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केमिकल आपदा से निपटने की तैयारी: 23 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मॉक ड्रिल

केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं।केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं। मॉक ड्रिल के लिए अलग-अलग जिलों को विशेष परिदृश्य दिए गए हैं। इनमें स्टील प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, केमिकल इकाइयां, पाइपलाइन, पेपर मिल और खदान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित हादसों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टैंकर दुर्घटना, अस्पताल में आग, बस हादसा और ट्रेन टक्कर जैसे आपात हालात पर भी अभ्यास किया जाएगा।

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रायपुर में नकली पनीर का बड़ा खुलासा: 1200 किलो जब्त, सेहत के लिए बना ‘धीमा जहर’

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। भाठागांव स्थित केसरी बगीचा इलाके में संचालित एक फैक्ट्री से करीब 1200 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया गया। इस दौरान मौके से पामFake Dairy Products,ऑयल, दूध पाउडर, एसेटिक एसिड और अन्य रसायन भी बरामद किए गए, जिनसे यह पनीर तैयार किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री का संचालन आदर्श पराशर द्वारा किया जा रहा था। विभाग को पहले ही नकली पनीर निर्माण की सूचना मिली थी, जिसके बाद रविवार को छापेमारी की योजना बनाई गई। टीम सुबह करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंची, जहां बड़े पैमाने पर पनीर की पैकेजिंग होती मिली। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी फैक्ट्री पर जनवरी 2026 में भी कार्रवाई करते हुए 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। इसके बावजूद दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन होना कई सवाल खड़े कर रहा है। कार्रवाई के लिए इस बार रायपुर की टीम को शामिल नहीं किया गया, बल्कि अन्य जिलों जैसे धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार से अधिकारियों को बुलाकर अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इसी दौरान उरला क्षेत्र में स्थित एक अन्य डेयरी पर भी छापा मारा गया, जहां गंदगी के बीच पनीर बनाया जा रहा था। वहां से 500 किलो पनीर नष्ट किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री पिछले करीब 6 साल से संचालित हो रही थी, जबकि इसका लाइसेंस हाल ही में 2025 में लिया गया था। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना के बताए जा रहे हैं, जिनके रहने की व्यवस्था भी वहीं की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मिलावटी पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इसके सेवन से शुरुआत में अपच और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि लंबे समय तक उपयोग करने पर लिवर को गंभीर नुकसान, हार्ट डिजीज और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार सेवन करने से कुछ ही वर्षों में लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी शामिल है।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर शिफ्ट, यात्रियों को धूप में दौड़ना पड़ रहा

राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को दूसरी बिल्डिंग में स्थानांतरित किए जाने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टिकट लेने के लिए अब यात्रियों को पहले रिजर्वेशन काउंटर वाली बिल्डिंग तक जाना पड़ता है और फिर वहां से वापस प्लेटफॉर्म तक लौटना पड़ता है। स्टेशन पर पहुंचने के बाद ही कई यात्रियों को इस बदलाव की जानकारी मिल रही है, जिससे उन्हें जल्दबाजी में भागदौड़ करनी पड़ रही है। तेज धूप में करीब 50 से 100 मीटर की दूरी तय करना उनके लिए परेशानी बढ़ा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी ट्रेन आने वाली होती है। स्थिति इसलिए और जटिल हो गई है क्योंकि पूछताछ काउंटर अभी भी प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद है। ऐसे में टिकट लेने के बाद यात्रियों को ट्रेन का समय और प्लेटफॉर्म जानने के लिए फिर से वापस आना पड़ता है। हालांकि गेट नंबर-1 पर चार ऑटोमैटिक टिकट मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन तकनीकी जानकारी की कमी और ऑनलाइन पेमेंट की समझ न होने के कारण अधिकांश यात्री उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इनमें से एक मशीन बंद पाई गई, जबकि बाकी पर भीड़ लगी रही। रविवार दोपहर करीब 12:25 बजे स्टेशन पर यात्रियों की भागदौड़ साफ दिखाई दी। जानकारी मिलते ही लोग काउंटर की ओर दौड़ते नजर आए। ओडिशा जाने वाले एक यात्री का ऑनलाइन भुगतान फेल होने के कारण उसे मशीन से टिकट नहीं मिल पाया और उसे काउंटर पर जाना पड़ा। जबलपुर जा रहे यात्री अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्हें काउंटर शिफ्ट होने की जानकारी पहले से नहीं थी, जिससे उन्हें धूप में लंबी दूरी तय करनी पड़ी और लाइन में लगना पड़ा। वहीं, ओडिशा जा रहे माधव राम ने कहा कि अधिकांश लोगों को मशीन चलाना नहीं आता, इसलिए काउंटर पर निर्भर रहना पड़ता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन पर विकास कार्य जारी है और पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाना है। इसी कारण अनारक्षित टिकट काउंटर को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है। डीआरएम दयानंद ने कहा कि यह कदम विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि यात्रियों को पहले से इसकी जानकारी हो सके।

