Insights and Updates on Current Affairs

रायपुर: IGKV के शिवम छात्रावास में छत का प्लास्टर गिरा, कई छात्र घायल, सुरक्षा पर उठे सवाल

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के शिवम छात्रावास में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में कुछ छात्र घायल हो गए, जबकि कमरे में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लास्टर गिरते ही कमरा मलबे और धूल से भर गया। छात्र किसी तरह बाहर निकले, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कई छात्रों का निजी सामान इस घटना में खराब हो गया। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि छात्रावास की इमारत काफी समय से जर्जर हालत में है और इसकी जानकारी कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। छात्रों ने इस घटना को प्रशासन की लापरवाही बताते हुए पूरे हॉस्टल भवन का तकनीकी निरीक्षण कराने और जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पहले ही आवश्यक कदम उठाए गए होते तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। साथ ही छात्रावास की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

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Accident, Education, Raipur

रायपुर में 4.18 किलो गांजा के साथ ओडिशा का अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ओडिशा के एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 4.180 किलोग्राम गांजा और नकदी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि पंडरी थाना क्षेत्र के कापा स्थित माल धक्का रोड के पास एक व्यक्ति अपने बैग में गांजा लेकर बिक्री करने की फिराक में मौजूद है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्ध की पहचान की। पुलिस को देखकर वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मानस रंजन नाग निवासी ओडिशा बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 4.180 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा 500 रुपये नकद भी जब्त किए गए। जब्त किए गए गांजा और नकदी की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.09 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पंडरी थाना में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच जारी है।

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Crime, odisha, Raipur

रायपुर में सोलर पैनल लगाते समय करंट से 2 मजदूरों की मौत, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए

रायपुर के प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र में शनिवार को सोलर पैनल लगाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। मकान की छत पर काम कर रहे दो मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय प्रमोद चंद्राकर और 19 वर्षीय आशीष चंद्राकर के रूप में हुई है। दोनों दुर्ग जिले के औंधी गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, तीन मजदूर एक मकान की छत पर सोलर पैनल लगाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पैनल या उसे उठाने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण का संपर्क पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से हो गया। तेज करंट लगने से प्रमोद और आशीष गंभीर रूप से झुलस गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि तीसरा मजदूर सुरक्षित बच गया। सूचना मिलने पर पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद तीसरे मजदूर से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि हाईटेंशन लाइन के पास काम करते समय सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती जांच में हादसे की वजह बिजली का करंट लगना सामने आया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और सभी संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Accident, Raipur

रायपुर: कृषि विश्वविद्यालय के बॉयज़ हॉस्टल में छत का प्लास्टर गिरा, छात्र घायल; वार्डन पर छात्रों का फूटा गुस्सा

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बॉयज़ हॉस्टल में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। हॉस्टल के एक कमरे की छत से अचानक प्लास्टर का हिस्सा गिरने से एक छात्र घायल हो गया। छात्र को उसके साथियों ने तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। छत का प्लास्टर गिरने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मौजूद था, तभी छत का प्लास्टर अचानक उसके ऊपर आ गिरा। घटना के बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई और साथी छात्रों ने घायल छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वार्डन की गैरमौजूदगी पर छात्रों में नाराजगी घटना के बाद छात्रों ने हॉस्टल वार्डन के रवैये पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद वार्डन मौके पर नहीं पहुंचे। बताया गया कि उस समय वार्डन कृषि मंडपम में सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मौजूद थे। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति से मामले की जिम्मेदारी तय करने तथा हॉस्टल भवनों की सुरक्षा की जांच कराने की मांग की है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद हॉस्टल भवनों की स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि पुराने भवनों का समय-समय पर निरीक्षण और मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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Accident, Raipur

OBC छात्रों के लिए गोगांव खेल परिसर में प्रवेश का मौका, 6 जुलाई तक करें आवेदन

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं के लिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है। गोगांव स्थित खेल परिसर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 6 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि चयन के लिए 7 जुलाई को शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह प्रवेश प्रक्रिया उन OBC विद्यार्थियों के लिए है, जो खेल प्रतिभा को निखारना चाहते हैं और नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं। चयनित खिलाड़ियों को खेल परिसर में प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।

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Raipur, Sports, State, Top News

चार्ल्स शोभराज से प्रेरित ठग गिरफ्तार, 300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों को बना चुका है निशाना

देशभर के लग्जरी और 5 स्टार होटलों में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय आरोपी बिंगसन जॉन को रायपुर पुलिस ने ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 10 राज्यों के 300 से अधिक होटलों को अपना निशाना बना चुका है। शुरुआती दौर में वह एक होटल में वेटर के रूप में काम करता था, लेकिन बाद में फर्जी पहचान के जरिए महंगे होटलों में ठहरकर ठगी करने लगा। रायपुर के हयात होटल में की थी ठगी पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को रायपुर के तेलीबांधा स्थित हयात होटल में ठहरा था। 27 जून को वह बिना चेक-आउट किए होटल से फरार हो गया। उसने होटल का ₹63,755 का बिल नहीं चुकाया और करीब ₹1.48 लाख कीमत का किराए पर लिया गया लैपटॉप भी अपने साथ ले गया। होटल प्रबंधन द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद होटल की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। 72 घंटे में भुवनेश्वर से गिरफ्तारी तकनीकी जांच और होटल में जमा दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया। 300 से अधिक होटलों में कर चुका है ठगी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 1990 से अब तक वह देशभर के 300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार वह पहली बार वर्ष 1996 में तिहाड़ जेल गया था और अब तक विभिन्न राज्यों की जेलों में करीब 15 साल बिता चुका है। अलग-अलग पहचान बनाकर करता था वारदात जांच में सामने आया कि बिंगसन जॉन खुद को कभी विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योग प्रशिक्षक बताकर महंगे होटलों में कमरा बुक करता था। कई दिनों तक होटल की सुविधाओं का लाभ उठाने के बाद वह बिना बिल चुकाए होटल का सामान लेकर फरार हो जाता था। चार्ल्स शोभराज से था प्रभावित पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था। इसी कारण उसने लोगों को धोखा देने और फर्जी पहचान के जरिए ठगी करने के कई तरीके अपनाए। तमिलनाडु का रहने वाला है आरोपी बिंगसन जॉन तमिलनाडु के तूतीकोरिन का निवासी है। रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब अन्य राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। कौन है चार्ल्स शोभराज? चार्ल्स शोभराज को दुनिया भर में “बिकिनी किलर” के नाम से जाना जाता है। उस पर 1975 से 1980 के बीच थाईलैंड, भारत, नेपाल, अफगानिस्तान, ईरान और हॉन्गकॉन्ग सहित कई देशों में लूट, धोखाधड़ी और 20 से अधिक हत्याओं के आरोप लगे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे अधिक हत्याएं उसने थाईलैंड में की थीं।

