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रायगढ़ में कॉन्स्टेबल पर मारपीट और धमकी का आरोप, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई गुहार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण ने पुलिसकर्मी पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम कुरमापाली निवासी बद्रिका साहू (47) सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल की रात करीब 10 बजे वह अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी पुसौर थाना में पदस्थ आरक्षक डोलनारायण साहू अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि आरक्षक ने बिना किसी वजह के गाली-गलौज शुरू कर दी और वर्दी का रौब दिखाते हुए डंडे से मारपीट की, जिससे पीड़ित को चोटें आईं। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित के अनुसार, जब उसकी पत्नी विशाखा साहू और बेटी वेदकुमार बीच-बचाव के लिए पहुंचीं, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। बद्रिका साहू का कहना है कि उन्होंने पहले कोतरा रोड थाना में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि आरोपी लगातार उन्हें धमका रहा है। अब पीड़ित ने कलेक्टर से न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

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रायगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात: नशे में मां ने ढाई साल के बेटे की हत्या की

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही ढाई साल के बेटे की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी महिला ने अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई। यह मामला कापू थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला सोनमति सरोती मंछवार अपने बच्चों के साथ मायके जा रही थी। रास्ते में उसने बेटे को पैदल चलने के लिए कहा, लेकिन बच्चे के मना करने पर वह गुस्से में आ गई। बताया जा रहा है कि उस समय वह नशे में थी। पीड़ित बच्चे के पिता बोधसाय मंछवार ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वह जंगल से लौटे तो घर खाली था। बाद में उनकी बेटी घर लौटी और बताया कि मां छोटे भाई को लेकर नानी के घर गई है। अगले दिन आरोपी महिला अकेले घर लौट आई और बच्चे के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने दो दिनों तक बच्चे की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में रानीगौवा पहाड़ के पास एक पगडंडी के किनारे खून के निशान मिले। आसपास खोजबीन करने पर खाई में बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह लगातार अपहरण की कहानी सुनाती रही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बेटे को गोद में लेकर पहाड़ी चढ़ रही थी। थकान के कारण उसने उसे नीचे उतारकर पैदल चलने को कहा, लेकिन बच्चे के बैठ जाने पर उसने गुस्से में उसे जमीन पर पटक दिया और पत्थर से सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद वह घर लौट आई और झूठी कहानी बनाकर सभी को गुमराह करती रही। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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पावरलिफ्टिंग में अभिषेक जॉर्ज का दम, 767.5 किलो उठाकर चमके; दुर्ग टीम बनी ओवरऑल चैंपियन

छत्तीसगढ़ पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दुर्ग की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं बिलासपुर के खिलाड़ी अभिषेक जॉर्ज ने सीनियर वर्ग (120 किग्रा) में सबसे ज्यादा 767.5 किलोग्राम वजन उठाकर खास पहचान बनाई। अभिषेक जॉर्ज ने स्क्वाट में 307.5 किग्रा, बेंच प्रेस में 170 किग्रा और डेडलिफ्ट में 290 किग्रा वजन उठाकर कुल 767.5 किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया। इसी तरह सीनियर वर्ग (83 किग्रा) में दुर्ग के कुलदीप वर्मा ने स्क्वाट में 230 किग्रा, बेंच प्रेस में 127.5 किग्रा और डेडलिफ्ट में 250 किग्रा के साथ कुल 607.5 किलोग्राम वजन उठाया। एसोसिएशन के महासचिव कृष्णा साहू ने बताया कि प्रतियोगिता सब जूनियर, जूनियर, सीनियर और मास्टर वर्गों में आयोजित की गई थी। इसमें महिला और पुरुष दोनों वर्गों के विभिन्न वजन वर्ग शामिल किए गए थे। राज्य के 16 जिलों से आए खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रतिभागियों का ऑनलाइन पंजीयन किया गया था और उनके रहने-खाने की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की गई थी। इस प्रतियोगिता के आधार पर राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ की टीम का चयन भी किया गया है, जो आने वाले समय में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भूपेश बघेल मौजूद रहे। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।

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फाइल दबाने पर गिरी गाज: बिलासपुर में 2 अधिकारी मुख्यालय अटैच, युवक के ‘बादाम विरोध’ के बाद कार्रवाई

