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राजनांदगांव धर्मांतरण मामले में फरार आरोपी डेविड चाको गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी डेविड चाको (55) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने और बिना अनुमति के आश्रम संचालित करने का आरोप है। प्रार्थना सभा की आड़ में जुटाए जाते थे लोग मामला लालबाग थाना क्षेत्र की सुकुलदेहन चौकी का है। 8 जनवरी को मिली शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने घर पर प्रार्थना सभाएं आयोजित कर लोगों को बुलाता था और उन्हें विभिन्न तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। पुलिस के अनुसार, आश्रम बिना वैधानिक अनुमति के संचालित किया जा रहा था और वहां नाबालिग बच्चों को भी रखा गया था। आरोपी पिछले करीब दो महीनों से फरार था, जिसे धर्मापुर क्षेत्र से पकड़ा गया। प्रचार सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में धार्मिक प्रचार से जुड़ी सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया। इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, सोलर प्रोजेक्टर, चर्च से संबंधित रजिस्टर, सदस्य सूची, आवेदन फॉर्म और प्रशिक्षण दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा भविष्य में धर्मांतरण की योजनाओं से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज और पुस्तकें भी जब्त की गई हैं। विदेशी फंडिंग की भी जांच पुलिस को शक है कि इस गतिविधि में विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल हो सकता है। इस दिशा में आरोपी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क की पूरी कड़ियों का पता लगाया जा सके। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने रिमांड की मांग की है। मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है। पहले भी विवादों में रहा आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं को लेकर विवादों में रहा है। नेहरू नगर स्थित उसके निवास पर विरोध के बाद उसने अपनी गतिविधियां धर्मापुर के एक निजी भवन में स्थानांतरित कर दी थीं। वह स्वयं को एक चर्च संगठन का प्रतिनिधि बताकर कार्यक्रम संचालित करता था। केरल का रहने वाला, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच जांच में सामने आया है कि डेविड चाको मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले का निवासी है और कई वर्षों से राजनांदगांव में रह रहा था। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह वर्ष का कुछ समय भारत और कुछ समय विदेश में बिताता था, जिसके चलते उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड और तस्वीरों में वह धार्मिक सभाओं में उपदेश देते तथा जलस्रोतों में बपतिस्मा कराते हुए दिखाई दिया है, जिससे उसके सक्रिय प्रचार कार्यों की पुष्टि होती है।

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बिरगांव के गाज़ी नगर जामा मस्जिद में अदा हुई ईद की नमाज़, समाजसेवक पंकज शर्मा व महापौर नंदलाल देवांगन रहे शामिल

बिरगांव के गाज़ी नगर स्थित जामा मस्जिद में ईद की नमाज़ बड़े ही अकीदत, श्रद्धा और शांति के साथ अदा की गई। सुबह से ही नमाज़ियों का मस्जिद परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था और देखते ही देखते भारी संख्या में लोग नमाज़ के लिए जुट गए। नमाज़ अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी तथा अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। इस दौरान पूरा इलाका ईद की खुशियों और उत्साह से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर समाजसेवक पंकज शर्मा, बिरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन, वार्ड 28 के पार्षद इकराम अहमद तथा वार्ड 29 के पार्षद मोहम्मद रियाज़ भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ईद का त्योहार प्रेम, सद्भाव और एकता का प्रतीक है, जो समाज को जोड़ने का संदेश देता है। ईद के मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर मुबारकबाद दी और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। यह पावन पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द और इंसानियत का संदेश देता है, जिसे पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया।

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धर्मांतरण पर सख्त कानून: छत्तीसगढ़ में आजीवन कारावास तक की सजा, शादी के लिए धर्म बदलना भी अवैध

