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रायगढ़ में प्रशासन ने बाल विवाह रोका, दूल्हा निकला नाबालिग

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबालिग लड़के की शादी रोक दी गई। शुक्रवार को बारात निकलने वाली थी, लेकिन प्रशासन की टीम समय रहते गांव पहुंच गई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि दूल्हा नाबालिग है। इसके बाद संयुक्त टीम ने विवाह रोक दिया और परिजनों ने बालक के बालिग होने तक शादी टालने का संकल्प लिया। यह आठ दिनों में बाल विवाह रोकने की दूसरी कार्रवाई है। रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग बालक की शादी की तैयारी चल रही थी। बालक की आयु 20 साल 5 माह थी, जबकि विवाह के लिए कानूनी न्यूनतम आयु 21 साल है। टीम ने बालक और बालिका पक्ष दोनों के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणाम और कानून की जानकारी दी। मौके पर औपचारिक घोषणा पत्र और राजीनामा पत्र भरवाए गए। इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पुलिसकर्मी, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम के सरपंच शामिल थे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध दोनों है। यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले, तो संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत सूचना दें।

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रायपुर में ऑनलाइन जमीन डायवर्सन सिस्टम ठप, आवेदनकर्ता परेशान

राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में कृषि जमीन का लैंड यूज बदलने के लिए ऑनलाइन डायवर्सन पोर्टल लॉन्च किया था। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इस सिस्टम को लागू किया गया। इसके तहत ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं और सभी आवेदन पोर्टल के माध्यम से ही किए जाने हैं। लेकिन तीन महीनों में रायपुर में सिर्फ 16 आवेदन ही ऑनलाइन जमा हो पाए हैं, और इनमें से किसी को भी मंजूरी नहीं मिली है। इस वजह से जमीन मालिकों और खरीदारों में भारी परेशानी है। 2200 वर्गफीट से कम और बड़ी कृषि जमीन के डायवर्सन के लिए आवेदन जमा नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी खामियों और पोर्टल की खराब कार्यप्रणाली के कारण लोग लगातार असफल हो रहे हैं। तहसीलदार राममूर्ति दीवान के अनुसार, ऑफलाइन आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। भुईंया वाट्सएप बोट से भी जानकारी नहीं मिल रही, जिससे लोग तहसीलों में बार-बार भटक रहे हैं। नए सिस्टम के नियमों के मुताबिक, एसडीएम को 15 दिन में आवेदन पर फैसला करना होता है, अन्यथा 16वें दिन ऑटोमेटिक मंजूरी मिलनी चाहिए। रायपुर में यह भी काम नहीं कर रहा है। द्वारका साहू लगातार एक माह से ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं लेकिन सफल नहीं हो पाए। कुशालपुर के प्रशांत दुबे ने ऑनलाइन और तहसील दोनों जगह कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। बोरियाखुर्द की तस्मीन बानो भी जमीन खरीदने के बाद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाई। राज्य सरकार और तहसील प्रशासन को जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर ऑनलाइन डायवर्सन प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने की आवश्यकता है, ताकि जमीन मालिकों को राहत मिल सके।

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छत्तीसगढ़ के चार IPS अधिकारी हैंद्राबाद में इंडक्शन ट्रेनिंग के लिए जाएंगे

त्तीसगढ़ डीजीपी ने चार जिलों में प्रभारी एसपी नियुक्त किए हैं, क्योंकि इन जिलों के कप्तान 6 अप्रैल से हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी (NPA) में इंडक्शन ट्रेनिंग में भाग लेंगे। इन अधिकारियों को उनके मूल कप्तानों की ट्रेनिंग समाप्त होने तक जिलों का लॉ एंड आर्डर संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इंडक्शन ट्रेनिंग की जानकारी: यह उच्च स्तरीय ट्रेनिंग पूरे देश के चुने हुए IPS अधिकारियों के लिए आयोजित की जाती है और उनके पेशेवर कौशल और नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करती है।

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ट्रांसजेंडर समुदाय में आक्रोश: नए संशोधन बिल से पहचान और भविष्य पर संकट

Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 के पास होने के बाद देशभर में ट्रांसजेंडर समुदाय में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। Raipur सहित कई जगहों पर लोग इस कानून के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। समुदाय का कहना है कि यह बिल उनकी पहचान, शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकता है। “पहचान ही खत्म हो रही है” रायपुर में रहने वाले अभिनव कुमार (बदला हुआ नाम) का कहना है कि इस नए कानून से उनकी पहचान पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी पहचान को ही मान्यता नहीं मिलेगी, तो वे खुद को समाज में कैसे साबित करेंगे। उनका दर्द यह है कि वे न पूरी तरह पुरुष माने जा रहे हैं, न महिला — ऐसे में उनकी स्थिति क्या होगी, इसका कोई जवाब नहीं है। मेडिकल जांच और सख्त नियमों का विरोध समुदाय के लोगों का कहना है कि पहले जहां स्व-पहचान (self-identification) को मान्यता थी, अब इस संशोधन में मेडिकल जांच और सख्त प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया जा रहा है। उनका मानना है कि यह उनकी गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है। पढ़ाई और नौकरी पर खतरा अभिनव बताते हैं कि उनके दस्तावेजों में जेंडर मिसमैच होने के कारण उन्हें कई कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिला। बड़ी मुश्किल से NALSA Judgment 2014 का हवाला देने के बाद उन्हें दाखिला मिला। अब उन्हें डर है कि नए कानून के लागू होने पर उनकी पढ़ाई भी खतरे में पड़ सकती है। नौकरी के क्षेत्र में भी उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। पहचान स्पष्ट न होने के कारण न निजी क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं, न सरकारी नौकरी में। सर्जरी के बाद भी असुरक्षा अभिनव ने अपनी पहचान के लिए काफी संघर्ष किया और करीब एक लाख रुपए खर्च कर सर्जरी करवाई। उनका कहना है कि सर्जरी के बाद उन्हें लगा था कि अब वे अपनी असली पहचान के साथ जी पाएंगे, लेकिन नए कानून के बाद फिर से सब कुछ अनिश्चित हो गया है। दस्तावेज रद्द होने का डर रायपुर की चांद किन्नर का कहना है कि इस बिल के कारण आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज भी रद्द होने का खतरा है। उनका सवाल है कि अगर ऐसा हुआ, तो वे जीवनयापन कैसे करेंगी। “सालों की मेहनत पलभर में खत्म” बॉबी फारिकार का कहना है कि उन्होंने सालों की मेहनत से अपनी पहचान और जीवन बनाया है, लेकिन अब उन्हें डर है कि यह सब कुछ एक झटके में खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर यह बिल वापस नहीं लिया गया, तो वे इसके खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार का पक्ष इस मामले में छत्तीसगढ़ कॉलेज, रायपुर के विधि विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र करवंदे का कहना है कि सरकार का उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सही लाभ पहुंच सके। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मेडिकल सर्टिफिकेट को अनिवार्य करना स्व-पहचान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है, जो 2014 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है।

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छत्तीसगढ़ में 14 ट्रेनों की बहाली: यात्रियों को बड़ी राहत

South East Central Railway के Bilaspur Division में चल रहे कार्य के कारण पहले रद्द की गई 14 ट्रेनों को अब फिर से बहाल किया जा रहा है। यह फैसला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे राज्य और आसपास के क्षेत्रों में सफर करने वालों को राहत मिलेगी। क्यों रद्द हुई थीं ट्रेनें दरअसल, Akaltara Railway Station पर चौथी लाइन की कनेक्टिविटी के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) का काम चल रहा था। इस तकनीकी कार्य के चलते कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया था। अब किसे मिलेगा फायदा ट्रेनों के दोबारा संचालन से Raipur, Gevra Road, Bilaspur, Raigarh, Jharsuguda और Gondia के यात्रियों को खासतौर पर लाभ मिलेगा। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से 7 अप्रैल तक फिर से चलाया जाएगा। पहले भी बहाल हुई थीं ट्रेनें इससे पहले Nagpur मंडल से गुजरने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनों को भी दोबारा शुरू किया गया था। Gondia Railway Station पर वॉशेबल एप्रन हटाकर बैलस्टेड ट्रैक बनाने के कार्य के कारण इन गाड़ियों को कुछ समय के लिए रद्द किया गया था। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करने से पहले NTES या हेल्पलाइन 139 के माध्यम से ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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रायपुर में समर कैंप 2026 का आयोजन: कला केंद्र में बच्चों के लिए कला, संगीत और भाषा प्रशिक्षण

