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वन-टू-वन बैठक में विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहे सचिन पायलट, संगठन और क्षेत्र की ले रहे जानकारी

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot इन दिनों विधायकों के साथ लगातार वन-टू-वन बैठकें कर रहे हैं। इस दौरान वे हर विधायक से करीब 15 मिनट तक व्यक्तिगत चर्चा कर संगठन की स्थिति और उनके विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत की जानकारी ले रहे हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन पार्टी ने अभी से विधायकों के प्रदर्शन का आकलन शुरू कर दिया है। इस मैराथन बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij और नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant भी मौजूद हैं। विधायकों के साथ चर्चा पूरी होने के बाद सचिन पायलट नवनिर्वाचित जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ भी बैठक करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन की जमीनी स्थिति को विस्तार से समझना और भविष्य की रणनीति तय करना है। बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक Sangeeta Sinha ने बताया कि इस विषय को लेकर फैल रही गलतफहमियों को दूर करने पर जोर दिया गया। साथ ही यह भी समीक्षा की गई कि कार्यकर्ताओं तक इस मुद्दे की सही जानकारी पहुंच रही है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इस विषय पर फैले भ्रम को खत्म करना जरूरी है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। फिलहाल इस पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। इससे पहले सचिन पायलट 17 मार्च को प्रदेश दौरे पर आए थे, जहां उन्होंने विधानसभा घेराव कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शन में पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए थे, जिसे पार्टी ने सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश किया था।

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दुर्ग ट्रिपल मर्डर केस में फांसी की सजा: पत्नी-बेटी की हत्या कर खुद को मृत दिखाने की साजिश बेनकाब

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वर्ष 2020 के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब छह साल बाद कोर्ट ने आरोपी रवि शर्मा को पत्नी और मासूम बेटी सहित तीन हत्याओं के मामले में मौत की सजा दी है। इस मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने इसे अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखा। पत्नी और बच्ची की हत्या, खुद को मृत दिखाने की साजिशजांच में सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी व बच्चे राउरकेला में रहते हैं। इसके बावजूद उसने भिलाई में मंजू नामक महिला से दूसरी शादी कर ली। मंजू ने घटना से डेढ़ महीने पहले बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन आरोपी इस बच्चे को नहीं चाहता था। इसी वजह से दोनों के बीच लगातार विवाद होता था। बाद में उसने पत्नी और बच्ची की हत्या की साजिश रच डाली। निर्दोष युवक को बनाया शिकारअपने अपराध को छिपाने के लिए आरोपी ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को बहला-फुसलाकर घर बुलाया। शराब में नशीली दवा मिलाकर उसे बेहोश किया और फिर उसकी हत्या कर दी, ताकि शव को अपना बताकर खुद को मृत साबित कर सके। इसके बाद उसने पत्नी को भी नशीला पदार्थ देकर मार डाला और अंत में अपनी मासूम बच्ची की भी हत्या कर दी। गैस ब्लास्ट से सबूत मिटाने की कोशिशहत्या के बाद आरोपी ने पूरे घटनास्थल को जलाकर सबूत खत्म करने की योजना बनाई। उसने गैस सिलेंडर से आग फैलाने की कोशिश की, ताकि यह हादसा लगे, लेकिन उसका प्लान पूरी तरह सफल नहीं हो पाया। घटनास्थल से मिले अहम सुरागपुलिस को कमरे में लिखी भ्रामक बातें और संदिग्ध परिस्थितियां मिलीं, जिससे मामला संदिग्ध लगा। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी घटना से पहले एक युवक को घर लाते और बाद में अकेले निकलते हुए दिखाई दिया। मोबाइल लोकेशन से यह भी पता चला कि घटना के बाद उसने रायपुर रेलवे स्टेशन से कॉल किया और फरार हो गया। राउरकेला से गिरफ्तारी, पूछताछ में खुलासापुलिस ने आरोपी को राउरकेला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरा अपराध कबूल कर लिया और हत्या की पूरी योजना का खुलासा किया। मजबूत सबूतों के आधार पर सजाजांच के दौरान पुलिस ने हथौड़ा, टेप, मोबाइल, स्कूटी और दवाइयों से जुड़े सबूत बरामद किए। साथ ही हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट और गवाहों के बयान भी आरोपी के खिलाफ गए। सरकारी वकील भावेश कटरे ने अदालत में पक्ष रखा, जबकि मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार ध्रुव ने पूरी कर चार्जशीट पेश की थी। सभी तथ्यों और सबूतों को देखते हुए अदालत ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।

