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8 महीने का दावा, 10 महीने बाद भी अधूरा स्काईवॉक; दिन में बंद, रात में चल रहा काम

राजधानी रायपुर में बन रहा स्काईवॉक प्रोजेक्ट तय समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इसे करीब 8 महीने में तैयार करने का वादा किया गया था, लेकिन 10 महीने गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर केवल पिलर और बुनियादी ढांचा ही दिखाई देता है, जबकि ऊपर का रास्ता और आपस में जुड़ाव का काम अभी बाकी है। निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि भारी ट्रैफिक को देखते हुए दिन के समय काम रोक दिया जाता है और रात 10 बजे के बाद निर्माण किया जाता है। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है। किन-किन स्थानों को जोड़ेगा स्काईवॉक यह स्काईवॉक डीकेएस अस्पताल से अंबेडकर अस्पताल तक बनाया जा रहा है। इसके जरिए कलेक्ट्रेट, शास्त्री चौक और तहसील कार्यालय जैसे प्रमुख सरकारी केंद्र आपस में जुड़ेंगे। योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा देना और ट्रैफिक दबाव कम करना है। ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित इस परियोजना के साथ मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि सड़क पर आने वाले वाहनों को वहां मोड़ा जा सके। स्काईवॉक बनने के बाद लोग पैदल सीधे अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंच सकेंगे, जिससे सड़क पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों का दावा — जल्द पूरा होगा काम अधिकारियों के अनुसार ट्रैफिक प्रबंधन और तकनीकी कारणों की वजह से काम में देरी हुई है। उनका कहना है कि अब निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी गई है और जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि तय समय के बाद भी अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट शहर की योजना और कामकाज की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहा है।

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रोपवे हादसे में उजड़ा नवविवाहित जीवन, घायल पति से न हो सकी पत्नी को अंतिम विदाई

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। इस दुर्घटना में शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो गई, जबकि उनके पति ऋषभ धावरे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात ऐसे रहे कि वे अपनी पत्नी को अंतिम विदाई देने के लिए उठ भी नहीं सके। परंपरा के अनुसार अंतिम समय में पति को पत्नी की मांग में सिंदूर भरना था, लेकिन चोटों से टूटा उनका शरीर इस रस्म को निभाने में असमर्थ रहा। कांपते हाथ और टूटती आवाज के साथ उन्होंने कोशिश जरूर की, पर हाथ माथे तक नहीं पहुंच पाए। यह दृश्य देख मौजूद लोग खुद को रोने से नहीं रोक सके। आयुषी का अंतिम संस्कार रायपुर के मणिकर्णिका मुक्तिधान में किया गया। वह पाटन स्थित आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। उनकी शादी को अभी चार महीने ही हुए थे। 23 नवंबर को दोनों ने सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की थी, लेकिन कुछ ही महीनों में यह खुशियां मातम में बदल गईं। सोमवार को आयुषी का पार्थिव शरीर देवेन्द्र नगर स्थित मर्चुरी से कमल विहार के एक निजी अस्पताल लाया गया, जहां ऋषभ भर्ती हैं। अस्पताल के कमरे में एक ओर शांत पड़ी पत्नी का शव था, तो दूसरी ओर दर्द से कराहते पति। पत्नी को सामने देखकर ऋषभ फूट-फूटकर रो पड़े, लेकिन गंभीर चोटों के कारण वे बिस्तर से उठ तक नहीं पाए। इस हादसे में ऋषभ की कमर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। इसी वजह से वे न तो पत्नी को कंधा दे सके और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए। वे अपनी लाचारी पर अस्पताल के बिस्तर पर ही बिलखते रहे। परिवार के अन्य सदस्य भी इस हादसे से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऋषभ के भाई और बहन भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के अनुसार, 21 मार्च को रोपवे बंद होने के कारण परिवार महासमुंद में रिश्तेदारों के यहां ठहर गया था। अगले दिन 22 मार्च को सभी खल्लारी माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। दर्शन के बाद लौटते समय रोपवे में अचानक दुर्घटना हो गई, जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद समय पर मदद नहीं मिली।

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शादी की जिद पर प्रेमी ने महिला को मौत के घाट उतारा

