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छत्तीसगढ़ में बढ़ सकते हैं मतदाताओं के नाम, छूटे वोटरों और नए युवाओं के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) वर्तमान मतदाता सूची का प्री-SIR सूची से मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं है। पहचान के बाद BLO संबंधित लोगों के घर पहुंचकर उनके नाम और पात्रता की स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने पर फॉर्म-6 से जुड़ेगा नाम सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले लोगों का नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने BLO को प्रत्येक सप्ताह करीब 20 से 25 ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने और लगभग एक महीने के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य दिया है। 18 साल पूरे कर चुके युवाओं पर भी रहेगा ध्यान घर-घर सत्यापन के दौरान उन युवाओं की भी पहचान की जाएगी, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और मतदान के लिए पात्र हैं, लेकिन अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे नए मतदाताओं से भी फॉर्म-6 भरवाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत कभी भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों को भी मिलेगी जानकारी BLO द्वारा तैयार की जाने वाली बूथवार जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ भी साझा की जाएगी। फॉर्म-6 और सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को भेजी जाएगी, जहां नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। विशेष कैंप और वंचित वर्गों पर रहेगा फोकस अभियान के तहत बूथ स्तर पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। रैन बसेरों, मजदूर बस्तियों, बेघर लोगों और अन्य वंचित वर्गों के पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वीप गतिविधियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे।

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बिलासपुर में 1618 शिक्षक गैरहाजिर मिले, अब डिजिटल निगरानी से होगी हाजिरी

बिलासपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर डिजिटल निगरानी में बड़ी संख्या में शिक्षक गैरहाजिर पाए गए हैं। विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए की गई निगरानी में बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा ब्लॉक के स्कूलों में कुल 1618 शिक्षक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 659 शिक्षक बिल्हा ब्लॉक में गैरहाजिर पाए गए। वहीं मस्तूरी में 384, तखतपुर में 323 और कोटा ब्लॉक में 252 शिक्षक अनुपस्थित मिले। डिजिटल निगरानी के दौरान सामने आए आंकड़ों के बाद स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने की बात सामने आई है। निगरानी में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। अब ऐप के जरिए दर्ज होगी हाजिरी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय के अनुसार, अब शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत स्कूल की निर्धारित 100 मीटर की सीमा में पहुंचने पर ही ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज की जा सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी। यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाजिरी दर्ज नहीं होती है, तो संबंधित शिक्षक के वेतन पर कार्रवाई की जा सकती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति की निगरानी करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना बताया गया है।

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आरंग में महानदी किनारे झाड़ियों में मिले दो शव, एक महिला का; पहचान की कोशिश में जुटी पुलिस

रायपुर। रायपुर से लगे आरंग क्षेत्र के चिखली गांव में महानदी किनारे झाड़ियों में दो शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की नजर नदी किनारे पड़े शवों पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बरामद शवों में से एक महिला का है, जबकि दूसरे शव की पहचान अभी नहीं हो सकी है। दोनों शव काफी खराब स्थिति में हैं, जिसके कारण उनकी शिनाख्त करने में परेशानी हो रही है। पुलिस फिलहाल महानदी से लगे आसपास के जिलों के थानों से संपर्क कर रही है। हाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि बरामद शवों की पहचान की जा सके। नदी के तेज बहाव में बहकर आने की आशंका हाल में हुई भारी बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ा था और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि दोनों शव नदी के तेज बहाव में बहकर चिखली गांव तक पहुंचे होंगे। हालांकि, इस संभावना की अभी पुष्टि नहीं हुई है। डूबने से मौत या अन्य कारण, दोनों पहलुओं पर जांच पुलिस डूबने से मौत की संभावना के साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शवों को नदी में बहाए जाने की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। CSP लंबोदर पटेल के मुताबिक, शुरुआती जांच में शवों के नदी के बहाव के साथ बहकर आने की आशंका नजर आ रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आसपास के जिलों से लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस शवों की पहचान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी हुई है।