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रायपुर में GST चोरी का बड़ा खुलासा: 27.80 करोड़ के फर्जीवाड़े में सप्लायर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। वस्तु-सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) की टीम ने कंस्ट्रक्शन मटेरियल सप्लायर रोहन तन्ना को गिरफ्तार किया है। उस पर करीब 27.80 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी करने का आरोप है। करीब तीन महीने तक चली जांच के बाद अधिकारियों ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। फर्जी बिलिंग के जरिए ITC का खेलजांच में सामने आया कि M/s सृष्टि कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म के जरिए बिना वास्तविक माल की सप्लाई के फर्जी बिल तैयार किए जा रहे थे। इन नकली बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ लिया गया और फिर इसे अन्य कंपनियों को ट्रांसफर किया गया। इस पूरी प्रक्रिया से सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तारइस मामले में मुख्य आरोपी चंदन गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच में यह भी सामने आया कि उसी ने रोहन तन्ना को इस अवैध गतिविधि में शामिल किया था। दोनों मिलकर फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी कर रहे थे। करोड़ों की ITC हेराफेरी का खुलासाDGGI अधिकारियों के मुताबिक सृष्टि कंस्ट्रक्शन के जरिए लगभग 17.18 करोड़ रुपए की अवैध ITC ली गई, जबकि करीब 10.62 करोड़ रुपए की फर्जी ITC अन्य फर्मों को ट्रांसफर की गई। यह पूरा मामला CGST Act 2017 की धारा 16 और 132 का उल्लंघन है। इन धाराओं के तहत यह अपराध गंभीर, संज्ञेय और गैर-जमानती श्रेणी में आता है। पहले भी हो चुकी गिरफ्तारीरोहन तन्ना का नाम पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2021 में भी उसे करीब 7 करोड़ रुपए की GST चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन दोबारा इसी तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया। आगे की जांच जारीफिलहाल DGGI की टीम इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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बिलासपुर में अवैध बोर खनन पर कार्रवाई: युवक ने पुलिस पर 1.50 लाख मांगने का लगाया आरोप, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोर खनन का मामला सामने आया है। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए दो बोरवेल मशीनों को जब्त किया, लेकिन इस दौरान एक युवक ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजौर का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली थी कि खेत में नियमों के खिलाफ बोर खनन किया जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने दो मशीनों को चलते हुए पाया और कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त कर लिया। पूछताछ के दौरान वहां मौजूद व्यक्ति स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया और गाड़ी खड़ी करने की बात कहकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश करता रहा। इसी बीच एक युवक ने वीडियो बनाते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी मशीन छोड़ने के एवज में 1 लाख 50 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। पुलिस द्वारा गाड़ियां थाने लाने के बाद धर्मेंद्र पात्रे नामक व्यक्ति सामने आया, जिसने खुद को पत्रकार बताया और बिल्हा प्रेस क्लब से जुड़ा होने का दावा किया। उसने पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने मामले की जानकारी तत्काल तहसीलदार को दे दी। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को जब्त करते हुए अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की। पकड़ी गई गाड़ियों में एक पर तमिलनाडु का नंबर TN 34 AD 1717 और दूसरी पर कर्नाटक (बेंगलुरु) का नंबर KA 01 MU 5590 दर्ज था। हालांकि, इन वाहनों के असली मालिकों के बारे में अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस तरह के भारी वाहन दूसरे राज्यों से कम कीमत पर खरीदकर या किराए पर लाकर शहर में उपयोग किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने बताया कि क्षेत्र में अवैध बोर खनन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले की पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।

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दुर्ग में महिला से मारपीट का आरोप: लेडी हेड कॉन्स्टेबल पर थप्पड़ और थाने में प्रताड़ना के आरोप

