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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हेलिकॉप्टर गड्ढे में फंसा, पुलिस-फायर टीम ने धक्का देकर निकाला

केरल के पथानामथिट्टा जिले में बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान गड्ढे में फंस गया। यह घटना राजीव गांधी स्टेडियम में हुई, जहां जल्दबाजी में बनाए गए हेलीपैड पर भारतीय वायुसेना का MI-17 हेलिकॉप्टर उतरते ही धंस गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हेलिकॉप्टर को धक्का देकर बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, हेलीपैड का कंक्रीट पूरी तरह सूखा नहीं था, जिससे हेलिकॉप्टर का वजन झेल नहीं पाया और जमीन धंस गई। मूल रूप से लैंडिंग निलक्कल (पंबा के पास) पर होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उसे प्रामदम में बदल दिया गया। हालांकि, इस घटना से राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने सड़क मार्ग से सबरीमाला मंदिर पहुंचकर भगवान अयप्पा के दर्शन किए। वह इस मंदिर में दर्शन करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। सबरीमाला मंदिर और यात्रा कार्यक्रम राष्ट्रपति मुर्मू 24 अक्टूबर तक केरल प्रवास पर हैं। वे गुरुवार को राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति के. आर. नारायणन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी और वर्कला में शिवगिरी मठ में श्री नारायण गुरु की महा-समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगी। इसके अलावा वे कोट्टायम और एर्नाकुलम में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। भगवान अयप्पा और सबरीमाला मंदिर की कथा सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है, जिन्हें पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव और मोहिनी (भगवान विष्णु का स्त्री रूप) का पुत्र माना जाता है। यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है और सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है। यहां दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को 41 दिनों का व्रत और संयम का पालन करना पड़ता है। महिलाओं के प्रवेश पर विवाद मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं का प्रवेश परंपरागत रूप से वर्जित रहा है। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया, जिसके बाद राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। मामला अब सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच के पास विचाराधीन है। सबरीमाला गोल्ड विवाद मंदिर में दान किए गए सोने की मात्रा में कमी को लेकर 2025 में नया विवाद खड़ा हुआ। जांच रिपोर्ट में लगभग 4.5 किलो सोना गायब होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद केरल सरकार पर विपक्ष ने निशाना साधा।

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दुर्ग कोर्ट ने भाजपा याचिका खारिज की: साधना सिंह और अभय सोनी पार्षद बने रहेंगे

दुर्ग। भिलाई नगरीय निकाय चुनाव के दौरान मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाली भाजपा प्रत्याशियों की याचिका को जिला न्यायालय ने 16 अक्टूबर को खारिज कर दिया। कोर्ट ने वार्ड 56 की कांग्रेस पार्षद साधना सिंह और वार्ड 64 के पार्षद अभय सोनी को उनके पदों पर बने रहने की अनुमति दी और रिकाउंटिंग से इनकार कर दिया। पूरा मामला क्या था? यह विवाद 2021 के नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा था। उस समय साधना सिंह ने एक वोट से और अभय सोनी ने पाँच वोटों से जीत दर्ज की थी। करीबी नतीजों के बाद भाजपा प्रत्याशी जे. ललिता (वार्ड 56) और उपासना साहू (वार्ड 64) ने चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की। भाजपा प्रत्याशियों ने मांग की थी कि चुनाव परिणाम को शून्य घोषित किया जाए और मतों की पुनर्गणना की जाए। कोर्ट ने रिकाउंटिंग से इनकार किया अदालत ने स्पष्ट किया कि पुनर्गणना का आदेश केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर दिया जा सकता है, केवल आरोपों के आधार पर नहीं। न्यायालय ने पाया कि इस मामले में कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे, इसलिए रिकाउंटिंग की मांग खारिज कर दी गई। इस फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई और इसे जनादेश की जीत और पारदर्शिता का उदाहरण बताया। वहीं, भाजपा प्रत्याशियों के सभी आरोपों को निराधार करार दिया गया। अदालत के इस आदेश के साथ यह स्पष्ट हो गया कि साधना सिंह और अभय सोनी अपने पार्षद पदों पर बने रहेंगे और मतों की पुनर्गणना नहीं की जाएगी।

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भाजपा ने जारी किया भूपेश-बघेल के पूर्व ओएसडी का वीडियो, पाटन में दुकान आवंटन विवाद और ‘गुंडागर्दी’ का आरोप

छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी रहे आशीष वर्मा से जुड़ा एक वीडियो राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा ने इसे ‘गुंडागर्दी’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस ने इसे अधूरा और भ्रामक करार देते हुए सफाई दी है। भाजपा का आरोप भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर 21 सेकेंड का वीडियो साझा किया और दावा किया कि भूपेश सरकार के दौरान नियम-कायदों को अपनी निजी जागीर समझने वाले लोग अब अधिकारियों को धमका रहे हैं। भाजपा के अनुसार, वीडियो में आशीष वर्मा अधिकारियों को ‘आपका भी परिवार है’ कहकर धमकी देते हुए दिख रहे हैं। भाजपा के कैप्शन में लिखा गया:“भूपेश के ओएसडी रहे आशीष वर्मा की पाटन में चल रही गुंडागर्दी शर्मनाक है। भूपेश जी अपने गुर्गों को संभालिए, जो अधिकारियों को धमका रहे हैं।” कांग्रेस का खंडन कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का फौरन खंडन किया और पूरा 51 सेकेंड का वीडियो जारी किया। उनका दावा है कि भाजपा ने संपादित वीडियो चलाकर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों की छवि खराब करने की कोशिश की। कांग्रेस के अनुसार, पूरा वीडियो दिखाता है कि वर्मा किसी को धमका नहीं रहे थे, बल्कि नियम और कानून का पालन करने की सलाह दे रहे थे। कांग्रेस द्वारा जारी वीडियो में वर्मा कहते हैं:“आप अधिकारी हैं, नियम को फॉलो करवाने के लिए बैठे हैं। यदि जनप्रतिनिधि गलत प्रस्ताव लाता है, तो उसे रोकना आपकी जिम्मेदारी है। नियम न मानने पर दंड अधिकारी को ही मिलेगा।” वर्मा की सफाई आशीष वर्मा ने कहा कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी, बल्कि समझाइश दी। उनका कहना है कि अधिकारियों का काम नियम और संविधान का पालन कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आधा वीडियो चलाकर भ्रम फैलाया। भाजपा का रुख दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि वीडियो में जो देखा जा रहा है, वही सच्चाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के दौरान भ्रष्टाचार और दादागिरी का माहौल था और अब भी कांग्रेस उसी मानसिकता में है कि सरकारी व्यवस्था उनकी निजी जागीर है। विवाद की जड़: पाटन नगर पंचायत में दुकानों का आवंटन विवाद पाटन नगर पंचायत के दुकान आवंटन से जुड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के कार्यकाल में बस स्टैंड के पास फुटकर व्यापारियों के लिए व्यवसायिक परिसर का निर्माण हुआ। 2022 में भवन तैयार होने के बावजूद आवंटन में देरी हुई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष आभास दुबे का आरोप है कि 193 आवेदकों में से केवल 37 को बिना सूचना चुना गया, रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं हुआ और ज्यादातर दुकानों पर बीजेपी से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचा। इसी कारण हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की गई और फिलहाल आवंटन पर रोक लगी है। प्रशासनिक जांच दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आदेश दिए कि नगर पंचायत पाटन में दुकानों के आवंटन में मिली भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की जाए। एसडीएम पाटन को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायत के सीएमओ हेमंत वर्मा और अध्यक्ष योगेश भाले से संपर्क नहीं हो पाया।

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पूर्व CM भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते आचार संहिता का उल्लंघन किया और उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है। 🔹 बीजेपी सांसद विजय बघेल की याचिका याचिका दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम की विधायकी समाप्त करने की मांग की।पूर्व में भूपेश बघेल ने इस याचिका को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि याचिका की सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है। 🔹 भूपेश बघेल का पक्ष सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की तरफ से 16 बिंदुओं के माध्यम से तर्क रखा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। उनका कहना था कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और ना ही आचार संहिता उल्लंघन का कोई ठोस सबूत पेश किया गया है। 🔹 चुनाव प्रचार में समय सीमा उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ता विजय बघेल का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने निर्धारित प्रचार समय समाप्त होने के बावजूद पाटन में प्रचार किया। इस आधार पर उन्होंने उनकी विधायकी रद्द करने की मांग की थी। 🔹 दोनों पक्षों की दलीलें और फैसला सुरक्षित 14 अक्टूबर को जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब अदालत अगली तारीख पर निर्णय सुनाएगी।

