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कांग्रेस ने बिलासपुर में केंद्र सरकार पर पेट्रोल-गैस महंगाई का आरोप लगाया

बिलासपुर में कांग्रेस ने पेट्रोल और कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता के बजाय निजी कंपनियों को फायदा मिल रहा है। गंगोत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि अमेरिका पर निर्भरता कम करें और ईरान व रूस से पेट्रोल और गैस आयात कर जनता को राहत दी जाए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टैक्स कम करने का लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा, बल्कि जामनगर की रिफाइनरी जैसी निजी कंपनियों को फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और गैस की कीमतें बढ़ने से आम नागरिकों के खर्च बढ़ गए हैं और होटल व कमर्शियल क्षेत्रों में भी महंगाई ने दाम बढ़ा दिए हैं। छात्र, मजदूर और आम लोग इस स्थिति से परेशान हैं। गंगोत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में लगातार पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्यवृद्धि और महंगाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पार्टी हर स्तर पर जनता को हो रही परेशानी के खिलाफ विरोध जारी रखेगी।

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बिलासपुर में रेलवे नौकरी के नाम पर 15 लाख की ठगी, मां-बेटी भेजी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर

बिलासपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी एन वेंकट सूर्यप्रताप ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला और उसकी बेटी ने पैसे ऐंठे। आरोप है कि विशाखापट्टनम की तेनिटी इंद्राणी और उनकी बेटी वलिवेती वेंकट नागा कीर्ति ने ई-मेल के जरिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा और राजनीतिक कोटे में नियुक्ति दिलाने का दावा किया। शुरुआत में 4 लाख रुपए की राशि ली गई, इसके बाद अलग-अलग बहानों से और रकम वसूली गई। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और एनईएफटी के जरिए कुल 15 लाख रुपए 18 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ले लिए। जब नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे। तोरवा पुलिस ने शिकायत पर महिला और उसकी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बिलासपुर रेलवे जोन: कोयला परिवहन में देश में नंबर वन, माल लदान और यात्री सेवाओं में कीर्तिमान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान और राजस्व अर्जन के मामले में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। जोन के जीएम तरुण प्रकाश के अनुसार इस अवधि में कुल 261.25 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जिससे 32 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। माल लदान में पिछले साल की तुलना में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो संभवतः भारतीय रेलवे में सबसे अधिक है। विशेष रूप से कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए बिलासपुर जोन ने देश में पहला स्थान हासिल किया, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में यात्री ट्रेनों की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके जरिए कुल 8.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग सहित 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य जारी है। पहले चरण में 47 में से 17 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है और दिसंबर तक सभी फेज-1 के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में 125 किलोमीटर नई लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा किया गया। साथ ही 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण हुआ, जबकि 34 लेवल क्रॉसिंग गेट बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया गया। रेलवे सुरक्षा और संचालन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसमें वैगनों की निगरानी, लोको पायलट्स के प्रदर्शन की निगरानी और फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस साल यात्रियों की संख्या में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 35,469 और पैसेंजर ट्रेनों की संख्या 50,407 रही। 4 नई ट्रेन सेवाएं शुरू हुईं, 7 ट्रेनों का विस्तार किया गया, और 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए ठहराव जोड़े गए। 5 आईसीएफ रेकों को आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया गया। त्योहारों के दौरान 32 आरक्षित विशेष ट्रेनों के 126 ट्रिप और 9 अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलाई गईं। भारत गौरव ट्रेनों के 84 ट्रिप संचालित किए गए। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 लिफ्ट, 12 एस्केलेटर, 12 फुट ओवर ब्रिज, 9 प्लेटफॉर्म अपग्रेड और 9 नए शौचालय बनाए गए। ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से 51,000 से अधिक शिकायतें सुलझाई गईं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 324 बच्चों को बचाया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने ₹55.61 लाख के अवैध टिकट, ₹3.31 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए और ₹1.72 करोड़ चोरी गई संपत्ति वापस लौटाई। 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई और उन्हें ₹1 करोड़ का बीमा कवर प्रदान किया गया। रेल हादसों में 45 प्रतिशत की कमी आई। 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 25 स्टेशनों पर EI मॉडिफिकेशन किया गया। ‘कवच’ प्रणाली के तहत 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में स्थापना की गई। सभी कोचों में अग्नि-निरोधक प्रणाली और 212 कोचों में एरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली लागू की गई। 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म लगाए गए और 343 किलोमीटर सुरक्षा फेंसिंग की गई। नई रेल परियोजनाओं में राव घाट से जगदलपुर नई रेल लाइन स्वीकृत हुई, जो चार जिलों से होकर गुजरेगी और बस्तर का 40 किलोमीटर क्षेत्र शामिल होगा। पिछले 10 वर्षों में 1,475 किलोमीटर लंबी 15 परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जबकि 2,790 किलोमीटर की 41 परियोजनाएँ स्वीकृत और प्रगति पर हैं।