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जिसमें एक लेडी हेड कॉन्स्टेबल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें कथित तौर पर महिला और पुलिसकर्मी के बीच झगड़ा दिखाई दे रहा है। मामला एक ज्वेलरी दुकान में पैसों के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जया गाड़े नाम की महिला अपनी एडवांस राशि वापस लेने के लिए सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सहेली ज्वेलर्स पहुंची थी। उसने पहले गहनों का ऑर्डर दिया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया और करीब 50 हजार रुपये की वापसी मांगी। आरोप है कि दुकान संचालक ने पैसे देने से इनकार कर पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पीड़िता का कहना है कि मौके पर पहुंची महिला हेड कॉन्स्टेबल लता सुमन साहू ने स्थिति समझने के बजाय उसके साथ बदसलूकी की और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि कॉन्स्टेबल ने सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर खींचा। इस दौरान महिला और उसकी मां के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पेट की सर्जरी हो चुकी है, इसके बावजूद उसी स्थान पर लात मारी गई। साथ ही उसके कपड़े फाड़े गए और मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाया गया। जब उसकी मां ने बीच-बचाव किया, तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। पीड़िता का कहना है कि मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि उसे थाने ले जाकर भी प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसके खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया। सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी नवीन राजपूत पर भी पक्षपात का आरोप लगाया गया है। महिला ने दुर्ग के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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CG बोर्ड पेपर लीक केस में फरार आरोपी पर 5 हजार का इनाम, रायपुर पुलिस ने जारी की घोषणा

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामले में फरार आरोपी वेणु जंघेल की गिरफ्तारी के लिए Raipur पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सिटी कोतवाली थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 130/2026 में आरोपी की लंबे समय से तलाश जारी है, लेकिन अब तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेणु जंघेल (18) मूल रूप से Bemetara जिले के बोरतरा गांव का रहने वाला है और हाल ही में रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रह रहा था। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत मामला दर्ज है। यह पूरा प्रकरण 14 मार्च 2026 को सामने आए पेपर लीक मामले से जुड़ा है। इस संबंध में सेंट्रल जोन की डिप्टी पुलिस कमिश्नर Archana Jha ने रायपुर पुलिस रेग्युलेशन के तहत इनाम की घोषणा जारी की है। आदेश में कहा गया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है और उसकी गतिविधियां समाज के लिए खतरा बन सकती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति आरोपी के बारे में ठोस जानकारी देगा या उसकी गिरफ्तारी में मदद करेगा, उसे 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इनाम देने का अंतिम निर्णय डिप्टी पुलिस कमिश्नर (मध्य क्षेत्र) द्वारा लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी होने से पहले इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है।

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CG बोर्ड 10वीं रिजल्ट आज 2:30 बजे जारी, 3.20 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) आज दोपहर 2:30 बजे 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित करने जा रहा है। लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है और वे अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर के जरिए देख सकेंगे। इस साल करीब 3,20,535 छात्र-छात्राओं ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था। परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थी अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो अब कुछ ही घंटों में खत्म हो जाएगा। पिछले वर्ष यानी 2025 की बात करें तो लगभग 3,23,094 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 76.53 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे। यह परिणाम पिछले चार वर्षों में सबसे बेहतर माना गया था, जिसमें करीब 2.46 लाख विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की थी। 2025 में कुल मिलाकर करीब 5.65 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिसमें 10वीं के परीक्षार्थियों की संख्या 3.23 लाख के आसपास थी। वहीं 2026 में यह आंकड़ा थोड़ा घटकर लगभग 3.20 लाख रह गया है। पिछले साल की तरह इस बार भी रिजल्ट में छात्राओं के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी, क्योंकि बीते वर्षों में लड़कियों ने बेहतर परिणाम दिए हैं। इसके अलावा मेरिट लिस्ट, टॉपर्स और पास प्रतिशत को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों की उत्सुकता बनी हुई है।

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बिलासपुर जिला पंचायत में भाजपा का इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास, महिला आरक्षण पर सियासत तेज

