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25 मीटर के पूल में तैयारी, 50 मीटर में मुकाबला: सपना कोरसा ने हारकर भी जीता सबका दिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 12 साल की सबसे छोटी तैराक, बड़े खिलाड़ियों से मुकाबले के बावजूद दिखाई जबरदस्त हिम्मत छत्तीसगढ़ को पहले दिन 2 मेडल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने शानदार शुरुआत करते हुए 2 मेडल अपने नाम किए। 12 साल की सपना बनी चर्चा का केंद्र मेडल भले ही न जीत सकीं, लेकिन 200 मीटर फ्री-स्टाइल में हिस्सा लेने वाली सपना कोरसा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।सिर्फ 12 साल की सपना इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की तैराक रहीं और बीजापुर की रहने वाली हैं। जब सभी फिनिश कर चुके थे, सपना अकेली तैर रही थीं रेस की शुरुआत में सपना ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन जल्द ही पीछे रह गईं। करीब डेढ़ से ढाई मिनट तक सपना अकेले पूल में तैरती रहीं। दर्शकों को लगा कि वह बीच में रेस छोड़ सकती हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिनिश लाइन तक पहुंचीं। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया और तालियों से उनका स्वागत किया गया। सपना का जज्बा: खुद से मुकाबला सपना ने कहा कि पीछे रह जाने के बाद उनका मुकाबला किसी और से नहीं, बल्कि खुद से था।अगर वह बीच में रुक जातीं, तो खुद से हार जातीं। उनका मानना है कि बेहतर तैयारी मिलती तो वह मेडल भी जीत सकती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि सपना के पिता किसान हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। आधे आकार के पूल में की प्रैक्टिस सपना जिस पूल में अभ्यास करती हैं, वह सिर्फ 25 मीटर लंबा है, जबकि नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं 50 मीटर के पूल में होती हैं। रायपुर के इंटरनेशनल पूल में उन्हें ज्यादा प्रैक्टिस का मौका भी नहीं मिला। सिर्फ एक बार ही वह वहां अभ्यास कर सकीं। कोच और सुविधाओं की चुनौती कोच दीप्ती वर्मा के मार्गदर्शन में सपना ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल स्तर तक का सफर तय किया।डाइट, ट्रेनिंग और सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा। निष्कर्ष सपना कोरसा ने भले ही मेडल नहीं जीता, लेकिन अपने जज्बे, संघर्ष और हिम्मत से यह साबित कर दिया कि असली जीत हार में भी छिपी होती है।

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बिजली विभाग के नाम पर ठगी: नर्सिंग ऑफिसर से 1.64 लाख की साइबर फ्रॉड

राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एम्स में कार्यरत एक नर्सिंग ऑफिसर को ठगों ने बिजली कंपनी का कर्मचारी बनकर निशाना बनाया और उनके खाते से 1.64 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित हरकेश सिंह यादव (36) हीरापुर स्थित हर्षित विहार के निवासी हैं और सरोना में नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। 25 मार्च को उनके घर पर मीटर लगाया गया और अगले ही दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है।APK फाइल बना ठगी का जरिया ठग ने भरोसा जीतने के लिए मीटर का असली BP नंबर भी बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर डिटेल भरने को कहा। वेरिफिकेशन के नाम पर पहले 13 रुपए जमा करवाए गए। जैसे ही पीड़ित ने अपने HDFC Bank क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरी, उनके खाते से लगातार ट्रांजेक्शन शुरू हो गए। किन कंपनियों में ट्रांसफर हुए पैसे आमानाका पुलिस के अनुसार ठगों ने पीड़ित के खाते से रकम निकालकर Blinkit और Apple के अकाउंट में ट्रांसफर की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। साइबर ठगी के इस केस में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगों को मीटर की जानकारी कैसे मिली। कैसे रहें सावधान किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें वेरिफिकेशन के नाम पर मांगी गई जानकारी साझा करने से बचें बैंक डिटेल्स या OTP किसी से साझा न करें

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छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर हंगामा: भूपेश बघेल और बीजेपी आमने-सामने, सोशल मीडिया पर मीम्स और शिकायतों की बाढ़