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में ‘मिलेट मैन ऑफ इंडिया’ डॉ. खादर वली का संबोधन: बोले — गेहूं-धान पर निर्भरता छोड़कर पारंपरिक फसलों को अपनाना होगा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) और कृषक कल्याण परिषद, छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित एक विशेष सेमिनार में पद्मश्री डॉ. खादर वली, जिन्हें देशभर में ‘मिलेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है, ने मिलेट्स (श्री अन्न) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. वली ने कहा कि भारत में कभी बाजरा, ज्वार, कोदो, रागी जैसी फसलें किसानों और आम जनता के जीवन का हिस्सा थीं, लेकिन हरित क्रांति के बाद गेहूं और धान पर अत्यधिक निर्भरता के कारण पारंपरिक फसलें पीछे छूट गईं। उन्होंने कहा — “हम केवल दो फसलों पर निर्भर रहकर अपने स्वास्थ्य और कृषि प्रणाली दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” 🌾 जलवायु अनुकूल और कम लागत वाली फसलें डॉ. वली ने बताया कि मिलेट्स ऐसी फसलें हैं जो कम पानी, कम उर्वरक और कठिन जलवायु में भी बेहतर उत्पादन देती हैं।उन्होंने कहा — “10 से 35 डिग्री तापमान इनके लिए उपयुक्त है। ये C4 प्रकार के पौधे हैं, जो कम संसाधनों में भी अधिक उपज देते हैं और पर्यावरण के लिए टिकाऊ हैं।” 💪 ‘मिलेट्स से मजबूत होगा स्वास्थ्य’ अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि मिलेट्स में प्राकृतिक फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पाचन, ब्लड शुगर कंट्रोल और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं।उन्होंने कहा — “अगर लोग अपने भोजन में फिर से मिलेट्स शामिल करेंगे, तो भारत न केवल स्वस्थ बनेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी होगा।” 📚 अनुसंधान और प्रचार की जरूरत डॉ. वली ने विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों और छात्रों से अपील की कि वे मिलेट्स पर नए अनुसंधान और नवाचार करें ताकि यह फसल फिर से किसानों की पहली पसंद बन सके। 🎓 कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागी कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र चंद्रवंशी (अध्यक्ष, कृषक कल्याण परिषद) ने की।मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आरती गुहे, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी और डॉ. एस.एस. टुटेजा मौजूद रहे।प्रतिभागियों को “मिलेट न्यूट्री” के उत्पाद जैसे ज्वार चिवड़ा, पीनट कुकीज, कोदो ग्लूटेन-फ्री कुकीज, बाजरा पॉप्स और रागी पापड़ी वितरित किए गए।कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बनर्जी, सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया।

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हाईकोर्ट नाराज़: मंत्री के निज सचिव की पत्नी ने सड़क पर काटा केक, सरकार से सख्त कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निज सचिव राजेंद्र दास की पत्नी का सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में लग्जरी कार की बोनट पर केक काटते और आतिशबाजी करते दृश्य दिख रहे हैं। इस पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है और सरकार को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को इस घटना पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। वायरल वीडियो में राजेंद्र दास की पत्नी सफेद कार की बोनट पर केक काटती नजर आ रही हैं, जबकि आसपास पटाखे फूट रहे हैं और वीडियो शूट किया जा रहा है। कांग्रेस ने यह वीडियो पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि क्या हाईकोर्ट के नियम सिर्फ आम जनता पर लागू होते हैं, भाजपा नेताओं और उनके सहायकों पर नहीं? राजेंद्र दास ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “केक सड़क पर नहीं, घर के सामने गली में काटा गया था, और पटाखे भी मैंने नहीं फोड़े।” उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक बदनाम करने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन और तलवार या हथियार से केक काटने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं —

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टीएस सिंहदेव बोले- एक दिन के लिए CM बनने को तैयार, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी

छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने अजय चंद्राकर को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि अभी उन्हें CM नहीं बनाया गया है, बल्कि यह प्रस्ताव के तौर पर कहा गया है। उन्होंने कहा कि वह अजय चंद्राकर के घर शपथ ग्रहण के लिए जाएंगे, जहां अजय चंद्राकर शपथ की तैयारी कर रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि टीएस सिंहदेव केवल फिल्म जैसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “25-50 साल तक कांग्रेस के पास यह मौका नहीं है। जैसे फिल्म ‘नायक’ में अनिल कपूर एक दिन के लिए CM बने थे, वैसे ही बाबा सिर्फ फिल्मों में ही CM बन सकते हैं।” सिंहदेव ने कहा कि अजय चंद्राकर गवर्नर और CM साय से पहले से ही चर्चा कर चुके होंगे, ताकि इस्तीफे और मंजूरी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। उन्होंने अजय चंद्राकर के बारे में कहा कि वे अनुभवी और सुलझे हुए राजनेता हैं, लेकिन उनका अंदाज कभी-कभी मजाकिया भी होता है। सिंहदेव ने बिलासपुर में कहा था कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व के तहत चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी नहीं कहेंगे कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है। किसी भी नेता के लिए यह गलत होगा कि वह अपनी हसरत पूरी नहीं करे। अजय चंद्राकर ने अपने बयान में कहा था कि टीएस सिंहदेव को CM बनाकर सम्मान दिया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस में उनकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाएगी। वहीं मंत्री जायसवाल ने इसे लेकर कहा कि भाजपा की 54 सीटें थीं और कांग्रेस के पास 72 सीटें, लेकिन उन्हें एक दिन के लिए भी CM नहीं बनाया गया। संक्षेप में, टीएस सिंहदेव ने एक दिन के लिए CM बनने की इच्छा व्यक्त की, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने इसे फिल्मी अंदाज वाला बयान करार दिया।