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दतरेंगा से अमलेश्वर पुल तक चौड़ी होगी सड़क, महादेव घाट तक पहुंच 10-15 मिनट में संभव

रायपुर में रिंग रोड नंबर-2 पर भाठागांव और रायपुरा चौक के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नगर निगम वैकल्पिक सड़क विकसित कर रहा है। पहले चरण में 1.04 किलोमीटर सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। दूसरे चरण में दतरेंगा से अमलेश्वर पुल तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे महादेव घाट मार्ग पर जाम में काफी कमी आएगी। निगम 3.43 करोड़ रुपए की लागत से भाठागांव से दतरेंगा मोड़ तक सड़क बना रहा है। पहले चरण में 1 किमी हिस्से का डामरीकरण इसी माह पूरा होने की तैयारी में है। दूसरे चरण में 2.5 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिसके लिए 2.33 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है और इसका निर्माण मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। महादेव घाट-रायपुरा मार्ग पर प्रतिदिन 45 हजार से अधिक वाहन चलते हैं। मौजूदा संकरी सड़क पर पीक आवर्स में रायपुरा चौक ब्रिज पार करने में 15-20 मिनट लगते हैं, जबकि पर्वों के दौरान 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। नए मार्ग बनने के बाद यही दूरी 10-15 मिनट में पूरी की जा सकेगी। भाठागांव से आगे की सड़क वर्तमान में जर्जर और बारिश में जलभराव वाली है, इसलिए लोग इसका कम उपयोग करते हैं। सड़क चौड़ी और बेहतर होने पर यह मुख्य वैकल्पिक मार्ग बन जाएगा। पहले चरण के काम से पहले बिजली पोल शिफ्टिंग के लिए निगम ने सीएसपीडीसीएल को करीब 35 लाख रुपए दे दिए हैं। यह नया मार्ग पुराना धमतरी रोड, पाटन-अमलेश्वर और संतोषी नगर जैसे इलाकों को सीधे जोड़ेगा। इसके साथ ही महादेवघाट रिवरफ्रंट और हटकेश्वरनाथ कॉरिडोर के विकास के बाद इसकी उपयोगिता और बढ़ जाएगी। नगर निगम ने एक अन्य वैकल्पिक मार्ग के लिए भी 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस मार्ग से लोग विभिन्न रूटों से जुड़ सकेंगे। पुराना धमतरी रोड से दतरेंगा होकर भाठागांव पहुंचने वाले अमलेश्वर पुल और महादेव घाट तक आसानी से जा सकेंगे। पाटन-अमलेश्वर से बस स्टैंड आने वाले लोग सीधे इस चौड़ी सड़क का उपयोग कर भाठागांव पहुंच सकते हैं। रोजाना कामकाज के लिए नगर घड़ी चौक, भाठागांव, पचपेड़ी और अन्य क्षेत्रों में जाने वाले लोग इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी तरह संतोषी नगर-मठपुरैना के लोग सीधे महादेव घाट या अमलेश्वर के लिए जा सकेंगे। सड़क का चौड़ीकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि रायपुरा- महादेवघाट मार्ग संकरा है और रोज जाम की स्थिति रहती है। त्योहारों में 1 घंटे से अधिक समय लगता है। नया मार्ग बनने के बाद 10-15 मिनट में दूरी पूरी हो सकेगी। दूसरे चरण का काम इस मार्ग पर लगे बिजली के खंभों की शिफ्टिंग के बाद शुरू होगा। इसके लिए निगम ने सीएसपीडीसीएल को 35 लाख रुपए की राशि सौंप दी है। शिफ्टिंग का काम पूरा होने के बाद ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। इसका ठेका मेसर्स नरेंश एंड कंपनी को दिया गया है। भास्कर एक्सपर्ट एसके जैन के अनुसार, राजधानी जैसी आबादी के लिए वैकल्पिक चौड़ी सड़क बनाना हमेशा फायदेमंद होता है। इससे कनेक्टिविटी बढ़ती है, समय की बचत होती है और ट्रैफिक का दबाव कम होता है, जिससे लोगों को जाम से राहत मिलती है।

