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बिलासपुर में कॉन्स्टेबल की मौत पर घिरा श्रीराम केयर अस्पताल, MLA दिलीप लहरिया ने लाइसेंस रद्द करने की मांग उठाई

बिलासपुर के श्रीराम केयर अस्पताल में पथरी के इलाज के दौरान आरक्षक सत्यकुमार पाटले की मौत के मामले में अब राजनीतिक विवाद भी गहराने लगा है। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की चेतावनी भी दी है। मामले में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार आकाश गुप्ता ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सत्यकुमार की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में डॉक्टरों ने किडनी में इंफेक्शन होने की बात कही थी, लेकिन बाद में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इसके बाद सिम्स के चार डॉक्टरों की टीम ने बिसरा जांच कराने की सलाह दी है। परिवार ने मामले को दबाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। बुधवार को विधायक दिलीप लहरिया मृतक आरक्षक के पिता और अन्य परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर संजय अग्रवाल को शिकायत सौंपी। विधायक ने कहा कि श्रीराम केयर अस्पताल में इलाज में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के खिलाफ शिकायतें और मुद्दे उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्यकुमार केवल सामान्य पथरी का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन गलत इलाज और लापरवाही के चलते उनकी मौत हो गई। विधायक ने कहा कि अस्पताल में हुई अन्य मौतों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है और पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जांच रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विधायक ने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। क्या है पूरा मामला? मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी 36 वर्षीय सत्यकुमार पाटले पुलिस विभाग में आरक्षक थे और उनकी पोस्टिंग सरकंडा थाने में थी। 26 अप्रैल को पेट दर्द की शिकायत के बाद वे नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने पथरी बताकर ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अगले दिन तक सत्यकुमार सामान्य थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस दौरान करीब चार घंटे तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उन्हें देखने नहीं पहुंचा। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी हालत गंभीर हुई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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रायपुर में ग्लोबल हॉस्पिटल पर निगम की कार्रवाई, नाले पर बने अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

राजधानी रायपुर में नाले पर अवैध कब्जा करने के मामले में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्लोबल हॉस्पिटल परिसर के पास बने अवैध निर्माण को हटाया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड क्रमांक-40 में निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से नाले पर बनाए गए अवैध पाटे को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम को इस संबंध में जनशिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई। जोन कमिश्नर क्षीरसागर नायक के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायत सही पाई। इसके बाद तत्काल बुलडोजर बुलाकर नाले के ऊपर करीब 50 मीटर तक बनाए गए अवैध पाटे को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान नाले से लगभग दो ट्रक मलबा भी निकाला गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण के कारण नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मौके पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक दिलीप साहू और प्रेम मानिकपुरी सहित निगम की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में दोबारा इस तरह का अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी है। नगर निगम ने साफ किया है कि शहर में नालों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जनशिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि सफाई और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।

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शिवाजी महाराज की ‘जगदंबा’ तलवार लौटाने की मांग, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने किंग चार्ल्स को भेजा कानूनी अल्टीमेटम

छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी (CCS) ने ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स-III को पत्र भेजकर छत्रपति शिवाजी Maharaj की प्रसिद्ध ‘जगदंबा’ तलवार और ‘वाघ नख’ समेत भारत की 211 ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लौटाने की मांग की है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि 6 जून 2026 तक ये धरोहरें भारत नहीं लौटाई गईं, तो इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में 5 ट्रिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया जाएगा। संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने कहा कि यह केवल ऐतिहासिक वस्तुओं की वापसी का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को औपनिवेशिक काल में बाहर ले जाया गया और अब उन्हें वापस लाने का समय आ चुका है। CCS ने 6 जून 2026 की समयसीमा इसलिए तय की है क्योंकि इसी दिन छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। संस्था का कहना है कि ब्रिटेन में रखी गई भारतीय धरोहरें “लूटी गई सांस्कृतिक संपत्ति” हैं। डॉ. सोलंकी के अनुसार, ब्रिटिश संग्रहालयों ने पिछले करीब 150 वर्षों से भारतीय धरोहरों को प्रदर्शित कर आर्थिक लाभ कमाया है। संस्था ने कमाई, ब्याज और मुद्रास्फीति के आधार पर 5 ट्रिलियन डॉलर के दावे का आंकड़ा तैयार किया है। संस्था ने आरोप लगाया है कि भारतीय धरोहरों का प्रदर्शन सांस्कृतिक शोषण और अवैध लाभ कमाने जैसा है। रिक्लेमेशन सूची में अमरावती मार्बल्स, चोल कालीन नटराज प्रतिमाएं, ब्राह्मी लिपि वाले अशोक शिलालेख और मुगल-राजपूत कालीन दुर्लभ चित्रकला जैसी कई ऐतिहासिक वस्तुएं शामिल हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि ब्रिटेन द्वारा खुद को “विश्व इतिहास का संरक्षक” बताना केवल औपनिवेशिक दौर की लूट को सही ठहराने का प्रयास है। संस्था का दावा है कि आत्मनिर्भर भारत अब अपनी सांस्कृतिक विरासत वापस लेने के लिए तैयार है। CCS का कहना है कि यदि मामला ICJ तक पहुंचता है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है। इससे एशिया और अफ्रीका के अन्य पूर्व उपनिवेश देशों में भी यूरोपीय देशों से अपनी सांस्कृतिक धरोहरों और मुआवजे की मांग तेज हो सकती है।

