Crime

शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म: कोर्ट ने आरोपी को 10 साल जेल की सजा सुनाई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। उतई थाना क्षेत्र के इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) दुर्ग के अपर सत्र न्यायाधीश अवध किशोर ने आरोपी विनय प्रकाश टंडन (36) को 10 साल सश्रम कारावास और धारा 506(1) के तहत 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है। घटना मार्च 2024 की है। आरोपी ने युवती को शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ भगा लिया था और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पहले से जान-पहचान का फायदा उठाया जानकारी के अनुसार, आरोपी और पीड़िता पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इसी पहचान का फायदा उठाते हुए आरोपी ने युवती को शादी का झांसा दिया और अपने साथ दूसरी जगह ले गया।12 मार्च की शाम जब युवती घर से निकली तो रात तक नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बाद में जांच में पता चला कि आरोपी युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। कुछ दिनों बाद पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकली और उतई थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376(2)(एन) और 506(1) के तहत अपराध दर्ज किया। सबूतों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा पुलिस द्वारा मामले की जांच पूरी करने के बाद चालान अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि आरोपी ने युवती को धोखे से फंसाकर दुष्कर्म किया था। अदालत ने साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 10 वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई।

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तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 6वीं की छात्रा की मौत: साइकिल से स्कूल जा रही थी, धमधा-खैरागढ़ मार्ग पर हादसा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्कूल जा रही एक छात्रा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की है, जब धरमपुरा गांव की रहने वाली 6वीं कक्षा की छात्रा छाया साहू साइकिल से शासकीय प्राथमिक माध्यमिक शाला बरहापुर जा रही थी। रास्ते में एक तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। धमधा थाना क्षेत्र के धरमपुरा और बरहापुर चौक के बीच यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छाया साइकिल समेत सड़क पर जा गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हादसे के बाद भागा बाइक सवार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक (क्रमांक CG 04 QP 2505) को माधवन यादव नाम का युवक चला रहा था, जो ग्राम गोरपा का निवासी है। बताया जा रहा है कि वह अत्यधिक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। दुर्घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर धमधा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। छात्रा का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गांव में पसरा मातम, ग्रामीणों ने की स्पीड ब्रेकर की मांग छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह रोजाना इसी रास्ते से स्कूल जाती थी और पढ़ाई में बहुत होनहार थी। हादसे की खबर से पूरा गांव शोक में डूब गया है। ग्रामीणों ने बताया कि धमधा-खैरागढ़ मार्ग पर आए दिन वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद यहां स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से इस सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण के सख्त इंतजाम करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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मोबाइल चलाने से टोका तो छात्रा ने लगाई नदी में छलांग: सुबह मिली लाश, पिता और बहन के सामने दी थी जान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 9वीं कक्षा की एक छात्रा ने मोबाइल चलाने से रोके जाने पर आत्महत्या कर ली। घटना 3 नवंबर देर रात की है, जब छात्रा अदिति कठौते (14) मोबाइल देख रही थी। बड़ी बहन ने उसे मना किया तो वह नाराज होकर घर से भाग गई और अरपा नदी के छठ घाट पर जाकर कूद गई। यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर की है। बताया गया कि अदिति के पिता अरुण कठौते और बड़ी बहन चेतना उसके पीछे-पीछे दौड़े, लेकिन जब तक वे पहुंचते, अदिति नदी में छलांग लगा चुकी थी। बहन के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दो युवकों ने अदिति को बचाने की कोशिश भी की, पर पानी गहरा होने से वे आगे नहीं बढ़ सके। सुबह मिली छात्रा की लाश, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या और एएसआई देवेंद्र तिवारी रात में ही मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान संभव नहीं हो सका। मंगलवार की सुबह एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद छात्रा का शव नदी से बरामद किया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मामले में मर्ग दर्ज कर जांच जारी है।