बुलंदशहर: शादी का दबाव बनाने पर एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी और उसका शरीर दो हिस्सों में काटकर अलग-अलग फेंक दिया। पुलिस आठ दिन तक महिला की पहचान में लगी रही और सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हत्या में आरोपी के दोस्त ने भी मदद की। दोनों ने पहले शराब पी और फिर बलकटी से महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया। पुलिस को CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। यह घटना नरसेना थाना क्षेत्र के घुघरावली रजवाहे में हुई। 15 मार्च को खेत में एक महिला का सिर कटा हुआ शव मिला। सिर लाश से लगभग 300 मीटर दूर बरामद किया गया। महिला के हाथ पर “बबली” नाम का टैटू होने के बावजूद उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने जांच के लिए तीन टीमें बनाई और 20 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इस दौरान दो संदिग्ध युवक नजर आए, जिनकी पहचान विकास (27) और उसके दोस्त अमन के रूप में हुई। मृतका, बबली (40), दिल्ली की रहने वाली थी। आरोपी विकास ने बताया कि बबली के पति अजय कुमार के साथ वह दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में काम करता था। धीरे-धीरे उसकी पत्नी बबली से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों का अफेयर हो गया। बबली ने उसके साथ रहने की जिद करना शुरू कर दिया। विकास ने इसे अस्वीकार कर, अपने दोस्त अमन के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। घटना गेहूं के खेत में हुई, जहां दोनों ने शराब पी और बबली को मिलने बुलाया। झगड़े के दौरान विकास ने बलकटी से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। धड़ वहीं छोड़ दी गई और सिर को कुछ दूरी पर फेंक दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक से अपने घर चले गए और बलकटी छिपा दी। एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि विकास अविवाहित था और महिला से 13 साल छोटा था। हत्या की योजना इसी दबाव और नजदीकियों के कारण बनाई गई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बलकटी, बाइक और दो कारतूस जब्त किए हैं।

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यूपी के जवान ने साथी को बचाते हुए प्राण त्यागे, पिता ने कहा- सिर पर चोट से हुई मौत

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के 25 वर्षीय कैप्टन प्रशांत चौरसिया ने देहरादून में साथी जवान को नदी के तेज बहाव से बचाने के दौरान अपने प्राण गंवा दिए। यह घटना 20 मार्च को भैरव बटालियन के प्लाटून अभ्यास के दौरान हुई थी। बताया गया कि अभ्यास के दौरान एक साथी जवान नदी के बहाव में फंस गया। उसे बचाने के लिए कैप्टन प्रशांत तुरंत नदी में कूद पड़े। उन्होंने साथी को सुरक्षित तो बचा लिया, लेकिन स्वयं तेज बहाव में फंस गए और एक पत्थर से सिर में चोट लग गई। साथियों ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला और आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 22 मार्च को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। कैप्टन का पार्थिव शरीर देहरादून से वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया और वहां से सेना के वाहन के माध्यम से गाजीपुर लाया गया। शव यात्रा में शहर के सैकड़ों लोग शामिल हुए। देर शाम बलुआ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई मयंक चौरसिया ने मुखाग्नि दी। कैप्टन प्रशांत चौरसिया जमानिया के रहने वाले थे। उन्होंने सेंट मैरीज स्कूल, जमानिया से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और 2022 में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से चयनित हुए थे। उनके पिता पुरुषोत्तम चौरसिया ने बताया कि तेज बहाव में साथी को बचाते समय सिर में लगी चोट के कारण उनकी मौत हुई। सूर्या कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और सभी रैंक के अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धांजलि दी। कहा गया कि उनका बलिदान भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

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रायगढ़ नगर निगम में लापरवाह ड्राइवर बर्खास्त, आयुक्त ने चेतावनी दी