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Raipur

नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध, सीएम का पुतला दहन करेगी पार्टी

रायपुर जिले के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 85 मकानों को तोड़े जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन करने का फैसला किया है। पार्टी ने सभी जिलों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन करने और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ने बारिश के मौसम में कार्रवाई कर कई परिवारों को बेघर कर दिया। पार्टी का कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए लोगों के मकान गिराना मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है और इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने तथा आजीविका का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के आशियाने तोड़ रही है, लेकिन उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करेगी। इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास और राहत की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय और पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए सभी जिला और ब्लॉक इकाइयों को विरोध प्रदर्शन की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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protest, Raipur

दुर्ग में जल संसाधन विभाग का बाबू ₹10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शिव कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विभाग में कार्यरत कर्मचारी नंदकुमार ने अपने बेटे की शादी के लिए सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते से ₹5 लाख निकालने का आवेदन दिया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने ₹10 हजार की रिश्वत मांगी। रिश्वत की मांग से परेशान कर्मचारी ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹10 हजार की रिश्वत दी, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। बताया जा रहा है कि रायपुर से पहुंची ACB टीम ने इस ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। आरोपी को आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के लिए दुर्ग स्थित सर्किट हाउस लाया गया है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। ACB अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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Bhilai / Durg

स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने की दी छूट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने से जुड़े सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका फिलहाल खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि संबंधित आदेश का स्कूलों में वास्तव में पालन किया जा रहा है। यह याचिका पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार के आदेश को संविधान के विरुद्ध बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के अनुसार, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि केवल आदेश जारी होने के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। जब तक यह साबित न हो कि आदेश लागू किया जा रहा है, तब तक अदालत राहत देने का आधार नहीं मान सकती। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल में आदेश के पालन के ठोस साक्ष्य, जैसे वीडियो, फोटो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उन्हें रिकॉर्ड के साथ नई याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल इस फैसले के बाद स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े सरकारी आदेश पर कानूनी रोक नहीं लगी है। हालांकि, यदि भविष्य में आदेश के क्रियान्वयन के प्रमाण सामने आते हैं, तो यह मामला फिर से न्यायालय के समक्ष लाया जा सकता है.

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Bilaspur, GOVERNMENT, State, Top News

रायपुर एयरपोर्ट की जमीन पर किसान का दावा, सुप्रीम कोर्ट में ₹3500 करोड़ मुआवजे की मांग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की जमीन को लेकर एक पुराना विवाद फिर चर्चा में है। रायपुर निवासी किसान अश्विनी बांधे का दावा है कि एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और आसपास का हिस्सा उनके पूर्वजों की जमीन पर बना है। उनका कहना है कि वर्ष 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने यह जमीन अस्थायी रूप से सैन्य जरूरतों के लिए ली थी, जिसे युद्ध समाप्त होने के बाद वापस किया जाना था। अश्विनी बांधे पिछले करीब 35 वर्षों से इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जून 2026 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लगभग ₹3,500 करोड़ के मुआवजे की मांग की है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उनके दावे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और मामला विचाराधीन है। बांधे के अनुसार, उनके परिवार की करीब 30 एकड़ 18 डिसमिल जमीन माना क्षेत्र में थी, जिसे ब्रिटिश शासन के दौरान डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट के तहत अधिग्रहित किया गया था। उनका दावा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद यह कानून समाप्त हो गया था, इसलिए जमीन वापस मिलनी चाहिए थी। किसान का कहना है कि हाल ही में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी में उन्हें ऐसे सरकारी रिकॉर्ड मिले, जिनमें उनके पूर्वजों की जमीन का उल्लेख है। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी प्राप्त की हैं, जिन्हें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपने दावे के समर्थन में प्रस्तुत किया है। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि विभाग के अभिलेखों में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान माना एयरफील्ड के लिए अधिग्रहित जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित हैं, जिनमें कई किसानों और भू-स्वामियों के नाम दर्ज हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों से किसी के स्वामित्व या मुआवजे के दावे पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अश्विनी बांधे का कहना है कि अधिग्रहण के बाद समय पर मुआवजा नहीं मिलने और ब्याज सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के आधार पर उन्होंने करीब ₹3,500 करोड़ का दावा किया है। उनका यह भी कहना है कि नवा रायपुर क्षेत्र की कुछ अन्य जमीनों को लेकर भी अलग-अलग विवाद लंबित हैं। नोट: यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। किसान द्वारा किए गए दावे पर अभी न्यायालय का अंतिम फैसला आना बाकी है। संबंधित सरकारी विभागों का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

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