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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए गठित उच्चस्तरीय समिति गोवा और उत्तराखंड में लागू यूसीसी के प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करेगी। साथ ही गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर बनी समितियों की रिपोर्ट और अनुभवों का भी विश्लेषण किया जाएगा, ताकि राज्य के लिए एक उपयुक्त मसौदा तैयार किया जा सके। समिति की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। उनके साथ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल हैं। अध्ययन के दौरान विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गोवा और उत्तराखंड में लिव-इन संबंधों से जन्मे बच्चों को कानूनी अधिकार और संपत्ति में हिस्सेदारी देने जैसे प्रावधान मौजूद हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर छत्तीसगढ़ के लिए संभावित कानून तैयार किया जाएगा। राज्य में बड़ी आदिवासी आबादी को देखते हुए समिति यह भी जांच करेगी कि संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत संरक्षित जनजातीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रथागत कानूनों की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है। उत्तराखंड की तरह छत्तीसगढ़ में भी अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी के कुछ प्रावधानों से आंशिक या पूर्ण छूट देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। गोवा सिविल कोड के तहत पति-पत्नी को एक-दूसरे की संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त हैं। तलाक की स्थिति में पत्नी को संपत्ति में बराबरी का हिस्सा मिल सकता है। माता-पिता की संपत्ति में बेटियों और बेटों को समान अधिकार दिए गए हैं। सामान्य रूप से एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं है, हालांकि हिंदू समुदाय से जुड़ा एक पुराना अपवाद कानून में मौजूद है, जिसे राज्य सरकार अब अप्रासंगिक मानती है और दशकों से इसका उपयोग नहीं हुआ है। वहीं उत्तराखंड यूसीसी कानून में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार संबंधी समान नियम बनाए गए हैं। बहुविवाह और एकतरफा तलाक पर रोक, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, बेटा-बेटी को समान संपत्ति अधिकार और धर्मनिरपेक्ष गोद लेने की व्यवस्था इसके प्रमुख प्रावधान हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता का मार्ग पहले ही निर्धारित किया था और अब छत्तीसगढ़ भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि समिति सभी वर्गों से चर्चा कर सुझावों के आधार पर मसौदा तैयार करेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस पहल पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का कहना है कि यूसीसी भारत जैसे विविधता वाले देश के लिए एक जटिल विषय है। उनके अनुसार यह सभी समुदायों के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं हो सकता और सरकार इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ा रही है।

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रायपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और गहराई, प्रोफेसर बनने के बाद 17 शिक्षकों का हुआ तबादला

रायपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी लगातार बनी हुई है। हाल ही में 21 डॉक्टरों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया, लेकिन इनमें से 17 डॉक्टरों का विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तबादला कर दिया गया। इससे पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 417 में से 166 पद अब भी खाली मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के कुल 417 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 166 पद अभी भी रिक्त हैं। वर्तमान में 251 डॉक्टर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इनमें 156 नियमित और 95 संविदा पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और पीजी सीटों की संख्या पर पड़ता है। पहले भी घट चुकी हैं पीजी सीटें शिक्षकों की कमी का असर पहले भी देखने को मिला है। वर्ष 2025 में सर्जरी विभाग में पर्याप्त फैकल्टी नहीं होने के कारण पीजी की दो सीटें कम करनी पड़ी थीं। ऐसे में यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में अन्य विभाग भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में भी स्टाफ की कमी केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज भी फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और एक सरकारी डेंटल कॉलेज में कुल 1,934 स्वीकृत शिक्षकों के पद हैं, जिनमें से 985 पद खाली हैं। यानी लगभग 51 प्रतिशत पदों पर अब भी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और बिलासपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की स्थिति भी चिंताजनक है। दोनों संस्थानों में कुल 139 स्वीकृत पदों में से 81 पद खाली हैं, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। ढाई साल में 100 से अधिक डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित रहने के कारण कई डॉक्टर सरकारी सेवा छोड़ चुके हैं। पिछले करीब ढाई वर्षों में आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस अस्पताल से 100 से अधिक डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से कई डॉक्टर बेहतर अवसर मिलने पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों में कार्यरत हो गए। इन विभागों के डॉक्टरों का हुआ तबादला पदोन्नति के बाद जिन डॉक्टरों का तबादला किया गया है, वे फॉरेंसिक मेडिसिन, फार्माकोलॉजी, एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन, गायनिक, ईएनटी, सर्जरी, दंत रोग, एनेस्थीसिया, चर्म रोग और रेडियोथेरेपी विभाग से जुड़े हैं। इनकी नई पदस्थापना कवर्धा, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, महासमुंद, दुर्ग, कांकेर और बिलासपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की गई है.