रायगढ़ नगर निगम में कर्मचारियों की लापरवाही उजागर होने के बाद निगम आयुक्त ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने वाहन विभाग का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण में दो ड्राइवर बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर आयुक्त ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल सेवा से मुक्त करने के निर्देश दिए और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वाहन विभाग की उपस्थिति पंजी, वाहनों की स्थिति और संचालन व्यवस्था का भी जायजा लिया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम क्षेत्र में सफाई, कचरा उठाव, मरम्मत और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट-रोस्टर के अनुसार तय की जाती है। बिना सूचना अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य लापरवाह कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी दी गई कि यदि बिना ठोस कारण अनुपस्थित पाए गए, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आयुक्त ने जनगणना कार्य का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी वार्डवार लगाई गई है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 48 वार्डों के अलावा बाह्यवृद्धि के 3 वार्ड—कलमी, बेंद्राचुंआ और बड़े अतरमुड़ा—को शामिल करते हुए कुल 51 वार्डों में लगभग 2.5 लाख की आबादी निवासरत है। कमिश्नर ने प्रत्येक वार्ड में 700-800 की आबादी के आधार पर ब्लॉक निर्धारण की प्रक्रिया का गूगल मैप के माध्यम से निरीक्षण किया। सभी वार्ड प्रभारियों को अपने-अपने वार्डों में सही और गंभीरता से ब्लॉक निर्धारण करने के निर्देश दिए गए।

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भिलाई-3 की तांदुला नहर में पानी छोड़े जाने से रेलवे कॉलोनी में जलभराव

भिलाई-3 के डबरा पारा से चरोदा की ओर जाने वाली तांदुला शाखा नहर में पानी छोड़ने के बाद रेलवे कॉलोनी में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नहर में लंब समय से सफाई न होने और मरम्मत कार्य अधूरा रहने के कारण पानी सड़कों से होते हुए घरों में घुस गया। इससे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र के निवासी प्रभावित हुए। सुबह जब लोग उठे तो देखा कि सड़कें पूरी तरह नाले जैसी स्थिति में थीं और कई घरों में पानी भर गया। कई रेल कर्मचारियों के घरों में घरेलू सामान भी भीग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में करीब एक किलोमीटर तक जलकुंभी फैली हुई थी, और लंबे समय से नहर की सफाई नहीं हुई थी। बावजूद इसके जलसंसाधन विभाग ने बिना सफाई किए ही पानी छोड़ दिया, जिससे पानी का बहाव रुक गया और बाहर फैल गया। सिरसा अंडरब्रिज के पास रिपेयरिंग का काम अधूरा होने के कारण पानी का मार्ग अवरुद्ध हो गया। नहर का पानी रेलवे कॉलोनी के पास सड़कों और घरों में भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नहर की सफाई पहले से कर दी जाती और मरम्मत के बाद ही पानी छोड़ा जाता तो यह समस्या नहीं होती। इसके अलावा, रेलवे कॉलोनी के पास भिलाई-3 स्टेशन के पास बने ओवरहेड टंकियों का ओवरफ्लो भी नहर में जाता है। इसी वजह से पुराने इंडियन ऑयल डिपो से गांधी नगर पुलिया तक नहर में लगातार पानी भरा रहता है और जलकुंभी फैल जाती है। रहवासियों ने जलसंसाधन विभाग से मांग की है कि नहर की सफाई और मरम्मत कार्य जल्द पूरा किया जाए और पानी का सही मार्ग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के जलभराव की समस्या न हो।

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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर RPF की कार्रवाई, 15 अवैध वेंडरों के खिलाफ छापा

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडिंग के खिलाफ RPF ने विशेष कार्रवाई की, जिससे रेलवे के कमर्शियल विभाग की लापरवाही सामने आ गई। स्टेशन पर 88 वेंडरों के पहचान पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी थी, लेकिन नए कार्ड अभी तक जारी नहीं किए गए थे। इस कमी का फायदा उठाते हुए कई अनधिकृत वेंडर प्लेटफॉर्म पर खुलेआम कारोबार कर रहे थे। RPF ने अभियान चलाकर 15 अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म पर स्टॉलों के बाहर बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री अवैध रूप से रखी मिली, जिससे यात्रियों की आवाजाही और सामान खरीदने में परेशानी हो रही थी। प्लेटफॉर्म पर पानी की बोतलें, जूस और अन्य खाने-पीने का सामान रखा होने के कारण भीड़ और अव्यवस्था बढ़ी हुई थी। कार्रवाई के दौरान RPF ने कुल 2940 पानी की बोतलें, 96 फ्रूटी, 91 चिप्स पैकेट, 11 केक पैकेट, केला, अंगूर और खीरे के कैरेट जब्त किए। जब्त सामान की कीमत लगभग 50 हजार रुपए बताई जा रही है। सभी सामान आगे की कार्रवाई के लिए दुर्ग पार्सल कार्यालय को सौंप दिया गया। स्टेशन पर वेंडरों के स्टॉल संचालन और आवंटन से जुड़े नियमों का पालन सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। जिन वेंडरों के पहचान पत्र की अवधि समाप्त हो चुकी थी, उनके नए कार्ड समय पर जारी नहीं किए गए, जिससे अवैध वेंडिंग की समस्या बनी रही। इससे पहले वाणिज्य विभाग ने 10 अवैध वेंडरों को पकड़ा था और RPF को सौंपा था, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन पर अवैध वेंडिंग का मामला दोबारा सामने आया।

