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रायपुर में दो अलग-अलग जगहों से मिली लाश और नरकंकाल, हत्या की आशंका

रायपुर जिले में शुक्रवार को दो अलग-अलग इलाकों से एक दफन लाश और एक महीने पुराना नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने दोनों मामलों में शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं को संदिग्ध माना जा रहा है। केस 1: जमीन में गड़ी मिली युवक की लाश अभनपुर थाना क्षेत्र के भरेंगाभाटा गांव में ग्रामीणों ने सुनसान इलाके में जमीन से बाहर निकले हाथ-पैर देखे। पास जाकर देखने पर दफन शव होने का शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर शव बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान हाथ पर बने टैटू से नितेश बत्रा के रूप में हुई, जो रायपुर के शदाणी दरबार क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। हत्या कर दफनाने की आशंका शव की स्थिति को देखकर पुलिस को संदेह है कि युवक की हत्या कर उसे जमीन में गाड़ दिया गया था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। माना सीएसपी लंबोदर पटेल के अनुसार, जांच जारी है और बिना रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। केस 2: उरला मेटल पार्क में मिला नरकंकाल दूसरी घटना रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र उरला की है, जहां मेटल पार्क इलाके में एक नरकंकाल मिला। प्रारंभिक जांच और कपड़ों के आधार पर मृतक की पहचान दिलीप (लगभग 45–50 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दिलीप करीब एक महीने से लापता था और उसके परिजनों ने पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या की आशंका, फोरेंसिक जांच जारी शव पूरी तरह सड़-गल चुका है और केवल हड्डियां बची हैं। पुलिस इस मामले को भी संदिग्ध मानते हुए हत्या की संभावना से जांच कर रही है। उरला पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।

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दुर्ग–रायपुर खारुन ब्रिज पर एक महीने तक मरम्मत, यातायात रहेगा प्रभावित

नेशनल हाईवे-53 पर रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला कुम्हारी स्थित खारुन नदी का पुल 1 अप्रैल से मरम्मत के लिए बंद किया जा रहा है। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस काम के दौरान यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं रहेगा और वाहनों को सिंगल ब्रिज से बारी-बारी से निकाला जाएगा। रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस और NHAI ने विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। वन-वे सिस्टम से लग सकता है लंबा जाम मरम्मत के दौरान पुल पर केवल एक लेन से दोनों दिशाओं के वाहन चलेंगे। इस कारण सुबह और शाम के व्यस्त समय में भारी जाम की स्थिति बन सकती है। चंदनीडीह से कुम्हारी टोल प्लाजा के बीच ओवरटेकिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरी काम हो तो समय से पहले निकलें ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि यदि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या परीक्षा केंद्र जाना हो तो सामान्य समय से कम से कम एक घंटा पहले घर से निकलें। पीक ऑवर में पुल पार करने में अधिक समय लग सकता है। जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने कई डायवर्जन रूट सुझाए हैं: नया रायपुर/एयरपोर्ट जाने वाले: भिलाई-दुर्ग से आने वाले यात्री सेलूद–पाटन–अभनपुर मार्ग का उपयोग करें। भिलाई-दुर्ग से रायपुर आने वाले: सेलूद–फूंडा–जामगांव–अमलेश्वर मार्ग बेहतर विकल्प रहेगा। चरोदा और भिलाई-3 क्षेत्र के निवासी: सिरसा गेट–मोतीपुर–अमलेश्वर मार्ग से रायपुर पहुंच सकते हैं। कार और बाइक चालक: रायपुर से दुर्ग जाते समय चंदनीडीह से बाएं मुड़कर पुराने रपटे पुल या भाठागांव–अमलेश्वर मार्ग अपनाएं। पुलिस ने जारी की एडवायजरी ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण के बाद यह योजना बनाई है। लोगों से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक जाम से बचने के लिए सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

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पाक बॉर्डर से रायपुर तक हेरोइन सप्लाई करने वाला सिंडिकेट बेनकाब, Punjab से 4 तस्कर गिरफ्तार

पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों से हेरोइन लाकर Raipur समेत देश के कई राज्यों में बेचने वाले एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। Chhattisgarh पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए Punjab से चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सीमा क्षेत्र से करीब 1200–1300 रुपये प्रति ग्राम की दर से हेरोइन खरीदते थे और इसे अलग-अलग माध्यमों से महंगे दामों पर बेचते थे। जांच में सामने आया कि पहले ड्रग्स को पंजाब में इकट्ठा किया जाता था, फिर ट्रक चालकों की मदद से अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता था। रायपुर में पहुंचने के बाद इसे कुरियर पार्सल के जरिए ग्राहकों के घरों तक भेजा जाता था, जहां इसकी कीमत 6000 से 8000 रुपये प्रति ग्राम तक वसूली जाती थी। इससे पहले भी पुलिस ने तीन महीने पहले नौ सप्लायर्स को पकड़कर लगभग 80 लाख रुपये की हेरोइन जब्त की थी। इस मामले में रायपुर के कबीर नगर और आमानाका थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज था। नेटवर्क का सुराग मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम 21 मार्च को पंजाब पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से करीब 12 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कवलजीत सिंह पन्नू, तरसेम सिंह, विक्की सिंह और जनक राज शामिल हैं। पुलिस को इनके पास से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस भी मिला, जिससे संकेत मिलता है कि यह गिरोह हथियारों के बल पर ड्रग कारोबार चला रहा था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कवलजीत सिंह पन्नू है, जिसे प्रमुख सप्लायर माना जा रहा है। वह सीधे सीमा क्षेत्र से जुड़े स्रोतों से हेरोइन खरीदता था और पहले भी रायपुर व पंजाब की जेलों में रह चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि तस्कर पार्सल भेजने के बाद उसका वीडियो बनाकर खरीदारों को भेजते थे, ताकि डिलीवरी का प्रमाण दिया जा सके। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई चार चरणों में की गई—पहले स्थानीय सप्लायर्स की गिरफ्तारी, फिर तकनीकी साक्ष्य जुटाना, उसके बाद ट्रांसपोर्ट और कुरियर नेटवर्क का खुलासा और अंत में मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी। इससे पहले दिसंबर में भी पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़कर करीब 400 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। उस समय खुलासा हुआ था कि पंजाब से रायपुर तक लगभग 1600 किलोमीटर लंबी सप्लाई चेन तैयार की गई थी, जिसके जरिए छोटी-छोटी खेपों में ड्रग्स लाकर स्थानीय नेटवर्क में वितरित किया जाता था।

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Raipur में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण, 16 सिलेंडर के साथ किराना कारोबारी गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खमतराई थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर छापा मारकर आरोपी के पास से 16 इंडियन गैस सिलेंडर बरामद किए। पुलिस के अनुसार जब्त सिलेंडरों की कीमत लगभग 64 हजार रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय साव (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो किराना व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। सूचना मिली थी कि बंजारी मंदिर के आसपास एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर जमा कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी में है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को सिलेंडरों के साथ पकड़ लिया। जांच के दौरान पुलिस ने सिलेंडरों के भंडारण और बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी रावाभाठा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर-1 में “संतोष किराना स्टोर” संचालित करता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई नॉर्थ जोन के पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए खाद्य विभाग को भी सूचना भेजी जाएगी।

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विधानसभा में बड़ा खुलासा: 665 खतरनाक अपशिष्ट फैलाने वाले उद्योग सक्रिय, OPS पर भी गरमाई बहस