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रायपुर में अप्रैल में ही पेयजल संकट, बोरवेल सूखने और लो प्रेशर से लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है

रायपुर शहर में अप्रैल की तेज गर्मी के साथ ही पेयजल संकट गंभीर रूप ले रहा है। कई बोरवेल सूख चुके हैं और अधिकांश वार्डों में नलों का पानी लो प्रेशर से आ रहा है, जिससे टेल एंड तक सप्लाई पहुंच नहीं पा रही है। जोन-9 के वार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां रोजाना टैंकरों से पानी सप्लाई करनी पड़ रही है और लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। लाभांडी, खम्हारडीह, कचना, दलदल सिवनी, सड्डू, हीरापुर, मोवा और जोरा सहित कई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शहर के आउटर क्षेत्रों की सोसायटियों और मोहल्लों में टैंकरों के फेरे लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकांश वार्डों में पानी लो प्रेशर से आ रहा है, जबकि कुछ बड़े इलाकों में पानी की टंकी बनने के बावजूद पाइपलाइन अधूरी है। पुरानी टंकियों से ही सप्लाई होने के कारण प्रेशर और कम हो रहा है। चंगोराभाठा के करन नगर, ब्रह्मदेव नगर (लाभांडी), कचना के स्वास्तिक नगर, पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड के यादवपारा, धोबीपारा और अर्जुन चौक समेत कई क्षेत्रों में पानी बेहद कम प्रेशर से मिल रहा है। लाभांडी के ब्रह्मदेव नगर में लोग सार्वजनिक बोर से छोटे टैंकों में पानी भरकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। कई सालों से भूजल स्तर गिरने के कारण बोरवेल का पानी भी कम हो गया है। टैंकर पहुंचते ही भीड़ लग जाती है और कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है। भूजल स्तर में गिरावट और पाइपलाइन नेटवर्क अधूरा होना मुख्य वजह बताई जा रही है। टेल एंड इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और वहां नियमित सप्लाई नहीं पहुँच पा रही। गर्मियों में हर साल दोहराई जाने वाली यह समस्या स्थायी समाधान के अभाव में बनी रहती है। टैंकर पर बढ़ती निर्भरता से लागत और विवाद भी बढ़ रहे हैं। शहर में किन वार्डों में पानी की समस्या है, इसकी रिपोर्ट रोज ली जा रही है। एमआईसी सदस्यों के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम बनाई गई है। जरूरत के अनुसार पाइपलाइन बिछाने के साथ ही टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है। जोन-9 क्षेत्र में सबसे ज्यादा टैंकर भेजे जा रहे हैं। जोन-3 और जोन-7 के वार्डों में भी पानी की कमी है। वर्तमान में टैंकर सप्लाई के लिए नया टेंडर नहीं हुआ है और पुराने टेंडर से ही सप्लाई जारी है। नवा रायपुर में बढ़ती आबादी के साथ पानी की मांग तीन गुना बढ़ गई है। गर्मियों में कटौती से राहत के लिए कोडापार एनीकट से 33 एमएलडी अतिरिक्त पानी लाने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। पिछले 10 साल में सप्लाई 11 एमएलडी से बढ़कर 33 एमएलडी तक पहुंच गई है, लेकिन गर्मियों में महानदी का जलस्तर घटने से नियमित सप्लाई प्रभावित होती है। स्थायी समाधान के लिए एनआरडीए अभनपुर के कोडापार एनीकट से नई पाइपलाइन के जरिए पानी लाएगा। करीब 10 किमी पाइपलाइन बिछ चुकी है और 5 किमी का काम बाकी है, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल टीला एनीकट से पानी पचेड़ा फिल्टर प्लांट तक लाया जाता है। जलस्तर घटने पर सुबह-शाम तीन-तीन घंटे कटौती करनी पड़ती है। नई योजना के पूरा होने के बाद वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होगा। वर्तमान में 52 एमएलडी क्षमता का प्लांट संचालित है और लेयर-वन के 10 हजार घरों को 24 घंटे पानी मिल रहा है। हर साल पानी संकट की मुख्य वजह महानदी पर निर्भरता, गर्मियों में गंगरेल से कम पानी छोड़ना, तेजी से बढ़ती आबादी और खपत, और वैकल्पिक स्रोत की कमी बताई जा रही है।