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रायपुर की छात्रा महिमा राजपूत अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ShaktiSAT के लिए चयनित, बनाएंगी सैटेलाइट

रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन वैश्विक स्पेस मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए हुआ है। कई चरणों वाली ऑनलाइन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करने के बाद महिमा नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं और अब भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। महिमा का चयन देशभर से आए हजारों आवेदनों के बीच लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया गया। इस मिशन में दुनिया के 108 देशों की छात्राएं भाग लेंगी और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेष प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी। अगस्त 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली आठ दिवसीय ShaktiSAT वर्कशॉप में महिमा हिस्सा लेंगी। इस दौरान उन्हें सैटेलाइट डिजाइन, स्पेस टेक्नोलॉजी और मिशन प्लानिंग की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्राएं वास्तविक स्पेस प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव प्राप्त करेंगी। 23 अगस्त से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों की छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट तैयार करेंगी। इनमें से एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की योजना है, जबकि दूसरा चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए विकसित किया जाएगा। मिशन के तहत तैयार किए गए सैटेलाइट्स को अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित ISRO के लॉन्च पैड से अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। यह अवसर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। महिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन और जिला प्रशासन को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी शिक्षिका योगेश्वरी लहरी और विद्यालय की प्राचार्य जॉली साहू के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। महिमा की रुचि पेंटिंग और कहानी लेखन में है, जबकि भविष्य में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना चाहती हैं। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। ShaktiSAT मिशन का उद्देश्य दुनिया भर की छात्राओं को स्पेस साइंस, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है। यह पहल विशेष रूप से STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने और भविष्य के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, ट्रांसफर पॉलिसी और अनुपूरक बजट पर लग सकती है मुहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जा रही है। सबसे ज्यादा ध्यान नई स्थानांतरण नीति, विधानसभा के आगामी मानसून सत्र और चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट पर केंद्रित है। जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक में 13 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही सरकार अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कई संशोधन विधेयकों के प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग की तैयारियों तथा धान सहित अन्य फसलों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय नई स्थानांतरण नीति मानी जा रही है। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि कैबिनेट नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी देती है, तो प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर तबादलों का रास्ता खुल सकता है। इसके अलावा वित्तीय मामलों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे विभिन्न विभागों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधानसभा मानसून सत्र, किसानों से जुड़े मुद्दे, प्रशासनिक फेरबदल और वित्तीय निर्णयों को देखते हुए साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर राजनीतिक, प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों की विशेष नजर बनी हुई है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सियासत गरम, फोटो नहीं होने पर विधायक ईश्वर साहू ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों नागरिकों ने सामूहिक योग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा और जीवन पद्धति है, जिसकी शुरुआत ऋषि-मुनियों ने की थी। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बीच बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ईश्वर साहू कार्यक्रम के दौरान नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए पोस्टर और फ्लेक्स में उनकी तस्वीर नहीं लगाई गई थी। इससे नाराज होकर उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उनके समर्थकों ने भी इस पर आपत्ति जताई। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अंबिकापुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का प्रशिक्षण कार्यक्रम उसका आंतरिक विषय है, लेकिन राहुल गांधी जहां जाते हैं, उसका परिणाम सभी जानते हैं। वहीं राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। मनेंद्रगढ़ में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने योगाभ्यास करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक पहचान बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से इसे विश्व स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। इस अवसर पर लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नागाइच समेत अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।

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दुर्ग में आज NEET री-एग्जाम, 19 परीक्षा केंद्रों पर हाई अलर्ट; जैमर, CCTV और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की व्यवस्था