प्रदेश में 665 खतरनाक उद्योगों का संचालन, 2.91 लाख कर्मचारियों ने चुना OPS — बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में गूंजे कई बड़े मुद्दे विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान पर्यावरण, कर्मचारियों की पेंशन और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने पहली बार खुलासा किया कि प्रदेश में सैकड़ों ऐसे उद्योग चल रहे हैं जो खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं। साथ ही OPS बनाम NPS पर भी आंकड़े सामने आए, जिससे कर्मचारियों से जुड़े सवालों को नई दिशा मिली। ⚖️ पूरी खबर (विस्तार से) विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट पैदा करने वाले उद्योगों की संख्या और नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाया गया। 665 खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योग संचालित सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश में कुल 665 औद्योगिक इकाइयाँ ऐसी हैं जो खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों की निगरानी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और अभी तक 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम उद्योगों द्वारा अपने खर्च पर स्थापित किया जाता है और प्रदूषण पर लगातार निगरानी रखी जाती है। 🌫️ इस मुद्दे पर सदन में हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, क्योंकि विपक्ष ने निगरानी व्यवस्था को पर्याप्त नहीं बताया। छातिम (सप्तपर्णी) वृक्ष पर रोक नहीं भाजपा विधायक द्वारा छातिम वृक्ष के दुष्प्रभावों को लेकर सवाल पूछा गया कि क्या इसके रोपण पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि: ➡️ छातिम वृक्ष के रोपण पर फिलहाल कोई रोक नहीं➡️ इसे हटाने की भी कोई योजना नहीं यह पेड़ अक्टूबर में फूलता है और इसकी तेज गंध व परागकण कई लोगों में एलर्जी और सांस की समस्या पैदा करते हैं। OPS बनाम NPS: 2.91 लाख कर्मचारियों ने चुना OPS सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। सरकार ने बताया कि: ➡️ कुल 2,91,797 अधिकारी-कर्मचारियों ने NPS छोड़कर OPS का विकल्प चुना➡️ पेंशन योजना निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है इस मुद्दे पर भी सदन में तीखी बहस हुई क्योंकि OPS वित्तीय बोझ से जुड़ा बड़ा विषय माना जाता है। छातिम (सप्तपर्णी) वृक्ष: फायदे और नुकसान संभावित नुकसान औषधीय महत्व निष्कर्ष बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में पर्यावरण प्रदूषण, स्वास्थ्य, पेड़-पौधों के प्रभाव और कर्मचारियों की पेंशन जैसे जनहित के मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। सरकार ने आंकड़े तो दिए, लेकिन कई सवाल अभी भी जवाब की प्रतीक्षा में हैं।

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डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से बाघ-तेंदुए का शिकार: आरोपियों ने मांस पकाकर खाया, कई गिरफ्तार

Indravati Tiger Reserve क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें वन विभाग के ही एक डिप्टी रेंजर की संलिप्तता उजागर हुई है। आरोप है कि वह शिकारियों को वन्यजीवों की आवाजाही की गोपनीय जानकारी देता था, जिसके आधार पर गिरोह जंगल में जाल बिछाकर शिकार करता था। जांच में सामने आया कि बाघ को नैमेड़ के जंगलों में और तेंदुए को Dantewada जिले के वन क्षेत्र में फंसाकर मारा गया। शिकार के बाद आरोपियों ने जानवरों का मांस काटकर वहीं पकाया और खाया। वन विभाग ने उनके कब्जे से बाघ और तेंदुए के नाखून समेत अन्य अवशेष बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह जानवरों की खाल, दांत और नाखूनों की तस्करी से भी जुड़ा हुआ था। मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है। आरोपियों की निशानदेही पर केशापुर इलाके में छापेमारी कर तेंदुए की एक खाल भी बरामद की गई, जिसके बाद दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बालूद मार्ग पर भी कुछ आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया था। वन अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा और विभाग से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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ट्रेलर की चपेट में स्कूटी सवार की मौत: रायपुर से लौट रहे युवक ने मौके पर तोड़ा दम

Raipur से Durg लौट रहे एक युवक की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना Kumhari क्षेत्र में हुई, जहां स्कूटी सवार युवक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान दुर्ग निवासी शुभम गुप्ता (37) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे किसी काम से रायपुर गए थे और देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुम्हारी के पास ट्रेलर से टकराने पर स्कूटी उसके पिछले पहिए में फंस गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर भी रायपुर से दुर्ग की ओर जा रहा था। हादसे के बाद स्कूटी काफी देर तक वाहन के नीचे फंसी रही, जिसे पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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दुर्ग में गैस कंपनी पर छापा: 599 सिलेंडर और भारी मात्रा में LPG जब्त, बिना अनुमति चल रहा था कारोबार

