GOVERNMENT

रायपुर में गुपचुप पानी में मिलावट का खुलासा: 20 लीटर रंगीन पानी नष्ट, 27 ठेलों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि विभाग ने मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। ‘सही दवा, शुद्ध आहार’ थीम के तहत चल रहे इस 15 दिवसीय अभियान के पहले ही दिन गुपचुप में इस्तेमाल हो रहे रंगीन पानी का मामला सामने आया। जांच के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में चाट और गुपचुप के ठेलों की जांच की गई। कई जगहों पर पाया गया कि गुपचुप का पानी कृत्रिम रंग मिलाकर तैयार किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने करीब 20 लीटर ऐसा पानी मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस अभियान के तहत कुल 27 चाट और गुपचुप सेंटरों की जांच की गई। साथ ही समोसा, चाट और दही बड़ा के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी ब्रेड भी मिली, जिसे जब्त कर लगभग 2 किलो सामग्री को तुरंत नष्ट किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक यह अभियान 11 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आम लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंच सके।

रायपुर में गुपचुप पानी में मिलावट का खुलासा: 20 लीटर रंगीन पानी नष्ट, 27 ठेलों पर कार्रवाई Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Health, Raipur, State, Top News

राजधानी में FDA की सख्ती: कॉस्मेटिक दुकानों की जांच, 1000+ किलो संदिग्ध पनीर जब्त

राजधानी में उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में बंजारी रोड और गोल बाजार सहित कई इलाकों में कॉस्मेटिक दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सपायरी डेट वाले प्रोडक्ट, बिलिंग सिस्टम और लेबलिंग नियमों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों के दस्तावेजों को खंगाला गया, वहीं जय गुरुदेव स्टोर्स को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी बीच, खाद्य विभाग ने मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले पनीर के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर में दो डेयरी यूनिट्स पर छापेमारी कर करीब 1060 किलो पनीर जब्त कर नष्ट किया गया। साथ ही पनीर के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। भाटागांव स्थित KLP डेयरी एंड प्रोडक्शन में जांच के दौरान भारी गंदगी पाई गई, जिसके चलते 540 किलो पनीर को नगर निगम की मदद से नष्ट किया गया। वहीं परिसर से मिल्क पाउडर और तेल के टिन भी बरामद हुए, जिनकी जांच जारी है। उधर, उरला के कन्हेरा रोड स्थित SJ डेयरी प्रोडक्ट में भी कार्रवाई करते हुए 500 किलो पनीर जब्त किया गया। इस दौरान टीम को विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल दोनों फैक्ट्री संचालकों से पूछताछ जारी है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी में FDA की सख्ती: कॉस्मेटिक दुकानों की जांच, 1000+ किलो संदिग्ध पनीर जब्त Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Health, Raipur, State, Top News

पुलिस ने लौटाए सोने-चांदी समेत 3-लाख का सामान:बिलासपुर में पुलिस को मिला था लावारिस सूटकेस, सीसीटीवी के जरिए झारखंड के युवक की हुई पहचान

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी का उदाहरण पेश करते हुए लावारिस सूटकेस उसके असली मालिक को सुरक्षित लौटा दिया। सूटकेस में करीब 3 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कपड़े रखे हुए थे। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल की देर रात गश्त के दौरान पुलिस को एक लावारिस सूटकेस मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत सूटकेस को अपने कब्जे में लेकर थाने में सुरक्षित रखा और उसके मालिक की तलाश शुरू की। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले युवक की पहचान की गई। जांच में पता चला कि शेख आलमगीर नाम का युवक बिलासपुर अपने ससुराल आया था और बस से उतरने के दौरान शिवघाट इलाके में अपना सूटकेस भूल गया था। ससुराल पहुंचने के बाद जब उसे सूटकेस के गायब होने का पता चला तो वह उसे खोजने में जुट गया। इसी बीच पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए उसकी पहचान कर उसके परिजनों से संपर्क किया और उसे थाने बुलाया। थाने में सूटकेस का ताला खोलकर जांच की गई, जिसमें करीब 3 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और अन्य सामान मिले। सभी सामान सुरक्षित मिलने पर पुलिस ने सूटकेस उसके मालिक को सौंप दिया। अपना कीमती सामान वापस पाकर शेख आलमगीर ने पुलिस का आभार जताया और उनकी तत्परता व ईमानदारी की सराहना की।

पुलिस ने लौटाए सोने-चांदी समेत 3-लाख का सामान:बिलासपुर में पुलिस को मिला था लावारिस सूटकेस, सीसीटीवी के जरिए झारखंड के युवक की हुई पहचान Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, GOVERNMENT, State, Top News