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भिलाई की अनुष्का सोन बनीं मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026, राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

भिलाई की MBBS छात्रा अनुष्का सोन को फेमिना मिस इंडिया 2026 के 61वें संस्करण में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 के रूप में चुना गया है। अब वे इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता की प्रारंभिक चयन प्रक्रिया कोलकाता में आयोजित हुई, जहां सैकड़ों प्रतिभागियों में से पांच फाइनलिस्ट का चयन किया गया। इसके बाद मुंबई में अंतिम ऑडिशन में अनुष्का ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर यह खिताब हासिल किया। निर्णायक मंडल में नताशा ग्रोवर, निकिता पोरवाल (फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024), गोकुल गणेशन (मिस्टर इंडिया वर्ल्ड 2024), अल्तमास फराज, सचिन कुम्भार, डॉ. ब्लॉसम कोच्चर और संदीप सोपरकर जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल थे, जिन्होंने अनुष्का को विजेता घोषित किया। देशभर से चयनित प्रतिभागियों को लगभग एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद भुवनेश्वर में भव्य ग्रैंड फिनाले आयोजित होगा, जहां फेमिना मिस इंडिया 2026 का ताज विजेता के सिर सजने वाला है। फेमिना मिस इंडिया टाइम्स ग्रुप के ब्रांड फेमिना के तहत आयोजित एक प्रमुख राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रतिभा और सामाजिक समझ का मूल्यांकन किया जाता है।

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बिलासपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान, लाठी-फरसे से हमला कर की हत्या

बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना करगीखुर्द गांव में हुई, जहां आरोपी राजाराम साहू (21) ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहन पांडे (52) पर लाठी और फरसे से हमला किया। हमला इतना गंभीर था कि मोहन पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए उनके साथी शरद कौशिक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अभी अस्पताल में जारी है। घटना के तुरंत बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजाराम साहू को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसके फरार साथियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कोटा थाने की पुलिस मामले की जांच में पूरी तरह जुटी हुई है। घायल शरद कौशिक को कोटा पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम की मौजूदगी में पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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बिलासपुर में भू-माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 95 साल के मृतक को 46 साल का दिखाकर जमीन हड़पी

बिलासपुर में जमीन हड़पने के लिए हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 95 वर्षीय मृत बुजुर्ग को रिकॉर्ड में 46 वर्षीय जीवित व्यक्ति बना दिया गया और उसकी जाति भी बदल दी गई। इस जालसाजी के जरिए शहर की एक कीमती खाली जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब जमीन से जुड़े लोगों ने राजस्व विभाग से जानकारी ली। रिकॉर्ड में जमीन कौशल प्रसाद सूर्यवंशी नाम के व्यक्ति के नाम दर्ज मिली, जिसने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए रमेश पांडेय को जमीन बेच दी थी। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति को फर्जी तरीके से 46 वर्ष का दर्शाकर नए दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन अपने नाम कर ली गई। शिकायत मिलने पर एसडीएम मनीष साहू ने मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में कूटरचना और फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की पुष्टि हुई है। मामले को पुनरीक्षण में लेकर तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एक-दो नहीं बल्कि दर्जन भर शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर या जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की गई है। एक अन्य मामले में शांति नगर के निवासी अनिल तिवारी की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे के नाम कर दी गई और बाद में उसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। इसी तरह तोरवा क्षेत्र में एक दंपति को मृत दिखाकर उनकी जमीन का नामांतरण कराया गया और फिर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। बाद में मामला सामने आने पर इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन को आशंका है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। भू-माफिया गिरोह पहले ऐसी जमीनों की पहचान करते हैं, जिन पर लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ हो या जिनका कोई स्पष्ट वारिस न हो। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन अपने कब्जे में ले लेते हैं। सरकंडा, तोरवा, सकरी और सिरगिट्टी जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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