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खरीफ से पहले किसानों की मांग: पर्याप्त खाद, कालाबाजारी रोक और श्वेतपत्र जारी करे सरकार

अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईरान-इज़राइल हालात के बीच किसानों ने खरीफ सीजन से पहले पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। किसान नेता तेजराम विद्रोही ने कहा कि सरकार को पहले से पता होता है कि कितनी खेती होगी, इसलिए खाद का स्टॉक पहले से तैयार रखना चाहिए। पिछले खरीफ में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारी कमी के कारण किसानों को यूरिया, डीएपी और पोटाश के लिए भटकना पड़ा था। इस बार कांग्रेस ने भी सरकार से श्वेतपत्र जारी कर खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी रोकने की अपील की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि शुरुआती दो महीनों में 4.5 लाख मीट्रिक टन की जरूरत के मुकाबले केवल 80 हजार मीट्रिक टन ही उपलब्ध कराया गया। इससे बिचौलियों ने फायदा उठाया और किसानों को तीन से चार गुना ज्यादा कीमत पर खाद खरीदनी पड़ी। कांग्रेस ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से सवाल किया है कि इस साल कुल कितनी मांग है और अब तक कितना स्टॉक तैयार किया गया। पार्टी ने कहा कि सरकार को पारदर्शिता दिखाते हुए श्वेतपत्र जारी करना चाहिए, बजाय विपक्ष पर आरोप लगाने के।

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INS तारागिरी नौसेना में शामिल, ब्रह्मोस से लैस बढ़ी भारत की ताकत

INS Taragiri को शुक्रवार को Visakhapatnam में आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि इस आधुनिक युद्धपोत के शामिल होने से नौसेना की ताकत और क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। INS तारागिरी को Mazagon Dock Shipbuilders Limited ने प्रोजेक्ट 17-A के तहत तैयार किया है। यह अत्याधुनिक युद्धपोत BrahMos missile, एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम और एमएफ-स्टार रडार से लैस है। इसके अलावा इसमें 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम, एंटी-सबमरीन रॉकेट और टॉरपीडो जैसी क्षमताएं भी मौजूद हैं। यह युद्धपोत नीलगिरि क्लास (Project 17A) का चौथा स्टेल्थ फ्रिगेट है। इस क्लास के कुल 7 आधुनिक युद्धपोत तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य की समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। नई INS तारागिरी, पुराने ‘तारागिरी’ का उन्नत संस्करण है, जिसने 1980 से 2013 तक करीब 33 साल तक सेवा दी थी। नए वर्जन में स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, बेहतर मारक क्षमता और अत्याधुनिक ऑटोमेशन सिस्टम शामिल किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस प्रोजेक्ट में करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है और 200 से अधिक एमएसएमई इससे जुड़े हैं। प्रोजेक्ट के बाकी तीन युद्धपोत अगस्त 2026 तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल महंगा, कीमत 100 रुपए के पार