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बिलासपुर रेल हादसा: सिग्नल फेल या लापरवाही? मालगाड़ी से टकराई मेमू ट्रेन, 11 की मौत – 25 घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा हो गया। कोरबा से बिलासपुर आ रही एक मेमू लोकल ट्रेन ने लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के कोयले से लदे वैगन पर चढ़ गया। इस भीषण दुर्घटना में लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसे की वजह ऑटो सिग्नल फेल्योर या सिग्नल ओवरशूट हो सकती है। हालांकि रेलवे ने कहा है कि इसकी पुष्टि सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। 200 यात्रियों में मचा हड़कंप, कई बोगियां क्षतिग्रस्त घटना के वक्त ट्रेन में लगभग 200 यात्री सवार थे। मेमू करीब 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी। टक्कर लगते ही बोगियों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र मौर्य ने बताया, “जोरदार धमाका हुआ तो हम घर से बाहर निकले। ट्रेन के पास पहुंचे तो यात्री घायल हालत में चिल्ला रहे थे। हमने घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस में भेजा।” सीएम ने जताया दुख, राहत राशि का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।वहीं, रेलवे मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख और सामान्य रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। कवच सिस्टम की कमी पर उठे सवाल हादसे के बाद रेल सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को लेकर सवाल उठने लगे हैं। देश में 15 हजार से ज्यादा इंजनों में से केवल 1,290 इंजनों में यह सिस्टम लगाया गया है, जबकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन में किसी भी इंजन में यह नहीं है।कवच सिस्टम ट्रेन की गति नियंत्रित कर टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है। इसे स्थापित करने की लागत करीब 80 से 90 लाख रुपए प्रति इंजन है। क्या है कवच सिस्टम? कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) है जो ट्रेन की गति सीमा और लोको पायलट की त्रुटियों पर स्वतः ब्रेक लगाता है। इससे ट्रेनें सिग्नल पार करने से पहले रुक जाती हैं और संभावित टक्कर से बचाव होता है। जांच शुरू, सिग्नल फेल या ओवरशूट – कारण की पुष्टि बाकी रेलवे के सीपीआरओ डॉ. सुष्कर विपुल विलास राव ने कहा कि हादसे की वजह की जांच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा करेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्घटना सिग्नल सिस्टम फेल या लोको पायलट की ओर से सिग्नल ओवरशूट की वजह से हो सकती है।

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स्पा सेंटर डकैती कांड में एक और आरोपी गिरफ्तार: कारोबारी से ATM में निकलवाए थे पैसे, पुलिस ने सिमगा से पकड़ा

राजधानी रायपुर के चर्चित कल्चरल वेलनेस स्पा सेंटर डकैती कांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने फरार आरोपी प्रथम अग्रवाल (32 वर्ष) को सिमगा से गिरफ्तार किया है। आरोपी से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बता दें कि यह वारदात 25 अक्टूबर की रात हुई थी, जब स्पा सेंटर में घुसकर आरोपियों ने संचालक और कर्मचारियों को बंधक बनाया था। उन्होंने गल्ले से 20 हजार रुपए नगद लूटे और कारोबारी को धमकाकर ATM से 50 हजार रुपए नगद और क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर 50 हजार रुपए और निकलवाए थे। इस तरह कुल 1.20 लाख रुपए की डकैती को अंजाम दिया गया। आठ आरोपियों ने मिलकर दिया था वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे आठ अज्ञात आरोपियों ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित कल्चरल वेलनेस स्पा सेंटर में धावा बोला था। आरोपियों ने कर्मचारियों से मारपीट कर उन्हें बंधक बनाया और सेंटर का CCTV DVR भी साथ ले गए, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें। अब तक चार आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों—धनराज चौधरी उर्फ हनी, गुरविंदर सिंह और नवजोत सिंह भामरा—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब चौथा आरोपी प्रथम अग्रवाल भी पकड़ में आ गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सिमगा में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि बाकी फरार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। DVR की बरामदगी और बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।थाना प्रभारी ने कहा कि — “किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। सभी को जल्द जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”

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केस लड़ते-लड़ते प्यार में पड़ा वकील: महिला को तलाक दिलाने के बाद किया दुष्कर्म, शादी से मुकरा तो पहुंचा जेल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक वकील पर अपने ही मुवक्किल के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। सरकंडा इलाके की रहने वाली महिला का केस लड़ते-लड़ते वकील ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं। पहले उसने महिला को उसके पति से तलाक दिलाया, फिर शादी का वादा करके संबंध बनाए। बाद में जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो वकील ने इंकार कर दिया और मारपीट भी की। महिला की शिकायत पर आरोपी वकील को गिरफ्तार कर लिया गया है। तलाक केस के दौरान हुआ वकील से प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय पीड़िता का विवाह कुछ साल पहले हुआ था, लेकिन पति के साथ उसका रिश्ता खराब था। आए दिन झगड़ों और मारपीट से परेशान होकर उसने तलाक के लिए न्यायालय में याचिका दाखिल की।वर्ष 2025 में महिला ने अपने केस की पैरवी के लिए सरकंडा क्षेत्र के लतेल बाड़ा निवासी वकील पवन अवस्थी को नियुक्त किया। कोर्ट में केस चलने के दौरान दोनों के बीच लगातार मुलाकातें होती रहीं और इसी दौरान वकील ने महिला से प्रेम का इजहार किया। शादी का झांसा देकर बनाए संबंध महिला के अनुसार, वकील ने बताया कि उसकी भी अपनी पत्नी से नहीं बनती और वह जल्द ही तलाक लेकर उससे शादी करेगा। इस भरोसे पर महिला ने उस पर विश्वास किया, जिसके बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। लेकिन तलाक का मामला खत्म होने के बाद वकील का रवैया बदल गया। शादी के दबाव पर की मारपीट जब महिला ने शादी के लिए जोर दिया, तो वकील ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उसने साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया। इस दौरान उसने महिला से झगड़ा किया, उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और मारपीट की।इसके बाद परेशान होकर महिला ने 2 नवंबर को सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने वकील के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकी के तहत मामला दर्ज किया और 3 नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच जारी फिलहाल सरकंडा पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी बयान दर्ज कर केस को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