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रायपुर में पता पूछने और लिफ्ट मांगने के बहाने मोबाइल झपटमारी, 5 मोबाइल के साथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कोटा क्षेत्र में राहगीरों से मोबाइल झपटमारी करने के मामले में एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पता पूछने और लिफ्ट मांगने का बहाना बनाकर राहगीरों को रोकता था और मौका मिलते ही मोबाइल झपटकर फरार हो जाता था। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से कुल 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 48 हजार रुपये बताई गई है। इनमें आरोपी हरेश नायक के कब्जे से 3 मोबाइल और विधि से संघर्षरत बालक के पास से 2 मोबाइल बरामद हुए। मामले की शुरुआत 22 सितंबर 2026 की रात हुई घटना से हुई। पुलिस के मुताबिक, कोटेश्वर नगर निवासी एक व्यक्ति का मोबाइल सरस्वती नगर रेलवे फाटक के पास झपट्टा मारकर छीन लिया गया था। शिकायत के आधार पर 30 सितंबर को थाना सरस्वती नगर में BNS की धारा 304(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन और कोटा क्षेत्र के आसपास दो युवक सस्ते दामों में मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पूछताछ में पुलिस ने आरोपियों से तीन अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी मिलने का दावा किया है। इनमें 22 सितंबर को साइकिल सवार से पता पूछने के बहाने मोबाइल झपटना, 24 सितंबर की रात लिफ्ट मांगने के बहाने मोटरसाइकिल सवार के वाहन के हैंडल से मोबाइल छीनना और सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बैठे लोगों से तीन मोबाइल झपटने की बात शामिल है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरेश नायक पिता भुरूम नायक, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोतीलाल नगर, कोटा, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि रात के समय सुनसान इलाकों में अनजान लोगों से सतर्क रहें और मोबाइल को शर्ट की ऊपरी जेब या वाहन के हैंडल पर खुले में न रखें। साथ ही बिना बिल के सस्ते मोबाइल खरीदने से बचने और मोबाइल झपटमारी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

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पखांजूर में जंगल की जमीन पर अतिक्रमण की कोशिश, ग्रामीणों और वन विभाग ने मौके पर पकड़ा

पखांजूर। वन परिक्षेत्र पश्चिम परोलकोट बांदे क्षेत्र में रात के अंधेरे में जंगल की जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग बड़े झाड़ के जंगल क्षेत्र में जमीन पर कब्जे की तैयारी के लिए पहुंचे थे। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए इसकी सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों को पकड़ लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल की जमीन पर इस तरह अतिक्रमण की कोशिश गंभीर मामला है। वहीं, घटना के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जंगल क्षेत्र में रात के समय इस तरह की गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं और क्या इसके पीछे किसी तरह का संरक्षण था। हालांकि, संरक्षण या किसी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात होगी कि वन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाती है। मामला वन परिक्षेत्र पश्चिम परोलकोट बांदे क्षेत्र का बताया जा रहा है।

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गोपनीय सूचना लीक के आरोपों के बीच क्राइम ब्रांच के दो आरक्षक लाइन अटैच

रायपुर। रायपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच में पदस्थ दो आरक्षकों राहुल गौतम और शिवम् द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया गया है। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई DCP क्राइम के आदेश के बाद की गई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों आरक्षकों पर क्राइम ब्रांच से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचाने के आरोप सामने आए थे। इस मामले में शोएब ढेबर तक विभागीय जानकारी पहुंचाए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने की कार्रवाई प्रशासनिक कारणों से की गई है। गोपनीय सूचनाओं से संबंधित मामले की जानकारी सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया, जिसके बाद DCP क्राइम की ओर से दोनों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए गए। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई के विस्तृत कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में गोपनीय जानकारी लीक किए जाने के आरोपों की स्थिति और पूरे मामले की वास्तविकता जांच या विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर रायपुर प्रशासन सख्त, 30 दिन में सुरक्षित हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश

रायपुर। विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा और जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर रायपुर कलेक्ट्रेट में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के कुलपतियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में प्रशासन ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि विदेशी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में जो विदेशी विद्यार्थी निजी मकानों, पीजी या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध या संस्थान से संबद्ध सुरक्षित हॉस्टल में स्थानांतरित करने की कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रशासन ने विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने को प्राथमिकता बताया। संस्थानों को संभावित विवाद या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की पहले से पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी कहा गया कि विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित कुछ शिकायतें प्रशासन और पुलिस को प्राप्त होती रही हैं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों की निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी विद्यार्थी के खिलाफ उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कानून का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालयों को विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय कानून, स्थानीय रीति-रिवाज, सार्वजनिक व्यवहार, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा और नशीले पदार्थों समेत कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहने को लेकर नियमित जागरूकता और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी संस्थानों से विदेशी विद्यार्थियों की अद्यतन और सत्यापित जानकारी प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा करने को कहा गया है। इसमें विद्यार्थियों की संख्या, देश, पाठ्यक्रम, प्रवेश की स्थिति, आवास और आवश्यक संपर्क संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड रखने के निर्देश शामिल हैं। प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विदेशी विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि रायपुर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