रायपुर के संस्थान कला केंद्र में इस साल “समर कैंप 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को रोचक और उपयोगी बनाना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में बच्चों को संगीत, नृत्य, चित्रकला, योग, शतरंज और स्पोकन इंग्लिश जैसी गतिविधियों की प्रशिक्षण दी जाएगी, जिससे उनके आत्मविश्वास और कौशल में वृद्धि हो। समर कैंप को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा: पहला चरण 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक, दूसरा 1 मई से 15 मई तक और तीसरा 16 मई से 30 मई तक चलेगा। कक्षाएं रोजाना सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चे नियमित रूप से सीख सकें और अपनी पसंद के अनुसार गतिविधियों में भाग ले सकें। कैंप में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 110 रुपये और प्रशिक्षण फीस 500 रुपये तय की गई है। चूंकि सीटें सीमित हैं, इसलिए अभिभावकों से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की गई है। यह समर कैंप जी.ई. रोड स्थित इंटरनेशनल स्विमिंग पूल के पीछे कला केंद्र परिसर में आयोजित होगा। कला केंद्र रायपुर में पहले से ही संगीत, तबला, हारमोनियम और अन्य कई विधाओं की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को भी लाभ मिल रहा है।

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रायगढ़ में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कार्रवाई, 13 टन अवैध स्क्रैप जब्त

छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में पुलिस ने अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में प्लांट तक पहुंचाए जा रहे 13 टन से अधिक स्क्रैप को जब्त करते हुए ट्रक को भी कब्जे में लिया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि तमनार चैक के पास एक ट्रक में संदिग्ध तरीके से कबाड़ लोड किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर जांच शुरू की और वाहनों की तलाशी ली। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर घेराबंदी की गई। पूछताछ में चालक ने अपना नाम रमेश यादव, निवासी आजमगढ़ बताया। ट्रक की जांच में भारी मात्रा में लोहे और टीन का कबाड़ मिला। जब उससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। संदेह के आधार पर पुलिस ने करीब 2.87 लाख रुपए कीमत का 13 टन 700 किलो स्क्रैप और लगभग 10 लाख रुपए मूल्य के ट्रक को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पूंजीपथरा क्षेत्र में अवैध कबाड़ को प्लांट में खपाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले दो महीनों में 12 से अधिक भारी वाहनों को पकड़ा गया है। वहीं हाल ही में तीन थाना क्षेत्रों से कुल 75.62 टन स्क्रैप जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 23.69 लाख रुपए आंकी गई है। एसएसपी Shashi Mohan Singh ने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह के मामलों की जानकारी पुलिस को दें, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष से बड़े बदलाव: रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा और नियम सख्त

1 अप्रैल 2026 से देशभर में नए वित्तीय वर्ष के साथ कई बदलाव लागू हो गए हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर असर डालेंगे। छत्तीसगढ़ में भी कुछ राहत और कुछ महंगी सुविधाएं सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री और राशन:राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री अब सस्ती हो गई है। राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ मिलेगा। इसके अलावा नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक की बोतलों में उपलब्ध होगी। इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव:1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जो 1961 के पुराने अधिनियम की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाया गया है। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। अब केवल एक ‘टैक्स वर्ष’ होगा, यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा। टोल प्लाजा अब कैशलेस:देशभर के टोल प्लाजा पर कैश भुगतान बंद कर दिया गया है। अब FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान होगा। बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के यात्रियों को परेशानी हो सकती है। PAN-KYC नियम सख्त:बैंक, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य होगा। PAN कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार ही नहीं, बल्कि जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट भी जरूरी होगी। रेल टिकट नियम में बदलाव:1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त किए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक का समय मिलेगा। कॉमर्शियल गैस महंगी:तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा। सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव:कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब कुल CTC का कम से कम 50% होनी जरूरी है। इससे EPF और ग्रेच्युटी में कटौती बढ़ेगी, लेकिन लंबे समय में रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2026 से छत्तीसगढ़ में लोगों को कुछ राहत के साथ-साथ कुछ महंगी और सख्त नियमों का सामना करना पड़ेगा।