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रायपुर में नाबालिग की हत्या से मचा बवाल: जुआ खेलने से इंकार पर चाकू से हमला, कॉलोनी में तनाव

रायपुर के कचना इलाके की बीएसयूपी कॉलोनी रविवार शाम उस वक्त दहशत में आ गई जब 15 साल के नाबालिग की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। भीड़ ने आरोपी के घर को घेर लिया और आगजनी की कोशिश की। पुलिस ने हालात संभालने के लिए इलाके में भारी बल तैनात किया है। जुआ खेलने से मना किया, तो कर दी हत्या जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे विवेक तांड़ी (16) अपने बड़े भाई सुमीत तांड़ी (22) के साथ बाजार जा रहा था। रास्ते में कॉलोनी निवासी कृष्ण देवार नगराहा उर्फ तोडू (22) मिला और विवेक से जुआ खेलने की जिद करने लगा। विवेक के मना करने पर कृष्ण भड़क गया और चाकू निकालकर विवेक पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।बीच-बचाव करने पहुंचे सुमीत पर भी हमला किया गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान विवेक की मौत हो गई। आरोपी पहले भी खेल चुका था जुआ, हार से था नाराज पुलिस जांच में पता चला कि कॉलोनी में पिछले कई दिनों से त्योहारों के दौरान जुआ खेला जा रहा था। शनिवार की रात हुए खेल में विवेक और सुमीत ने पैसा जीता था, जबकि कृष्ण हार गया था। इसी रंजिश में उसने अगली शाम विवेक पर हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद कॉलोनी में भड़का गुस्सा विवेक की मौत की खबर फैलते ही कॉलोनी के लोगों में गुस्सा भड़क उठा। भीड़ ने आरोपी के घर को घेर लिया और बाहर रखे सामान में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने घेर लिया और आरोपी को सौंपने की मांग की। सोमवार रात तक इलाके में तनाव बना रहा, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया। राजधानी में बढ़ रहे हैं हत्या के मामले रायपुर में बीते एक महीने में कई हत्या की घटनाएं सामने आई हैं — लगातार बढ़ती वारदातों से राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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कोरबा में 8 साल के बच्चे की मौत: खेल-खेल में निगला सिक्का, सीने में फंसने से सांस रुक गई; इलाज के अभाव में रास्ते में तोड़ा दम

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 8 साल के मासूम शिवम सारथी की मौत हो गई। बच्चे ने खेल-खेल में सिक्का निगल लिया था, जो उसके सीने में फंस गया। परिजनों को जब तबीयत बिगड़ने का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां एक्स-रे में सिक्का फंसे होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में इस तरह का इलाज संभव नहीं है और बच्चे की हालत बेहद नाजुक है। परिजन उसे निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया। 💬 परिजनों का आरोप — “इलाज नहीं मिला, इसलिए गई जान” शिवम के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूल रूप से धर्मजयगढ़ (रायगढ़) के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने वे कोरबा आए थे और गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए थे। 31 अक्टूबर की रात शिवम की अचानक तबीयत बिगड़ी। उसे सांस लेने में दिक्कत और हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि सीने में सिक्का फंसा है, लेकिन अस्पताल में इस स्थिति का उपचार नहीं हो सकता। शिवम को अन्य अस्पताल ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। 🧒 कब निगला सिक्का, किसी को नहीं पता परिवार को यह नहीं पता कि शिवम ने सिक्का कब और कैसे निगला। पिता ने आशंका जताई कि खेलते समय उसने गलती से सिक्का मुंह में डाल लिया होगा। 🏥 अस्पताल प्रबंधन का बयान जिला मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर ने बताया कि बच्चे को रात करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। एक्स-रे में सिक्का जैसी आकृति दिखाई दी थी, परंतु पोस्टमॉर्टम में सिक्का नहीं मिला। ⚠️ विशेषज्ञों की सलाह — बच्चों को छोटे सामान से रखें दूर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे अक्सर खेलते-खेलते सिक्का, चना, मूंगफली या छोटे खिलौने निगल लेते हैं, जो गले या श्वासनली में फंस सकता है। ऐसे में तुरंत पास के अस्पताल में ले जाना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को छोटे वस्तुओं से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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रायगढ़ सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने तीन लोगों को रौंदा, महिला समेत दो बाइक सवारों की मौके पर मौत; CCTV में कैद पूरी घटना