सिलेंडर की कमी के दावों के बीच राजनीति तेज, लोगों ने शेयर किए लंबी कतारों और देरी के वीडियो छत्तीसगढ़ के कई बड़े शहरों जैसे रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, खाली सिलेंडर और इंतजार करते उपभोक्ता नजर आ रहे हैं।सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और मीम्स फेसबुक, इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स लगातार अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। कई लोग मीम्स और वीडियो के जरिए सिस्टम पर तंज कस रहे हैं। मीम्स में सिलेंडर को ‘कीमती सामान’ बताया जा रहा है कुछ पोस्ट में दिखाया गया कि लोग कई दिनों तक लाइन में खड़े हैं एआई वीडियो में सिलेंडर और इंडक्शन चूल्हे की बातचीत दिखाई गई कुछ यूजर्स ने लकड़ी और कंडों से खाना बनाने की बात कही भूपेश बघेल बनाम बीजेपी: सोशल मीडिया पर वार-पलटवार भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि लोगों को गैस सिलेंडर मिल रहा है या नहीं। उनके इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने जवाब दिया कि उन्हें सिलेंडर मिल रहा है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने बघेल के पोस्ट को शेयर करते हुए दावा किया कि जनता ने खुद सच्चाई बता दी है। जवाब में बघेल ने एक वीडियो पोस्ट कर ऐसे कमेंट्स दिखाए जिनमें लोगों ने सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत की। वायरल वीडियो और जमीनी हालात तिल्दा-नेवरा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग अपने सिलेंडर कार्ड जमीन पर रखकर नंबर लगाते हुए छांव में इंतजार करते दिखे। भिलाई और दुर्ग से भी कई पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें यूजर्स ने बताया कि बुकिंग के 8–10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा और एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एआई कंटेंट के जरिए विरोध इस पूरे मुद्दे में एआई से बनाए गए वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये कंटेंट लोगों के गुस्से और व्यंग्य दोनों को दर्शा रहे हैं। प्रशासन का दावा: स्थिति सामान्य जहां एक तरफ लोग परेशानी बता रहे हैं, वहीं प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गैस की सप्लाई सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल जाएगा। निष्कर्ष गैस सिलेंडर को लेकर छत्तीसगढ़ में बनी स्थिति अब सिर्फ सप्लाई का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया ट्रेंड का बड़ा विषय बन चुकी है। एक ओर लोग अपनी परेशानी जाहिर कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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मूकबधिर युवती से दुष्कर्म: इशारों और गुड़िया से दी गवाही को हाईकोर्ट ने माना, आरोपी रिश्तेदार को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी रिश्तेदार को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने उसे जीवनभर के लिए कारावास (मृत्यु तक) की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब युवती घर में अकेली थी और आरोपी ने घर में घुसकर अपराध को अंजाम दिया था। घटना बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र की है। पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसने घटना के बाद अपनी मां को इशारों के माध्यम से पूरी बात बताई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नीलम कुमार देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। अदालत में बयान दर्ज करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पीड़िता जन्म से ही मूक-बधिर है। सुनवाई के दौरान साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ की सहायता ली गई। जब कुछ तथ्यों को समझाने में कठिनाई हुई, तो कोर्ट ने एक प्लास्टिक की गुड़िया उपलब्ध कराई। पीड़िता ने उसी के जरिए संकेतों में बताया कि उसके साथ क्या हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने इस गवाही को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को पहले ही सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि केवल किसी व्यक्ति के मूक-बधिर होने से उसकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के जरिए दी गई जानकारी भी कानून की नजर में मौखिक साक्ष्य मानी जाती है। साथ ही मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी अपराध की पुष्टि की। जांच में पीड़िता और आरोपी से जुड़े नमूनों में मानव शुक्राणु मिलने की बात सामने आई थी, जिसका आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। हाईकोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) के तहत मृत्यु तक आजीवन कारावास और धारा 450 के तहत अतिरिक्त पांच वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है और उसे पूरी सजा भुगतनी होगी। c

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हाईवे किनारे अवैध कट पर कार्रवाई तय: 320 ढाबे-होटल के एंट्री-एग्जिट बंद होंगे, FIR की तैयारी

नेशनल हाईवे के किनारे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। टाटीबंध-आरंग और रायपुर-सिमगा मार्ग के बीच करीब 320 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन्होंने बिना अनुमति सीधे हाईवे से प्रवेश और निकास के रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। अब NHAI जिला पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कट और रास्तों को बंद किया जाएगा, सड़क किनारे कंक्रीट क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अप्रैल महीने से अभियान शुरू कर अवैध प्रवेश-निकास समाप्त करने की योजना बनाई गई है। हाईवे पर सीधे वाहनों की आवाजाही को दुर्घटनाओं की बड़ी वजह माना जा रहा है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के बीच अचानक प्रवेश करने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। कार्रवाई के बाद ब्लाइंड एंट्री खत्म होगी, ट्रैफिक सुचारु रहेगा और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। नियमों के मुताबिक नेशनल हाईवे से कम से कम 30 मीटर दूरी के बाद ही निर्माण की अनुमति होती है और प्रवेश-निकास केवल तय स्थानों से ही होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता में कई प्रतिष्ठानों से सीधे हाईवे पर वाहन चढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। NHAI का कहना है कि हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

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रामनवमी पर छत्तीसगढ़ में भक्ति की धूम: रायपुर से 100 देशों में हनुमान चालीसा लाइव, कई शहरों में भव्य आयोजन

रामनवमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। राजधानी रायपुर में हनुमान चालीसा महापाठ का विशाल आयोजन होगा, जिसका सीधा प्रसारण दुनिया के लगभग 100 देशों में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु एक ही समय पर सामूहिक रूप से पाठ में शामिल होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम श्री हनुमान महापाठ समिति द्वारा लगातार 18वें वर्ष किया जा रहा है। संस्कार टीवी के माध्यम से इसका लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार देशभर के करीब 2000 स्थानों पर भी श्रद्धालु एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, जिससे आयोजन को वैश्विक स्वरूप मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे भजन संध्या से होगी, जिसमें भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शाम 7 बजे से सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद रात 9 बजे जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ पंडित विजय शंकर मेहता “कुमति निवार सुमति के संगी” विषय पर मार्गदर्शन देंगे। दुर्ग में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराने श्री राम पंचायती मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां 108 परिक्रमा, रामायण पाठ और महाआरती के साथ लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। रायगढ़ में रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 54 समाजों और 60 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मार्ग में एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी, जबकि नगर निगम सफाई व्यवस्था संभालेगा। कार्यक्रम का समापन रामलीला मैदान में महाआरती और विशाल भंडारे के साथ होगा। कोरबा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है, वहीं अंबिकापुर के प्राचीन राम मंदिर में राजपरिवार के सदस्य विशेष पूजा करेंगे। इसके अलावा दुर्ग के चंडी मंदिर के पास स्थित करीब 650 वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर (बड़ा मठ) का भी ऐतिहासिक महत्व है। प्राचीन समय में यह स्थान साधु-संतों की तपोभूमि माना जाता था। भोसले शासकों ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावली का पानी आज भी कभी नहीं सूखता, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने 200 मीटर तैराकी में जीता गोल्ड, छत्तीसगढ़ की अनुष्का को सिल्वर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में महिला वर्ग की 200 मीटर स्विमिंग प्रतियोगिता में ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक अंजलि मुंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अंजलि ने फाइनल में 2:53.82 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इवेंट में छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने भी अपनी शानदार प्रतिस्पर्धा दिखाई और 2:59.33 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वहीं, महाराष्ट्र की तन्वी सुखदेवो धुर्वे तीसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में ओडिशा की ही अंजलि मलिक ने 3:06.13 मिनट के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पूर्ण परिणाम (टॉप पोजीशन) अंजलि मुंडा का करियर और प्रदर्शन अंजलि मुंडा ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली हैं। पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्राइबल गेम्स में यह गोल्ड उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस जीत ने ओडिशा के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्विमिंग का रोमांच स्विमिंग पूल में पहले दिन कई राज्यों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन 15 साल की अंजलि मुंडा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। युवा खिलाड़ियों का यह उत्साह और मेहनत आगामी खेलों में उनकी सफलता की संभावनाओं को और बढ़ा रही है। अनुष्का भगत के सिल्वर प्रदर्शन ने भी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया। उनका समय लगभग 2:59 मिनट रहा, जो युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा पैदा करता है। इस वर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में खेलों की प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और ये मुकाबले उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे। इस शानदार स्विमिंग फाइनल ने दर्शकों और प्रतियोगियों दोनों के लिए रोमांचक क्षण पैदा किए। अंजलि मुंडा की जीत ने साबित कर दिया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में कड़ी मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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सीनियर IPS रतन लाल डांगी निलंबित: SI की पत्नी ने लगाए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर IPS रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई SI की पत्नी द्वारा डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद की गई। गृह (पुलिस) विभाग ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच लंबित होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच महीने पहले ही डांगी को IG के पद से हटा दिया गया था। निलंबन के बाद उन्हें मुख्यालय, नया रायपुर PHQ पर तैनात किया गया है। आदेश के अनुसार, डांगी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। शिकायत की पृष्ठभूमि पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2017 में उनकी पहली मुलाकात डांगी से कोरबा में हुई थी, जब डांगी वहां SP के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक बातचीत सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी, जो आगे बढ़ती गई। इसके बाद डांगी ने दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वीडियो कॉल के जरिए उन्हें योग सिखाने का प्रस्ताव दिया। राजनांदगांव और सरगुजा में IG बनने के बाद पीड़िता ने बताया कि डांगी ने उन्हें कथित रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर IG के पद पर रहते हुए उत्पीड़न की घटनाएँ और बढ़ गईं। खाली बंगले में बुलाने और धमकी देने का आरोप शिकायत में महिला ने कहा कि IPS डांगी अक्सर उन्हें अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में खाली बंगले में बुलाते थे। अगर वह नहीं जातीं, तो उन्हें तबादले की धमकी दी जाती थी। चंद्रखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी डांगी वीडियो कॉल के माध्यम से सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क बनाए रखने का दबाव डालते थे। महिला ने यह भी दावा किया कि उनके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। जांच और नियमावली जारी आदेश के अनुसार, रतन लाल डांगी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी है। इस दौरान उनके आचरण को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। निलंबन का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखना है। इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।