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रायगढ़ में ग्रामीण की हत्या मामले में बड़ा फैसला, आरोपियों को उम्रकैद की सजा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दो आरोपियों को एक ग्रामीण की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा दी गई है। यह मामला साल 2019 का है। गांव में जंगली सुअर के मांस को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि Ratthuram Rathia और Sitaram Rathia ने गुस्से में आकर गांव के ही Shyam Lal Rathia को डंडे से बुरी तरह पीटा। हमले में श्याम लाल को सिर और चेहरे पर गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के जज Abhishek Sharma ने दोनों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया।

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छत्तीसगढ़ में 1 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू, 33 सवालों के साथ होगी डिजिटल सर्वे प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। इस चरण में ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नागरिक खुद भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं, जिसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। जो लोग यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करेंगे, उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे बाद में सर्वे के दौरान दिखाना होगा। इस चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, उसका उपयोग (रहने या व्यवसाय के लिए), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा या पक्का), परिवारों की संख्या और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट, टीवी और रेडियो जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और उपयोग में आने वाले वाहनों का विवरण भी लिया जाएगा। इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग की जाएगी, जिससे उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जा सकेगा। इससे आपदा प्रबंधन में तेजी आएगी और किसी भी स्थिति में तुरंत जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, शहरी विकास की योजना, और पलायन के आंकड़ों को समझने में भी मदद मिलेगी। यह डेटा मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों को हटाने में भी सहायक होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत फैसलों और योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।

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रायपुर में जाम से राहत के लिए 10 बाइक पेट्रोलिंग टीम तैयार, कॉल के 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

राजधानी रायपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने नया सिस्टम लागू किया है। पुलिस कमिश्नर Dr. Sanjeev Shukla ने 10 बाइक पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया है, जो जाम की सूचना मिलने पर तेजी से मौके पर पहुंचेंगी। शनिवार को जारी हेल्पलाइन नंबर पर कुल 7 कॉल प्राप्त हुए। इनमें से दो कॉल मोवा बाजार क्षेत्र से आए, जहां पुलिस टीम महज 5 मिनट के भीतर पहुंचकर ट्रैफिक को सुचारू किया। इसके अलावा मालवीय रोड, तेलीबांधा और अन्य इलाकों से भी जाम की शिकायतें दर्ज की गईं। इन पेट्रोलिंग टीमों को शहर के सभी ट्रैफिक थानों में तैनात किया गया है। ये टीमें सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी। किसी भी जगह से जाम की सूचना मिलने पर 10 मिनट के भीतर पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। यदि किसी कारणवश टीम समय पर नहीं पहुंच पाती, तो संबंधित थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जाएगा। खास बात यह है कि इन टीमों को अन्य कार्यों से पूरी तरह अलग रखा गया है। इन्हें वीआईपी ड्यूटी, अतिक्रमण हटाने या चालानी कार्रवाई में नहीं लगाया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ ट्रैफिक जाम को खत्म करना है। ये टीमें आईटीएमएस कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ी रहेंगी और निर्देश मिलते ही तुरंत कार्रवाई करेंगी। मोवा, आमापारा, तेलीबांधा और पंडरी रोड जैसे इलाकों से सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। आईटीएमएस कैमरों और गूगल मैप के जरिए पहले ट्रैफिक की स्थिति का आकलन किया गया, और फिर तुरंत टीमों को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालते हुए कुछ ही मिनटों में ट्रैफिक सामान्य किया। ट्रैफिक पुलिस ने जाम से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9479210632 जारी किया है। वहीं, अन्य समस्याओं जैसे एक्सीडेंट, तेज आवाज में डीजे या लापरवाही से वाहन चलाने की शिकायत के लिए 9479191234 नंबर दिया गया है, जिस पर व्हाट्सएप के जरिए फोटो और वीडियो भेजे जा सकते हैं। हर बाइक पेट्रोलिंग टीम में दो जवान तैनात रहेंगे। यदि एक ही क्षेत्र में एक साथ कई जगह जाम की स्थिति बनती है, तो नजदीकी थाने से भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस नई व्यवस्था से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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सेक्स वीडियो विवाद में नया मोड़: विधायक Devendra Yadav ने पुलिस को दिए फोटो-वीडियो सैंपल