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा सेस बढ़ाए जाने के बाद 2 अप्रैल सुबह 6 बजे से पेट्रोल की कीमत में 1 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। अब Raipur समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार पहले पेट्रोल पर 24 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस वसूल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 रुपए कर दिया गया है। इसी कारण पेट्रोल की कीमत में यह बढ़ोतरी हुई है। डीजल पर अभी भी 23 प्रतिशत वैट और 1 रुपए सेस ही लागू है, जिससे उसकी कीमत स्थिर बनी हुई है। रायपुर में पहले पेट्रोल की कीमत करीब 99.44 से 99.47 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 100.44 से 100.47 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत लगभग 93.41 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी किसी तरह की किल्लत नहीं है। राज्य सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट और सेस से हर साल 7000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलता है, जो सेस बढ़ने के बाद और बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी अब सामान्य हो रही है। पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार एजेंसियों को मांग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, हालांकि ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम के कारण थोड़ी देरी हो सकती है।

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महासमुंद विवाद पर सख्त कांग्रेस, बागी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट तलब

छत्तीसगढ़ के Mahasamund में कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पार्टी हाईकमान सख्त हो गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाध्यक्षों से नाराज और बागी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसी स्थिति न बने। अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई के संकेत प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष Sushil Anand Shukla ने स्पष्ट कहा है कि घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसे तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नाराज कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाई जा रही पार्टी संगठन स्तर पर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से उन कार्यकर्ताओं की सूची मांगी गई है जो नाराज हैं या बागी रुख अपना सकते हैं। हाल ही में हुए संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद कई जगहों पर असंतोष सामने आया है, जिसे समय रहते नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बढ़ा विवाद गुरुवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में महंगाई के मुद्दे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद शुरू हुआ। जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव द्वारा कार्यक्रम किए जाने के बाद जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने उन्हें सूचना न मिलने पर आपत्ति जताई। नोकझोंक से मारपीट तक पहुंचा मामला बहस धीरे-धीरे बढ़कर मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सियां और ग्लास फेंके गए और जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि विजय साव ने पूर्व कोषाध्यक्ष निर्मल जैन के साथ मारपीट की। पुलिस हस्तक्षेप और FIR दर्ज स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हुआ। घटना के बाद विजय साव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी अब इस पूरे मामले को अनुशासन से जोड़कर देख रही है और भविष्य में सख्त कार्रवाई के संकेत दे रही है।

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रायगढ़ में सरकारी जमीन पर अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग, पर्यावरण और खेतों को नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी जमीन पर उद्योगों से निकलने वाली फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग के आरोप सामने आए हैं। खरसिया ब्लॉक के नवापारा क्षेत्र में खसरा क्रमांक 311/1 की शासकीय भूमि पर सरडा एनर्जी कंपनी बिना अनुमति के नियमों का उल्लंघन करते हुए फ्लाई ऐश डंप कर रही है। इस अवैध गतिविधि से आसपास के खेत प्रभावित हो रहे हैं और क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। भाजपा युवा मंडल अध्यक्ष भोलू उरांव ने नायब तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। आवेदन में यह भी कहा गया कि ट्रांसपोर्टर, उद्योग प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की आशंका है और उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए गलत जानकारी दी जा रही है। भोलू उरांव ने मांग की कि सरकारी जमीन पर हो रही अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग तुरंत रोकी जाए और आसपास की अन्य भूमि पर भी रोक लगाई जाए। साथ ही, संलिप्त उद्योग प्रबंधन, ट्रांसपोर्टर और अधिकारियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि अवैध फ्लाई ऐश के परिवहन और खुले में डंपिंग से आवागमन में परेशानी हो रही है और सटी कृषि भूमि भी प्रभावित हो रही है। पहले भी शिकायत के बाद डंपिंग रोकी गई थी, लेकिन कुछ समय बाद यह गतिविधि फिर से शुरू हो गई।

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