रायपुर में स्वच्छता पर निगम का सख्त एक्शन, डस्टबिन नहीं रखने पर 39 दुकानों पर जुर्माना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। जोन-2 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन मार्ग और पुराने पंडरी बस स्टैंड मार्ग पर औचक निरीक्षण करते हुए 39 दुकानों पर कार्रवाई की और कुल 10 हजार रुपये का ई-चालान काटा। यह कार्रवाई स्वच्छता से संबंधित शिकायत मिलने के बाद की गई। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन-2 कमिश्नर संतोष पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी रवि लावनिया की मौजूदगी में पाया गया कि कई दुकानों में डस्टबिन नहीं रखे गए थे और आसपास गंदगी फैली हुई थी। इस पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया और भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। नगर निगम द्वारा शहर में स्वच्छता को लेकर लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत निकाली गई जनजागरूकता रैली में जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने भाग लिया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। नागरिकों से अपील की गई है कि वे कचरे को अलग-अलग श्रेणियों—गीला, सूखा, सेनेटरी और अन्य—में बांटकर निगम की गाड़ियों को दें। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खुले में कचरा फेंकने पर नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा और शहर को स्वच्छ रखने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

रायपुर में स्वच्छता पर निगम का सख्त एक्शन, डस्टबिन नहीं रखने पर 39 दुकानों पर जुर्माना Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

महिला आरक्षण को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सियासी जंग तेज, भाजपा चलाएगी अभियान और निंदा प्रस्ताव, कांग्रेस ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश और प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी इस विषय को लेकर देशभर में अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक भ्रम फैला रही है और असल में परिसीमन से जुड़े संशोधन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है। रायपुर में कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व महापौर और महिला कांग्रेस नेता हेमा देशमुख सहित अन्य नेताओं ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित 106वां संविधान संशोधन, जिसे महिला आरक्षण बिल कहा जाता है, पहले ही संसद से पास होकर कानून बन चुका है और इसे लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल महिला आरक्षण से सीधे जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानूनों में बदलाव का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने इसे “महिला आरक्षण का मुखौटा” बताया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यदि कानून बन चुका है तो बिना परिसीमन का इंतजार किए वर्तमान सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि विपक्षी दल इसके लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार जानबूझकर देरी कर रही है। कांग्रेस ने अपने पुराने प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि राजीव गांधी के समय पंचायत स्तर पर महिला आरक्षण की शुरुआत हुई थी, जिसे बाद में 1993 में कानून का रूप मिला। साथ ही मनमोहन सिंह सरकार में भी संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का प्रयास किया गया था। उधर भाजपा इस मुद्दे को लेकर सक्रिय है और 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। इसके साथ ही राज्य के नगर निगमों और निकायों में भी सामान्य सभाएं आयोजित कर महिला आरक्षण पर चर्चा और विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना है।

महिला आरक्षण को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सियासी जंग तेज, भाजपा चलाएगी अभियान और निंदा प्रस्ताव, कांग्रेस ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, GOVERNMENT, State, Top News

रायपुर नगर निगम विशेष सामान्य सभा में हंगामा, काले कपड़ों में पहुंचे महापौर और पार्षद, कांग्रेस पर लगाए तीखे आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच जमकर बहस और नोकझोंक देखने को मिली। बैठक की शुरुआत से पहले ही विवाद की स्थिति बन गई, जब विपक्षी पार्षदों ने शहर में बढ़ते जल संकट के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हालांकि सभापति ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे एजेंडे में शामिल नहीं किया जाएगा। यह विशेष सभा महिला सशक्तिकरण से जुड़े जनजागरूकता अभियान के तहत बुलाई गई थी, लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भाजपा पार्षदों ने सभा से पहले कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “कांग्रेस शर्म करो” के नारे लगाए और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। विरोध स्वरूप महापौर और भाजपा पार्षद काले कपड़े पहनकर बैठक में पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। सभा में दोनों पक्षों के सभी पार्षद उपस्थित रहे और हंगामे के बीच बैठक की कार्यवाही जारी रही। स्थिति को देखते हुए नगर निगम परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पिछली बैठक का संदर्भ:इससे पहले 9 अप्रैल को हुई सामान्य सभा में 14 एजेंडों पर चर्चा की गई थी। उस बैठक में सिटी कोतवाली चौक का नाम बदलकर “जैन स्तंभ” रखने के प्रस्ताव पर तीखी बहस हुई थी, जिसे बाद में विपक्ष के विरोध के चलते निरस्त कर दिया गया था। अन्य प्रस्ताव बहुमत से पारित हुए थे, जबकि दुकानों के व्यवस्थापन से जुड़े मुद्दे पर शासन से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया गया था।

रायपुर नगर निगम विशेष सामान्य सभा में हंगामा, काले कपड़ों में पहुंचे महापौर और पार्षद, कांग्रेस पर लगाए तीखे आरोप Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, Top News

राजनांदगांव में व्यापम की MBSI परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 99 केंद्रों पर सख्त व्यवस्था

राजनांदगांव में व्यापम द्वारा आयोजित मंडी बोर्ड उप निरीक्षक (MBSI) भर्ती परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 99 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था रखी गई थी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल न हो सके। सुरक्षा के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और निगरानी टीम लगातार जांच करती रही। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने खुद अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां जाकर अभ्यर्थियों की एंट्री, पहचान पत्र जांच, तलाशी और बैठने की व्यवस्था को देखा। कलेक्टर ने यह भी देखा कि परीक्षा हॉल में सही दूरी बनी हुई है या नहीं और रोशनी व अन्य सुविधाएं ठीक हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सफल बनाने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी की थी। सभी केंद्रों पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए थे। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से भी नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।