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने “धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026” को पास कर दिया है, जिसके तहत अवैध धर्मांतरण कराने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया गया है। \ नए कानून के अनुसार, अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर दोषी व्यक्ति को 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना होगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा 10 से 20 साल तक और न्यूनतम जुर्माना 10 लाख रुपये होगा। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और भी कठोर है—10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की जेल और कम से कम 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति पहले भी ऐसे मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और दोबारा अपराध करता है, तो उसे सीधे उम्रकैद हो सकती है। कानून में यह भी प्रावधान है कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला कलेक्टर को आवेदन देना होगा। धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले पादरी, मौलवी या पुजारी को भी पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति धर्मांतरण कराना अवैध माना जाएगा और तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है। शादी के लिए धर्म बदलने पर भी सख्ती की गई है। यदि विवाह केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया पाया गया, तो अदालत उसे शून्य घोषित कर सकती है। सरकार ने विदेशी फंडिंग और संस्थाओं की भूमिका पर भी निगरानी कड़ी कर दी है। दोषी पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। मामलों की सुनवाई के लिए प्रत्येक जिले में विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, ताकि छह महीने के भीतर फैसला हो सके।

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छत्तीसगढ़ में RSS का महा अभियान: 30 लाख से ज्यादा परिवारों तक पहुंचा संघ, संगठन में भी होगा बड़ा बदलाव

Rashtriya Swayamsevak Sangh ने अपने शताब्दी वर्ष के मौके पर Chhattisgarh में अब तक का सबसे बड़ा ‘गृह संपर्क अभियान’ पूरा करने का दावा किया है। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने करीब 30.55 लाख परिवारों तक पहुंच बनाकर सीधे संवाद किया, जिससे संगठन की जमीनी पकड़ और मजबूत हुई है। संघ के अनुसार, प्रदेश भर में 2,034 बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 9 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। उल्लेखनीय बात यह रही कि इन कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा रही। संपर्क अभियान के तहत 13 हजार से अधिक गांवों और 600 से ज्यादा शहरी बस्तियों को कवर किया गया। संगठन ने भविष्य में निर्णय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए अपने ढांचे में बदलाव की भी घोषणा की है। मार्च 2027 से मौजूदा प्रांत व्यवस्था की जगह संभाग आधारित संरचना लागू की जाएगी, जिसके तहत देश को 9 क्षेत्रों और 85 संभागों में विभाजित किया जाएगा। संघ के कार्य विस्तार की बात करें तो प्रदेश के सभी 34 जिलों में 2,000 से अधिक शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इनमें बड़ी संख्या विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाओं की है, जो युवाओं के बढ़ते जुड़ाव को दर्शाती है। राजधानी Raipur में भी संघ की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं, जहां सैकड़ों बस्तियों में शाखाएं सक्रिय बताई जा रही हैं। युवा वर्ग को जोड़ने के लिए ‘युवा संगम’ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें 23 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में राष्ट्र निर्माण, उद्यमिता और सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई। शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने ‘पंच परिवर्तन’—कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता—को समाज में व्यवहारिक रूप से अपनाने का लक्ष्य रखा है।

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बिलासपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न, हिंदू नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि राम सिंह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्हें देशद्रोही बताया गया और ईरान भेजने की बात कही गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्ट के बाद उजागर हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। घटना का क्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद बिलासपुर में ठाकुर राम सिंह ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खामेनेई के प्रति मातम मनाने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और भारतीय मुसलमानों को देशद्रोही करार देते हुए ईरान भेजने की बात कही। मुस्लिम समाज में नाराजगी राम सिंह के इस व्यवहार और पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सरकंडा थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लोगों का आरोप है कि राम सिंह की टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और शहर की शांति भी प्रभावित हो सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला शहर रहा है। ऐसे भड़काऊ बयानों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सौहार्द बिगड़ने की संभावना होती है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की किसी भी भड़काऊ टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पुलिस की कार्रवाई सरकंडा थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बलरामपुर में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, पंचायत ने रखीं अपमानजनक शर्तें

