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छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने के आसार, पावर कंपनी ने 24% टैरिफ बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर करीब 6 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया है। इसी के आधार पर कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को आंशिक या पूरी तरह से स्वीकार करता है, तो प्रदेश के घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली बिल में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दिसंबर में दाखिल की गई याचिका नियमों के अनुसार पावर कंपनी को हर साल दिसंबर में आगामी वित्तीय वर्ष के टैरिफ निर्धारण के लिए याचिका दाखिल करनी होती है। इस बार कंपनी ने 31 दिसंबर की समय-सीमा से एक दिन पहले 30 दिसंबर को ही आयोग में अपनी याचिका प्रस्तुत कर दी। याचिका में कंपनी ने 2026-27 के लिए अनुमानित आय, खर्च, संभावित लाभ और पूर्व वर्षों के घाटे का विस्तृत ब्यौरा दिया है। कंपनी का कहना है कि नए सत्र में होने वाले लाभ को पुराने घाटे में समायोजित करने के बाद भी लगभग 6 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की जरूरत पड़ेगी। 24% तक दर बढ़ाने का सुझाव पावर कंपनी ने याचिका के साथ नया टैरिफ प्लान भी जमा किया है, जिसमें बिजली दरों में औसतन 24 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव शामिल है। अब इस पर राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी। प्रक्रिया के तहत आम उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके बाद जनसुनवाई आयोजित होगी, जिसमें लोग अपनी राय और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम टैरिफ का फैसला करेगा। पहले भी किया था घाटे का दावा यह पहला मौका नहीं है जब पावर कंपनी ने बड़े घाटे का हवाला दिया हो। पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था। हालांकि, नियामक आयोग ने उस दावे को पूरी तरह स्वीकार न करते हुए घाटा केवल 500 करोड़ रुपये ही माना था। उस समय कंपनी ने 28,397.64 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता बताई थी, लेकिन आयोग ने केवल 25,636.38 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी थी। तब मामूली बढ़ोतरी पर लगी थी मुहर यदि पिछली बार कंपनी का पूरा घाटा मान लिया जाता, तो बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि होती। लेकिन आयोग के हस्तक्षेप के चलते बिजली दरें दो प्रतिशत से भी कम बढ़ाई गई थीं। अब एक बार फिर सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को कितनी मान्यता देता है। इसी पर तय होगा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आने वाले दिनों में बिजली कितनी महंगी पड़ेगी।

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ड्रग्स तस्करी में नेताओं के रिश्तेदारों की संलिप्तता, पूर्व यूथ कांग्रेस नेता बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार, साथी फरार

राजधानी में ड्रग्स माफिया और राजनीतिक रसूख के बीच संबंधों का मामला एक बार फिर सामने आया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि कुछ नेताओं के करीबी रिश्तेदार न केवल ड्रग्स पार्टियों में शामिल हो रहे हैं, बल्कि नशे के पदार्थों की खरीद–फरोख्त में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन को देखते हुए शहर में ड्रग्स की भारी खेप पहुंचाई गई थी, जिसे कई तस्करों ने पहले से स्टॉक कर रखा था। इसी कड़ी में बैजनाथपारा इलाके से नशे की हालत में गाड़ी चलाने के मामले में पूर्व यूथ कांग्रेस नेता राहुल ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसकी तलाशी के दौरान हेरोइन और एमडीएमए बरामद हुआ। इससे पहले भी कई नेताओं और उनके परिजनों के नाम ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आ चुके हैं। ड्रग्स पैडलर नव्या मलिक के मोबाइल से कई वीआईपी संपर्क नंबर मिलने के बाद राजनीतिक कनेक्शन की आशंका और गहराई है। राहुल ठाकुर से ड्रग्स की बरामदगी के बाद पुलिस ने बड़े सप्लाई नेटवर्क की संभावना जताते हुए जांच तेज कर दी है। क्राइम ब्रांच ने उससे देर रात तक पूछताछ की और उसके मोबाइल में मिले संदिग्ध नंबरों की पड़ताल की जा रही है। घटना की पूरी कहानीसोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात राहुल अपनी स्कॉर्पियो से बैजनाथपारा इलाके में तेज रफ्तार से गुजर रहा था। इस दौरान उसने कई कारों और दोपहिया वाहनों को टक्कर मारते हुए हंगामा किया। एक जगह दुर्घटना के बाद उसकी गाड़ी रुक गई और स्थानीय लोगों से उसका विवाद व मारपीट हो गई। इसके बाद वह गाड़ी लेकर घर चला गया, लेकिन रात करीब साढ़े तीन बजे दोबारा लौटा। इस बार उसके साथ तीन कारों में उसके साथी भी मौजूद थे। बैजनाथपारा पहुंचते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही राहुल के साथी मौके से फरार हो गए, जबकि राहुल को पकड़ लिया गया। उसके पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। बाद में की गई तलाशी में हेरोइन और एमडीएमए भी मिला। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राहुल वर्ष 2015 में हत्या के प्रयास और मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। संगठन से पहले ही हो चुका था निष्कासनयुवा कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष तुषार गुहा ने स्पष्ट किया है कि राहुल ठाकुर को दो महीने पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को उसे पार्टी से बाहर किया गया था और वर्तमान में उसका युवा कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है। बड़े नेटवर्क का खुलासापुलिस पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि ड्रग्स तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क राजधानी में सक्रिय है। जांच में सामने आया है कि राहुल कुशालपुर के एक तस्कर से हेरोइन और एमडीएमए मंगवाता था। पुलिस अब उस सप्लायर की तलाश में दबिश दे रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

