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हिमाचल-जम्मू कश्मीर में एवलांच अलर्ट, 9 राज्यों में मौसम बदला

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। Himachal Pradesh और Jammu and Kashmir में एवलांच का खतरा जताया गया है, जबकि Madhya Pradesh, Rajasthan और Haryana समेत 9 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में Atal Tunnel Rohtang के नॉर्थ पोर्टल इलाके में एवलांच के खतरे को देखते हुए पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में लोगों को पहाड़ी और बर्फीले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राजधानी Delhi में शुक्रवार सुबह धूलभरी आंधी चली, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई। हरियाणा के हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में तेज हवाएं चलीं, जबकि पहले हुई बारिश से कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जहां एक महिला की मौत भी हुई। राजस्थान में भी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है और कुछ इलाकों में बारिश शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 अप्रैल को उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना है। कुछ राज्यों में बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल महंगा, कीमत 100 रुपए के पार

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा सेस बढ़ाए जाने के बाद 2 अप्रैल सुबह 6 बजे से पेट्रोल की कीमत में 1 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। अब Raipur समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार पहले पेट्रोल पर 24 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस वसूल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 रुपए कर दिया गया है। इसी कारण पेट्रोल की कीमत में यह बढ़ोतरी हुई है। डीजल पर अभी भी 23 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस ही लागू है, जिससे उसकी कीमत स्थिर बनी हुई है। रायपुर में पहले पेट्रोल की कीमत करीब 99.44 से 99.47 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 100.44 से 100.47 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत लगभग 93.41 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी किसी तरह की किल्लत नहीं है। राज्य सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट और सेस से हर साल 7000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलता है, जो सेस बढ़ने के बाद और बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी अब सामान्य हो रही है। पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार एजेंसियों को मांग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, हालांकि ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम के कारण थोड़ी देरी हो सकती है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आज समापन: रायपुर में भव्य समारोह

छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित Khelo India Tribal Games का समापन आज 3 अप्रैल को Raipur में भव्य तरीके से होगा। इस खास मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन समापन समारोह का आयोजन Pandit Deendayal Upadhyay Auditorium में शाम 5 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में देश की मशहूर हस्तियां भी शामिल होंगी। मैरी कॉम और बाइचुंग भूटिया रहेंगे मौजूद इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर Mary Kom और पूर्व भारतीय फुटबॉलर Bhaichung Bhutia विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। तीन शहरों में हुआ आयोजन इन खेलों का आयोजन 25 मार्च से Raipur, Ambikapur और Jagdalpur में किया गया। इस दौरान देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हुए। कई बड़े नेता भी होंगे शामिल समारोह की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री और खेल-युवा कल्याण मंत्री Arun Sao करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu, विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh, उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma, सांसद Brijmohan Agrawal सहित कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

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नालंदा मंदिर में भगदड़, 9 की मौत; भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नदारद

बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में अचानक भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। एक घायल पुरुष ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। अफरातफरी के बीच कई लोग गिर गए और भीड़ में दबकर उनकी मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर छोटा होने के बावजूद भीड़ को संभालने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गई थी। न तो पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था और न ही बैरिकेडिंग या लाइन व्यवस्था की गई थी। लोग जल्दी दर्शन करने के चक्कर में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, जिससे हालात बिगड़ गए। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेला बंद करवा दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उसी दिन द्रौपदी मुर्मु नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं मंदिर परिसर में जुटी हजारों की भीड़ के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मंदिर प्रबंधन की लापरवाही, भीड़ नियंत्रण के अभाव और सुरक्षा व्यवस्था की कमी इस हादसे के प्रमुख कारण रहे। घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी की बात सामने आई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

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बेंगलुरु में इंजीनियर दंपति की मौत, पति ने फांसी लगाई, पत्नी ने 17वीं मंजिल से कूदकर दी जान

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक इंजीनियर दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला कोथनूर इलाके के एक अपार्टमेंट का है। जानकारी के अनुसार, पहले पति भानु चंदर रेड्डी कुंटा (32) का शव फ्लैट के अंदर फंदे से लटका मिला। जब कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पत्नी ने सिक्योरिटी और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया, जहां पति का शव मिला। इस घटना के कुछ ही देर बाद पत्नी शाजिया (31) फ्लैट से बाहर निकलीं और उसी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि भानु चंदर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, जबकि शाजिया IBM में कार्यरत थीं। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पति ने अपनी खराब सेहत का जिक्र करते हुए किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी है। पुलिस के अनुसार, दोनों की शादी को करीब 9 साल हो चुके थे और शादी से पहले वे लिव-इन रिलेशनशिप में भी रह चुके थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दंपति के बीच अक्सर विवाद होता रहता था, हालांकि परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इसी बीच, बेंगलुरु के बाहरी क्षेत्र से एक और मामला सामने आया है, जहां एक घर में दो महिलाओं के शव मिले हैं और दो अन्य लोग घायल अवस्था में पाए गए। प्राथमिक जांच में यह मामला कर्ज और मानसिक दबाव से जुड़ा बताया जा रहा है।