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। यह हादसा 30 अक्टूबर को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हा के चाल्हा चौक मोड़ के पास हुआ था। फुटेज में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी महिला और बाइक पर जा रहे दो युवकों को रौंदती नजर आ रही है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। 🚗 रॉन्ग साइड से आई कार, तीनों की गई जान पुलिस जांच में सामने आया है कि कार चालक पूरी तरह लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और वाहन रॉन्ग साइड से आ रहा था। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार तीन लोग मौके से फरार हो गए। अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार एक युवती चला रही थी, जिसके साथ दो युवक मौजूद थे। 💥 हादसे में मारे गए तीनों की पहचान मृतकों की पहचान ललिता मिंज (35 वर्ष), निवासी रामपुर, फकीर मोहन पटेल (33 वर्ष), निवासी परसदा, और अमित किंडो (26 वर्ष), निवासी सुगापानी मैनपाट, के रूप में हुई है।घटना के वक्त ललिता मिंज सड़क किनारे खड़ी थीं, जबकि फकीर मोहन और अमित बाइक से कापू की ओर जा रहे थे। अचानक आई कार ने तीनों को रौंद दिया। 👀 प्रत्यक्षदर्शी ने बताई घटना की पूरी कहानी हादसे की चश्मदीद प्रभा तिर्की ने बताया कि वह पास की होटल में समोसा लेने गई थी। तभी उसने देखा कि तेज गति से आ रही कार ने पहले महिला को टक्कर मारी और फिर बाइक सवारों को बुरी तरह कुचल दिया। प्रभा के अनुसार, कार में दो युवक और एक युवती सवार थे, जिसमें युवती ही वाहन चला रही थी। 🛑 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जल्द होगी गिरफ्तारी डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ धारा 184-MOT और 106(1)-BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच पूरी होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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रायपुर के ब्लू वाटर खदान से दो छात्रों के शव बरामद: क्लास बंक कर घूमने गए थे, गहरे पानी में डूबे; 2017 से अब तक 9 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे दो छात्रों के शव 36 घंटे की तलाश के बाद बरामद किए गए हैं। यह हादसा 31 अक्टूबर की शाम को हुआ था, जब कुछ छात्र क्लास बंक कर यहां घूमने पहुंचे थे। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंततः 2 नवंबर की सुबह दोनों छात्रों के शव पानी से बाहर निकाले। स्कूल बंक कर पहुंचे थे खदान में घटना माना थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान जयेश साहू और मृदुल के रूप में हुई है, जो दोनों 10वीं कक्षा के छात्र थे।जानकारी के अनुसार, रायपुर के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध के 9 छात्रों का एक समूह स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। घूमते समय जयेश और मृदुल पानी में उतर गए। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में समा गए। उनके साथियों ने शोर मचाया, लेकिन खदान क्षेत्र सुनसान होने के कारण तुरंत मदद नहीं मिल सकी। अलग-अलग दिन मिले दोनों के शव घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा।अगले दिन 1 नवंबर को जयेश साहू का शव मिला, जबकि 2 नवंबर की सुबह मृदुल का शव बरामद किया गया। घूमने आए छात्रों में मृदुल, जयेश साहू, आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल थे। ब्लू वाटर खदान बना मौत का गड्ढा ब्लू वाटर खदान में यह पहला हादसा नहीं है। वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। यह खदान गहराई में काफी नीचे है और बारिश के मौसम में इसमें पानी भर जाने से यह तालाब जैसा दिखाई देता है। हालांकि, यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर यहां नहाने या घूमने आ जाते हैं। ब्लू वाटर खदान में अब तक हुए प्रमुख हादसे

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