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कुम्हारी ब्रिज पर आज से वन-वे ट्रैफिक लागू, नया रूट प्लान जारी

दुर्ग-भिलाई से रायपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी सूचना है। नेशनल हाईवे-53 पर कुम्हारी टोल के पास खारून नदी पर बने पुल की मरम्मत का काम आज से शुरू हो गया है। इसके चलते अगले एक महीने तक इस मार्ग पर यातायात वन-वे रहेगा। रायपुर और दुर्ग पुलिस के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन सकती है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए 44 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दुर्ग से रायपुर आने के लिए वैकल्पिक मार्ग:एयरपोर्ट, नया रायपुर, मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय, आरंग और अभनपुर जाने वाले वाहन चालक सेलूद–पाटन–अभनपुर मार्ग का उपयोग करें।दुर्ग, भिलाई, रिसाली और उतई से आने वाले लोग सेलूद–फूंडा–जामगांव–मोतीपुर–अमलेश्वर होकर रायपुर पहुंच सकते हैं।चरोदा, कुम्हारी और भिलाई-3 से आने वाले वाहन सिरसा गेट–मोतीपुर–अमलेश्वर मार्ग अपनाएं।कुम्हारी अहिरवार से आने वाले वाहन कुम्हारी–उरला–खमरिया–अमलेश्वर मार्ग से यात्रा करें।कुम्हारी टोल से रायपुर की ओर जाने वाले वाहन चंदनीडीह तक वन-वे मार्ग का पालन करें। रायपुर से दुर्ग जाने के लिए मार्ग:कार और बाइक चालक चंदनीडीह से बाएं मुड़कर पुराने पुल (रपटा) के जरिए कुम्हारी टोल तक जा सकते हैं।भटगांव या रायपुरा से अमलेश्वर–मोतीपुर होते हुए भिलाई और दुर्ग की ओर जा सकते हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नए रूट प्लान का पालन करें और जरूरी कार्य जैसे एयरपोर्ट, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या परीक्षाओं के लिए निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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युवा विधायक सम्मेलन में बड़े बयान: सरकारी स्कूल, नशे के खिलाफ सख्ती और रोजगार पर फोकस

भोपाल में आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 50 से अधिक विधायकों ने भाग लिया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा, रोजगार, नशे और लोकतंत्र जैसे अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। राजस्थान के शिव से निर्दलीय विधायक Ravindra Singh Bhati ने कहा कि देश के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों का शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि विधायकों, सांसदों और अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल नए स्कूल भवन बनाने से शिक्षा का स्तर बेहतर हो पाएगा। राजस्थान के सादुलशहर से भाजपा विधायक Gurveer Singh ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने गुरुद्वारे में संकल्प लिया है कि वे कभी भी नशे या अवैध गतिविधियों के लिए किसी की सिफारिश नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें चुनाव ही क्यों न हारना पड़े। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए फैलाए जा रहे नशे पर भी चिंता जताई। मध्य प्रदेश के सतना से कांग्रेस विधायक Siddharth Kushwaha ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज के चुनाव में पैसे का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जिससे लोकतंत्र प्रभावित हो सकता है। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ से कांग्रेस विधायक Harshita Swami Baghel ने युवाओं के लिए रोजगार को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ युवाओं को कौशल और स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा मंत्री Guru Khushwant Saheb ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने के लिए काम कर रही है। इसके तहत करियर मार्गदर्शन, सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग और आईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि युवा नौकरी पाने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बन सकें। मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है और हालात ऑटोक्रेसी की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। वहीं भोपाल उत्तर से विधायक Atif Aqueel ने प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये और विधायक निधि की सीमाओं पर सवाल उठाए। अटेर से कांग्रेस विधायक Hemant Katare ने फ्रीबीज योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को सीधे पैसा देने के बजाय उन्हें रोजगार के अवसर देना ज्यादा जरूरी है। सम्मेलन में कुल मिलाकर शिक्षा सुधार, नशे पर रोक, रोजगार सृजन और लोकतंत्र की मजबूती जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए।

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