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जनगणना 2026 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू, 33 सवाल तय; लिव-इन कपल को भी मिलेगा शादीशुदा दर्जा

देश में होने वाली जनगणना की प्रक्रिया का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस चरण के लिए कुल 33 सवाल निर्धारित किए हैं। खास बात यह है कि स्थायी संबंध में रहने वाले लिव-इन कपल्स को भी इस जनगणना में शादीशुदा की श्रेणी में रखा जाएगा, बशर्ते वे अपने रिश्ते को स्थिर मानते हों। इस बार जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। पोर्टल पर आम नागरिकों की मदद के लिए FAQ सेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। पहला चरण: हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना जनगणना का पहला फेज ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसमें देशभर के घरों, उनकी स्थिति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि सरकार भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार कर सके। रेफरेंस डेट का महत्व भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, जनगणना की संदर्भ तिथि (रेफरेंस डेट) 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है। इसी आधार पर सभी आंकड़े दर्ज किए जाएंगे, इसलिए इसे जनगणना 2027 कहा जा रहा है। प्रक्रिया और समयसीमा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को यह कार्य लगभग 30 दिनों में पूरा करना होगा। इसके अलावा, हाउस लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी खुद जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल, यह जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब यह प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी।

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रायपुर में अग्निवीर भर्ती शुरू: 1 अप्रैल 2026 तक भरें ऑनलाइन फॉर्म

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 13 फरवरी 2026 से आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2026 तय की गई है। ऐसे में युवाओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द अपना फॉर्म भर लें। इस भर्ती के लिए 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक के युवा पात्र हैं। शैक्षणिक योग्यता के रूप में 8वीं पास से लेकर स्नातक और डिप्लोमा धारक उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को सेना में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। रायपुर जिले में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। ये हेल्प डेस्क रोजगार कार्यालय, नगरीय निकाय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय, आईटीआई, जनपद पंचायत और नगर पंचायतों में संचालित किए जा रहे हैं, जहां आवेदन से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध है। यदि किसी अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वह रोजगार कार्यालय रायपुर में स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकता है। यहां सेना भर्ती से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी और तकनीकी सहायता दी जा रही है।

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25 मीटर के पूल में तैयारी, 50 मीटर में मुकाबला: सपना कोरसा ने हारकर भी जीता सबका दिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 12 साल की सबसे छोटी तैराक, बड़े खिलाड़ियों से मुकाबले के बावजूद दिखाई जबरदस्त हिम्मत छत्तीसगढ़ को पहले दिन 2 मेडल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने शानदार शुरुआत करते हुए 2 मेडल अपने नाम किए। 12 साल की सपना बनी चर्चा का केंद्र मेडल भले ही न जीत सकीं, लेकिन 200 मीटर फ्री-स्टाइल में हिस्सा लेने वाली सपना कोरसा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।सिर्फ 12 साल की सपना इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की तैराक रहीं और बीजापुर की रहने वाली हैं। जब सभी फिनिश कर चुके थे, सपना अकेली तैर रही थीं रेस की शुरुआत में सपना ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन जल्द ही पीछे रह गईं। करीब डेढ़ से ढाई मिनट तक सपना अकेले पूल में तैरती रहीं। दर्शकों को लगा कि वह बीच में रेस छोड़ सकती हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिनिश लाइन तक पहुंचीं। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया और तालियों से उनका स्वागत किया गया। सपना का जज्बा: खुद से मुकाबला सपना ने कहा कि पीछे रह जाने के बाद उनका मुकाबला किसी और से नहीं, बल्कि खुद से था।अगर वह बीच में रुक जातीं, तो खुद से हार जातीं। उनका मानना है कि बेहतर तैयारी मिलती तो वह मेडल भी जीत सकती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि सपना के पिता किसान हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। आधे आकार के पूल में की प्रैक्टिस सपना जिस पूल में अभ्यास करती हैं, वह सिर्फ 25 मीटर लंबा है, जबकि नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं 50 मीटर के पूल में होती हैं। रायपुर के इंटरनेशनल पूल में उन्हें ज्यादा प्रैक्टिस का मौका भी नहीं मिला। सिर्फ एक बार ही वह वहां अभ्यास कर सकीं। कोच और सुविधाओं की चुनौती कोच दीप्ती वर्मा के मार्गदर्शन में सपना ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल स्तर तक का सफर तय किया।डाइट, ट्रेनिंग और सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा। निष्कर्ष सपना कोरसा ने भले ही मेडल नहीं जीता, लेकिन अपने जज्बे, संघर्ष और हिम्मत से यह साबित कर दिया कि असली जीत हार में भी छिपी होती है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने 200 मीटर तैराकी में जीता गोल्ड, छत्तीसगढ़ की अनुष्का को सिल्वर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 में महिला वर्ग की 200 मीटर स्विमिंग प्रतियोगिता में ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक अंजलि मुंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अंजलि ने फाइनल में 2:53.82 मिनट का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इवेंट में छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने भी अपनी शानदार प्रतिस्पर्धा दिखाई और 2:59.33 मिनट के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वहीं, महाराष्ट्र की तन्वी सुखदेवो धुर्वे तीसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में ओडिशा की ही अंजलि मलिक ने 3:06.13 मिनट के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पूर्ण परिणाम (टॉप पोजीशन) अंजलि मुंडा का करियर और प्रदर्शन अंजलि मुंडा ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली हैं। पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और ट्राइबल गेम्स में यह गोल्ड उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस जीत ने ओडिशा के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्विमिंग का रोमांच स्विमिंग पूल में पहले दिन कई राज्यों ने अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन 15 साल की अंजलि मुंडा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। युवा खिलाड़ियों का यह उत्साह और मेहनत आगामी खेलों में उनकी सफलता की संभावनाओं को और बढ़ा रही है। अनुष्का भगत के सिल्वर प्रदर्शन ने भी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को गौरवान्वित किया। उनका समय लगभग 2:59 मिनट रहा, जो युवा खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा पैदा करता है। इस वर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में खेलों की प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और ये मुकाबले उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे। इस शानदार स्विमिंग फाइनल ने दर्शकों और प्रतियोगियों दोनों के लिए रोमांचक क्षण पैदा किए। अंजलि मुंडा की जीत ने साबित कर दिया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में कड़ी मेहनत और प्रतिभा से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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भिलाई में बन रहे 4.93 करोड़ के स्विमिंग पूल पर विवाद, गलत दिशा में निर्माण से खिलाड़ियों को होगी परेशानी