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पंचायत द्वारा उसके परिवार के खिलाफ सामाजिक दंड सुनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत ने पीड़िता के परिवार को 12 साल तक समाज से अलग रखने का फैसला किया और कई अपमानजनक शर्तें भी रख दीं। यह मामला वाड्रफनगर विकासखंड के बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार, पंचायत की बैठक में सरपंच और पंचों ने आरोपी युवक को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार को ही दोषी ठहराते हुए उनके बहिष्कार का निर्णय लिया। पंचायत के कथित फैसले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार अगले 12 वर्षों तक गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। पंचायत की विवादित शर्तें परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अपमानजनक शर्तें रखीं। सरपंच जवाहिर लाल के अनुसार, अगर परिवार समाज में वापस आना चाहता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। इसके अलावा पूरे गांव को बकरा-भात और शराब का भोज देने की भी बात कही गई। पंचायत के इस फैसले से पीड़ित परिवार काफी डरा और परेशान है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीओपी कार्यालय में करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जानकारी लेकर पंचायत को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में सरपंच जवाहिर लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंचायत द्वारा परिवार के बहिष्कार की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पंचायत ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और यह पंचायत को बदनाम करने की साजिश है। सात महीने की गर्भवती है पीड़िता जानकारी के अनुसार युवक और युवती एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में शादी से इंकार करता रहा। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब युवती ने परिवार को इस बारे में बताया, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी को बसंतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि 25 फरवरी को गांव में पंचायत की बैठक हुई, जिसके बाद पीड़िता के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन जांच कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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होली 2026: चेहरे से रंग हटाने के लिए बेस्ट घरेलू नुस्खे, केमिकल रंगों से बचें

होली और होलिका दहन के साथ ही पूरे राज्य में त्योहार की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान उत्साह में कई लोग केमिकल रंगों का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। रंग जल्दी निकलने की जल्दी में लोग कई बार डीटर्जेंट या अन्य हार्श केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर बीपी और शुगर के मरीज अपने रंग खेलने में सतर्क रहें। होली खेलने से पहले और बाद में कुछ सावधानियों को अपनाना जरूरी है: इसके साथ ही, घरेलू उपाय जैसे बेसन-दही, हल्का नारियल तेल, और गुलाब जल का इस्तेमाल रंग हटाने में सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। इस तरह सावधानी बरतकर आप खुशियों का रंग बनाए रख सकते हैं और त्वचा को नुकसान से बचा सकते हैं।

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होली से पहले नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 130 वाहन जब्त

होली पर्व से पहले राजधानी में शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 130 वाहन चालकों की गाड़ियां जब्त की गईं और कई चालक कार्रवाई के बाद पैदल ही घर लौटते नजर आए। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विकास कुमार के मार्गदर्शन में शहरभर में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के नेतृत्व में सहायक पुलिस आयुक्तों की टीम ने शाम से देर रात तक वाहन चालकों की सघन जांच की। सभी चेकिंग पॉइंट पर ब्रीथ एनालाइजर मशीन से वाहन चालकों की जांच की गई। जांच के दौरान 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। कार्रवाई में 39 कार, 73 मोटरसाइकिल, 3 ट्रक और 15 टाटा एस पिकअप व ई-रिक्शा जब्त किए गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। जब्त वाहन यातायात मुख्यालय और संबंधित थानों में सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये मामले होली के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। शराब पीकर वाहन चलाने पर प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि होली तक विशेष रूप से रात के समय चेकिंग जारी रहेगी और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर के कटोरा तालाब स्थित कैफे में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद, 4 लोग हिरासत में

रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत कटोरा तालाब इलाके में स्थित डिवाइन कैफे में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर सोमवार को विवाद की स्थिति बन गई। सभा के दौरान धर्म परिवर्तन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह कैफे में एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 100 से 150 लोग मौजूद थे। आरोप है कि सभा के दौरान कुछ लोगों ने ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों से धर्म परिवर्तन की अपील की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सभा में शामिल कुछ वक्ताओं ने अन्य देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की और यीशु मसीह को सर्वोपरि बताया। हिंदू संगठन से जुड़े योगेश बरिहा को इस कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर वे अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कथित धर्मांतरण के प्रयासों का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और नारेबाजी भी हुई। नौकरी और इलाज का प्रलोभन देने का आरोप शिकायत के मुताबिक, सभा में मौजूद लोगों को कथित तौर पर यह कहा गया कि यदि वे ईसाई धर्म अपनाते हैं तो उन्हें नौकरी और इलाज जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। विरोध के दौरान कथित रूप से धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति भी बनी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सैफीन, आमीन, उदय और श्रीकांत नामक चार लोगों को हिरासत में लिया है। कुछ अन्य लोग मौके से चले गए। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण कानून क्या कहता है? राज्य में छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है। इस कानून के तहत बल, प्रलोभन या कपट के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में सजा और जुर्माने का प्रावधान है। नियमों के अनुसार, धर्म परिवर्तन से पूर्व संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष निर्धारित अवधि पहले सूचना देनी होती है। हाल ही में राज्य सरकार ने कानून को और सख्त बनाने के लिए संशोधित मसौदा भी तैयार किया है, जिसमें प्रलोभन, विवाह या धोखे से कराए गए धर्म परिवर्तन को अवैध माना गया है। रविवार को क्यों बढ़ते हैं ऐसे विवाद? ईसाई समुदाय में रविवार को प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। कई बार इन सभाओं में अन्य समुदायों के लोग भी शामिल होते हैं। ऐसे में यदि किसी पक्ष को धार्मिक प्रचार या धर्म परिवर्तन का संदेह होता है, तो विरोध और टकराव की स्थिति बन जाती है। प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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होली से पहले ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कन्फर्म टिकट के नाम पर 600 से 1000 रुपए तक अतिरिक्त वसूली

