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7 साल बाद रायपुर-जयपुर हवाई सेवा शुरू, किराया 6 से 9 हजार; कनेक्टिंग फ्लाइट से होगा सफर

करीब सात वर्षों के इंतजार के बाद रायपुर से जयपुर जाने के लिए हवाई यात्रा फिर से संभव हो गई है। इसके लिए 72 सीटों वाले एटीआर विमान के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट सेवा शुरू की गई है। इस यात्रा के लिए यात्रियों को लगभग 6000 से 9000 रुपये तक किराया देना होगा। एयरलाइन ने रायपुर से हैदराबाद और वहां से जयपुर तक उड़ान शुरू की है। पहले रायपुर-भोपाल-जयपुर रूट पर फ्लाइट संचालित होती थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे बंद कर दिया गया था। अब नए रूट से यात्रियों को दो चरणों में यात्रा करनी होगी, क्योंकि रायपुर से जयपुर के लिए फिलहाल सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है। रायपुर से हैदराबाद होते हुए जयपुर पहुंचेंगे यात्री रायपुर से सुबह 9 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट लगभग 10:50 बजे हैदराबाद पहुंचेगी। इसके बाद यात्रियों को हैदराबाद से जयपुर जाने वाली दूसरी फ्लाइट मिलेगी, जो सुबह 11:50 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:45 बजे जयपुर पहुंच जाएगी। दोनों उड़ानों के बीच पर्याप्त समय होने से यात्रियों को ट्रांजिट में परेशानी नहीं होगी। जयपुर से मुंबई तक भी मिलेगा कनेक्शन एयरलाइन की ओर से जयपुर से मुंबई के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध कराई गई है। जयपुर से दोपहर 3:55 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट शाम 5:40 बजे मुंबई पहुंचेगी। इसके बाद वही विमान रात 7:50 बजे मुंबई से रवाना होकर रात 9:30 बजे रायपुर लौटेगा। टिकट बुकिंग शुरू ट्रैवल्स एसोसिएशन के अनुसार इन सभी उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। तीनों सेक्टर में एटीआर यानी 72 सीटर विमान का संचालन किया जा रहा है। इससे रायपुर से हैदराबाद, जयपुर और मुंबई तक की यात्रा पहले के मुकाबले अधिक आसान हो जाएगी। उड़ानों का समय • रायपुर → हैदराबाद : सुबह 9:00 से 10:50• हैदराबाद → जयपुर : सुबह 11:50 से दोपहर 1:45• जयपुर → मुंबई : दोपहर 3:55 से शाम 5:40• मुंबई → रायपुर : रात 7:50 से 9:30

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लक्षद्वीप में बन रहा अनोखा प्लांट: समंदर का पानी बनेगा पीने लायक, 24 घंटे मिलेगी बिजली

समुद्र से घिरे द्वीपों की सबसे बड़ी समस्या होती है — मीठे पानी की कमी और महंगी ऊर्जा। कवरत्ती में बन रहा नया प्लांट इन दोनों समस्याओं का समाधान एक साथ करने जा रहा है। यह प्लांट समुद्र के तापमान के अंतर से बिजली पैदा करेगा और उसी प्रक्रिया में खारे पानी को पीने योग्य बनाएगा। इस परियोजना पर National Institute of Ocean Technology (NIOT) काम कर रहा है, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसे दुनिया का पहला ऐसा हाइब्रिड प्लांट माना जा रहा है जो समुद्र से साफ पानी और लगातार बिजली दोनों उत्पन्न करेगा। OTEC तकनीक पर आधारित यह प्लांट ओशन थर्मल एनर्जी कन्वर्जन (OTEC) तकनीक से काम करेगा। इसमें समुद्र की सतह का गर्म पानी और गहराई का ठंडा पानी इस्तेमाल होता है। गर्म पानी को वैक्यूम में डालकर भाप बनाई जाती है, जिससे टरबाइन घूमती है और बिजली बनती है। इसके बाद इसी प्रक्रिया से समुद्री पानी को मीठे पानी में बदला जाता है। 1000 मीटर गहराई से आएगा ठंडा पानी इस प्लांट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा गहरे समुद्र से ठंडा पानी लाना है। इसके लिए लगभग 3.8 किलोमीटर लंबी और 900 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जो समुद्र की करीब 1000 मीटर गहराई से ठंडा पानी ऊपर लाएगी। पहले से चल रही तकनीक लक्षद्वीप के आठ द्वीपों पर अभी लो टेम्परेचर थर्मल डीसैलिनेशन तकनीक से पानी बनाया जा रहा है। हालांकि इन प्लांट्स को चलाने के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनेगा लक्षद्वीप फिलहाल लक्षद्वीप बिजली के लिए डीजल पर निर्भर है, जिसे मुख्य भूमि से जहाजों द्वारा लाया जाता है। नया प्लांट प्रतिदिन लगभग 65 मेगावाट बिजली पैदा करेगा, जबकि पूरे लक्षद्वीप की दैनिक जरूरत सिर्फ 10 से 12 मेगावाट है। इससे द्वीपों को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा भी मिल सकेगी। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने इस परियोजना को देश की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