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अहमदाबाद के ठगों का कॉल सेंटर सिंडिकेट फूटा, मास्टरमाइंड की तलाश में रायपुर पुलिस

रायपुर पुलिस ने मंगलवार-रविवार की रात को बड़े इंटरस्टेट ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। दो प्रमुख कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर पुलिस ने कुल 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह खुलासा हुआ कि पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड अहमदाबाद के शातिर ठग हैं, जिनके नाम विकास शुक्ला और संजय शर्मा हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के लिए सक्रिय कार्रवाई कर रही है। किराए पर लिए गए ऑफिस और फ्लैट अभियुक्तों ने रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और अंजनी टावर में कॉल सेंटर चलाने के लिए ऑफिस किराए पर लिया था। इसके अलावा ‘पाम बेलागियो’ में एक लग्जरी फ्लैट भी किराए पर लिया गया था। मास्टरमाइंड खुद रायपुर में स्थायी रूप से नहीं रहते थे। वे कुछ दिनों के अंतराल पर आते, मैनेजरों को निर्देश देते और फिर वापस अहमदाबाद लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय ठगी का तरीका पूरी योजना अमेरिका के समय के अनुसार तैयार की गई थी। कॉल सेंटर के कर्मचारी रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सक्रिय रहते थे, क्योंकि उस समय अमेरिका में दिन होता है। आरोपियों के पास व्हाट्सऐप के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा आता था, जिनके पास अमेरिका के चार बड़े बैंकों से लोन थे। कॉल करने के बाद उन्हें डराया जाता था कि उनका CIBIL स्कोर खराब हो गया है या किस्त जमा नहीं हुई। इसके बाद खाते की जानकारी लेकर चाइनीज ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक जनरेट कर लाखों डॉलर की ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर प्रभारियों और वेतन संरचना पुलिस ने कॉल सेंटर के तीन मुख्य प्रभारियों को भी गिरफ्तार किया है। इसमें रोहित यादव, सौरभ सिंह और गौरव यादव शामिल हैं। रोहित यादव और सौरभ सिंह पिथालिया कॉम्प्लेक्स के मैनेजर थे, जबकि गौरव यादव अंजनी टावर में संचालित कॉल सेंटर का प्रभारी था।जांच में यह भी सामने आया कि इन प्रभारियों को लगभग 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। कॉल करने वाले युवाओं को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता था। हिंदी स्क्रिप्ट से अंग्रेजी कॉलिंग जांच में यह भी पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी केवल 12वीं पास थे और उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान नहीं था। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कागज पर हिंदी में लिखी अंग्रेजी स्क्रिप्ट दी जाती थी। कर्मचारी उसी स्क्रिप्ट को पढ़कर अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करते थे। यदि कोई ग्राहक कठिन या तकनीकी सवाल पूछता, तो कॉल तुरंत सीनियर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। युवाओं को इस ठगी के लिए दो महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस का कहना है कि यह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ठगी का नेटवर्क बहुत संगठित था, और इसके मास्टरमाइंड को पकड़ना प्राथमिकता है। मकान-मालिकों और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।

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छत्तीसगढ़ में एलपीजी सुरक्षा और वितरण व्यवस्था में कड़ा कदम: पुलिस और होमगार्ड करेंगे निगरानी

छत्तीसगढ़ सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने गुरुवार को ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। अब एलपीजी वितरण केंद्रों और गोदामों की निगरानी पुलिस और होमगार्ड के जवान करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामा न हो। बैठक में बढ़ती मांग और संभावित संकट को देखते हुए बड़ी घोषणा की गई। अब कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को पिछले महीने की उनकी कुल खपत का केवल 20 प्रतिशत ही एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य घरेलू उपयोगकर्ताओं और अनिवार्य सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना है। डिलीवरी प्रणाली में समय-सीमा तय खाद्य सचिव ने वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है। शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को 25 दिन के भीतर ऑनलाइन रिफिल बुकिंग की सुविधा मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में यह समय-सीमा 45 दिन रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समय पर रिफिल प्राप्त कर सकें और किसी को भी गैस की कमी का सामना न करना पड़े। प्राथमिकता सूची गैस की किल्लत की स्थिति में शासन ने प्राथमिकता वाले संस्थानों की सूची भी जारी की है। सबसे पहले स्टॉक निम्नलिखित संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा: हर दिन स्टॉक की जानकारी भेजनी होगी भीड़ और हंगामा रोकने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड तैनात की जाए। इसके अलावा, ऑयल कंपनियों को हर दिन स्टॉक और वितरण की जानकारी विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है। वितरकों को यह भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखें और किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करें। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह कदम राज्य में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों को परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है।

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