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विधानसभा में अहम निर्णय: 9 घंटे से ज्यादा काम पर ओवरटाइम अनिवार्य

छत्तीसगढ़ विधानसभा में दुकानों और प्रतिष्ठानों से जुड़े कानून में बड़ा बदलाव किया गया है। विधानसभा के बुधवार सत्र में छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन को मंजूरी दी गई। नए प्रावधानों के तहत अब किसी कर्मचारी से यदि प्रतिदिन 9 घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम लिया जाता है, तो उसे ओवरटाइम भुगतान देना अनिवार्य होगा। संशोधित कानून के अनुसार, महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने की सशर्त अनुमति भी दी गई है। यह व्यवस्था सुरक्षा और अन्य निर्धारित शर्तों के पालन के साथ लागू होगी। यह संशोधन उन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। विधेयक को श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में पेश किया, जिसे विपक्ष की अनुपस्थिति में पारित कर दिया गया। कार्य अवधि की सीमा तयनए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी से एक दिन में 9 घंटे से अधिक लगातार काम नहीं कराया जाएगा। किसी दुकान या प्रतिष्ठान में एक पाली के दौरान विश्राम समय को मिलाकर कुल कार्य अवधि साढ़े 10 घंटे से अधिक नहीं होगी। हालांकि, यदि कर्मचारी को अनियमित प्रकृति या अत्यावश्यक कार्य सौंपा जाता है, तो ऐसी स्थिति में कुल कार्य अवधि अधिकतम 12 घंटे तक सीमित रहेगी। इस संशोधन का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और कार्यस्थलों पर श्रम नियमों को अधिक स्पष्ट व प्रभावी बनाना है।

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राज्योत्सव समापन समारोह, नवा रायपुर]

नवा रायपुर में बुधवार की शाम छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव यानी 25वें राज्योत्सव का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रहे। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की 25 साल की यात्रा को असाधारण बताया और कहा कि राज्य ने नक्सलवाद के खात्मे के साथ विकास की नई दिशा तय की है। समापन समारोह में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सांसद रहने के दौरान वे भी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने संसद में छत्तीसगढ़ राज्य विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने कहा— नक्सलवाद का खात्मा राज्य सरकार की बड़ी सफलता है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व का परिणाम है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पुलिस, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा की जगह विकास और विश्वास ने ली है। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया और कहा कि उन्हीं के विज़न की वजह से छत्तीसगढ़ तरक्की की राह पर आगे बढ़ा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से 72 लाख से अधिक लोगों को निशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है। उन्होंने इसे राज्य की एक सफल और जनहितकारी पहल बताया। समारोह में उपराष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालने के बाद राधाकृष्णन पहली बार छत्तीसगढ़ आए थे, उन्हें इस मौके पर विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। नवा रायपुर की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड शहर है, जहां आईटी हब, फार्मा हब और एआई डेटा सेंटर पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहे हैं। यहां विश्वस्तरीय मेडिसिटी भी विकसित हो रही है। उन्होंने ‘अंजोर विज़न @2047’ के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण और नई संचार क्रांति की दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना की। समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि रजत महोत्सव को सिर्फ अतीत के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक नई प्रतिज्ञा के रूप में देखा जाना चाहिए। समापन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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20 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू:अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल; मंत्री की निगरानी में तैयारी शुरू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगी। वे अंबिकापुर में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस छत्तीसगढ़ में विशेष भव्यता के साथ मनाया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती हर साल 15 नवंबर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। अंबिकापुर में दो दिवसीय भव्य आयोजन जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति होगी, जो प्रदेश के आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और नागरिकों से सीधे संवाद करेंगी। मंत्री नेताम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 3 नवंबर को नवा रायपुर में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, नोडल अधिकारी गायत्री नेताम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।सरगुजा संभाग के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। जनजातीय संस्कृति की झलक पेश करने के निर्देश मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराएं, लोककला, नृत्य और संगीत की झलक अवश्य दिखनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आयोजन ऐसा हो जो प्रदेश की जनजातीय अस्मिता, गौरव और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए। पीएम मोदी की पहल से शुरू हुआ जनजातीय गौरव दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर, बिहार के जमुई में आयोजित समारोह में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।इसी अवसर पर उन्होंने बिरसा मुंडा के सम्मान में स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया था। अंबिकापुर में दिखेगी जनजातीय परंपराओं की भव्यता अंबिकापुर में होने वाला यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की संस्कृति और पहचान को उजागर करेगा, बल्कि पूरे देश में प्रदेश की लोक कला और परंपराओं की गूंज पहुंचाएगा।राज्य सरकार और प्रशासन इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की दिशा में जुटे हुए हैं।