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Narendra Modi का बयान: अविश्वास प्रस्ताव निजी स्वार्थ से प्रेरित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को निजी स्वार्थ से प्रेरित बताया है। उन्होंने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि कुछ लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं को संकीर्ण दायरे में सीमित करना चाहते हैं। यह पत्र विपक्ष द्वारा स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव के खारिज होने के कुछ दिन बाद लिखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्ताव गिरने के बाद स्पीकर का वक्तव्य लोकतांत्रिक मर्यादा की परिपक्व व्याख्या था और इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्ताव के पीछे अहंकार और निजी हित काम कर रहे थे। प्रस्ताव 11 मार्च को खारिज कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने लोकसभा में स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था, जिसे 11 मार्च को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। विपक्ष के 119 सांसदों ने आरोप लगाया था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही चलाने में पक्षपात कर रहे हैं और विपक्ष को पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा। स्पीकर का सांसदों को पत्र Om Birla ने भी सभी सांसदों को पत्र लिखकर संसद की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में उठने वाली हर आवाज देश के 140 करोड़ लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने चिंता जताई कि कुछ सदस्य संसद के भीतर और बाहर उसके सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं। बिरला ने सभी दलों से उच्च नैतिक आचरण बनाए रखने और आत्ममंथन करने की अपील की। प्रस्ताव लंबित रहने तक नहीं की अध्यक्षता अविश्वास प्रस्ताव लंबित रहने के दौरान ओम बिरला ने संसदीय परंपरा का हवाला देते हुए सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता से स्वयं को अलग रखा था। इस दौरान कार्यवाही पैनल ऑफ चेयरपर्सन के सदस्य संचालित कर रहे थे। प्रस्ताव खारिज होने के बाद उन्होंने फिर से सदन की अध्यक्षता संभाल ली। सरकार का जवाब Amit Shah ने प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि 18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसदों को भाजपा की तुलना में लगभग दोगुना समय मिला। इसके बावजूद विपक्ष द्वारा बोलने का मौका न मिलने का आरोप लगाया जा रहा है।

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6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह नुकसान

मौसम विभाग ने देश के उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण के लगभग 25 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि की संभावना भी है। हिमाचल में बर्फबारी, अटल टनल में फंसे पर्यटक हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिसके चलते यातायात रोक दिया गया। इससे Atal Tunnel में लगभग एक हजार वाहन पूरी रात फंसे रहे। ओडिशा में बवंडर से जनहानि ओडिशा के मयूरभंज जिला में आए बवंडर से दो लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हो गए। तेज तूफान के कारण 70 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए। सिक्किम में तूफान से नुकसान सिक्किम के कई इलाकों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश हुई। रकडोंग काफर क्षेत्र में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कुछ राज्यों में गर्मी का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी में फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। यहां तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। रविवार को अमरावती देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। बर्फ जमने के कारण श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। मौसम बदलने की वजह मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तूफान की स्थिति बनी हुई है। Category Data Heavy Rain Alert States 6 States Tourist Vehicles Stuck (Atal Tunnel) ~1000 Vehicles Deaths (Odisha Tornado) 2 People Injured (Odisha Tornado) 25+ People Houses Damaged (Odisha Tornado) 70+ Houses Death (Sikkim Storm) 1 Person

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फरवरी में थोक महंगाई 12 महीने के उच्च स्तर पर, रोजमर्रा का सामान और खाद्य वस्तुएं महंगी

फरवरी 2026 में थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 2.13% पर पहुंच गई, जो पिछले 12 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले जनवरी में यह 1.81% और दिसंबर में 0.83% थी। कॉमर्स मंत्रालय ने 16 मार्च को ये आंकड़े जारी किए। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव लंबा चलता है तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इससे पेट्रोल और डीजल महंगे होंगे, परिवहन लागत बढ़ेगी और फल-सब्जियों समेत रोजाना इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ेगा। फरवरी में आवश्यक वस्तुओं (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 2.21% से बढ़कर 3.27% हो गई। खाद्य पदार्थों की महंगाई दर भी माइनस 1.41% से बढ़कर 1.85% हो गई। फ्यूल और पावर सेक्टर में महंगाई अभी भी नकारात्मक रही, हालांकि इसमें हल्का सुधार दर्ज किया गया। मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की महंगाई दर भी बढ़कर 2.92% पर पहुंच गई। थोक महंगाई तीन मुख्य वर्गों से मिलकर बनती है—प्राइमरी आर्टिकल्स, फ्यूल एंड पावर और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स। इनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों की होती है। इसी दौरान खुदरा महंगाई (CPI) भी फरवरी में बढ़कर 3.21% हो गई, जो जनवरी में 2.74% थी। जब थोक कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कंपनियां इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल देती हैं, जिससे बाजार में सामान महंगा हो जाता है। भारत में महंगाई दो तरीकों से मापी जाती है—खुदरा महंगाई (CPI), जो आम उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है, और थोक महंगाई (WPI), जो थोक बाजार में व्यापारियों के बीच होने वाले लेन-देन की कीमतों को दर्शाती है।

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