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भीषण गर्मी में खराब खाना बेचने वालों पर प्रशासन सख्त, शहर की 12 से ज्यादा दुकानों में छापा

राजधानी में बढ़ती गर्मी के बीच खराब और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने शहर में एक साथ 12 से ज्यादा दुकानों, बेकरी, कैंटीन और पानी बनाने वाली यूनिट्स पर छापेमारी की। जांच के दौरान टीम ने तीन अस्पताल कैंटीन, पांच पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माता और विक्रेता फर्मों के साथ ही छह आइसक्रीम विक्रेताओं की जांच की। कई जगहों से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान करीब 5 किलो एक्सपायर्ड ब्रेड मौके पर ही नष्ट करवाई। वहीं दो फर्मों को सुधार सूचना नोटिस जारी किया गया है। अस्पताल कैंटीनों में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था देखकर अधिकारी नाराज नजर आए। सभी संचालकों को साफ चेतावनी दी गई है कि गंदगी या खराब खाद्य सामग्री मिलने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण कुल्फी, आइसक्रीम, जूस और अन्य ठंडी चीजों की मांग तेजी से बढ़ी है। अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई दुकानदार गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं और खराब सामग्री या अस्वच्छ पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी खाद्य सामग्री के सेवन से लोगों में उल्टी, दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है। कई दुकानों में पुराने केक, पेस्ट्री और नाश्ते की चीजों को फ्रिज में रखकर दोबारा बेचे जाने की शिकायतें भी मिली हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए अभियान लगातार चलाया जाएगा, जो जून तक जारी रहेगा।

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रायपुर में महिला से चेन लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी का सोना खरीदने वाला सुनार भी पकड़ा गया

राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में महिला से सोने की चेन लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में चोरी की चेन खरीदने वाले सुनार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पांच दिनों में करीब 150 CCTV फुटेज की जांच की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान तिल्दा नेवरा निवासी विवेक उर्फ छोटू के रूप में हुई है, जबकि चोरी का सोना खरीदने वाले सुनार का नाम प्रशांत उर्फ संतु केशरवानी बताया गया है। घटना 29 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6:40 बजे की है। पीड़िता हेमलता वैध अपने घर के बाहर पानी का नल लगाने निकली थीं। इसी दौरान बाइक सवार एक नाबालिग उनके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। घटना के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मयंक गुर्जर, स्मृतिक राजनाला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. मानसी साकोरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब 150 CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और वाहन संबंधी जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में विवेक उर्फ छोटू ने वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने लूटी गई चेन प्रशांत उर्फ संतु केशरवानी को बेच दी थी। इसके बाद पुलिस ने सुनार को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चेन को गलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 16 ग्राम सोना, 1.5 लाख रुपए नकद और घटना में इस्तेमाल बाइक जब्त की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर NSUI का CM हाउस घेराव आज, बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने जताया समर्थन

रायपुर में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर आज 7 मई को NSUI शाम 4 बजे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और युवा नेताओं ने अपनी राय रखी। दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही छात्र संघ चुनाव के समर्थन में नजर आए, हालांकि चुनाव नहीं होने को लेकर दोनों दलों ने एक-दूसरे पर सवाल भी उठाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि छात्र संघ चुनाव नेतृत्व तैयार करने की पहली पाठशाला होते हैं। उनके मुताबिक विश्वविद्यालय और कॉलेजों में होने वाले चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संगठन क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के कई बड़े नेता छात्र राजनीति से निकलकर आगे आए हैं। कांग्रेस शासनकाल में चुनाव नहीं होने के सवाल पर प्रमोद दुबे ने कहा कि सरकार तैयार थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय दुबे ने भी छात्र संघ चुनाव को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं को निर्वाचित प्रतिनिधि बेहतर तरीके से प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। उनके अनुसार 18 साल का युवा जब देश के जनप्रतिनिधि चुन सकता है, तो उसे अपने कॉलेज में भी प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि मृत्युंजय दुबे ने कांग्रेस और NSUI पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी चुनाव बंद रहे, तब संगठन ने इस मुद्दे पर ज्यादा आवाज नहीं उठाई। भाजयुमो के पूर्व प्रदेश मंत्री और PTRSU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रखर मिश्रा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं को राजनीति में आगे आने का मौका देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र राजनीति में ABVP के प्रभाव के कारण अब NSUI चुनाव की मांग को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। इस पर पलटवार करते हुए NSUI जिलाध्यक्ष शांतनु झा ने कहा कि 2019 से 2022 तक कोरोना महामारी के चलते छात्र संगठन चुनाव नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सरकार दोबारा बनती, तो चुनाव जरूर कराए जाते। उन्होंने कहा कि NSUI लगातार छात्र हित में आंदोलन कर रही है और अब भी चुनाव कराने की मांग पर अड़ी हुई है।