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिला पंचायत की विशेष सामान्य सभा में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक के दौरान Bharatiya Janata Party ने INDIA Alliance के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसे बहुमत के आधार पर मंजूरी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी द्वारा यह प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे भाजपा सदस्यों का समर्थन मिला। वहीं Indian National Congress समर्थित सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभा में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी में प्रस्ताव बिना विरोध के पारित हो गया। बैठक के दौरान भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना था कि इस तरह के कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ हैं। सभा में विकास और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक के बाद भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों ने कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में बाधा डाल रहा है, जबकि यह कानून महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने की दिशा में अहम कदम है। इसके अलावा बैठक में ‘सुशासन तिहार 2026’ के आयोजन पर भी निर्णय लिया गया। 1 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। यह शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर आयोजित होंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम के तहत बिल्हा, मस्तूरी और तखतपुर में 8-8 शिविर, जबकि कोटा क्षेत्र में 7 शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को त्वरित राहत और सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।

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CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड दवा का बैच वापस मंगाया, रंग बदलने और टूटने की शिकायत के बाद एक्शन

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने आयरन-फोलिक एसिड की एक दवा के बैच को एहतियातन वापस मंगाने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब लिया गया जब रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित इस दवा की कुछ गोलियों के रंग बदलने और टूटने की शिकायत सामने आई। यह मामला फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड (लाल रंग) टैबलेट, ड्रग कोड D221M और बैच नंबर FFR 240703 से संबंधित है। शिकायत मिलने के बाद दवा का दोबारा गुणवत्ता परीक्षण कराया गया। हालांकि जांच में दवा मानकों के अनुरूप पाई गई, फिर भी सावधानी बरतते हुए संबंधित कंपनी मेसर्स सिप्को फार्मास्यूटिकल्स को पूरा बैच वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। Raipur और Baloda Bazar के सभी अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आदेश जारी किया गया है कि इस बैच का उपलब्ध स्टॉक तुरंत गोदाम में जमा कराया जाए। यह दवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को दी जाती है। आयरन और फोलिक एसिड शरीर में खून की कमी दूर करने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने और नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इस दवा का उपयोग एनीमिया नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं के तहत व्यापक रूप से किया जाता है। इसी वजह से किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि दवा का वितरण रोककर उसे वापस किया जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर जंगल उजाड़, 1 लाख पेड़ों की कटाई और 265 एकड़ पर अवैध कब्जा उजागर

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े स्तर पर वन विनाश का मामला सामने आया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन सर्वे के जरिए खुलासा हुआ कि यहां करीब 1 लाख पेड़ों को काट दिया गया और लगभग 265 एकड़ (करीब 106 हेक्टेयर) वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया। वन विभाग की जांच में सामने आया कि पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र में लगातार जंगल की कटाई हो रही थी। हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन इमेज में साफ दिखा कि कई जगहों पर पेड़ काटकर खेत बनाए गए हैं और ठूंठ अभी भी मौजूद हैं। सैटेलाइट डेटा (2006 से 2022) से यह भी पता चला कि जहां पहले प्रति हेक्टेयर करीब 1000 पेड़ होते थे, अब वहां केवल 25 से 50 पेड़ ही रह गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने पेड़ों को नष्ट करने के लिए ‘गर्डलिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूख जाते हैं और जमीन खेती के लिए तैयार हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि कई लोगों के पास पहले से राजस्व भूमि होने के बावजूद उन्होंने वन क्षेत्र पर कब्जा किया। मामले में वन विभाग ने अब तक 166 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सीतानदी कोर रेंज के घुरवाड़ इलाके में हाल ही में कार्रवाई करते हुए इन लोगों को पकड़ा गया, जो जंगल की जमीन पर कब्जा कर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा रहे थे। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए विभाग डिजिटल सबूतों का सहारा ले रहा है और पुराने सैटेलाइट डेटा के आधार पर कार्रवाई तेज की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत भी जेल और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विभाग ने करीब 850 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और 600 से अधिक शिकारी, तस्कर और अतिक्रमणकारियों को गिरफ्तार किया है। अब खाली कराई गई जमीन पर जल संरक्षण और बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजना बनाई जा रही है।

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