रायपुर। होली के मौके पर घर लौटने की होड़ के बीच रायपुर जंक्शन से चलने वाली अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। दिल्ली, बिहार, यूपी और मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग चल रही है, जबकि कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन चुकी है। इसी बीच शहर में सक्रिय कुछ एजेंट कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं। लंबी वेटिंग से परेशान यात्री त्योहार से पहले एसी और स्लीपर कोच लगभग फुल हैं। वाराणसी और प्रयागराज रूट पर भी राहत नहीं है। कई यात्रियों ने बताया कि लगातार कोशिश के बावजूद उन्हें सिर्फ वेटिंग टिकट ही मिल रहा है। जबलपुर जाने वाले एक यात्री ने कहा कि कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार लंबी वेटिंग मिल रही है। वहीं रांची जाने वाले यात्री ने बताया कि स्लीपर में वेटिंग ज्यादा होने के कारण उन्हें जनरल टिकट लेकर सफर करना पड़ेगा। एजेंटों का दावा- पैसा दो, कन्फर्म टिकट लो पड़ताल के दौरान शहर के दो एजेंटों से संपर्क किया गया। एक एजेंट ने प्रयागराज के लिए थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया और किराए के अलावा अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि टिकट कन्फर्म मिलेगा, बस समय पर भुगतान करना होगा। स्टेशन के पास एक अन्य ट्रैवल एजेंसी ने भी तत्काल टिकट दिलाने की बात कही। एजेंट ने प्रति टिकट 600 रुपए अतिरिक्त चार्ज की मांग की और आधी रकम एडवांस देने को कहा। जब सर्वर डाउन की समस्या का सवाल उठाया गया तो जवाब मिला कि “आपको सर्वर से मतलब नहीं, टिकट मिल जाएगा।” सूत्रों के अनुसार, कुछ एजेंट अलग-अलग स्टेशनों से टिकट बुक कर या पहले से ब्लॉक टिकट के जरिए यह काम करते हैं। प्रमुख रूटों पर स्थिति दिल्ली रूट: गोंडवाना एक्सप्रेस में स्लीपर नो रूम, एसी थर्ड में वेटिंग; संपर्क क्रांति और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग। बिहार रूट: साउथ बिहार एक्सप्रेस और होली स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच में दर्जनों वेटिंग। वाराणसी-प्रयागराज रूट: कई ट्रेनों में स्लीपर फुल और एसी में भी लंबी प्रतीक्षा सूची। मुंबई रूट: हावड़ा-मुंबई और गीतांजली एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में स्लीपर में नो रूम या भारी वेटिंग। कई ट्रेनें घंटों देरी से रायपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी 5 से 8 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कोरबा-यशवंतपुर, शालीमार-मुंबई एलटीटी, आजाद हिंद और हावड़ा-अहमदाबाद जैसी ट्रेनों में लंबा विलंब दर्ज किया गया। रेलवे का क्या कहना है रायपुर मंडल के कमांडेंट रमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन एजेंटों को अधिकृत अनुमति नहीं है, उनके द्वारा टिकट बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। हाल ही में तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है और शिकायत मिलने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ एजेंट दूसरे स्टेशनों से टिकट बुक कर देते हैं या पहले से टिकट निकालकर रखते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होती है। त्योहार के मौसम में बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों को सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करने की सलाह दी गई है।

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