Durg में प्रशासन ने घरेलू गैस की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Papusha Gases Private Limited पर अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई Borei Industrial Growth Center स्थित प्लांट में की गई, जहां बिना वैध दस्तावेजों के गैस कारोबार संचालित होने का मामला सामने आया। जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके से 599 गैस सिलेंडर बरामद किए, साथ ही तीन बड़े स्टोरेज टैंकों में करीब 2,841 किलोग्राम एलपीजी भी पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। बताया गया कि यहां से ‘गो गैस’ और ‘गैस प्वाइंट’ ब्रांड के सिलेंडर डीलरों के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अलग समानांतर सप्लाई मानी गई। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के समय फैक्ट्री में सिलेंडरों की पेंटिंग और मार्किंग का काम चल रहा था, लेकिन जरूरी लाइसेंस और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज संख्या और मौके पर मिले सिलेंडरों की संख्या में भी अंतर पाया गया, जिससे रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी का संदेह हुआ। कंपनी प्रबंधन ने एक डीलर फर्म को गैस सप्लाई करने की बात कही, लेकिन उससे जुड़ा कोई वैध अनुबंध या पंजीकरण दस्तावेज नहीं दिखा सका। साथ ही समानांतर विपणन (Parallel Marketing) के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र भी मौजूद नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि इस कारोबार की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी। बिना अनुमति बिक्री, स्टॉक विवरण प्रदर्शित न करना और आवश्यक कागजात न रखना—इन सभी को नियमों का उल्लंघन माना गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापेमारी जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को नियमित और सुरक्षित सप्लाई मिल सके।

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मान्यता बिना CBSE पढ़ाई का खुलासा: बिलासपुर में पेरेंट्स के हंगामे के बाद जांच कमेटी गठित

Bilaspur में बिना आधिकारिक मान्यता के CBSE पैटर्न पर पढ़ाई कराने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के लिए कमेटी बना दी है। आरोप है कि कई स्कूलों ने खुद को Central Board of Secondary Education से संबद्ध बताकर बच्चों को पूरे साल उसी कोर्स से पढ़ाया, लेकिन परीक्षा के समय 5वीं और 8वीं के छात्रों को Chhattisgarh Board of Secondary Education की परीक्षा देने के लिए बाध्य किया गया। इस मुद्दे पर अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रवेश के समय स्कूलों ने CBSE स्कूल होने का दावा किया था, जिस भरोसे उन्होंने बच्चों का दाखिला कराया। अब अचानक राज्य बोर्ड की परीक्षा दिलाने से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बताया जा रहा है कि Brilliant Public School और Narayana e‑Techno School सहित कुछ स्कूलों में केवल 8वीं तक कक्षाएं संचालित हैं। CBSE से संबद्धता के लिए 12वीं तक स्कूल चलाना जरूरी होता है, इसलिए इन संस्थानों को मान्यता नहीं मिली। इसके बावजूद CBSE पैटर्न से पढ़ाई कराई जा रही थी। जब छात्रों पर राज्य बोर्ड की परीक्षा देने का दबाव बनाया गया तो अभिभावकों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के साथ कलेक्ट्रेट का भी घेराव किया और शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचाई। मामले के बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जिसे 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई है कि किसी भी स्कूल में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और संबद्धता की आधिकारिक जांच जरूर करें।

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नशे में युवती का सड़क पर हंगामा: वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस से बदसलूकी, VIDEO वायरल

Bilaspur में वाहन जांच के दौरान एक स्कूटी सवार युवती ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया। पुलिस द्वारा रोकने पर उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए अभद्र व्यवहार किया और मौके पर मौजूद लोगों से भी उलझती रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना Rajiv Gandhi Chowk के पास की बताई जा रही है, जहां Chhattisgarh Police की टीम देर रात वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच की जा रही थी और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई हो रही थी। इसी दौरान करीब 10:30 बजे स्कूटी पर आ रही युवती पुलिस को देखकर भागने की कोशिश में संतुलन खो बैठी और सड़क पर गिर गई। इसके बाद वह पुलिसकर्मियों पर ही भड़क उठी और सड़क पर जोरदार हंगामा करने लगी। जब लोग वीडियो बनाने लगे तो वह और आक्रामक हो गई और गाली-गलौज करते हुए कैमरा बंद करने को कहने लगी। पुलिस ने किसी तरह उसे शांत कर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए स्कूटी को जब्त कर लिया गया।

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