बिलासपुर में फ्लैट के नामांतरण की फाइल लंबे समय तक लंबित रखने के मामले में दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। वीडियो वायरल होने के बाद जांच में लापरवाही सामने आने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया गया है। मामले के अनुसार, आवेदक तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 तक सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पत्र भी जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद फाइल आवेदक को नहीं सौंपी गई और दफ्तर में ही पड़ी रही। इस वजह से उसे करीब एक साल तक दफ्तर के चक्कर लगाने पड़े। फाइल नहीं मिलने से नाराज होकर युवक ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। वह हाउसिंग बोर्ड कार्यालय आधा किलो बादाम लेकर पहुंचा और अधिकारियों से कहा कि “इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी, जब फाइल याद आ जाए तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जांच के बाद विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और एक अन्य संपदा प्रबंधक को मुख्यालय अटैच कर दिया। विभाग के आयुक्त ने कहा है कि आम लोगों के काम में देरी और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इधर, वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की एक महिला अधिकारी समेत अन्य कर्मचारियों ने भी एसपी कार्यालय पहुंचकर युवक पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जातिगत टिप्पणी और अन्य आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि फिलहाल इस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक ओर विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर युवक ने भी अपना पक्ष रखते हुए वीडियो जारी किया है।

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दुर्ग में बिना हेलमेट चालकों पर कड़ा एक्शन, 4 महीनों में 23 हजार चालान

दुर्ग में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस ने बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चला रखा है। साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 23,088 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, इन चालानों से अब तक कुल 1 करोड़ 15 लाख 44 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। यह आंकड़ा बताता है कि नियमों के उल्लंघन पर इस बार कार्रवाई पहले के मुकाबले काफी तेज हुई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023 में 1653 मामलों में 8.26 लाख रुपए, 2024 में 3961 मामलों में 19.80 लाख रुपए और 2025 में 2328 मामलों में 11.64 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया था। इससे साफ है कि 2026 में अभियान और ज्यादा सख्ती के साथ चलाया जा रहा है। हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। साल 2025 में बिना हेलमेट सड़क हादसों में 230 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2026 के पहले चार महीनों में ही 26 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि हेलमेट पहनने से इनमें से कई जानें बचाई जा सकती थीं। यातायात विभाग का दावा है कि लगातार सख्ती के कारण लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब पहले की तुलना में ज्यादा लोग हेलमेट पहन रहे हैं। इसके बावजूद अभी भी कई लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिस पर पुलिस नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में रोजाना चेकिंग की जा रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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गर्मी और शादी सीजन का असर, रायपुर से ट्रेनों में ‘नो रूम’… वेटिंग 150 पार

गर्मी की छुट्टियों और शादी के सीजन की वजह से रायपुर से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मई तक ज्यादातर ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट 100 से 150 के पार पहुंच गई है। कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन गई है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रायपुर से मुंबई, दिल्ली और वाराणसी जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव है। इन रूट्स पर कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। ऐसे में यात्रियों के लिए तत्काल टिकट ही आखिरी विकल्प बचता है, लेकिन वह भी राहत नहीं दे पा रहा है। रेलवे के आरक्षण काउंटर पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। मुख्य आरक्षण कार्यालय में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। काउंटर खुलते ही कुछ ही मिनटों में तत्काल टिकट खत्म हो जा रहा है। कई यात्रियों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। लाइन में लगे यात्रियों का कहना है कि वे कई दिनों से लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार टिकट नहीं मिल पा रहा। छुट्टियों के चलते परिवार के साथ यात्रा करने की मजबूरी है, लेकिन कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। हर साल गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में दबाव बढ़ता है। इस बार भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है। हालांकि रेलवे द्वारा समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन बढ़ती मांग के सामने ये भी नाकाफी साबित हो रही हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जिन रूट्स पर यात्रियों की संख्या ज्यादा है, वहां सर्वे किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त समर स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

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महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, साय सरकार बुलाएगी विशेष सत्रc

महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज हो गई है। विष्णुदेव साय की सरकार इस मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। यह सत्र इसी महीने आयोजित हो सकता है, जिसमें विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। रायपुर में आयोजित जनआक्रोश रैली के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका रवैया निराशाजनक रहा है। इस रैली का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किया गया था, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां सभा आयोजित हुई। विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया के तहत पहले राज्य कैबिनेट इसकी मंजूरी देती है, जिसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा जाता है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही विधानसभा सत्र आयोजित किया जाता है। महिला आरक्षण को लेकर भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जो 27 अप्रैल तक जारी रहेंगे। 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय ने कहा था कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विपक्ष के कारण पारित नहीं हो सका। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ पार्टियां “फूट डालो और राज करो” की नीति पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 57 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी 21-22 प्रतिशत है। वहीं, नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल आवश्यक बहुमत नहीं जुटा सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 352 वोटों की जरूरत थी। इस प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पिता की हत्या के मामले में बेटे की सजा उम्रकैद से घटाकर 10 साल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पिता की हत्या के आरोप में सजा काट रहे बेटे को राहत देते हुए उसकी सजा कम कर दी है। अदालत ने उम्रकैद की सजा को घटाकर 10 साल कठोर कारावास में बदल दिया है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल शामिल थे, ने सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि अचानक हुए विवाद और गुस्से में अंजाम दी गई। ऐसे मामलों में हत्या का स्पष्ट इरादा साबित नहीं होता, इसलिए इसे हत्या (IPC 302) के बजाय गैर-इरादतन हत्या (IPC 304 भाग-1) के तहत माना जाना चाहिए। दरअसल, यह मामला वर्ष 2020 का है, जो बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव का है। यहां लकड़ी रखने को लेकर पिता और बेटे के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान बेटे महात्मा यादव ने गुस्से में आकर अपने पिता जंगली यादव को पिकअप वाहन से कुचल दिया था। इस घटना में पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान करीब 9 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट पेश की गई और निचली अदालत ने ट्रायल के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण किया। कोर्ट ने पाया कि घटना अचानक हुई थी और इसमें पूर्व योजना का कोई प्रमाण नहीं है। हालांकि, आरोपी को यह पता था कि उसका कृत्य जानलेवा हो सकता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने सजा में संशोधन करते हुए हत्या की धारा को बदल दिया और उम्रकैद की सजा को घटाकर 10 साल कर दिया। अदालत ने अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि आरोपी को अब शेष सजा जेल में ही पूरी करनी होगी।

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बिलासपुर में दो ट्रेलरों की भिड़ंत के बाद आग, ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां दो ट्रेलरों की टक्कर के बाद एक वाहन में भीषण आग लग गई। इस हादसे में ट्रेलर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना सकरी थाना क्षेत्र के संबलपुरी ओवरब्रिज पर दोपहर करीब 12:15 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, कोयले से लदा एक ट्रेलर बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर सामने चल रहे दूसरे ट्रेलर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रेलर में तुरंत आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया। हादसे के समय ट्रेलर चालक अरविंद भारद्वाज, जो झारखंड का रहने वाला था, केबिन में फंस गया और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चालक की जान जा चुकी थी। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी के अनुसार, ट्रेलर क्रमांक सीजी 10 बीएम 5007 के चालक ने आगे चल रहे ट्रेलर क्रमांक सीजी 02 7715 को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीछे से टक्कर लगने के कारण ही आग भड़की। पुलिस अब दूसरे ट्रेलर के चालक और वाहन मालिक की तलाश में जुटी है। वाहन के नंबर के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

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कोरिया में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई, सुरंगों को ब्लास्ट कर बंद करने की तैयारी

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रखी। रायपुर से पहुंची सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया। अधिकारियों ने इन सुरंगों को ब्लास्टिंग के जरिए स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले को सामने आने के बाद जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स ने पूरे इलाके में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। हालांकि निरीक्षण के दौरान मौके पर कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन अधिकारियों के अनुसार यहां पहले बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जाता रहा है। इससे एक दिन पहले शनिवार को भी संयुक्त टीम ने पटना तहसील के देवखोल जंगल क्षेत्र में सघन अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 6 टन से अधिक अवैध कोयला जब्त किया गया था और कई सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग लंबे समय से खनन के लिए किया जा रहा था। अभियान के दौरान टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर जाकर जांच की। यहां से कोयले के साथ-साथ खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए गए। यह दर्शाता है कि अवैध खनन संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। रविवार को हुई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम भी शामिल रही। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे अभियान में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित सभी अवैध खनन स्थलों को ब्लास्टिंग कर बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इनका दोबारा उपयोग न हो सके। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की योजना बनाई गई है। इस सख्त कार्रवाई के बाद अवैध खनन में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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