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राज्योत्सव 2025: पीएम मोदी अब केवल 1 दिन के लिए रायपुर आएंगे, कार्यक्रम में बदलाव

छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर रायपुर में होने वाले राज्योत्सव के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा अब एक दिन का ही रहेगा। पहले उनका दो दिवसीय दौरा तय था, लेकिन बिहार चुनाव की व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम घटाकर 1 नवंबर कर दिया गया है। 🔹 पीएम मोदी का revised schedule 🔹 5 दिन तक चलेगा राज्योत्सव इस वर्ष राज्योत्सव 1 नवंबर से 5 नवंबर तक नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा। पहले यह आयोजन 3 दिन का होता था, लेकिन इस बार इसे 5 दिन का भव्य आयोजन बनाने का निर्णय लिया गया है। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति भी शामिल होंगे। 🔹 तैयारी और जिम्मेदारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।राज्य सरकार ने 6 नोडल अफसर नियुक्त किए हैं, जिनकी जिम्मेदारी विभिन्न कार्यक्रमों और उद्घाटनों की देखरेख करना है। 🔹 स्थानीय अवकाश राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर को स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहेगा। हालांकि बैंक, कोषालय और वित्तीय संस्थानों पर यह अवकाश लागू नहीं होगा। 🔹 ऐतिहासिक महत्व प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ के साथ पुराना और भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने बार-बार कहा है कि यह राज्य देश के विकास की नई ऊर्जा का केंद्र बनेगा। राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ पर उनकी उपस्थिति को ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सीएम की नाराजगी के बाद तीन जिलों के एसपी बदले — IPS अंकिता शर्मा बनीं राजनांदगांव की नई एसपी

छत्तीसगढ़ में कलेक्टर-आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस के बाद पुलिस विभाग में बड़ा reshuffle किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नाराजगी के बाद सरकार ने तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को हटा दिया है। शुक्रवार को गृह (पुलिस) विभाग ने सात आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। जारी आदेश के अनुसार, राजनांदगांव के एसपी मोहित गर्ग को उनके पद से हटाकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं शक्ति जिले की एसपी अंकिता शर्मा को राजनांदगांव की नई पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के एसपी चंद्रमोहन सिंह को भी स्थानांतरित कर निदेशक, ट्रेनिंग, ऑपरेशन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय भेजा गया है। उनकी जगह सहायक पुलिस महानिरीक्षक रतना सिंह को जिले की कमान सौंपी गई है। इसी तरह कोंडागांव के एसपी यदुवली अक्षय कुमार को हटाकर एआईजी, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर 13वीं वाहिनी सशस्त्र बल, बांगो (कोरबा) के सेनानी पंकज चंद्रा को नया एसपी बनाया गया है। शक्ति जिले की जिम्मेदारी अब 4वीं वाहिनी, छसबल माना के सेनानी प्रफुल्ल ठाकुर को दी गई है। गृह विभाग ने सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए पदों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। खराब प्रदर्शन पर सीएम की सख्ती का असर13 अक्टूबर को हुई कलेक्टर-आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशा नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों पर समीक्षा की थी। इस दौरान कुछ जिलों की पुलिस व्यवस्था को लेकर सीएम ने नाराजगी जताई थी और खराब प्रदर्शन वाले कप्तानों को फटकार लगाई थी। उसी के बाद से तबादले की अटकलें तेज थीं। अब इन तबादलों को उसी सख्ती का परिणाम माना जा रहा है।

