्रावधान संभव है। महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूत करने के संकेत भी मिले हैं। आयुष्मान योजना और पीएम सूर्यघर योजना के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए तक का प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। राजधानी और ग्रामीण विकास मुख्यमंत्री राजधानी विकास योजना के तहत राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जी राम जी’ योजना के जरिए सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ा बजट रखा जा सकता है। खेल, संस्कृति और शिक्षा पर भी ध्यान शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में उनकी प्रतिमा स्थापना के लिए लगभग 1.86 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सारंगढ़ इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण और छोटे शहरों में खेल मैदान विकसित करने की योजना भी चर्चा में है। इसके अलावा जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए फंड जारी होने की संभावना है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन साधने वाला माना जा रहा है। अब सभी की नजरें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं।

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