राजनांदगांव में व्यापम की MBSI परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 99 केंद्रों पर सख्त व्यवस्था Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, RAJNANDGAON, State

रायपुर पुलिस कमिश्नरी पर कांग्रेस का हमला: “वसूली कमिश्नरेट” बन गया सिस्टम

राजधानी रायपुर में लागू पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था अब “वसूली कमिश्नरेट” में बदल गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन जमीन पर कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। उनका आरोप है कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जबकि आम लोग ट्रैफिक चालानों के डर से परेशान हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शहर के कई चौराहों पर स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग तक साफ नहीं दिखती, फिर भी लोगों पर नियम उल्लंघन के नाम पर चालान भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चालान नहीं भरने पर वाहनों को जब्त करने की चेतावनी दी जाती है और कई मामलों में ऐसा किया भी गया है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमिश्नरी सिस्टम का मकसद अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग था, लेकिन मौजूदा स्थिति में पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ ट्रैफिक चालान तक सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि मोहल्लों में फैल रहे नशे के कारोबार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। स्टाफ की कमी को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि उच्च स्तर के अधिकारियों की तैनाती तो कर दी गई है, लेकिन थानों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या पहले जैसी ही है, जिससे व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही। सुशील आनंद शुक्ला ने मांग की कि थानों में पर्याप्त स्टाफ बढ़ाया जाए और पुलिस को केवल चालान तक सीमित न रखकर अपराध नियंत्रण पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए जाएं।

रायपुर पुलिस कमिश्नरी पर कांग्रेस का हमला: “वसूली कमिश्नरेट” बन गया सिस्टम Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

रायपुर में गहराया जल संकट: घंटों लाइन में लगकर पानी भरने को मजबूर लोग

राजधानी रायपुर इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। कई इलाकों में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शिवनगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है, जहां बोरवेल सूख चुके हैं और लोगों को रोजाना 3 से 4 घंटे लाइन में खड़े होकर पानी भरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी हिना महानंद के अनुसार, सुबह और शाम दोनों समय पानी के लिए दूर जाना पड़ता है और रोज का काफी समय इसी में निकल जाता है। वहीं सुरेश तांडी का कहना है कि हर साल पानी की समस्या रहती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं। रायपुरा क्षेत्र में भी पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। निवासी अजय यादव ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। डंगनिया इलाके में पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन प्रेशर इतना कम है कि लोग पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहर के 70 वार्डों में से 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में बोरवेल फेल हो चुके हैं। ऐसे में लोगों की निर्भरता टैंकरों पर बढ़ गई है और कई जगह पानी को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। शहर के लगभग 3.5 लाख घरों में से करीब 20 प्रतिशत में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। हर साल मानसून के दौरान लाखों लीटर पानी बिना उपयोग के बह जाता है, जबकि यह पानी भविष्य के लिए बचाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, 1500 वर्ग फीट से बड़े मकानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके लिए लोगों ने नगर निगम में राशि भी जमा की थी, लेकिन अब तक कई जगह यह सिस्टम नहीं लगाया गया है। नगर निगम ने ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये जब्त भी किए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हर घर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाए, तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक औसत घर सालाना हजारों लीटर पानी बचा सकता है, जिससे भविष्य में पानी की कमी से राहत मिल सकती है।

रायपुर में गहराया जल संकट: घंटों लाइन में लगकर पानी भरने को मजबूर लोग Read Post »

Chhattisgarh, Development, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News, WATER SCARCITY

रायगढ़ में लापरवाही पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, संजय मैदान प्रोजेक्ट की निविदा निरस्त

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में विकास कार्य में देरी करने वाले ठेकेदार के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। संजय मैदान के निर्माण कार्य को तय समय में पूरा नहीं करने पर निगम आयुक्त ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही उसकी निविदा रद्द करते हुए जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। इस परियोजना में फेंसिंग, गेट निर्माण, पाथवे, नाली, बिजली व्यवस्था, ग्राउंड तैयार करना और बैठने की व्यवस्था जैसे कई काम शामिल थे। इन कार्यों की जिम्मेदारी कान्हा कंस्ट्रक्शन को दी गई थी, जिसकी समय-सीमा करीब पांच महीने तय की गई थी। हालांकि तय अवधि बीतने के बाद भी काम में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। नगर निगम ने 29 सितंबर 2025 को पहला नोटिस जारी किया था, जिसके बाद दूसरा और अंतिम नोटिस भी भेजा गया, लेकिन ठेकेदार की ओर से कोई सुधार नहीं किया गया। स्थिति को देखते हुए निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कड़ा कदम उठाते हुए अनुबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। साथ ही नियमों के तहत ठेकेदार की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई। इसके अलावा, संबंधित ठेकेदार को एक साल तक किसी भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर के विकास कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और तय समय में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा नहीं करने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रायगढ़ में लापरवाही पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, संजय मैदान प्रोजेक्ट की निविदा निरस्त Read Post »

Chhattisgarh, GOVERNMENT, Raigarh, State, Top News
Scroll to Top