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धान खरीदी से पहले सहकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा — 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में इस साल 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने सरकार के खिलाफ तीन नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार ने उनकी चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने का पिछले साल आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का कहना है कि अगर इस बार भी उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे धान खरीदी सीजन का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। 24 अक्टूबर से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन:कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन की रूपरेखा जारी करते हुए बताया — कर्मचारी बोले — भविष्य से जुड़ी हैं हमारी मांगें:संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ वेतन या भत्तों के लिए नहीं, बल्कि लगभग 15,000 सहकारी समिति कर्मचारियों और 39 उपार्जन केंद्रों के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। अगर हड़ताल शुरू होती है, तो इसका सीधा असर धान उपार्जन प्रक्रिया पर पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। पिछले वर्ष भी मिला था आश्वासन:संघ नेताओं ने बताया कि बीते वर्ष भी धान खरीदी से पहले आंदोलन किया गया था। उस समय शासन ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारी और ऑपरेटरों ने किया खरीदी का बहिष्कार करने का ऐलान:संघ के नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धान खरीदी में भाग नहीं लेंगे। इस स्थिति में धान खरीदी केंद्रों पर असर दिखना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह हड़ताल लंबी चली, तो इससे प्रदेश के लाखों किसानों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि धान खरीदी छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

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राज्योत्सव 2025 की तैयारियों का सीएम ने किया निरीक्षण — पीएम मोदी के दौरे से पहले अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव 2025 का आयोजन आगामी 1 नवंबर को भव्य रूप से किया जाएगा। इस बार राज्योत्सव खास होने वाला है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। पीएम की प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव प्रदेश की पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्कृति और उपलब्धियों पर विशेष स्टॉल लगेंगे:सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा से परिचित कराने के लिए अलग-अलग थीम आधारित स्टॉल लगाए जाएं। इसके साथ ही केंद्र सरकार से मिले अवार्ड और उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मंत्रियों ने ली समीक्षा बैठक:राज्योत्सव और पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर गुरुवार (23 अक्टूबर) को डिप्टी सीएम अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर के विश्राम भवन में समीक्षा बैठक की थी। मंत्रियों ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है, इसलिए आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाया जाए। पूरे साल चलेगा रजत जयंती उत्सव:इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य अपने 25वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सरकार ने इसे “रजत जयंती वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। वर्षभर प्रदेशभर में अलग-अलग संस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर महीने अलग-अलग थीम पर आयोजन होंगे, ताकि गांव से लेकर राजधानी तक सभी लोग राज्य की संस्कृति से जुड़ सकें। मेला स्थल पर अत्याधुनिक सुविधाएं:नवा रायपुर स्थित मेला परिसर में तीन विशाल डोम संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें 60 LED स्क्रीन लगाई जाएंगी। मुख्य मंच के पास डिजिटल प्रदर्शनी और प्रधानमंत्री आवास योजना मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए 40,000 वाहनों की पार्किंग, 300 शौचालय, 20-बेड अस्थायी अस्पताल (ICU सहित), 25 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा कि यह राज्योत्सव प्रदेश के गौरव, संस्कृति और एकता का प्रतीक बनेगा और इसे ऐतिहासिक रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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रायपुर में BJP नेता की कार से चोरी, कांच तोड़कर गिफ्ट और DVR कैमरा ले गए चोर — कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिवाली की रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास की कार का शीशा तोड़कर चोरों ने उसमें रखे महंगे गिफ्ट और सामान चुरा लिए। घटना 20 अक्टूबर की रात खम्हारडीह इलाके की है, जहां नेता ने अपनी कार घर के बाहर पार्क की थी। अगली सुबह जब उन्होंने वाहन की जांच की, तो पीछे का कांच टूटा हुआ मिला और गाड़ी से सभी कीमती सामान गायब थे। इसके बाद उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें चोरी की जानकारी दी। 3 दिन बाद दर्ज हुई FIR:सूत्रों के अनुसार, चोरी की घटना के तीन दिन बाद 23 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। चोर DVR कैमरा भी ले गए:गौरीशंकर श्रीवास ने बताया कि कार में सुरक्षा के लिए एक DVR कैमरा भी लगा हुआ था, जिसे चोरों ने चोरी कर लिया। इससे यह साफ होता है कि वारदात को सोच-समझकर और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया ताकि वीडियो साक्ष्य न मिल सके। कांग्रेस ने सरकार को घेरा:इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता का वीडियो शेयर करते हुए लिखा — “मुख्यमंत्री कहते हैं अपराधी थर-थर कांपेंगे, लेकिन उनके ही नेताओं की सुरक्षा खतरे में है। जब गृहमंत्री के करीबी सुरक्षित नहीं हैं, तो जनता भगवान भरोसे जी रही है।” कांग्रेस ने इसे ‘जंगलराज’ बताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और राजधानी के पॉश इलाकों में भी लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फिलहाल खम्हारडीह थाना पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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