दुर्ग जिले में आज आयोजित होने वाली NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जिले के सभी 19 परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जैमर लगाए गए हैं, जबकि हर परीक्षा कक्ष में CCTV कैमरे स्थापित किए गए हैं। परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम से इन कैमरों की लाइव निगरानी की जाएगी। इस बार परीक्षा के नियमों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। साथ ही अभ्यर्थियों को रफ वर्क के लिए पहले की तुलना में अधिक रफ शीट्स उपलब्ध कराई जाएंगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को नया री-नीट एडमिट कार्ड की दो प्रिंटेड प्रतियां, एक अतिरिक्त पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। ड्रेस कोड के तहत अभ्यर्थियों को हल्के रंग के और आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। अधिक जेब वाले कपड़े, फुल स्लीव शर्ट, भारी आभूषण, हाई हील वाले जूते और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा जांच को आसान बनाने के लिए चप्पल या लो-हील सैंडल पहनने की सलाह दी गई है। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को एडमिट कार्ड में दिए गए समय के अनुसार केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा चार एंबुलेंस भी रिजर्व रखी गई हैं। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेट, ऑब्जर्वर और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए अलग टीम बनाई गई है। यह टीम इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी। पेपर लीक या भ्रामक जानकारी से जुड़ी किसी भी पोस्ट पर तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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अभनपुर में राहुल गांधी का 4 घंटे का दौरा, प्रशिक्षण शिविर से पहले भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi आज एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में वे करीब चार घंटे तक मौजूद रहेंगे और जिला व शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक Purandar Mishra ने राहुल गांधी के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को क्या सिखाने आ रहे हैं और व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या वे “आलू से सोना निकालने” जैसी बातें सिखाएंगे। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक Vikas Upadhyay ने भाजपा विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दौरा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से है। अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में कांग्रेस का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार से शुरू हो चुका है। संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान कांग्रेस नेताओं को गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करने, मनरेगा की जमीनी स्थिति समझने, नशे की समस्या पर चर्चा करने तथा स्थानीय सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा योग, मार्शल आर्ट्स, व्यक्तित्व विकास, संगठन प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग, जनसंपर्क और बूथ प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राहुल गांधी अपने विशेष सत्र में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, भाजपा के खिलाफ राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनावों की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे। शिविर में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होकर विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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भिलाई आ रहे हैं सोनू सूद, 27 जून को होगा SSCC Annual Meet 2026 का भव्य आयोजन

भिलाई। समाज सेवा और मानवता के कार्यों के लिए देशभर में पहचान बना चुके अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद 27 जून 2026 को भिलाई पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर सोनू सूद चैरिटी क्लब भिलाई द्वारा आयोजित SSCC Annual Meet 2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। क्लब की प्रमुख दीक्षा नागदेवे ने बताया कि यह आयोजन केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी को समर्पित एक विशेष पहल है। पिछले दो वर्षों से क्लब दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में जरूरतमंद और वंचित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रहा है। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में सोनू सूद की विशेष उपस्थिति रहेगी, जिससे क्लब के सदस्यों और क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम में समाज सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्लब की 60 से अधिक सदस्यों की टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। कई स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजन समिति ने सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सेवा कार्यों में रुचि रखने वाले नागरिकों से इस आयोजन से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की है।

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कोरिया में रेत कारोबार विवाद बना खूनी संघर्ष: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, फॉर्च्यूनर में जिंदा जलाने का आरोप

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित रूप से जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इस हमले में कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, रेत घाट के संचालन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि देर रात कुछ लोगों ने लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर रोक दिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। घटना के दौरान कार में भरत सिंह, नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह और अन्य लोग सवार थे। भरत सिंह आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अन्य लोग किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे। आरोप है कि बाहर निकलने के बाद उन पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया। हमले में विरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके गले पर फरसे से वार किया गया था। इलाज के दौरान अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। वहीं 80 प्रतिशत तक झुलसे नागेंद्र सिंह ने रायपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना में मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का उपचार जारी है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनोज त्रिपाठी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतक के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था और इसी तनाव के चलते यह हिंसक घटना सामने आई।

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CCPL-3 Champion: बिलासपुर बुल्स ने जीता खिताब, फाइनल में रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराया

रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का खिताब बिलासपुर बुल्स ने अपने नाम कर लिया है। रविवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए। टीम की ओर से नयन चव्हाण ने सर्वाधिक 41 रन बनाए, जबकि संगीत सोनी ने 32, आलोक साहू ने 25 और दीपक यादव ने 22 रन का योगदान दिया। बिलासपुर बुल्स के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारत गोंडवानी ने 3 विकेट हासिल किए, जबकि वरुण सिंह भुई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। 161 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने केवल 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। विकल्प तिवारी और पवन परनाते ने 29-29 रन बनाए, जबकि आयुष पांडे ने 33 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। रायगढ़ लायंस की ओर से प्रवीण कुमार यादव और शुभम अग्रवाल को एक-एक विकेट मिला, लेकिन उनकी कोशिशें टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहीं। फाइनल मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट लेने वाले भारत गोंडवानी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बिलासपुर बुल्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और बिना कोई मैच गंवाए CCPL सीजन-3 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

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