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जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा के लिए पीएम मोदी की नई कृषि योजनाएं: स्पेशल एक्शन प्लान और हर स्तर पर मॉनिटरिंग

कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलहन आत्मनिर्भर मिशन और धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत की है। इन योजनाओं में छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को शामिल किया गया है। इन जिलों के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन पर हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी। 📌 100 जिलों में चयन देशभर में कुल 100 जिलों को चिन्हित किया गया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे। 🌾 मुख्यमंत्री ने दी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन दो नई योजनाओं से कृषि और किसान की स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कृषि विभाग के स्टालों का निरीक्षण किया और किसानों को ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अनुदान राशि प्रदान की। 💰 धन-धान्य और दलहन मिशन के लिए 41 हजार करोड़ प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30,000 करोड़ रुपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण सहित 1,100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। 🌱 जिलों के चयन का आधार 📝 एकीकृत योजना और मॉनिटरिंग योजना लागू करने से पहले इन जिलों में बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। नीति आयोग इस कार्य में मदद करेगा। योजना में केंद्र और राज्य के 11 प्रमुख मंत्रालयों की योजनाओं को शामिल कर एकीकृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, भूमि संसाधन, सूक्ष्म उद्योग और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे। इस पहल से छत्तीसगढ़ के इन जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और आर्थिक विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।

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छत्तीसगढ़ की 9 पार्टियों की मान्यता पर संकट: राज्य निर्वाचन आयोग की सुनवाई पूरी, अब केंद्रीय चुनाव आयोग लेगा अंतिम फैसला

छत्तीसगढ़ में 9 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की मान्यता अब खतरे में है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन दलों के खिलाफ सुनवाई पूरी कर ली है और अब अंतिम निर्णय केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा लिया जाएगा। 🔹 मान्यता खतरे में कौन-कौन से दल इन दलों में शामिल हैं: 🔹 चुनाव खर्च और ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने का आरोप इन सभी दलों पर आरोप है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लेखा परीक्षित वार्षिक खातों समय पर जमा नहीं किए। 🔹 आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत सभी दलों को कारण बताओ नोटिस भेजा। अब यह मामला केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा गया है, जो एक महीने के भीतर तय करेगा कि इन दलों की मान्यता बनी रहेगी या उन्हें पंजीकृत दलों की सूची से हटाया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: 570 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा, नेताओं-अफसरों की मिलीभगत सामने आई

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मदद से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करवाई। इस वसूली के नेटवर्क को देवेंद्र डडसेना और नवनीत तिवारी संचालित कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि वॉट्सएप ग्रुप्स — “पाल”, “वीकली”, “टावर” और “जुगनू” — के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया जाता था। इसमें कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था: चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ क्षेत्र की वसूली संभालता था और हर महीने रकम रायपुर के अनुपम नगर स्थित सूर्यकांत तिवारी के घर पहुंचाई जाती थी। 🔹 3 IPS अफसर भी संपर्क में थे ED की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में तीन IPS अधिकारी भी थे — पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल।इन अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जानकारी तिवारी को दी। पारूल माथुर पर यह भी आरोप है कि वह तिवारी के कहने पर कोयला वाहनों पर कार्रवाई करवाती थीं। इसके अलावा, कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ईडी अधिकारियों की जासूसी का आरोप है। 🔹 कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर से भी वसूली चार्जशीट के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपए प्रति टन और कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इस तरह कारोबारियों से दो बार कमीशन लिया जा रहा था।वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग ऑफिस बनाए गए थे। 🔹 नवनीत और मोइनुद्दीन संभालते थे फील्ड नेटवर्क रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन वसूली का पूरा संचालन करते थे। सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली डायरी में नवनीत (नीतू) के नाम के आगे 17.73 करोड़ रुपए दर्ज पाए गए हैं। 🔹 ACB-EOW ने 36 लोगों पर FIR दर्ज की ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों, IAS अधिकारियों और कारोबारियों सहित 36 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है।गिरफ्तारों में IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं।

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