भिलाई नगर निगम द्वारा प्रियदर्शिनी परिसर (पश्चिम) में लगभग 4.93 करोड़ रुपये की लागत से नया स्विमिंग पूल बनाया जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण को लेकर अब तकनीकी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पूल की खुदाई करीब 5 फीट तक हो चुकी है, जबकि इसकी दिशा और लोकेशन को लेकर विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई है। स्विमिंग विशेषज्ञों के अनुसार, खुले स्विमिंग पूल सामान्यतः उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाए जाते हैं, ताकि सुबह और शाम की धूप सीधे तैराकों की आंखों में न पड़े। लेकिन यहां पूल पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को गंभीर दिक्कत हो सकती है। उनका कहना है कि इस तरह की दिशा में बने पूल में न तो सही प्रशिक्षण हो पाएगा और न ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है और करोड़ों रुपये की लागत से बना यह पूल केवल सामान्य उपयोग तक सीमित रह सकता है। डूब क्षेत्र में निर्माण से बढ़ी चिंता स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल को लेकर भी चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि प्रियदर्शिनी परिसर का यह हिस्सा सुपेला के कोसा नाला के पास स्थित डूब क्षेत्र में आता है, जहां बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या रहती है। लोगों का कहना है कि जमीन की ऊंचाई बढ़ाए बिना सीधे खुदाई शुरू कर दी गई, जिससे बरसात में पूरा इलाका जलभराव की चपेट में आ सकता है। विपक्ष ने लगाए अनियमितता के आरोप नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कोचों के साथ निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि पूल की डिजाइन तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। यदि इसी तरह निर्माण जारी रहा, तो यह स्विमिंग पूल की बजाय एक साधारण तालाब जैसा बन सकता है और बड़े आयोजनों की मेजबानी का मौका भी हाथ से निकल जाएगा। मानकों के अनुसार क्या होना चाहिए एनआईएस कोच तामेश्वर घंघोरी के मुताबिक, प्रतियोगिता स्तर के स्विमिंग पूल की लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई लगभग 25–26 मीटर होती है, जिसमें 10 लेन बनाई जा सकती हैं। इसकी सामान्य गहराई करीब 2 मीटर रखी जाती है। खुले क्षेत्र में बने पूल की दिशा उत्तर-दक्षिण होना जरूरी माना जाता है, ताकि सूर्य की रोशनी तैराकों के प्रदर्शन में बाधा न बने। निगम ने दी सफाई भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने कहा कि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि हर स्थल की भौगोलिक स्थिति अलग होती है, इसलिए दिशा का निर्धारण उसी के अनुसार किया जाता है। निगम का दावा है कि निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन और तय प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है तथा सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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