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दुर्ग में शराब पीने के दौरान विवाद, युवक की हत्या

दुर्ग। जामुल थाना क्षेत्र के वार्ड-22 स्थित कुरूद बाजार चौक में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान पुरण भारती के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उतई के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक घटना के समय एक कमरे में मनीष बघेल और उसका भांजा राज जोशी शराब पी रहे थे। इसी दौरान मनीष का दोस्त पुरण भारती भी वहां पहुंच गया। शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर पुरण और राज के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राज जोशी ने पुरण भारती के सिर पर ईंट और पत्थरों से कई वार कर दिए। हमले में गंभीर चोट लगने से पुरण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी आरोपी के मामा मनीष बघेल ने खुद पुलिस को दी। सूचना मिलते ही जामुल पुलिस मौके पर पहुंची और मामा-भांजे दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए कचांदूर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है।

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नशीली टेबलेट की बिक्री की फिराक में युवक गिरफ्तार, 100 नाईट्रोसन-10 टैबलेट जब्त

रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र में नशीली टेबलेट की अवैध बिक्री के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 100 नग नाईट्रोसन-10 टैबलेट बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आजाद चौक क्षेत्र में सताक्षी मंदिर के सामने स्थित एक खाली प्लॉट के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बेचने की तैयारी में घूम रहा है। सूचना मिलने के बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना आजाद चौक पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम धनेश संगतानी बताया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके कब्जे से नाईट्रोसन-10 की 100 प्रतिबंधित टेबलेट बरामद कीं। पुलिस द्वारा टेबलेट रखने और उनकी बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने टीम को गुमराह करने का प्रयास भी किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बरामद 100 नाईट्रोसन-10 टैबलेट, जिसकी अनुमानित कीमत 40 हजार रुपये है, जब्त की गई। मामले में थाना आजाद चौक में अपराध क्रमांक 224/26 के तहत धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धनेश संगतानी, पिता बसंत संगतानी, उम्र 22 वर्ष, निवासी सारथी चौक, थाना आजाद चौक, जिला रायपुर के रूप में हुई है।

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22 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बसों के थम सकते हैं पहिए, किराया बढ़ाने की मांग पर महासंघ ने दी हड़ताल की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का संचालन 22 सितंबर से प्रभावित हो सकता है। बस ऑपरेटरों ने यात्री किराया बढ़ाने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने कहा है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर से प्रदेशभर में यात्री बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली के मुताबिक बस संचालक लंबे समय से किराया बढ़ाने और दूसरी समस्याओं को लेकर सरकार और परिवहन विभाग के सामने अपनी मांगें रखते रहे हैं। उनका दावा है कि पिछले करीब तीन साल से अधिकारियों और महासंघ के बीच मांगों को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है। चार महीने पहले भेजा था किराया बढ़ाने का प्रस्ताव अनवर अली ने बताया कि यात्री बसों का किराया बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर करीब चार महीने पहले परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे बस संचालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल समेत बस संचालन से जुड़े दूसरे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि यात्री किराए में लंबे समय से अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में वर्तमान किराए पर बसों का संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है। बस ऑपरेटरों की 9 सूत्रीय मांगें महासंघ ने सरकार के सामने 9 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें यात्री किराए में बढ़ोतरी सबसे प्रमुख मांग है। इसके अलावा बसों में सिंगल स्लीपर सीट पर सिंगल टैक्स लागू करने और ई-बसों के संचालन को शहर की सीमा तक सीमित रखने की मांग की गई है। महासंघ ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों के ग्रामीण इलाकों और बस स्टैंड से संचालन पर भी रोक लगाने की मांग की है। VLTD शुल्क कम करने की मांग बस संचालकों ने स्टेज कैरिज बसों के समयचक्र में दो बसों के बीच उचित अंतर रखने की मांग भी की है। इसके साथ ही VLTD डिवाइस के रिन्यूअल शुल्क को कम करने और मैनुअल फिटनेस की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है। इसके अलावा दूसरे जिले या राज्य में बस संचालन के लिए परमिट पर दोबारा मंजूरी लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने और सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई है। हड़ताल हुई तो यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी अगर महासंघ अपनी घोषणा के मुताबिक 22 सितंबर से बसों का संचालन बंद करता है, तो रोजाना यात्री बसों से सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण और दूसरे जिलों के बीच नियमित बस सेवा पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और परिवहन विभाग बस ऑपरेटरों की मांगों पर हड़ताल की तारीख से पहले क्या फैसला लेते हैं।

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