छत्तीसगढ़ में वायरल हुए कथित सेक्स वीडियो मामले में नया अपडेट सामने आया है। कांग्रेस विधायक Devendra Yadav ने खुद थाने पहुंचकर अपना फोटो और वीडियो सैंपल पुलिस को सौंपा है। पुलिस ने इन सैंपल्स को रिकॉर्ड में लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखा है, ताकि वायरल वीडियो की सच्चाई सामने लाई जा सके। यह मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक कथित MMS सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में एक युवक को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति विधायक देवेंद्र यादव हैं और इस मामले में जांच की मांग की गई थी। विधायक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे फर्जी और उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया है। उन्होंने पहले भी इस मामले में FIR दर्ज कराई थी और अब एक बार फिर जांच में सहयोग करते हुए सैंपल दिए हैं। मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह का वीडियो वायरल कर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मिला नोटिस समय पर नहीं पहुंचा, लेकिन वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं और चाहते हैं कि जल्द सच्चाई सामने आए। इससे पहले भी विधायक ने एक फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई और है। साथ ही यह भी कहा गया था कि यह वीडियो सबसे पहले हैदराबाद से फैलाया गया था। अब पुलिस इन सैंपल्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी, जिसके बाद वीडियो की वास्तविकता को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।

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मिर्जापुर में मॉर्निंग वॉक पर वकील की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद वारदात; चुनावी रंजिश में हत्या का शक

Mirzapur में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई, जहां मॉर्निंग वॉक पर निकले वरिष्ठ वकील राजीव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना सुबह करीब 7:15 बजे कटरा कोतवाली क्षेत्र के कतवारु का पुरा इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, दो हमलावर बाइक से आए और रास्ते में वकील को रोककर सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही वकील मौके पर गिर पड़े और हमलावर वहां से भागने लगे। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वारदात के बाद जब हमलावर भाग रहे थे, तो उनकी बाइक कुछ देर के लिए बंद हो गई। इस दौरान स्थानीय लोग उन्हें पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन उन्होंने तमंचा दिखाकर धमका दिया और फिर बाइक स्टार्ट कर फरार हो गए। मृतक वकील राजीव सिंह की पत्नी ग्राम प्रधान हैं और स्वयं भी पहले दो बार ग्राम प्रधान रह चुके थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी और मुख्य आरोपी के बीच चुनावी रंजिश चल रही थी। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी की पहचान राजेंद्र सोनकर के रूप में हुई है, जो उसी गांव का रहने वाला है और पहले भी चुनाव लड़ चुका है। एसपी के अनुसार यह मामला पुरानी रंजिश और राजनीतिक विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। आरोपी ने पहले भी वकील पर हमला किया था और दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पूरी वारदात की पहले से योजना बनाई थी और वकील की दिनचर्या की जानकारी होने के कारण उसने रेकी कर यह हमला किया। आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और वकीलों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।

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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: बैंक खाता त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 18 अप्रैल, SC-ST और OBC छात्रों के लिए जरूरी सूचना

Raipur जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों के लिए जरूरी जानकारी जारी की गई है। SC, ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के बैंक खाते से जुड़ी गलतियों को सुधारने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल तय की गई है। यह योजना कक्षा 12वीं के बाद पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू है, जो कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और आईटीआई जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों की छात्रवृत्ति राशि उनके बैंक खाते की समस्या के कारण जमा नहीं हो पा रही है। जिनका बैंक खाता बंद है या आधार से लिंक नहीं है, उन्हें तुरंत सुधार करना जरूरी है। छात्र अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपडेट कर सकते हैं:http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर 18 अप्रैल 2026 तक सुधार नहीं किया गया, तो छात्रवृत्ति की राशि रुक सकती है। इसलिए सभी पात्र छात्रों को समय रहते अपनी जानकारी सही करने की सलाह दी गई है।

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भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया का प्रकोप: 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर, पानी सप्लाई की जांच तेज

Bhilai के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया फैल गया है। सड़क 37-38 के आसपास रहने वाले कई लोग, खासकर बच्चे, इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को सर्वे कर 15 नए मरीजों की पहचान की है। इनमें 2 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी भी कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है। टीम ने कुल 110 घरों में जाकर जांच की। साथ ही पानी के सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। Bhilai Steel Plant और नगर निगम की टीम ने भी पानी की जांच की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उबला हुआ पानी पीएं, बाहर का खाना न खाएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें। बीमारी के कारण पुरानी पाइपलाइन में गंदा पानी मिलने की आशंका जताई गई है। इसी वजह से पुराने पाइप बदलने का काम शुरू कर दिया गया है और टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। अब तक इलाके में कुल करीब 25 मरीज सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार पीलिया गंदे पानी और दूषित भोजन से फैलता है, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।

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