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रायपुर के रावाभाठा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद, कांग्रेस नेता के रिश्तेदार से पूछताछ की तैयारी

राजधानी रायपुर के रावाभाठा इलाके में एक मकान से संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर नॉर्थ थाना पुलिस, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामला रविशंकर शुक्ल वार्ड नंबर-13 का बताया जा रहा है। पुलिस को मौके से बैटरी, वायर, एयरगन, केमिकल से भरी दो बोतलें और डेटोनेटर जैसी सामग्री बरामद हुई है। डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर ने बताया कि बरामद सामान की जांच की जा रही है और पूरे मामले का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, यह मकान मितानिन पुष्पा साहू का है। बुधवार शाम बीरगांव निवासी विनय देवांगन एक बैग लेकर वहां पहुंचा था। उसने बैग को घर में रखने के लिए कहा और बाद में लेने की बात कहकर चला गया। बैग पर शक होने के बाद पुष्पा साहू ने वार्ड पार्षद अश्वनी यादव को इसकी जानकारी दी। अगली सुबह पार्षद स्थानीय लोगों के साथ घर पहुंचे और बैग की जांच की। बैग खोलने पर उसमें एयरगन और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री जैसी चीजें मिलीं। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है। पुलिस अब विनय देवांगन से पूछताछ की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि वह एक कांग्रेस नेता का रिश्तेदार है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है।

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पद्मश्री फूलबासन बाई का अपहरण प्रयास नाकाम, चेकिंग में पकड़े गए आरोपी

छत्तीसगढ़ के Rajnandgaon जिले में पद्मश्री सम्मानित Phoolbasan Bai Yadav के अपहरण की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। मंगलवार सुबह कुछ लोगों ने उन्हें बहाने से घर से बाहर बुलाकर कार में बैठाया और हाथ-पैर बांधकर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में पुलिस चेकिंग के दौरान आरोपी पकड़े गए। जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी खुशबू साहू अपने साथियों के साथ फूलबासन बाई के घर पहुंची और जरूरी चर्चा व फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर उन्हें बाहर बुलाया। इसके बाद उन्हें कार में बैठाकर हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर कपड़ा लपेट दिया, ताकि वे मदद के लिए आवाज न लगा सकें। आरोपी खैरागढ़ की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी चिखली चौकी के पास पुलिस की रूटीन चेकिंग में उनकी गाड़ी को रोका गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया, जिससे शक गहरा गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खुशबू साहू समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया और महिला को सुरक्षित छुड़ा लिया। जांच में सामने आया है कि खुशबू साहू पिछले कुछ महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। उस पर पहले से भी महिलाओं से ट्रेनिंग के नाम पर अवैध वसूली के आरोप हैं। पुलिस को आशंका है कि यह घटना किसी बड़ी साजिश या आर्थिक उगाही से जुड़ी हो सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। Devendra Yadav ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए फूलबासन बाई को उचित सुरक्षा देने की मांग की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है।

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रायपुर में ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, नमन जग्गी-आयुष जैन समेत 3 गिरफ्तार

राजधानी Raipur में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 9 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मामला Telibandha थाना क्षेत्र का है और पुलिस जल्द पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। वे “तीन पैनल 777” नाम से अलग-अलग वेबसाइट और पैनल चलाते थे, जिनके जरिए मास्टर आईडी बनाकर खिलाड़ियों को जोड़ा जाता था। यह नेटवर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से तेजी से फैलाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से सट्टा-पट्टी, मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस सट्टा नेटवर्क के तार शहर के कुछ बड़े कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में 2 कार, 5 मोबाइल फोन और करीब 6 हजार रुपए नकद भी जब्त किए हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है। इससे पहले 17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह हाई-प्रोफाइल लोगों को टारगेट कर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जोड़ता था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के देश और विदेश तक फैले कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।

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अटल यूनिवर्सिटी में NSUI का घेराव, कुलसचिव को हटाने की मांग तेज

बिलासपुर स्थित Atal Bihari Vajpayee Vishwavidyalaya में मंगलवार को National Students’ Union of India (NSUI) ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी, छात्राओं से मारपीट और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों को लेकर कुलसचिव को पद से हटाने की मांग उठाई। NSUI के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को नारियल भेंट कर विरोध जताया और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें कुलसचिव के कार्यकाल में अनियमितताओं, छात्रहित की अनदेखी और हाल की हिंसक घटनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। ज्ञापन में 4 मई को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी की घटना का विशेष उल्लेख किया गया, जिसमें एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे कई टांके लगाने पड़े थे। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि इतने बड़े कार्यक्रम के बावजूद स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, जो गंभीर लापरवाही है। उनका कहना है कि इससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी चाहिए। NSUI ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। छात्रों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और कई विभागों में क्लासरूम की भी कमी है। वहीं, परीक्षा परिणामों में लगातार त्रुटियां आने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्र संगठन ने पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे कमाई का जरिया बताया। NSUI ने कुलपति से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और कुलसचिव के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें पद से हटाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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